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मोदीराज लाओ

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भारत बचाओ
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गुरुवार, 18 सितंबर 2014

न मोदी जी बदले हैं न बदलगें ....


 
मोदी जी की अलोचना करना और मोदी जी को बदनाम करना मोदीबिरोधियों का पैसा प्राप्त करने और प्रचार पाने का सबसे बड़ा साधन है इसलिए हम मोदीबिरोधियों द्वारा मोदी जी की अलोन का कभी जबाब नहीं देते ।

लेकिन आजकल कुछ ऐसा हो रहा है जिसका जबाब देना बहुत जरूरीही नहीं बल्कि मजबूरी बन गया है है क्योंकि अब बहुत से ऐसे लोग भी मोदी जी की अलोचना कर रहे हैं जो चुनाबों तक मोदी जी के सच्चे पक्के समर्थक थे और उनके समर्थन का सबसे बड़ा कारण था उनका ये भरोसा कि मोदी जी के प्रधानमन्त्री बनने पर न केबल हिन्दूओं पर सेकुलर पार्टियों के सहयोग से मुसलमानों और ईसाईयों द्वारा किए जा रहे अत्याचार बन्द होंगे बल्कि वल्कि इसलामिक आतंकवादियों को छुड़वाने के सेकुलर गद्दारों की सरकारों द्वारा जेलों में बन्द किए गए हिन्दूंओं की रिहाई भी होगी।

हिन्दूओं जख्मों पर नमक डालने काम न्यायालय का वो निर्णय करता है जिसमें भारतीयों के कातिल इटालियन सैनिक को इस आधार पर स्वादेश भेज दिया गया कि बो बीमार हैं लेकिन कैंसर से पीड़ित साध्यवी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को घर भेजने के लिए भारत की सेकुलर अदालतें त्यार नहीं....

मित्रो बिषयान्तर न करते हुए हम मोदी जी की अलोचना पर ही केन्द्रित करेंगे....

मित्रो क्या आप जानते हैं कि अमिका का राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के लिए बाईबल की कसम उठाता है जो कि दुनिया को ये सन्देश देने के लिए काफी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति का पहला काम चर्च(ईसाईयत) की रक्षा व प्रसार करना है।

ठीक इसी तरह मोदी जी द्वारा जापान के प्रधानमन्त्री को श्रीमदभगबत गीता प्रदान करना दुनिया को ये सन्देश देने के लिए काफी है कि मोदी जी का पहला काम भारतीय संस्कृति बोलो तो हिन्दूसंस्कृति की रक्षा करना है।

अब रही बात निर्दोष हिन्दूओं को जेलों से बाहर करने की तो कोई भी वयक्ति इस बात को समझ सकता है कि इन हिन्दूओं ने कोई गुनाह नहीं किया है इन्हें सेकुलर सरकार ने इटालियन अंग्रेज के ईसारे पर इसलामिक आतंकवादियों को छुड़बाने के लिए लों में डाला है तो फिर इन निर्दोषों को जेलों से छुड़वाने के लिए मोदी जी को हस्तक्षेप करने की क्या जरूरत है क्योंकि जब न इन्होंने कोई अपराध किया है न कोई इनके बिरूद्ध कोई प्रमाण है तो इनका छूटना तो निस्चित ही है जिस तरह स्वामी असीमानन्द जी के निर्दोश होने की बजह से उन्हें जमानत मिली इसी तरह बाकी लोगों को भी मिलेगी और बहुत से निर्दोष हिन्दूओं को जमानत मिल भी चुकी है।

हाँ मोदी जी को ये जरूर आदेश देना चाहिए कि इनके मामलों की सुनबाई यथाशीध्र पूरी की जाए और बो होगी भी....

अगर फिर भी सेकुलर अदालतें इन निर्दोष हिन्दूओं को जेलों से छोड़ने से मना करती हैं जो कि नहीं करेंगे तब न्यापालिका को सेकुलर गद्दारों से मुक्त करवाने के लिए प्यत्न करने चाहिए हिन्दूजागरम अभियान चलाकर....

