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मोदीराज लाओ

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बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

कशमीर पर ISI की भाषा बोलने वाले प्रशांत भूषण की पिटाई को क्या गलत ठहराया जा सकता है?


अभी-अभी दिल्ली सर्वोचन्यायालय परिसर में स्थित प्रशांत भूषण के कमरे में ही उनकी पिटाई prasant.jpg1.jpg6किए जाने का

समाचार आया है। प्रशांत भूषण ने खुद बताया कि पिटाई करने वाले

नौजवान इस बात से नाराज थे कि प्रशांत भूषण ने कशमीर के मसले पर

ISI मतलब पाकिस्तान के रूख का समर्थन किया है।

इससे पहले भी कई बार प्रशांत भूषण इस्लामिक आतंकवादियों के रूख k9का अनुसरण करते हुए सुरक्षा बलों पर हमला बोल चुके हैं।
इतना ही नहीं प्रशांत भूषण अकसर माओवादी कातिलों के समर्थन में भी

खुलकर खड़े नजर आते हैं।

वेशक इस बात के लिए तो आप प्रशांत भूषण को पागलपन के हद तक

बहादुर कह सकते हैं कि भारत में रहकर भारत की ही जड़ों को खोदने वाले

कुकर्म करने के बावजूद खुद को अन्ना जी के भ्रष्टाचार मिटाओ अन्दोलन

से जोड़कर भारत का हितैशी सिद्ध करने का दुहसाहस करने का दम रखते हैं।
फिर भी हम कहेंगे कि अगर प्रशांत भूषण की पिटाई भारतविरोधी कुकर्मों

के लिए हुई है तो किसी भी तरह गलत नहीं ठहराया जा सकता चाहे पिटाई

किसी ने भी की हो लेकिन अगर पिटाई सरकार ने उनके भ्रष्टाचारविरोधी

अन्दोलन से जुड़ने के कारण करवाई है तो इस पिटाई की जितनी भी निन्दा की जाए कम है।

प्रशांत भूषण की पिटाई अगर देशभक्तों ने की है तो सबसे बड़ी चिन्ता का

विषय ये है कि जिन वकीलों पर देश में कानून के आधार पर न्याय करवाने

की जिम्मेदारी है उन्हीं वकीलों ने सिर्फ इसलिए कि पिटने वाला एक

वकील था जो अकसर भारत विरोधी आतंकवादियों की सहायता के लिए

तत्पर रहता है के बदले में प्रशांत के भारतविरोधी रबैए से दुखी युवक के

नाक-मुंह से खून तक निकाल दिया जब कि उन युबकों ने प्रशांत को एक

भी चोट ऐसी नहीं पहुंचाई जिससे कि उनके शरीर को गम्भीर नुकसान हो।

इस घटना के बाद हम दावे से कह सकते हैं कि वो युवक सिर्फ अपना

विरोध दर्ज करवाने के लिए ही आए थे लेकिन प्रशांत, जो कि देशभक्तों से

नफरत की हद तक शत्रुता रखता है ,ने खुद को अपने गढ़ में पाकर उन

युवकों के सामने अपने भारतविरोधी रूख को दोहराकर उनको लड़ाई करने

के लिए उकसाया।
परिणामस्वारूप गद्दारी वाले कुकर्मों की बजह से लोगों के अन्दर पनप रहे

क्रोध को शांत करने के लिए खुद को प्रताड़ित बताकर( जिस काम में

आतंकवादियों के ये मददगार विशेषज्ञता हासिल कर चुके हैं) एक तो लोगों

का क्रोध शांत किया जाए दूसरा भारतविरोधियों की आँखों में हीरो बनकर

और आगे बढ़ा जाए ताकि शायद कोई भारतविरोधी किसी ऐसे इनाम से

नवाज दें जो अकसर भारतविरोधियों को ही दिए जाते हैं
इसीलिए हम ये लेख लिख रहे थे

अन्ना जी सावधान कहीं आपकी टीम में मौजूद

आतंकवादियों के मददगार आपकी मेहनत पर पानी न फेर दें!

