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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

सोमवार, 28 जून 2010

उमर अबदुल्ला द्वारा सुरक्षाबलों का खुला कर विरोध करने से उतसाहित मुसलिम आलगाववादियों ने कई जगह सुरक्षाबलों पर हमला किया।

 यहां जिस युबक की मौत का जिक्र किया जा रहा है जानते हो वो कौन था व कैसे मरा ? सोपोर में आतंकवादियों व सुरक्षावलों के वीच मुठबेड़ हुई जिसमें आतंकवादी मारे गए। इस मुठभेड़ के बाद जब सुरकक्षावल बापस लौट रहे थे तो इस नबयुबक सहित दर्जनों आतंकवादियों के मददगारों ने सुरक्षाबलों पर हमला बोल दिया। इस हमले में सुरक्षाबलों की गाड़ी जला दी गई ब सुरक्षाबलों को भी मारने कोशिश कोशिश की गई। इस संघर्ष में ये आतंकवादी मारा गया जिसका राज्य का जिहादी मुख्यमन्त्री विरोध कर रहा है। अब प्रश्न सिर्फ इतना सा है कि जो भी कातिल आतंकवादियों के समर्थन में सुरक्षाबलों पर हमला करे वो व उसका समर्थन करने वाले गद्दार नहीं तो और क्या हैं?


गद्दारी की सजा मौत के सिवा और क्या हो सकती है ?

अबदुल्ला परिवार वो परिवार है जिसने नेहरू परिवार के सहयोग से कशमीर घाटी से हिन्दूओं का नमोनिशान मिटाया। अब जब कशमीरघाटी में हिन्दूओं की लगभग हर सम्मपति पर मुसलिम आतंकवादी कब्जा जमा बैठे हैं ।सुरक्षाबल लगातार मुसलिम अलगाववादियों के हमले झेल रहे हैं।


एक तरफ सेकुलर गिरोह की केन्द्र सरकार सुरक्षाबलों पर मुकद्दमे पर मुकद्दमा दर्ज कर उनका मनोबल तोड़ने का प्रयत्न कर रही है दूसरी तरफ राज्य सरकार खुलकर आतंकवादियों का समर्थन कर सेना व CRPF पर हमले करवा रही है।


इन सब हालात में सेना व अन्य सुरक्षाबलों को लगातार अपने जबानों को खोना पढ़ रहा है।आए दिन मुसलिम आलगाववादियों द्वारा किए जा रहे हमलों से ढेरों सैनिक घायल हो रहे हैं।


अब आप इस तसवीर को देखकर खुद तय कर लो कि इसे हम विरोध प्रदर्शन कहेंगे या फिर सेना पर हमला।

जिस मकान को ये निसाना बना रहे हैं उसके अन्दर सैनिक हैं सैनिकों के इतने धैर्य के बाद भी अगर ये राक्षस उन पर हमला किए जा रहे हैं तो बजह एक ही है ये आतंकवादी जानते हैं कि केन्द्र और राज्य सरकार ने सुरक्षाबलों के अधिकारों में कमी कर आतंकवादियों को हमला करने की छूट दे रखी है। अब इसके बाद भी अगर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार सुरक्षाबलों पर दबाब बनाए जा रहे हैं तो ये गद्दारी की इन्तहां नहीं तो और क्या है?
सैनिकों पर बढ़ते हमलों से निजात पाने के लिए कोई भी देशभक्त सरकार सेना को खुला हाथ देकर यथाशीघ्र अलगाववादियों का सफाया करबाती जबकि गद्दारों की सरदार एंटोनिया की ये गुलाम मनोमोहन सरकार उल्टा आतंकवादियों का साथ देकर सेना व सुरक्षावलों का नुकसान करवाने पर तुली है।


सैनिकों पर प्रतिबन्ध लगाकर आतंकवादियों की सहायता करने का इनका ये काम कोई नया नहीं है।


नेहरू खानदान व अबदुल्ला खानदान के ऐसे ही कारनामों की बजह से कशमीरघाटी में 60000 से अधिक हिन्दूओं का नरसंहार अंजाम दिया गया व 500000 हिन्दूओं को वेघर किया गया।