आप लोगों को ऐसा लगेगा कि हमारी अदालतें निष्पक्ष हैं लेकिन ये बास्तबिकता से परे है बरना ये अदालतें ऐसे फैसले नहीं देती जिनके अनुसार कानून सिर्फ हिन्दूओं पर लागू हो गैर हिन्दूओं पर नहीं....

सब देशभक्तों को ये खुशी होनी चाहिए कि मोदी जी भारत के ऐसे पहले प्रधानमन्त्री हैं जिन्होंने दिन में 14-15 घंटे काम करते हुए भ्रष्टाचार पर पूर्ण बिराम लगाने के लिए हर तरह के कदम ठाए हैं ।

मित्रो हम सब को ये नहीं झूलना चाहिए कि किस तरह से मोदी जी ने सेकुलर पार्टियों से बदला चुकाया है सेकुलर राज्यपालों को हटाकर क्योंकि इन सेकुलर पार्टियों ने राज्यपालों को सिर्फ इसलिए हटाया था कि बो हिन्दुत्वनिष्ठ हैं।

हमें पूरा भरोसा है कि निर्दोष हिन्दूओं पर रामलीला मैदान में 4 जून को हमला करवाने बालों व निर्दोष हिन्दूओं को हिन्दू आतंकवादी कहकर जेलों में डलवाने बालों का हिसाब भी मोदी जी चुन-चुन कर पूरा करेंगे...

रही बात कशमीरघाटी में पानी में डूबे आतंकवादियों को मरने से बचाने की और आतंकवादियों और उनके समर्थकों को राहत देने की तो हम सबको ये द्यान रखना चाहिए कि इन तंकवादियों ने जितना खून हिन्दूओं का बहाया है उससे कहीं ज्यादा इन आतंकवादियों ने मुसलमानं का भी खून बहाया है इन तंकवादियों बहुत जल्द बहां की जनता ही दौड़ा-दौड़ा कर मारेगी ये आप लोग बहुत जल्द देंखेंगे कशमीर घाटी व देश क अन्य हिस्सों में होता हुआ बैसे भी शेर अपने शिकार को दौड़ा दौड़ा कर मारता है।

मित्रो एक बात याद रखना आज हमें पूरा भरोसा है कि मोदी जी दुनियाभर में हिन्दूओं के रक्षक के रूप में अपनी झूमिका अदा करेंगे लेकिन इसका मतलब कदापि ये नहीं कि हम ये चाहते हैं कि मी जी वाकी लोगों के साथ भेदभाव करें हम तो सिर्फ इतना चाहते हैं कि मोदी जी देसभर में एकसमान नागरिक संहिता लागू कर सब भारतीयों के लिए एक जैसे अबसर उपलब्ध करवायें….

कुल मिलाकर हमारा मानना है कि न मोदी जी बदले हैं न बदलगें ....मोदी जी देशभक्त थे हैं और रहेंगे

अगर आप भी ऐसा ही महसूस करते हैं तो याद करो सेकुलर गद्दारों द्वारा 50 वर्ष तक हिन्दूओं पर किए गए अत्याचारों और हिन्दूओं के साथ किए गए भेदभाव को और डट जाओ राज्यों के चुनाबों में मोदी जी को जितवाने के लिए ....दिलवाओ मोदी जी को राज्यसभा में बहुमत फिर देखो मोदी जी क्या कमाल करते हैं

 

  

मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

हिन्दूओं की दुर्गति का सबसे बड़ा कारण है हिन्दूओं को जय पराजय का बोध न होना

हिन्दूओं की दुर्गति का सबसे बड़ा कारण है हिन्दूओं को जय पराजय का बोध न होना...अभी हमने हिन्दूओं को इतना बड़ा समाचार दिया लेकिन एक भी हिन्दू की नजर इस समाचार पर नहीं पड़ी..ये समाचार है गोआ में ततकाली काँग्रेस सरकार द्वारा चर्च के इसारे पर हिन्दूओं पर बम बिस्फोट का आरोप लगाकर 6 हिन्दूओं को जेल में डालना जिन्हें माननीय अदालत ने निर्दोष करार दिया...इन हिन्दूओं को काँग्रेसियों ने झूठे आरोप लगाकर चार व...र्ष तक यातनायें दी लेकिन आज जब ये नौजवान निर्दोश साबित हुए तो हिन्दूओं के पास इनके द्वारा झेले गए दुख-दर्द को साँझा करने व इनकी आजादी की खुशी में सामिल होने का वक्त नहीं यही हैं विदेशी सोच के गुलाम हिन्दू जिनके पास विदेशी नव वर्ष की शुभकामनायें देने के लिए तो वक्त है लेकिन हिन्दूओं को बदनाम करने के लिए हिन्दू आतंकवाद-भगवा आतंकवाद जैसी गाली निकालने वाली काँग्रेस के षडयन्त्र का बिरोध करने के लिए वक्त नहीं.......ये रहा इन हिन्दूओं के निर्दोष साबित होने का समाचार

Dharma is finally victorious in the battle between Dharma and Adharma ! - Virendra Marathe, Managing Trustee, Sanatan Sanstha

Congress Government has given a free hand to haters of Sanatan Sanstha to defame Sanatan by needlessly entangling our 6 seekers in the 'Madgaon bomb blast' case.
Congress Government had made efforts to finish 'Sanatan Sanstha', a spiritual organisation through various means, with the help of Goa Police. Six seekers of Sanatan Sanstha had to undergo needless persecution for 4 years due to investigation by the Police in a wrong direction, and unfortunately, 4 years in their prime life have been wasted due to their stay in prison.
The Police has not found any participation of Sanatan Sanstha in this case. Even the Hon. Court has not made any comments about the participation of Sanatan Sanstha. This point was never even raised during the court proceeding. Therefore, we feel that innocence of Sanatan Sanstha proved after going through all legal processes is a slap on the cheek of haters of Sanatan Sanstha. Fact behind the saying of Dharma 'Satyamev Jayati' meaning 'Finally the truth remains victorious' as stipulated in scripture 'Mundkopnishad' has at last been proved. Dharma is finally victorious in the war between Dharma and Adharma ! Will the so-called intelligentsia and media bent on defaming Sanatan Sanstha take atonement now that the innocence of Sanatan Sanstha is proved ?......हमें 2009 में तब भी पता था जब इटालियन अंग्रेज के गुलाम काँग्रेसियों ने हिन्दूओं को हिन्दू आतंकवादी -भगवा आतंकवादी कहा था लेकिन हसी झूठ के सहारे ये भारत विरोधी 2009 जीत लिए चिल्लाते रह गए... भरोसा न हो तो इसे पढ़ लो

गोआ में मडगांव के बहाने हिन्दुविरोधी-भारतविरोधी मिडीया ईसाई मिसनरी एंटोनियो की गुलाम सरकार का देशभक्त हिन्दूओं पर एक और हमला


मेरे प्यारे हिन्दूओ आपको जरूर याद होगा कि किस तरह ईसाई मिसनरी एंटोनियो माइनो मारियो के इसारे पर लैफ्टीनैंट कर्नल पुरोहित जैसे देशभक्त सैनिक व साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर जैसे क्रंतिकारियों को झूठे मामलों में फंसाकर उन पर मकोका लगा दिया गया जिसे माननीय मकोका न्यायलय ने वाद में मनघड़ंत(झूठा) पाकर खारिज कर दिया गया ।




आपको यह भी याद होगा कि किस तरह एंटोनियो माइनो मारियो के इसारे पर तत्कालीन कानून मंत्री हंसराजभारद्वाज को एंटोनियो माइनो मारियो के हमबतन-हमराज व पार्टनर क्वात्रोची के लंदन बैंक में जब्त बोफोर्स-दलालीकांड की रकम को छुड़बाने के लिए लंदन भेजा गया और रातों-रात सारी रकम निकलवा ली गई। जब मानीय नयायलय ने उस रकम को जब्त रखने के आदेश दिए तब तक सारा काम निपट चुका था।



