Pages

मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ
स्वामी राम देव लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
स्वामी राम देव लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 4 अगस्त 2011

Half Indian(Rahul Gandhi) व गद्दार कांग्रेसियों का भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी दुशप्रचार Christian USA को प्रभावित करने में सफल रहा…


वोट पाने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना कोई बुरी बात नहीं । लेकिन कांग्रेस द्वारा RSS के बहाने हिन्दूओं व भारत के विरूद्ध किया जा रहा दुशप्रचार देशद्रोह व गद्दारी की हर सीमा को पार कर चुका है।

 जिस तरह देशभक्ति व स्वादेशी की भावना से संचालित RSS ने 0% INDIAN मतलब Italian एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी का भारत का प्रधानमन्त्री वनना लगभग नामुमकिन बना दिया उससे जले-भुने चर्च ने एडवीज व उसकी कुलाद  Half Indian(Rahul Gandhi) के साथ मिलकर एक ऐसी योजना बनाई जिसमें मुसलमानों (आज वेशक मुसलमान खुश हो रहे हैं लेकिन आगे चलकर बहुत पछतायेंगे)को हथियार वनाकर RSS को आतंकवादी संगठन घोषित कर भारत में उठने वाली देशभक्ति की हर आबाज को हमेशा के लिए कुचल देना प्रमुख है।

चर्च का RSS पर इस तरह आगबबूला होना कोई आसामान्य घटना नहीं क्योंकि चर्च ने अपनी एजेन्ट एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी  को भारत के सबसे बड़े राजनितिक दल का प्रमुख बनाने के लिए 6-6 लोगों का कत्ल करवाया था। ये वो लोग थे जिनके जिन्दा रहते चर्च की ऐजेंट का भारत का सताधारी पार्टी का सर्वेसर्वा बनना लगभग नामुमकिन था।(अधिक जानकारी के लिए यहां पढ़ें)


अब आप सोचो कि जिस चर्च ने इतने षडयन्त्र कर अपनी ऐजेंट को यहां तक पहुंचाया था उसी को RSS ने जिस तरह से रोक दिया क्या चर्च इसकी कीमत चुकाए विना RSS को यूं ही छोड़ देगा तो यह कभी सम्भव नहीं।

अमेरिका, जिसके राष्ट्रपति का पहला काम चर्च की रक्षा करना मतलब चर्च की योजनाओं को आगे बढ़ाना है, के इसारे पर चिदंवरम दिन-रात एक कर RSS को आतंकवादी सिद्ध करने के लिए एक के बाद एक निर्दोष हिन्दूओं को जेल में डालकर(वेशक अभी तक उनमें से एक पर भी आरोप सिद्द नहीं हुआ उल्टा अदालतों ने पाया कि ये लोग निर्दोष हैं) भगवा आतंकवाद-भगवा आतंकवाद चिलाकर  भारत को आतंकवादी देश करार दे रहे हैं तो ये एक लम्बी योजना का हिस्सा है।

इस योजना पर UPA बढ़े आराम से आगे बढ़ रहा था उसे लगता था कि RSS को बदनाम कर देने के साथ ही देश में कोई भी अब देशभक्ति की दिशा में आगे बढ़ने का साहस नहीं करेगा लेकिन स्वामी राम देव जी के नेतृत्व में भारतस्वाभिमान ने  UPA के इस भ्रम के तोड़ा ही नहीं वल्कि चकनाचूर भी कर दिया। स्वामी जी के इस काम में अन्ना जी ने भी हाथ बंटाया ।इसीलिए तो कांग्रेस इन्हें RSS के बता रहे हैं। बात फंसती देखकर चोरों और गद्दारों की सरदार इटालियन व उसकी Half Indian कुलाद ने अमेरिका से सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाई

इसी योजना को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका ने ये घोषणा की है
 अब तो जागो मेरे देसभक्त भाईयो वरना कहीं ऐसा न हो कि हालात वहां तक पहंच जांयें जहां आपके जागने पर भी बात न बन पाए.....

बुधवार, 3 अगस्त 2011

लिखें तो क्या और क्यों व किसके लिए?