लेकिन पूरा होने से पहले ही ये घटना घट गई।

इसमे कोई सन्देह नहीं कि आज भ्रष्टाचार हम सबकी जिन्दगी में जहर

घोल रहा है। हम कांग्रेस द्वारा बिछाए गए चोरी और गद्दारी के जाल में उसी

तरह उलझ गए हैं जिस तरह कांग्रेस द्वारा बिछाए गए फूट चालो और राज

करो के जाल में उलझे हैं। इस सबसे हम बाहर निकलने के लिए छटपटा

रहे हैं। ऐसे में जो भी इस जाल से बाहर निकालने की आश जगाता है हम

उसे अपना मानने लगते हैं। लेकिन हमें ये ध्यान ऱखना होगा कि कहीं

भारतविरोधी कांग्रेस के जाल से बाहर निकलते-निकलते हम हमारे अपने

भारतीयों के कातिल इस्लामिक और माओवादी आतंकवादियों  के जाल में

न फंस जायें।
हम हर तरह से अन्ना जी द्वारा चलाए जा रहे भ्रष्टाचार मिटाओ अभियान

के पक्ष में हैं लेकिन जब तक टीम अन्ना से आतंकवादियों के मददगार

अग्निवेश की ही तरह प्रशान्तभूषण को हटा नहीं दिया जाता तब तक टीम

अन्ना पर आँख बन्द कर भरोसा नहीं किया जा सकता।

आप सोच रहे होंगे कि प्रशान्त ने देश से ऐसी कैन सी गद्दारी की है जो हम

प्रशान्त भूषण को सन्देह की निगाह से देख रहे हैं।

सबसे पहली बात ये कि प्रशान्त भूषण हमेशा उन लोगों के साथ रहे हैं जो

भारत माता की जय और वन्देमातरम् का विरोध करते हैं मतलब भारत

की अखण्डता के बरखलाफ हैं। ये पहली बार है कि भारत माता की जय

और वन्देमातरम् का उदघोष करने वाले लोगों के साथ प्रशान्त भूषण दिखे

बेशक फिर भी भारत माता की जय या वन्देमातरम का एक बार भी नारा

नहीं लगाया। अगर आपने ये उदघोष लगाते हुए कभी देखा हो तो हमें जरूर बताना।
हमें लगा कि अगर एक व्यक्ति हमेशा गद्दारों का साथ देने के बाद आज

देशभक्तों के साथ आने की कोशिश कर अपने पाप का प्रयश्चित कर कर रहा

है तो उस पर अंगुली नहीं उठानी चाहिए ।लेकिन जैसे ही अन्दोलन समाप्त

हुआ ये व्यक्ति फिर से जम्मू कशमीर में जाकर हमारे सुरक्षाबलों के विरूद्ध

जहर उगलने लग पड़ा।
ऐसा नहीं कि इसने ऐसा पहली बार किया है इससे पहले भी ,जब

इस्लामिक देशों द्वारा पाकिस्तान के माध्यम से फैंके गए टुकड़ों के बल पर

हमारे सैनिकों पर पत्थरवाजी को हथियार बनाकर हमला sopore 2करने वाले आतंकवादियों और सुरक्षबलों में से किसी एक का साथ देने का मौका आया था तो इसने इन आतंकवादियोंINDIA_KASHMIR_POLIC_135876e को निर्दोष कहकर आतंकवादियों के प्रति अपनी देशविरोधी मानसिकता का प्रमाण दे दिया था। (R-L) Prashant Bhushan, Yogendra Yadva, Sunil, president, Samajwadi Jan Parishad प्रशांत भूषण अपहरण जैसे संगीन मामलों के आरोपी इस्लामिक अपराधियों के समर्थन में।
prasant   alina sen प्रशान्त भूषण देश से गद्दारी के आरोप में जेल जा चुके माओवादी कातिलों के मददगारों का समर्थन करता हुआ।
prasant   arundhati roy प्रशांतभूषण कशमीर पर पाकिस्तान के रूख का समर्थन करने वाली आतंकवादियों की मददगार अपनी सहयोगी अरूंधती राय के साथ।
आगे देखो ये दोनों आतंकवादियों के मददगार अकसर एक दिखेंगे दोनों

