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मोदीराज लाओ

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गुरुवार, 13 अक्टूबर 2011

ये गांधीवाद नहीं आतंकवाद है---संदर्भ---इन्द्रवर्मा को लहुलूहान करने वाले गांधीवादियों की पिटाई कितनी उचित?


हम सर्वथा लड़ाई के विरूद्ध हैं खासकर अपने ही देशवासियों के बीच में
लेकिन खुद को गांधीवादी कहने वालों ने इस देश को इतना लहुलूहान कर दिया है कि अब तो इस लड़ाई का समर्थन करने का मन करता है।
1947 में इन गांधीवादियों ने गांधी की पीठ के पीछे छुप कर भारत के तीन-तीन विभाजन करवाकर करोंड़ों हिन्दूओं को अत्याचारी इस्लमिक आतंकवादियों के हाथों बेआवरू होकर तड़प-तड़प कर मरने को छोड़ दिया।
आज जब किसी भी गद्दार को किसी भारतविरोधी षडयन्त्र को अनजाम देना होता है तो वो गांधीवाद की लंगोटी का नकाब ओड़ लेता है।
अभी हाल ही में आपने देखा कि किस तरह 50000 से अधिक देशभक्तों पर इन गांधीवादियों ने लाठियां ,गोलियां चलवाकर शहीद राजवाला जी के प्राणों की आहुती ले ली। इनका बस चलता तो ये गांधीवादी रामलीला मैदान को स्वामी रामदेव जी सहित हजारों देशभक्तों का शमशानघाट बना देते। इनकी गांधीवादी हिंसक मानसिकता का प्रमाण तब भी मिला जब गांधीवादियों ने स्वामीराम देव जी को पत्थर बांध पानी में तब तक डुवोए रखने की बात की जब तक उनके अन्दर प्राण शेष हैं मतलब स्वामी राम देव जी का कत्ल करने की मनसा रखते हैं ये गांधीवादी।
हमें समझ नहीं आ रहा कि ये कैसा गांधीवाद है जो हर वक्त भारतविरोधी आतंकवादियों के हाथों आम देशभक्त निर्दोष जनता का खून बहता देखकर खुश होता है और इन कातिल आतंकवादियों को हर तरह की सजा से बचाने के लिए आए दिन नए-नए बहाने बनाता है तिकड़म लड़ाता।
ये कौन सा गांधीवाद है जो भारत को विभाजित करवाकर विभाजन की विषबेल को फिर से भारत में रखने की मांग उठाकर आज इस विषबेल के पूरे भारत में फैल जाने के बाद भारतीयों का खून बहता देखकर इठलाता है ।
ये कौन सा गांधीवाद है जो भारत के तीन-तीन विभाजन करवाकर पाकिस्तान और बंगलादेश में हर चीज पर पहला अधिकार मुसलिम आतंकवादियों को देकर भारत में भी पहला अधिकार मुसलिम आतंकवादियों को ही देने की मांग उठाता ।
ये कौन सा गांधीवाद है जो भारत को 1000 वर्ष तक गुलाम बनाकर उनका शोषण करने वाले मुसलमानों और ईसाईयों के बच्चों को पाठशाला में प्रवेश करते ही हजारों रूपए की सहायता की देता है और हिन्दूओं के बच्चों द्वारा 80% अंक लेने के बावजूद उन्हें इस तरह की किसी सहायता की गारंटी नहीं देता।
हैरानी तो इस बात की है कि जिन ईसाईयों का आज भी भारत के शिक्षा ढांचे पर अंग्रेजों के साम्राज्यवाद के काल से चला आ रहा कब्जा है उन ईसाईयों को शोषित हिन्दू बच्चों से आगे बड़ाने की वकालत ये भारतविरोधी गांधीवाद करता है।
जिन मुसलमानों ने भारत पर अपने अत्याचारी कब्जे के दौरान हिन्दूओं से जिन्दा रहने के बदले में जजिया कर लिया जो आज भी वन्देमातरम् का विरोध कर खुद को गैर भारतीय बताने पर जोर देते हैं उन मुसलमानों के बच्चों को ये गांधीवाद इन मुसलमानों के अत्याचारी कब्जे के द्वारा प्रताड़ित और शोषित हिन्दूओं के बच्चों का हक छीन कर देने की वकालत ये गांधीवाद करता है।