आपको यह भी जरूर ध्यान में होगा कि अभी हाल ही में एंटोनियो की गुलाम मनमोहन सरकार ने किस तरह बोफोर्स दलाली कांड में एंटोनियो माइनो मारियो के सह अभियुक्त क्वात्रोची को सब मुकदमों से मुक्त करने की अंतिम सफल कोशिश की । माननीय न्यायलया में कोइ अड़चन न आये इसके लिए एक अभियुक्त के सहयोगी को सरकारी बकील नियुक्त करबा दिया । क्या इससे बढ़ी बेशर्म और गद्दार सरकार आपने कभी देखी है ।



आपको जरूर यह भी याद होगा कि माननीय सर्वोच न्यायालय ने जिहादी आतंकवादी मुहम्मद अफजल को 19 नमम्वर 2006 को फांसी तय की थी जिसे गद्दारों की समर्थक ये हिन्दुविरोधी सरकार आज तक लटकाय हुए है। यह वही सरकार है जिसने हैदराबाद बम्मविस्फोटों के दोसियों को जेल से रिहा कर एक-एक आटोरिक्सा दिया ।



· आज यही हिन्दुविरोधी-भारतविरोधी मुसलिम आतंकवादियों व ईसाई दलालों की समर्थक सरकार सरारती तत्वों द्वारा किए गए बम्मविस्फोटों मे मारे गए निर्दोष शांतिप्रिय देशभक्त धार्मिक संस्था के सदस्यों के परिबारजनों को संतावना देने के बजाए उन मारे गए देशभक्तों के विरद्ध ही आरोप पर आरोप लगाय जा रही है।(for more information visit Hindu Jaguriti Samiti) आपको याद होगा कि यह वही गद्दारों की सरकार है जिसने मुसलिमजिहादी आतंकवादी इसरत जहां के मरने पर मुआबजा दिया था और देशभक्तों के मरने पर देशद्रोह का केश दर्ज कर दिया उस मुसलिम जिहादी आतंकवादी को निर्दोस सिद्ध करने के लिए ये गद्दार आज भी प्रयत्न कर रहे हैं ।



· मुम्बइ में इस गद्दारों की सरकार ने जिन मुसलिम जिहादीयों को बचाने के लिए हिन्दूक्रंतिकारियों पर झूठे आरेप लगाये और इन आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए जिस अधिकारी का दुरूपयोग किया कुदरत का न्याय देखो वो अधिकारी उन्हीं मुसलिम जिहादी आतंकवादियों के हाथों मारा गया ।तब भी इस गद्दार मिडीया व राजनितिक दलों के घर-कुदालों ने उस हमले में हिन्दुओं को फंसाने का भरपूर प्रयास किया।



· कहते हैं जिसका कोई नहीं उसका भगवान होता है आज देशभक्त हिन्दु लगभग लावारिस व अनाथ सा जीबन जीने को मजबूर हैं । इन हालात में हम भगबान से यही प्रर्थना कर सकते हैं कि जिस तरह उसने आज तक धर्म-रक्षकों का साथ दिया है आगे भी अपना आशीर्बाद धर्मरक्षक देशभक्तों पर बनाए रखे ताकि हम इन गद्दारों के षडयन्त्रों को असफल कर अपनी प्यारी भारतमाता को इन गद्दारों से मुक्त करवा सकें। पर गीता में कहा गया है कर्म प्रधान है आओ मेरे प्यारे जागरूक हिन्दुओ खुद सक्रिए हो जाओ व बौद्धिक गुलाम हिन्दुओं को जगाकर इस हिन्दूक्रति का निर्णायक शूत्रपात करो ..... जागो हिन्दू जागो
 

बुधवार, 18 दिसंबर 2013

अपने भक्तों के बापू आशा राम बनाम सेकुलर गद्दारों के आदर्श तैहलका के मालिक तरूण तेजपाल...इतना भेदभाव क्यों?