आतंकवादियों से भारत को लहुलूहान करवाने के मुद्दे पर एक राय जो रखते हैं।
prasant   arundhati roy.jpg1prasant   arundhati roy.jpg1.jpg2
prasant in meeting in hydrabadप्रशांत भूषण भ्रष्टाचारविरोधी कार्यक्रम में पहुचने पर।


prasant.3jpgप्रशांत भूषण माओवादी कातिल विनायक सेन के समर्थन मेंprasant.4jpgप्रसांत भूषण सोराबुद्दीन,इशरत जहां जैसे इस्लामिक आतंकवादियों के समर्थन में।prasant 7 प्रशांत भूषण माओवादी सरगना लिंगा के समर्थन में।
मेरे भाई इतना ही होता तो गनीमत थी अब आप अगले चित्र में देखेंगे उस

गौतम नबलखा को जो जो अमेरिका में भारत को बदनाम कर बर्बाद करने

के काम में लगे ISI ऐजेंट गुलामनबी फई का मित्र ही नहीं बल्कि सहयोगी

भी है।मजेदार बात ये है कि इस गद्दार के साथ प्रशांत भूषण की खास सहयोगी अरूंधती राय भी हैg6    g1 अब आप सोचेंगे कि KAC क्या है ये भारतविरोधी गद्दारों के सहयोग से ISI ऐजेंट गुलामनबी फई द्वारा चलाई

गई वो संस्था है जिसका एक मात्र मकसद मिडीया(print &

Electronic) में अपने  ISI ऐजेंटों के सहयोग से देशभक्त संगठनों को

बदनाम कर इसलामिक आतंकवादियों के अनुकूल महौल बनाकर भारत को

लहूलुहान करना  है …
आप आप खुद सोच लो कि इन भारतविरोधियों की कुटाई कितनी सही या

कितनी गलत है या फिर आप खुद फैसला कर लो कि अगर इन गद्दारों में

से कोई आपके हथे चढ़ जाए तो उसके साथ क्या बर्ताब करना चाहिए?

पूरी सूची बहुत जल्द।

सोमवार, 22 अगस्त 2011

जरा सोचो किस आधार पर कांग्रेस देशभक्तों को खुलेआम ललकार रही है ? संदर्भ संसद में बाहरी हाथ स्वीकार नहीं