गांधीवाद की वकालत करने वाले कितने गांधीवादी हैं ये तो आपने कल उस वक्त देख ही लिया होगा जब इन गांधीवादियों ने इन्द्र वर्मा जो कि प्रशांत भूषण की गद्दारी का विरोध कर रहा था को अपने कब्जे में लेकर किस तरह नोकीली चीजें चुभोकर लहुलूहान किया क्योंकि इनका गांधीवाद देशभक्तों का खून बहाकर आगे बढ़ता है।
उस युवक को देखो जो प्रशांत भूषण के भारतविरोधी कुकर्म से पूरी तरह आक्रोशित होने के बावजूद प्रशांत भूषण को कोई ऐसी चोट नहीं पहुंचाता जो उनको शारीरिक नुकसान करती ।
ऐसी ही हरकत इन गांदीवादियों की आपने तब भी देखी होगी जब स्वामी रामदेव जी को कांग्रेस द्वारा गाली-गलौच व अपमानित करने से आक्रोशित एक युवक ने कांग्रेसी प्रवक्ता को जूता सिर्फ दिखाया मारा नहीं वो इस प्रवक्ता(जनरदन द्विवेदी) के इतना नजदीक था कि अगर चाहता तो मार भी सकता था लेकिन बाद में गांधीवादी कांग्रेस के चापलूस गांधीवादी पत्रकारों और गांधीवादी दिगविजय सिंह ने उसे मार-मार कर लहुलूहान कर दिया।
ये कैसा गांधीवाद है जो भारत के सन्तों को ठग और दुनियाभर के कुख्यात इस्लामिक आतंकवादी ओसामविन लादेन को जी कहता है।
ये कैसा गाधीवाद है जो भारत के आम लोगों का धन लूट कर विदेशी बैंकों में जमाकरवाकर भारत को कमजोर करने की जड़ बन जाता है। विरोध करने वालों पर जुल्म ढाहता है
हे भगवान ये कैसा गांधीवाद है जो अफजल जैसे दुर्दाँत आतंकवादी की फांसी को तो वर्षों तक रोकर समाप्त करने की वकालत करता है लेकिन निर्दोष साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को नजायज तरीके से कब्जे में रखकर प्रताडित करने में ही आनन्दित महसूस नहीं करता बल्कि उसे जबरदस्ती फांसी पर चढ़ाने के लिए सुरक्षाबलों पर दबाव बनाने का हर सम्भव प्रयास करता है।
ये कैसा गांधीवाद है जो एक विदेशी के सामने सिर्फ इसलिए नतमस्तक हो जाता है क्योंकि वो अपने नाम के पीछे गांधी लगा लेती है और फिर सारे भारत को उसके हबाले छोड़कर उसे तूटने की खुली छूट देने की वकालत करता है लेकिन अपने ही देश के आर एस एस और भारत स्वाभिमान जैसे देशभक्त संगठनों को कुचलने के लिए हर सम्भव प्रयास करता है।
आओ प्रण करें कि ये गांधीवाद जो भारत को समाप्त करने पर तुला है उस गांधीवाद को हम ही मिलकर समाप्त करने का बीड़ा उठायें ऐसे ही गांधीवादी तरके अपनाकर।
चलते-चलते
मिडीया दुष्प्रचार कर रहा है कि आज अन्ना समर्थकों पर हमला हुआ लेकिन सच्चाई यह है कि हमला अन्ना समर्थकों पर नहीं बल्कि पाकिस्तान समर्थकों पर हुआ है क्योंकि प्रशांत भूषण का विरोध इसलिए नहीं हो रहा कि वो अन्ना जी के साथ क्यों हैं बल्कि इसलिए हो रहा है क्योंकि वो गांधीवाद की लंगोटी ओड़कर भारत के एक और विभाजन की मांग का समर्थन कर रहे हैं जो कि अन्ना जी कभी नहीं कर सकते।
आज जिन लोंगों की पिटाई हुई वो लोग वहां पर भारतविरोधी प्रशांत भूषण के विरूद्ध हो रही नारेबाजी का विरोध कर रहे ते मतलब प्रशांत भूषण के कुकर्म का समर्थन।
हमारे विचार में जो भी भारत के अस्तित्व को खतरा बनने की कोशिश करता है उसके साथ जो भी बुरे से बुरा किया जा सकता है किया जाना चाहिए क्योंकि ये गांधीवाद नहीं भारतविरोध-हिन्दूविरोध-देशविरोध ही नहीं बल्कि मानवता का विरोधी आतंकवाद है…

