सच कहें तो अब लिखने का विलकुल मन नहीं करता ।
हम लिखते थे गद्दार भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष
आतंकवादियों की असलियत अपने सुप्त बौद्दिक गुलाम
देशवासियों खासकर हिन्दूओं के सामने रखकर
उन्हें जागृत करने के लिए। लेकिन आज हालात ये हैं
कि electronic व print media आए दिन कभी दवी तो
कभी खुली जुवान में देशवासियों को
धर्मनिरपेक्षतावादियों की काली करतूतों चाहे वो
भ्रष्टाचार के रूप में हों या फिर भारतविरोधी
आतंकवादियों का समर्थन कर देश की सभ्यता और
संसकृति को नष्ट करने के षडयन्त्र के रूप में हों, का खूब
प्रचार कर रहा है।
उधर जो सच में देश के लिए मर मिटने का जजबा रखते
हैं वो आज जेलों का रूख कर चुके हैं। चाहे वो साध्वी
प्रज्ञा सिंह ठाकुर जी हों या फिर लैफ्टीनैंट कर्नल पुरोहित
जी या फिर दाय नन्द पांडे जी या फिर शवरी माता
कुम्भ के माध्यम से एक साथ 300 गांव को वापिस
भारतीय संसकृति और सभ्यता के प्रति लाने वाले
परम्पूजनीय सवामी आसीमानन्द जी हों और तो और
अब तो युगपुरूष स्वामी रामदेब जी व आचार्य बालकृष्ण
जी भी, गद्दार धर्मनिर्पेक्षतावादियों की लूट के विरूद्ध मुंह
खोलकर खासकर इन सब गद्दारों की मां इटालियन
एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया
गांधी के 840000 करोंड़ रूपए के काले धन के विरूद्ध
जुवानखोलकर अब जेल की ओर रूख करते हुए लगते हैं।
CAG में काम कर रहे देशभक्त क्रांतिकारियों ने इस
धर्मनिरपेक्ष गिरोह की लूट के हर किस्से को देश के
सामने रखा है कम से कम दो अधिकारियों ने तो चोरों
और गद्दारों की सरदार इटालियन एडवीज एंटोनिया
अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी द्वारा लुटे व लुटाए
जा रहे देश के धन पर प्रश्न उठाकर अपने पद तक गंवा
दिए।
माननीय सर्वोच न्यायालय ने धर्मनिरपेक्ष गिरोह की
सरकार द्वारा किए जा रहे देशविरोधी कार्यों के वि्रूद्ध हर
हाल में आबाज उठाई और इतनी बुलंद आबाज उठाई कि
कोई बैहरा भी सुन ले।
RSS ने भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह द्वारा देश से की
जा रही गद्दारी के विरूद्ध आबाज उठाई तो RSS
आतंकवादी
स्वामी रामदेव जी व आचार्य वालकृष्ण जी ने धर्मनिर्पेक्ष
गिरोह की चोर बजारी के विरूद्ध आबाज उठाई तो
स्वामीराम देव जी आतंकवादी
CAG ने कांग्रेस द्वारा मचाई गई लूट जनता के सामने
रखी तो CAG गैरकानूनी और झूठा
माननीय न्यायालय ने कांग्रेस द्वारा किए जा रहे गैर
कानूनी कुकर्मों पर चाबुक चलाया तो माननीय
न्यायालय का काम गैर कानूनी
अन्ना जी ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध आबाज उठाई तो वह भी
आतंकवादी
अब आप सोचो कि जिस चोरों और गद्दारों की सरकार पर
इस सब का कोई असर नहीं भला उस पर हमारे लिखने
का क्या असर होगा?
हम लिखते थे गद्दार भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष
आतंकवादियों की असलियत अपने सुप्त बौद्दिक गुलाम
देशवासियों खासकर हिन्दूओं के सामने रखकर
उन्हें जागृत करने के लिए। लेकिन आज हालात ये हैं
कि electronic व print media आए दिन कभी दवी तो
कभी खुली जुवान में देशवासियों को
धर्मनिरपेक्षतावादियों की काली करतूतों चाहे वो
भ्रष्टाचार के रूप में हों या फिर भारतविरोधी
आतंकवादियों का समर्थन कर देश की सभ्यता और
संसकृति को नष्ट करने के षडयन्त्र के रूप में हों, का खूब
प्रचार कर रहा है।
उधर जो सच में देश के लिए मर मिटने का जजबा रखते
हैं वो आज जेलों का रूख कर चुके हैं। चाहे वो साध्वी
प्रज्ञा सिंह ठाकुर जी हों या फिर लैफ्टीनैंट कर्नल पुरोहित
जी या फिर दाय नन्द पांडे जी या फिर शवरी माता
कुम्भ के माध्यम से एक साथ 300 गांव को वापिस
भारतीय संसकृति और सभ्यता के प्रति लाने वाले
परम्पूजनीय सवामी आसीमानन्द जी हों और तो और
अब तो युगपुरूष स्वामी रामदेब जी व आचार्य बालकृष्ण
जी भी, गद्दार धर्मनिर्पेक्षतावादियों की लूट के विरूद्ध मुंह
खोलकर खासकर इन सब गद्दारों की मां इटालियन
एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया
गांधी के 840000 करोंड़ रूपए के काले धन के विरूद्ध
जुवानखोलकर अब जेल की ओर रूख करते हुए लगते हैं।
CAG में काम कर रहे देशभक्त क्रांतिकारियों ने इस
धर्मनिरपेक्ष गिरोह की लूट के हर किस्से को देश के
सामने रखा है कम से कम दो अधिकारियों ने तो चोरों
और गद्दारों की सरदार इटालियन एडवीज एंटोनिया
अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी द्वारा लुटे व लुटाए
जा रहे देश के धन पर प्रश्न उठाकर अपने पद तक गंवा
दिए।
माननीय सर्वोच न्यायालय ने धर्मनिरपेक्ष गिरोह की
सरकार द्वारा किए जा रहे देशविरोधी कार्यों के वि्रूद्ध हर
हाल में आबाज उठाई और इतनी बुलंद आबाज उठाई कि
कोई बैहरा भी सुन ले।
RSS ने भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह द्वारा देश से की
जा रही गद्दारी के विरूद्ध आबाज उठाई तो RSS
आतंकवादी
स्वामी रामदेव जी व आचार्य वालकृष्ण जी ने धर्मनिर्पेक्ष
गिरोह की चोर बजारी के विरूद्ध आबाज उठाई तो
स्वामीराम देव जी आतंकवादी
CAG ने कांग्रेस द्वारा मचाई गई लूट जनता के सामने
रखी तो CAG गैरकानूनी और झूठा
माननीय न्यायालय ने कांग्रेस द्वारा किए जा रहे गैर
कानूनी कुकर्मों पर चाबुक चलाया तो माननीय
न्यायालय का काम गैर कानूनी
अन्ना जी ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध आबाज उठाई तो वह भी
आतंकवादी
अब आप सोचो कि जिस चोरों और गद्दारों की सरकार पर
इस सब का कोई असर नहीं भला उस पर हमारे लिखने
का क्या असर होगा?