हम तो सेना के तीनों अंगों के अध्यक्षों से यही विनती करेंगे कि इस सरकार को सता से हटाकर खुद देश की सुरक्षा सुनिश्चित करें ।


आशा है आप भी इस बात से सहमत होंगे।

देखो जरा क्या हालात हैं सुरक्षाबलों के।


सैनिकों पर हमला करने जाते मुसलिम अलगाववादी




सैनिकों को दौड़ा-दौड़ा कर मारते मुसलिम आतंकवादी




सैनिकों को घेर-घेर कर मारते मुसलिम आतंकवादी
मुसलिम आतंकवादियों के हाथों मारे जा रहे सैनिकों पर और दबाब बनाती गद्दारों की राज्य सरकार व केन्द्र सरकार को आप क्या कहोगो?
हम तो एकवार फिर कहते हैं कि मुसलिम आतंकवादियों की मदद करने वाले नोताओं को गोली से उड़ाकर सेना को अपनी व देश की रक्षा खुद अपने हिसाब से करनी चाहिए।






9 टिप्‍पणियां:

lokendra singh rajput ने कहा…

देश के गद्दारों का खानदान है बाप-दादाओं ने यही किया और अब औलाद भी उसी नक्शे कदम पर है....
अब्दुला और क्या कह रहा है अभी हाल ही मैंने लिखा है पढऩे के लिए आएं मेरे ब्लॉग अपनापंचू www.apnapanchoo.blogspot.com पर

kunwarji's ने कहा…

इस अत्याचार पर हम उन्हें गाली भी तो नहीं दे सकते,,,,,,असभ्य ना कह दे कोई हमें....ये डर भी तो है...पता नहीं इस मज़बूरी वाली शीष्ट्ता से हमें क्या लाभ हो रहा है...?वो तो बेचारे भटके हुए मासूम नव युवक है....उनकी सुधार योजना जल्द ही चलाई जायेगी.....कोई बदकिस्मत हिन्दू सौभाग्य या दुर्भाग्य से अपने घर में रह रहा होगा वहा....उस से वो घर छीन कर उन भटके हुए युवको को सात्वना-स्वरूप दिया जाएगा....तब तक जनता-पुलिस सब उनकी इन शरारतो का आनंद लेती रहेगी....यही राज्य और केंद्र सरकार का मकसद है........और हम क्या कोई भी कुछ नहीं कर सकता....

कुंवर जी,

दीर्घतमा ने कहा…

नेहरु और अब्दुल्ला दोनों परिवार भारतीय नहीं है
ये ईरानी परिवार है ,ईरानी कश्मीरी चहरे मिलते है
इनसे देश से क्या मतलब देश बचाना है तो भारतीयों
को प्राणोत्सर्ग करना होगा यहाँ तो देश द्रोहियों क़े हाथ में सत्ता है.
धन्यवाद.

दीर्घतमा ने कहा…

नेहरु और अब्दुल्ला परिवार से एउर क्या उम्मीद करते है.

Divya ने कहा…

Most of us believe in herd mentality.

Kaayar hain Hum...

Khoon thanda hai..

Jinda laashen hain hum.

Gulami humare khoon main hai.

I wish some day people of our nation will realize how blindly they are allowing the wolves to rule the country.

It's already too late to wake up but...

It's better too be late than never.

Izzat ki zindagi basar karni hai to humko jagna hoga .

Wonderful post...

Padhkar aatma tript ho gayee....

We need more people like you.

Divya ने कहा…

Hum aapke saath hai Sunil ji.

माधव ने कहा…

हमारे जवान तो पुरे देश में मारे जा रहे है , वो चाहे काश्मीर हो या दान्तेवारा . सरकार जवानों को मरने के लिए ही भेज रही है . निक्कमी सरकारपुरे देश का विनाश कर रही है

सुलभ § Sulabh ने कहा…

क्या किया जाये कैसे किया जाये, अपने जवानो की जान इतनी सस्ती है.
राजमहल में रहने वाले हमारे शीर्ष नेता कभी नहीं समझेंगे.

बेनामी ने कहा…

aaj tak kabhi koe neta inka shikar nahi hooa hai is liye. agar hota to inko atankwad ka matlab samaz mai aata.