शनिवार, 25 दिसंबर 2010

GSAT-5P की असफलता का एंटोनिया CONECTION




आज दूरदर्शन के सरकारी चापलूस की भूमिका में चले जाने के कारण बहुत कम लोग दूरदर्शन के कार्यक्रम देखते हैं लेकिन आज भी आम व मजबूर लोगों के लिए दूरदर्शन , रेडियो के बाद सूचना का एकमात्र साधन है। हम भी दूर्दरशन के कार्यक्रम बहुत कम देखते हैं। लेकिन क्योंकि आज GSAT-5P के प्रक्षेपण का सीधा प्रसारण दूरदर्शन दिखा रहा था इसलिए हम दूरदर्शन के साथ चिपक कर बैठ गए।


GSAT-5P प्रक्षेपण कुछ मिनट के बाद ही विस्फोट के साथ असफल हो गया तो मन को बहुत दुख हुआ ।क्रोध भी आया कि जब रूस से लाया गया क्रायोजैनिक इंजन खराब था तो उसे वापस रूस को लौटाने के बजाए देश का 175 करोड़ रूपया बरबाद करना क्यों जरूरी समझा गया।क्रायोजैनिक तकनीक बहुत ही उच्चतकनीक है इस तकनीक पर आधारित इंजन में लीकेज का मतलब ही कार्यक्रम की असफलता की गारंटी है। लेकिन खैर जैसा अक्सर होता है अब बैसे ही इस कार्यक्रम में इस वेवकूफाना हरकत को छुपाने के प्रयास शुरू हो चुके होंगे।


इसके बाद जो हुआ वो और भी चौंकाने वाला था। जैसे ही निर्धारित समय पर GSAT-5P के असफल प्रक्षेपण के बाद सीधे प्रसारण का ये कार्यक्रम बन्द हुआ बैसे ही ईसाईयत का प्रचार-प्रसार शुरू हो गया । कुछ समय तक कुछ अंग्रेज लड़के–लड़कियां ईसाईयत के गुणगान के लिए वेसुरे गीत गाते रहे बाद में हमारे दूरदर्शन ने एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी के देश में रोम से सीधा प्रसारण शुरू कर दिया ।


आप सब जानते हैं कि दूरदर्शन हम सब भारतीयों के खून-पसीने की कमाई के पैसे से चलता है।उस मेहनत से कमाए गए पैसे को एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी के इसारे पर ईसाईयत के प्रचार प्रसार के लिए खर्च करना वेहद आपतिजनक है गुनाहकारों के विरूद्ध उचित समय पर कड़ी कार्यवाही होना अति आवस्यक है।


प्रक्षेपण की असफलता के एक-दम बाद ईसाईयत के प्रचार-प्रसार ने हमारे मन में कई संकायें पैदा कि । क्योंकि ये पहले से ही पता था कि क्रायोजैनिक इंजन खराब है तो भी उस खराब इंजन के साथ ही GSAT-5P के प्रक्षेपण निर्णय कहीं एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी के प्रभाव में तो नहीं किया गया।