मित्रो पहले तो ये सपष्ट कर दें कि न तो  हम आशा राम जी के समर्थक हैं और न ही तहलका के मालिक तरूण तेजपाल के । दोनों का अपना अलग-अलग भूतकाल है दोनों का अपना-अपना बजूद है।

आशा राम ठहरे कथाबचक और तरूण तेजपाल ठहरा महिलाओं के अधिकारों और इमानदारी का तथाकथित रखवाला ।

आशा राम ठहरे इटालियन अंग्रेज के कट्टर बिरोधी और तरूण तेजपाल ठहरा इस अंग्रेज के टुकड़ों पर पलने वाला सपोला।

आशा राम के जीवन पर कितने भी लांछन सरकारों द्वारा क्यों न लगाए गए हों पर आसाराम जी का सामाजिक जीवन हमेशा समाज को सही दिशा देने का प्यत्न करता हुआ प्रतीत होता है दूसरी तरफ सेकुलर गद्दार और मिडीया अपने चहेते सेकुलर तरूण तेजपाल को कितना भी सर आँखों पर रखे पर तरूण तेजपाल का सामाजिक जीवन नशे, दुराचार, बयभिचार और षडयन्त्रों से भरपूर नजर आता है।

आशा राम ने बहुत पैसा बनाया लेकिन इस पैसे को बनाने के लिए आशा राम ने देश से गद्दारी नहीं की जबकि तरूण तेजपाल ने पैसा बनाने के लिए देश के दुशमनों के साथ हाथ मिलाकर भारत में एक विदेशी की गुलाम सरकार बनाने में मदद कर देश के साथ बहुत बड़ी गद्दारी की। एक तरफ जहां आशा राम ने अपने अन्दर कमजोरियां होते हुए भी समाज को सही दिशा देने की कोशिश की वहीं तरूण तेजपाल ने खुद नशे, ब्यभिचार और लूट में सामिल होने के साथ-साथ समाज को  भी उसी दिशा में ले जाने की कोशिश की और दुराचार के अनुकूल महौल बनाने में अपनी पूरी ताकत लगाई।

आशा राम पर छेड़छाड़ का आरोप लगते ही मडीया ने लगभग तीन महीने लगातार आशा राम को बदनाम करने के लिए सेकिलर गद्दारों से पैसा लेकर काल्पनिक कहानियं बनाकर उनके बिरूद्ध समाज में घृणा का बाताबरण बनाने का भरपूर प्रयास किया वहीं तरूण तेजपाल पर बालातकार का संगीन आरोप लगने के बाभी सेकुलर गद्दारों और मिडीया ने उसे नेक सेकुलर इनसान साबित करने का भरपूर प्रयास किया कहांनिया चलाने का तो प्रशन ही पैदा नहीं होता।

जहां आशा राम पर लगे छेड़छाड़ के आरोप को बालातकार बताने की भरपूर कोशिश की गई वहीं तेजपाल पर लगे बालाताकर के आरोप को आपसी मन मुटाब कहकर दबाने की भरपूर कोशिश की गई।

जहां आशा राम पर लगे आरोप के बाद उसकी बेटी और पत्नी को बदनामकर फंसाने की भरपूर कोशिश सेकुलर गद्दारों और मिडीया ने वहीं तरूण तेजपाल दारा अपनी बेटी की सहेली से बालातकार करने के बाबजूद उसके परिवार के उपर एक शब्द कहने की कोई भी कोशिश सेकुलर गद्दारों द्वारा नहीं की गई(करनी भी नहीं चाहिए लेकिन आशा राम के परिवार पर क्यों?)।    