सच कहें तो अब लिखने का विलकुल मन नहीं करता ।

हम लिखते थे गद्दार भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष 

आतंकवादियों की असलियत अपने  सुप्त बौद्दिक गुलाम

देशवासियों खासकर हिन्दूओं के सामने रखकर

उन्हें जागृत करने के लिए। लेकिन आज हालात ये हैं

कि  electronic व print media  आए दिन कभी दवी तो

कभी खुली जुवान में देशवासियों को

धर्मनिरपेक्षतावादियों की काली करतूतों चाहे वो

भ्रष्टाचार के रूप में हों या फिर भारतविरोधी

आतंकवादियों का समर्थन कर देश की सभ्यता और

संसकृति को नष्ट करने के षडयन्त्र के रूप में हों, का खूब

प्रचार कर रहा है।

उधर जो सच में देश के लिए मर मिटने का जजबा रखते

हैं  वो आज जेलों का रूख कर चुके हैं। चाहे वो साध्वी

प्रज्ञा सिंह ठाकुर जी हों या फिर लैफ्टीनैंट कर्नल पुरोहित

जी या फिर दाय नन्द पांडे जी या फिर शवरी माता

कुम्भ के माध्यम से एक साथ 300 गांव को वापिस

भारतीय संसकृति और सभ्यता के प्रति लाने वाले

परम्पूजनीय सवामी आसीमानन्द जी हों और  तो और

अब तो युगपुरूष स्वामी रामदेब जी व आचार्य बालकृष्ण

जी भी, गद्दार धर्मनिर्पेक्षतावादियों की लूट के विरूद्ध मुंह

खोलकर खासकर इन सब गद्दारों की मां इटालियन

एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया

गांधी  के 840000 करोंड़ रूपए के काले धन के विरूद्ध

जुवानखोलकर अब जेल की ओर रूख करते हुए लगते हैं।


CAG में काम कर रहे देशभक्त क्रांतिकारियों ने इस


धर्मनिरपेक्ष गिरोह की लूट के हर किस्से को देश के


सामने रखा है  कम से कम दो अधिकारियों ने तो चोरों


और गद्दारों की सरदार इटालियन एडवीज एंटोनिया

अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी द्वारा लुटे व लुटाए

जा रहे देश के धन पर प्रश्न उठाकर  अपने पद तक गंवा

दिए।

माननीय सर्वोच न्यायालय ने  धर्मनिरपेक्ष गिरोह की


सरकार  द्वारा किए जा रहे देशविरोधी कार्यों के वि्रूद्ध हर


हाल में आबाज उठाई और इतनी बुलंद आबाज उठाई कि


कोई बैहरा भी सुन ले।


RSS ने भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह  द्वारा देश से की


जा रही गद्दारी के विरूद्ध आबाज उठाई तो RSS

आतंकवादी

स्वामी रामदेव जी व आचार्य वालकृष्ण जी ने धर्मनिर्पेक्ष


गिरोह की चोर बजारी के विरूद्ध आबाज उठाई तो 


स्वामीराम देव जी आतंकवादी

CAG ने कांग्रेस द्वारा मचाई गई लूट जनता के सामने


रखी तो CAG गैरकानूनी और झूठा


माननीय न्यायालय ने कांग्रेस द्वारा किए जा रहे गैर


कानूनी  कुकर्मों पर चाबुक चलाया तो माननीय


न्यायालय का काम गैर कानूनी


अन्ना जी ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध आबाज उठाई तो वह भी


आतंकवादी


अब आप सोचो कि जिस चोरों और गद्दारों की सरकार पर

इस सब का कोई असर नहीं भला उस पर हमारे लिखने

का क्या असर होगा?



मंगलवार, 21 जून 2011

कांग्रेस का हाथ भारतविरोधी चोरों गद्दारों आतंकवादियों के साथ...


2004 से भारत में इटालियन एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी की गुलाम एक ऐसी हिन्दूविरोधी-देशविरोधी सरकार सतासीन है जिसका एकमात्र शत्रु भारत और भारतीय संस्कृति है।

आज देश मे जो भी देशभक्ति को आगे वढ़ाने या फिर भ्रष्टाचार मिटाने की बात करता है वो एकदम इस चोरों और गद्दारों की सरकार के निशाने पर आ जाता है फिर वह चाहे स्वामी राम देव जी हों या फिर अन्ना हजारे जी या फिर RSS ।

आज देश में जो भी गद्दारी, चोरबजारी या फिर आतंकवाद को बढ़ाबा देकर भारत की तबाही को सुनिस्चित करने के लिए आगे बढ़ता है कांग्रेस नेतृत्व सरकार सहित उसके समर्थन व बचाब में किसी भी हद तक जाने के लिए त्यार हो जाता है
मामला चाहे लोकतन्त्र पर हमला करने वाले गद्दार मोहम्द अफजल का हो या फिर दिल्ली में शहीद मोहन चन्द शर्मा पर हमला करने वाले आजमगढ़ के आतंकवादियों का हो या फिर देशद्रोही कश्मीरी आतंकवादी गिलानी व उसकी समर्थक अरूंधिति राय का ही क्यों न हो....