बहुत कम लोग जानते हैं कि रूस ईसाईयत के प्रचार-प्रसार के लिए अमेरिका से भी जयदा प्रतिबद्ध है व एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी को भारत में पलांट करने में रूस की ही खूफिया ऐजेंसी का हाथ था। पलांट करने का मकसद भी भारत में हिन्दूओं को अपदस्त कर ईसाईयों के हाथों में सता को पहुंचाना था ।आज सरकार की सर्वेसरवा एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी से लेकर रक्षामन्त्री एक के एन्टनी तक सब जगह ईसाई ही दिखाई दे रहे हैं।


यहां तक कि अगर इसाई के उपर भ्रष्टाचार के कितने भी बड़े आरोप क्यों न लगे हों उन्हें बड़ें पदों पर ऐंटोनिया की पकड़ मजबूत करने के लिए विठाया जा रहा है। आप पी जे थामस को ही ले लें जिसे दो पाक-साफ हिन्दूओं को दरकरार कर CVC प्रमुख बनाया गया वो भी विपक्ष की आपति के बाबजूद। बाद में इस भ्रष्ट की खबर माननीय न्यायालय ने लेकर ऐंटोनिया के हिन्दूविरोधी षडयन्त्र को जनता के सामने रखा।


एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी व उसका बेटा राहुल गंदगी किस हद तक हिन्दूओं के विरूद्ध हैं उसका सबसे बड़ा प्रमाण Wiki-leaks के उस रहसयोउधघाटन में मिला जिसमें बयाता गया कि किस तरह ये सपोला अमेरिका के राजदूत को हिन्दूओं के विरूद्ध भड़का रहा था।


अगर इस सपोले के अन्दर भारतीयों का खून होता तो ये ऐसी गद्दारी नहीं करता । हमें तो लगता है कि एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी के ईसारे पर खराब क्रायोजैनिक इंजन का प्रयोग कर प्रक्षेपण की असफलता सुनिस्चित कर ईसाईयत का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया गया।


क्योंकि आज इस मौके पर अधिकतर भारतीय दूरदर्शन देख रहे थे तो प्रक्षेपण का प्रसारण वीच में ही बन्द होने पर एकदम ईसाईयत का प्रसारण शुरू होने पर अधिकतम लोगों तक एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी का ईसाईयत का संदेश पहूंचा।


इस संदेश में पोप ने पहले तो ये इशु को भगवान का अबतार बताया व बाद में इशु को भगवान का वेटा कहकर संबोधित किया।मतलब खुद पोप ही इशु के वारे में भ्रमित हैं। उसके बाद पोप ने संसार के विभिन्न देशों में रह रहे ईसाईयों को वहां की सरकारों व समाजों के विरूद्ध लड़ाई छेड़ने के लिए उचित समय का इन्तजार करने के लिए कहा। मतलब पोप का ये भाषण न केवल शांति और भाई चारे के विरूद्ध था वल्कि साथ ही दुनिया में हिंसा बढ़ाने बाला भी था। ऐसे हिसंक भाषण का प्रचार-प्रसार शांतिप्रिए भारतीयों के पैसे से करना कहां तक उचित है?






गुरुवार, 16 दिसंबर 2010

Wiki Leaks ने 26/11 मुम्बई हमले के बाद कांग्रेस के हिन्दूविरोधी षडयन्त्र का पर्दाफास किया





हम सब जानते हैं कि 26/11 मुम्बई हमला अब तक भारत पर हुए आतंकवादी हमलों में से सबसे बड़ा हमला था। लेकिन हम में से बहुत कम लोग जानते होंगे कि इस हमले को कांग्रेस ने हिन्दूओं के विरूद्ध हथियार के रूप में प्रयोग करने की साजिस रची।


हमले के कुछ ही क्षण बाद कांग्रेस ने अपने धर्मनिर्पेक्ष गिरोह से जुड़े मिडीया के माध्यम से ये खबर फैलाना शुरू कर दी कि आतंकवादियों ने हाथों में कंगन पहने हुए हैं मतलब मुम्बई पर हमला करने वाले आतंकवादी मुसलमान नहीं हिन्दू हैं।


फिर कांग्रेस के सांप्रदायिक विभाग के मन्त्री अबदुल रहमान अंतुले ने ये कहकर सबको चौंका दिया कि मुसलिम आतंकवादी हेमंत करकरे को मारने नहीं आए थे मतलब अंतुले जानता था कि मुसलिम आतंकवादी किसको मारने आए थे?