आशा राम पर आरोप लगने के साथ ही हरामी सेकुलर गद्दारों द्वारा उनकी सम्मपति और वयक्तिगत जीवन के बारे में इतनी घृणा फैलाई गई कि सेकुलर सरकारों व बोद्धिक गुलामों ने प्रभाव में आकर  उनकी सम्मपतियों पर हमले शुरू कर दिए जबकि तरूण तेजपाल द्वारा दामिनी पर हुई दरिंदगी के जैसी ही दरिंदगी साबित हो जाने के बाबजूद सेकुलर गद्दारों और सेकुलर सरकारों व उनके पालतु मिडीया ने इस दरिंदे के बिरूद्ध न तो कोई घृणा का बाताबरण बनाया और नहीं कोई कार्यवाही करने की जहमत उठाई इस दरिंदे द्वारा बनाय गए ऐशो आराम के अड्डों पर आज भई  नशे से लेकर जुए औऱ वेशयवृति तक के हर तरह के गैर कानूनी ब आसामाजिक कुकर्म यथाबत जारी हैं।

आशाराम पर लगे आरोपों के कई महीने बीत जाने के बाद आज भी उनको बदनाम कर उनके प्रति घृणा पैदा के का कुकर्म यथाबत जारी है जबकि दरिंदे तरूण तेजपाल पर सेकुलर गद्दारों की खामोशी यथाबत जारी है।

मन में एक ही पर्श्न पैदा होता है कि आशा राम पर तो एक आरोप मात्र है तो भी आशाराम , उसकी बेटी, उसकी पत्नी उसके भक्त सबके सब को बदनाम कर उनके बिरूद्ध घृणा का बातबारण का निर्माण कर उनकी जिन्दगी को तबाह कर देने का षडयन्त्र आखिरकार इन सेकुलर गद्दारों द्वारा क्यों किया गया? जबकि दरिंदे तरण तेजपाल और तरूण तेजपाल की दरिंदगी पर पर्दा डालने का अपराध करने वाली सोमा चौधरी को हर तरह से बचाने का प्रयत्न सेकुलर गद्दारों द्वारा क्यों किया गया ?

मित्रो गहन विचार करने के बाद  यही कारण नजर आते हैं

1)पहला ये कि आसा राम सेकुलर गद्दारी हमेशा पोल खोलते रहे  जबकि तरूण तेजपाल सेकुलर गद्दार का अपना चहेता है।

2) आशा राम ने वयक्गत कमजोरिया होते हुए भी समाज को भारतीय संस्कृति का अनुशरण करने का रास्ता दिखाया वही रास्ता जिससे दुराचारी , ब्याभिचारी और नसैड़ी सेकुलर गद्दार नफरत करते हैं  और तरूण तेजपाल क्योंकि खुद   दुराचारी , ब्याभिचारी और नसैड़ी है इसीलिए सेकुलर गद्दार औरकार इसे पसन्द करते हैं।

3)आशा राम बिदेशी नेता, विदेशी सोच, बिदेशी मिडीया , बिदेशी बस्तुओं का विधीरो रहा है जबकि तरूण तेजपाल खुद भारत के बिदेशी शत्रुओं का ऐजेंट रहा  है और इस मामले में सेकुलर सरकारों और सेकुलर गद्दार उसके साथ हैं।

4) आशा राम र्चच द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण व अन्य भारतविधी षडयन्त्रों के हमेशा बिरोधी रहे हैं जबकि तरूण तेजपाल और सेकुलर मिडीया व सेकुलर सरकारें पूरी तरह चर्च के इसारे पर काम करती हैं।

5)बापू आशा राम ने हिन्दूओं को आतंकवादी कहे जाने के बिरूद्ध  अन्य सन्तों के साथ मिलकर सेकुलर गद्दारों , सेकुलर सरकारों, सेकुलर मिडीया के बिरूध पानीपत की तीसरी लड़ाई की घोषणा की ।

अगर सेकुलर गद्दारों ने पाकिसतानी आतंकवादियों से मिलकर हेमंत करकरे को न मरवाया होता तो इसी तीसरी लड़ाई में petro dollar & Us dollar पर पलने वाले सेकुलर गद्दारों , सेकुलर पार्टियों और सेकुलर मिडीया का आज तक नमोनिशान मिट गया होता...         