हर जगह एक ही बात साबित होती है इटालियन एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी की गुलाम कांग्रेस का हाथ भारतविरोधी चोरों गद्दारों आतंकवादियों के साथ

मंगलवार, 26 अक्टूबर 2010

कांग्रेस का हाथ गद्दारों के साथ !


सच कहें तो गद्दारों की इस पार्टी में सुधार की अब कोई उम्मीद नजर नहीं आती। हमारा मानना था कि निचले सतर पर कॉंग्रेस में वेहद देशभक्त कार्यकरता हैं जिसका प्रभाब पहली पंक्ति के हिन्दूविरोधी-देशविरोधी नेताओं पर एक न एक दिन जरूर पढ़ेगा ।


लेकिन लगता है कि विदेशी इसाई मिसनरी विषकन्या के कांग्रेस पर कब्जे के बाद ऐसा होना लगभग नामुकिन सा हो गया है। जिस गद्दारी की शुरूआत इस भारत विरोधी की गुलाम सरकार ने 2004 में अर्धसैनिकबलों के जबानों को शहीद होने पर मिलने वाले पैसे में कटौती के साथ की वो अब गद्दारी का सतर इस हद तक पहुंच गया है कि भारतीय सैनिकों पर हमले करने बाले पत्तथरबाज आतंकवादियों को UPA सरकार ने पांच-पांच लाख देकर अपनी गद्दारी का प्रमाण देश के सामने रखा।


2004 में अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों के परिबार बालों को मिलने वाली राशि में कटौती करते वक्त कुतर्क दिया गया कि सरकार के पास पैसे नहीं हैं लेकिन आतंकवादियों को देने के लिए सरकार के पास पैसों की कोई कमी नहीं ये इस फैसले से सिद्ध होता है।


लोग कह रहे हैं कि इस विदेशी की कुलाद ने भारत समर्थक RSS की तुलना भारतविरोधी आतंकवादी गिरोह SIMI से कर दी हम पूछते हैं कि इस विदेशी की गुलाम जिस सरकार ने आतंकवादियों को मारने वाले सैनिकों पर केश दर्ज किए ,यहां तक कि पूरी की परी बटालियन को कटघरे में खड़ा कर दिया उस बिदेशी की कुलाद देशभक्त संगठन के वारे में और कह भी क्या सकती है?


सच्चाई यह है कि सेना किसी भी सरकार की ताकत होती है और सेना द्वारा देशहित में उठाए गए हर कदम की कोई भी देशभक्त सरकार समर्थन करती ही है लेकिन यहां मामला दूसरा है।


क्योंकि यह विदेशी इटालियन है इसे भारत की सेना परायी लगती है अपनी नहीं क्योंकि इसकी अपनी सेना तो इटालिन व युरोपियन सेना है । शायद इसीलिए ये विदेशी हर वक्त अपनी गुलाम सरकार पर भारतीय सेना को कमजोर करने वाले कदम उठाने का दबाब बनाती है। इसी दबाब की बजह से आज तक गुजरात से लेकर कशमीर घाटी तक सुरक्षाबलों के दर्जनों जवान जेलों में डाले जा चुके हैं व सैंकड़ों पर मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।


अब जिसे, भारतीय सेना जो कि सरकार के इसारे पर ही हर काम करती है सिवाय देश की रक्षा के --- से ही डर लगता हो ---जिसे ये सेना अपनी दुशमन लगती हो ----भल उसे प्रधानमंत्री बनने से रोकने वाले देसभक्त संगठन क्या कभी अपने लगेंगे--- नहीं न ।


ऐसे में सोचने वाला विषय यह है कि जिस विदेशी के निशाने पर भारतीय सेना है उसके निशाने पर भला देशभक्त संगठन क्यों नहीं होंगे ?


क्या आपको याद नहीं कि किस तरह पोटा हटवाकर इस भारत विरोधी इसाई ने भारत विरोधी आतंकवादियों की मदद की।मजेदारबात तो यह है कि इस विदेशी का तो भारतीय सर्वोच न्यायालय तक पर भरोसा नहीं बरना ऐसे कैसे हो सकता था कि देश पर हमला करने का जघन्य अपराध कतरने वाला आतंकवादी अफजल आज तक जिन्दा रहता ? वो भी तब जब माननीय न्यायालय ने इस भारतविरोधी आतंकवादी की फांसी की तारीख 19 नम्मवर 2006 तय की हो और आज 19 नम्मवर 2010 आने वाला हो।


अब आप सोचो कि भारतीय सेना व सर्वोच न्यायलय क्या सिर्फ RSS के हैं या फिर सारे देश के ? क्या ये दोनों संघ के इसारे पर काम करते हैं या फिर भारत सरकार के इसारे पर ?


