धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों द्वारा रचे जा रहे हिन्दूविरोधी-देशविरोधी षडयन्त्रों को उजागर करने की कोशिश। हमारा मानना है कि भारत में कानून सांप्रदाय,जाति,भाषा,क्षेत्र,लिंग अधारित न बनाकर भारतीयों के लिए बनाए जाने चाहिए । अब वक्त आ गया है कि हिन्दूमिटाओ-हिन्दूभगाओ अभियान चलाने वाले भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों को उनके समर्थकों सहित खत्म करने के लिए सब देशभक्तों द्वारा एकजुट होकर निर्णायक अभियान चलाया जाए।
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मंगलवार, 30 नवंबर 2010
मनमोहन जो भी कमात है एंटोनिया डायन खाए जात है...
हमने ये शीर्षक कोई सनसनी पैदा करने के लिए नहीं वल्कि एक असलियत को सबके सामने रखने के लिए दिया है।इस बात में कोई सन्देह नहीं कि मनमोहन सिंह एक इमानदार अर्थसास्त्री हैं तो फिर क्या बजह है कि उनके सब प्रयत्नों के बाबजूद मंहगाई और भ्रष्टाचार भसमासुर की तरह आगे बढ़ते ही जा रहे हैं। बजह एक ही है कि जितने इमादार मनमोहन सिंह जी हैं उससे कहीं अधिक भ्रष्ट बईमान व कमीनी एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी है। परिणामस्वारूप जितनी इमानदारी से मनमोहन सिंह सरकार चलाना चाहते हैं उससे कहीं अधिक बईमानी की मांग एंटोनिया की जरूरतें करती हैं। पहले तो ये एंटोनिया सिर्फ अपने मित्र क्वात्रोची के लिए ही मनमोहन से गलत काम करवाती थी अब तो इस डकैत ने अपनी बहनों व अन्य रिस्तेदारों के लिए भी मनमोहन से काम करवाना शुरू कर दिया है। वेचारा मनमोहन प्रधानमन्त्री की कुर्सी के लालच में एंटोनिया के बिछाए जाल में इस हद तक उलझ चुका है कि अब सबकुछ वेसर्मी से सहन करने को मजबूर है।
आप और हम जिस मनमोहन से परिचित हैं उस मनमोन को तो सरकार बचाने के लिए विपक्ष के सांसदों को दिए गए धन का मामला सामने आने के बाद ही इसतीफा दे देना चाहिए था लेकि ऐसा नहीं हुआ वल्कि उसके बाद मनमोहन को इस गंदगी का मानो मजा आने लगा। हद तो तब हो गई जब CWG घोटाले में PMO का नाम सामने आया ।लेकिन नहीं मनमोहन के कान पर जूं तक न रेंगी । मनमोहन की वेशर्मी कह लो या लाचारी का सबसे बढ़ा प्रमाण तब सामने आया जब 2G spectrum घोटाले में माननीय न्यायालय ने मनमोहनखान की वेशर्मी की जमकर खिंचाई की पर फिर भी इस लाचार और गुलाम प्रधानमन्त्री ने इसतीफा देकर अपनी रही सही छवि बचाने की कतई कोशिस नहीं की। अब तो माननीय न्यायालय ने भ्रष्ट थामस को CVC बनाने पर भी इस गुलाम प्रधानमन्त्री की कलास लगा डाली लेकिन फिर भी ये जनाब टस से मस नहीं हुए। मन ही मन कह रहे होंगे हम जो भी कमात हैं सब एंटोनिया डायन खाए जात है....
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