गुरुवार, 6 जून 2013

काँग्रेस और समाजवादी पार्टी हिन्दूओं का खून बहाने वालों को जेलों से छुड़वाकर व हिन्दूओं के बच्चों का हक छीनकर गैर हिन्दूओं को देकर हिन्दूओं से किस बात का बदला ले रहे हैं?


मित्रो आप सब देख रहे हैं कि हिन्दूओं पर जब भी कोई आंतकवादी हमला होता है तो सबके सब सेकुलर गद्दार और सेकुलर पार्टियां कत्ल किए गए हिन्दूओं के साथ खड़े होने के बजाए देशभक्त हिन्दूओं का खून बहाने वाले भारतविरोधी आतंकवादियों को निर्दोष,अनपढ़ सताया हुआ बताकर इन खूनियों को बचाने के काम में लग जाते हैं।
पहले तो ये सब मिलकर पुलिस पर दबाब बनाकर पुलिस को इन आतंकवादियों के बिरूद्ध कार्यवाही करने से रोकते हैं और अगर कहीं ये आतंकवादी सुरक्षाबलों के हाथ आ ही जायें तो ये पार्टियां इन आतंकवादियों खासकर इसलामिक आतंकवादियों को छोड़ने के काम में लग जाती है और हिन्दूओं को साफ सन्देश देती हैं कि हिन्दू मरते हैं तो मरें पर इन पार्टियों को हर हाल में  आतंकवादियों के साथ खड़ा होना है..
मित्रो इन पार्टियों की इस तरह की कार्यवाही जहां आतंकवादियों का हौसला बढ़ाती हैं वहीं दूसरी तरफ अपनी जान जोखिम में डालकर आतंकवादियों को पकड़ने वाले सुरक्षाबलों का हौसला भी तोड़ती हैं और हद तो तब हो जाती है जब आतंकवादियों की मददगार ये पार्टियां सैनिकों को आदेश देती हैं कि जब आतंकवादियों से लड़ने जाना है तो निहत्थे होकर जाना है साथ ही सुरक्षा बलों द्वार चलाई गई एक एक गोली का हिसाब मांगकर उन पर ये दबाब बनाती हैं कि आतंकवादियों को न मारा जाए परिमामस्वारूप आजकल आतंकवादियों से कही ज्यादा शंख्या में हमारी सेना के जवान मारे जा रहे हैं और जो काम एक गंटें में खत्म हो सकता है उसके लिए सैनिकों को की दिनों तक अपनी जान को जोखिम में डालना पड़ा रहा है...
आप सबको जानाकरी होगी ही कि आज जब हम ये समाचार लिख रहे हैं तो कशमीर घाटी में पिछले दो दिनों से इसलामिक आतंकवादियों और सेना के बीच में जंग चल रही है...
इसी वक्त उतर प्रदेश में माननीय न्यायलय समाजवादी पार्टी को इस बात के लिए कटघरे में खड़ा कर रहा है कि क्यों समाजबादी पार्टी विना कोर्ट में सुनबाई हुए वाराणसी में संक़मोचक मन्दिर में बमबिस्फोट करने वाले इसलामिक आतंकवादी को छोड़ने की जिद कर भारतीयों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है...
मित्रो अभी-अभी 8-8:30pm NDTV(Eng) पर इसी मुद्दे पर चर्चा हुई जिसमें एंकर निधी ने विलकुल सही ढंग से आतंकवादियों के मददगारों की खबर ली ...यहां पर ये सपष्ट देख गया कि इसलामिक आतंकवादी उमर फारूकी और मनु सिंघवी इस बात पर पूरी तरह से सहमत थे कि मुसलिम आतंकवादियों जिन्हें वो मासूम करार दे रहे थे को हर हाल में छोड़ा जाना चाहिए...
आपको याद होगा कि अभी हाल ही में प्रखर देशभक्त महेन्द्र कर्मा सहित 27 काँग्रेसियों का कत्ल बामपंथी आतंकवादियों ने किया और मजेदार बात ये है कि इन बामपंथी आतंकवादियों ने न तो मुसलामनों को मारा और न ही ईसाई अजीत जोगी के मित्रों को ...सिर्फ चुन-चुन कर हिन्दूओं को मौत के घाट उतारा गया....