जब इस विदेशी ने इन दोनों ही समानन्नीय संस्थाओं को बदनाम करने के लिए बार-बार सराकर पर दबाब बनाया हो व सरकार ने वार-बार इस दबाब के आगे झुककर इन दोनों ही संस्थाओं का अपमान किया हो तो फिर आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि इस विदेशी के दबाब में ये सरकार किसी भी देशभक्त संगठन को बदनाम करने में कोई कसर वाकी छोड़ेगी ?


आज स्वामीराम देब जी हर भारतीय चाहे वो अमीर हो या गरीब को दिन-रात एक कर स्वस्थ जिन्दगी जीने का तरीका बताने के साथ-साथ भारतीयों को भारतीय संस्कृति का हर वो पहलू याद करवा रहे हैं जिसे वो विदेशी आक्रमणकारियों के गुलामीकाल के दौरान ही यातनाओं के परिणामस्वारूप भुला चुके थे।


आज स्वामीराम देब संसार की एक सबसे बड़े भारतीय संगठन के प्रमुख हैं लेकिन क्या इस विदेशी की गुलाम सरकार ने उन्हें Z+ सुरक्षा पलब्ध करवाई नहीं न क्यों ?


सिर्फ इसलिए क्योंकि जिस स्वामीरामदेब जी का नाम सुनने पर हर देसभक्त भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है वही रामदेब इस विदेशी को कभी अपना नहीं लगता ?


आज भारत के इसके जैसे कितने ही शत्रु ऐसे हैं जिन्हें इस विदेशी की गुलाम सरकार देशभक्त भारतीयों की खून-पसीने की कमाई से सुरक्षा उपलब्ध करवाकर इनकी हिन्दू क्रांतिकारियों से रक्षा कर रही है ?


लेकिन गद्दारों की सरदार कब तक खैर मनाएगी एक न एक दिन ये सब गद्दार देशभक्त भारतीयों के हाथों अपने कुकर्मों का अन्जाम हर हाल में भुक्तेंगे ही...






शनिवार, 16 अक्टूबर 2010

विदेश से में आयी हूं, साथ मौत को लायी हूँ।

पैप्सी बोली कोका कोला, भारत का इनसान है भोला।


विदेश से में आयी हूं, साथ मौत को लायी हूँ।।



लहर नहीं जहर हूँ मैं ,गुर्दों पर बढ़ता कहर हूँ मैं।


मेरी पी एच दो पवांट सात,मुझ में पड़कर गल जायें दांत।।



जिंक आर्सेनिक लेड हूँ मैं, साड़े आंतों को वो जहर हूँ मैं।


मुझसे बढ़ती एसिडिटी, फिर क्यों पीते भैया-दीदी ?



ऐसी मेरी कहानी है, मुझ से अच्छा तो सादा पानी है।


दूध दवा है, दूध दुआ है, मैं जहरीला पानी हूं।।



जब दूध मुझ से अच्छा है तो फिर पीकर मुझको क्यों मरता है?


हजारों करोड़ कमाती हूं, सबका सब भारत से बाहर ले जाती हूं।।



शिव ने भी कभी जहर-उतारा ,अपने कण्ठ से नीचे।


तुम बौद्धिक गुलाम नादान हो बहरो! पड़े हुए हो जो मेरे पीछे।



देखो इंडियन लालच में अन्धा, बना लिया है मुझको धन्धा।


मैं नहीं पहूँची हूँ आज वहां पर ,पीने का नहीं पानी जहां पर।।



छोड़ो नकल अब अकल से जीयो,जो कुछ पीना सँभल के पीयो!


सेहत का रखना अब तुम ध्यान , धर में आयें जब मेहमान।।



इतनी तो तुम रसम निभाना, उनको भी कुछ कसम दिलाना ।


दूध जूस गाजर रस पीना-पिलाना,डालकर छाछ में जीरा पुदीना।।



अनन्नास आम का अमृत, बेदाना बेलफल का शरबत्।


स्वासथ्यवर्धक नींबू का पानी, जिसका नहीं है कोई सानी।।




भारतीय पेय अब तुम पीना और पिलाना, पैप्सी-कोक अब नहीं घर में लाना।


अब तो समझो बौद्दिक गुलामो, इस जहर के सटाक से करो टायलेट साफ।।


नहीं तो होगा वो अन्जाम कर देगा मेरा जहर तुम सबका काम तमाम।।।