Secret telling smileहमने कई बार लिखा कि कांग्रेस की मानसिकता भारतविरोधी है इसके कई प्रमाण भी हमने आपको दिए। लेकिन अब तो कांग्रेस के नेता खुले तौर पर भारतीय आम जनता को बाहरी वोले तो विदेशी करार दे रहे हैं।
आपने देखा कि जब स्वामी राम देब जी ने भारत के 400 लाख करोड़ रूपए  जो कि देश के गद्दारों ने लूटकर विदेशी बैंकों मे जमा करवाए हैं को भारत वापस लाने की मांग की तो कांग्रेस ने स्वामी राम देव जी को हमेशा के लिए खामोश कर देने के मकसद से रात के अन्धेरे में जब स्वामी राम देव जी व हजारों देशभक्त दिनभर भारतमात के लूटे गय धन को वापिस लाने के लिए संघर्ष करने के बाद सो रहे थे तब एक विदेशी अंग्रेज एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी की गुलाम कांग्रेस सरकार ने हमला करवा दिया।attack on SWami
इस दौरान संसार के सबसे खतरनाक मानबताविरोधी आतंकवादी ओसामाविन लादेन को ओसामा जी कहने वाली कांग्रेस ने स्वामीरामदेब जी को ठग,  लुटेरा, कायर जैसे शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने का प्रयत्न किया।
38000 करोड़ रूपए की टैक्स, चोरी करने वाले आतंकवादियों के financer हसन अली का बचाब करने वाली कांग्रेस ने भारतीयता व आयुर्वेद के प्रचारक व पोषक स्वामी राम देब जी पर न केवल Money Laundering Act लगाने की धमकियां दी वल्कि केन्द्र सरकार की सब की सब ऐजेंसियों को स्वामी राम देब जी के पीछे लगा दिया जब कुछ न मिला तो अमेरिका की ईसाई खुफिया FBI की मदद लेकर स्वामी राम देव जी को फंसाने व बदनाम करने की कोशिश की गई व की जा रही है।
इतने षडयन्त्र करने के बाद भी जब कांग्रेस के हाथ कुछ ठोश नहीं लगा तो एक विदेशी अंग्रेज एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी की गुलाम कांग्रेस ने भारत में जन्मे स्वामी रामदेब जी के दांय हाथ आयुर्वेद के वैज्ञानिक आचार्या वालकृष्ण जी को विदेशी करार देकर सारी सरकारी ऐजेंसियों को उनके पीछे लगा दिया।Acharaya ji
अब जब अन्ना जी ने कांग्रेस की चोरबजारी के विरूद्ध मोर्चा खोला तो कांग्रेस ने इस देशभक्त के लिए भी गुंडो-मवालियों जैसी भाषा का प्रयोग करते हुए अपमानित करने की कोशिश में उपर से नीचे तक भ्रष्ट करार दे देते हुए उनकी सेना की नौकरी पर भी सवाल खड़े कर  दिए।जिसे सेना ने सरकार के दबाब में न आते हुए सिरे से खारिज करते हुए ये बताया कि अन्ना जी की सेना में नौकरी में कोई भी दाग नहीं है वल्कि उन्हें पांच-पांच मैडल भी मिले हैं। anna hajare ji2
इन सब षडयन्त्रों में मुंह की खाने के बाद भी कांग्रेस ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए अन्ना जी के इस अन्दोलन के पीछे विदेशी हाथ बताकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की। कांग्रेस का ईसारा ईसाई अमेरिका की ओर था ।इससे पहले कांग्रेस अन्ना हजारे के पीछे RSS का हाथ बता चुकी थी। इन दोनों आरोंपो का एक ही मकसद था कि RSS व USA का नाम आने के बाद आतंकवादी मुसलमान  व उनके समर्थक अन्ना हजारे के अन्दोलन के विरोध में कूद पड़ें और देश में दंगा-फसाद की चुनौता को बहाना बनाकर विदेशी अंग्रेज एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी की गुलाम कांग्रेस को देशभक्तों के इस अन्दोलन को कुचलने का मौका मिल जाए।
कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की इसी निती को सफल बनाने के लिए NDTV ने चर्चा के माध्यम से देशभक्तों के इस अन्दोलन को सिर्फ स्वर्णों के मध्यम बर्ग का अन्दोलन बताकर इस अन्दोलन को गरीबविरोधी-दलित विरोधी व मुसलिमविरोधी  करार देने की कोशिश की जिसमें NDTV ने ISI ऐजेंट परजीवियों का सहार लिया।
कांग्रेस के इस फूट डालो और राज करो के षडयन्त्र को आगे बढ़ाने के लिए Star News ने भी पूरा जोर लगाया।
इन सब षडयन्त्रों से भी काम न बना तो कांग्रेस ने देशभक्त जनता के इस अन्दोलन के विरोध में सब सांसदों को खड़ा करने के लिए संसद के मानसम्मान का नारा देते हुए सब सांसदों को बाहरी हस्तक्षेप(भारतीय जनता) के विरूद्ध एकजुट होने की अपील की।
soniyaजरा सोचो कि जिस कांग्रेस को इटालियन अंग्रेज एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी की गुलामी करने में कोई आपति नहीं वो गुलाम कांग्रेस भारतीय जनता को विदेशी कहकर किसके दम पर भारतीयों का अपमान कर खुद को विदेशीयों का ऐजेंट साबित कर सब देशभक्तों को चुनौती दे रही है कि अगर दम है तो उखाड़ लो जो उखाड़ सकते हो?
इस अहंकार का आधार एक ही है कांग्रेस जानती है कि उसने विदेशीयों के इसारे पर देश में कानून सांप्रदाय-जाति-क्षेत्र-भाषा आधारित बनाकर फूट-डालो और राज करो का जो षडयन्त्र रचा है वो हर हाल में सफल होगा क्योंकि भारतीयों के पास इस षडयन्त्र का अभी तक कोई तोड़ नहीं।
क्या आपके पास कोई तोड़ है?