इतने बड़े हमले के बाद भी ईसाई(?) दिगविजय सिंह ने इन खूनी बामपंथी आतंकवादियों को अपना भाई बताकर अपनी हिन्दूविरोधी-देशबिरोधी मानसिकता का परिचय दिया...
आप सबको याद होगा कि यह दिगविजय सिंह वही गद्दार है जिसने वटला हाऊस मुठभेड़ के बाद शहीद मोहन चन्द जी के साथ खड़ा होने के बजाए इसलामिक आतंकवादियों का साथ दिया और सलमान खुरशीद के अनुशार बटला हाऊस मुठभेड़ में मारे गए इसलामिक आतंकवादियों के लिए काँग्रेस अध्यक्षा एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो सारी रात फूट-फूट कर रोई ...इससे पहले मनमोहन सिंह भी हिथरो हबाई अड़्डे पर हमला करने वाले इसलामिक आतंकवादी के लिए सारी रात रोते रह चुके हैं...
आप सबको जानकारी होगी ही कि यही मनमोहन सिंह और एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो दो दो कमेटियां एक सच्चार कमेटी और दूसरी  कशमीर पर बना चुके हैं जिनका जिम्मा इन हिन्दूविरोधीयों ने ISI Agent Justice Rajender  Suchar और राधा कुमार जैसे भारतविरोधी दुशमनों को दिया... ISI Agent Justice Rajender  Suchar के नेतृत्व वाली सच्चर कमेरी का सहारा लेकर काँग्रेस हिन्दूओं के बच्चों के अधिकार छीनकर गैर हिन्दूओं को देने के लिए हर वक्त कोई न कोई षडयन्त्र अन्जाम दे रही है....
आप सबको याद होगा कि 2008 में मुम्मबई पर हुआ हमला ईसलामिक आतंकवादियों ने किया  लेकिन  काँग्रेस का कहना है कि ये हमला RSS यानिके हिन्दूओं ने किया और मजेदार बात ये है कि इस बात पर एक इसलामिक आतंकवादी ने एक पुस्तक लिखी जिसका विमोचन काँग्रेस के महासचिब ने किया...
मित्रो आपको ये भी जरूर जानकारी होगी ही कि अभी कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश में एक इसलामिक आतंकवादी की मौत लू लगने से हो गई जिसके लिए SP सरकार ने 42 पुलिस बालों को Suspend किया...इस आतंकवादी को आतंकवादियों की इस सरकार ने 6 लाख रूपए दिए जबकि आतंकवादियों द्वारा मारे गए 27 काँग्रेस से जुड़े हिन्दूओं के परिवारों को सिर्फ 5-5 लाख....
मित्रो आपको ये भी याद होगा ही कि उतर प्रदेश में मारे गए DSP जियाऊल हक के परिवार को  SP सरकार ने 25 लाख मुआबजा और परिवार के तीन सदस्यों को नौकरी मिडीया में लगातार कबरेज ...पिछले कल ही सहारनपुर में DSP का कत्ल हुआ जिसकी कोई बात नहीं कर रहा हम दावे से कह सकते हैं कि मरने वाला हिन्दू होगा और मारने वाला मुसलमान......
आप सबको इस बात की जरूर जानकारी होगी कि कशमीर घाटी में काँग्रेस इसलामिक आतंकवादियों को 3 लाख की FD दे रही है व मारे गए आतंकवादियों के परिवारों को पेंसन... प्रश्न सिर्फ इतना है कि
 काँग्रेस और समाजवादी पार्टी हिन्दूओं का खून बहाने वालों को जेलों से छुड़वाकर व हिन्दूओं के बच्चों का हक छीनकर गैर हिन्दूओं को देकर हिन्दूओं से किस बात का बदला ले रहे हैं?