गद्दारों की सरदार एंटोनिया का खसमखास गद्दार दिगविजय सिंह आज भी दाबा कर रहा है कि हेमंत करकरे को हिन्दूओं से खतरा था।मतलब जो हिन्दूविरोधी षडयन्त्र तब रचा गया था उसे सिरे चढ़ाने का अब तक प्रयत्न जारी है।


सोचने वला विषय यह है कि जब हर कोई ये जनता है कि हमला मुसलिम आतंकवादियों ने किया था तो फिर कांग्रेस क्यों हिन्दूओं का नाम इसमें घसीट कर पाकिस्तान व आतंकवादियों को फायदा पहूंचाने की कोशिस कर रही है।


कांग्रेस का मानना है कि भारत में पाकिस्तान व आतंकवाद समर्थक मुसलमानों की बहुत बड़ी संख्या है । कांग्रेस को लगता है कि वो हिन्दूओं पर हमला कर इन सब आतंकवादी मुसलमानों का बोट प्राप्त कर सकती है। रही बात हिन्दूओं की तो हिन्दू तो राजनितिक रूप से मूर्ख है ही उसकी चिन्ता करने की क्या जरूरत । ऐसा कांग्रेस का मानना है।


अगर आप सोच रहे हैं कि हम कोई आरोप लगा रहे हैं तो आप गलत हैं क्योंकि इस सच्चाई का परदाफास जुलियन असांजे की कढ़ी मेहनत के परिणामस्वारूप Wiki Leaks में हुआ है।


भारत में अमेरिका के राजदूत डेविड मलफोर्ड ने अपनी सराकर को बताया कि वो कांग्रेस द्वारा खेले गए इस हिन्दूविरोधी कार्ड को देखकर भौचंके रह गए। मलफोर्ड ने आगे लिखा है कि कांग्रेस बोट के लिए देश के लोगों को जाति-भाषा-क्षेत्र-सांप्रदाय के अधार पर लड़वाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है।


हमने तो कांग्रेस सहित धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की इन हरकतों को पहचानकर उसी वक्त आबाज उठानी शुरू कर दी थी।


शुक्रवार, 19 नवंबर 2010

सोनिया गांधी का मनमोहन सिंह पर जबरदस्त हमला।




आप और हम लगातार देख रहे हैं कि किस तरह एडवीज एंटोनिया अलवीना माईनो उर्फ सोनिया गांधी अपने गुलाम प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह के माध्यम से भारत को तबाह करने की चर्च की योजना को अन्जाम देती रही । लेकिन अब जब ऐसा लगने लगा कि ये गुलाम प्रधानमन्त्री एडवीज एंटोनिया अलवीना माईनो उर्फ सोनिया गांधी के लिए गद्दारी और चोरी करते-करते खुद ही चोर और गद्दार नजर आने लगा है तो इस इटालियन एंटोनिया ने बजाए उसका साथ दने के उस पर ही हमला वोल दिया।


बैसे USE AND THROW अंग्रेजों की पुरानी आदत है। भारत पर अपने कब्जे के दौरान अंग्रेजों ने अपनी इसी निती का प्रयोग कर बेबकूफ हिन्दूओं को लालच देकर उनसे अपने ही भाईयों के विरूद्ध युद्ध करवाए।जिनमें हजारों देशभक्त हिन्दू अपने इन गुलाम हिन्दू भाईयों की बजह से अंग्रेजों के अत्याचारों व हिंसा के सिकार बने।


आज विभाजित भारत में मनमोहन सिंह ने जयचन्द के मार्ग पर चल कर इस इटालियन अंग्रेज के कहने पर हर वो हिन्दूविरोदी-देशविरोधी कुकर्म अन्जाम दिया जो बरबर आतंकवादी मुगलों ने अन्जाम देने का साहस नहीं किया था।


कहां से शुरू करें।


1)भारत के इतिहास में पहलीवार इस गुलाम की सरकार ने कोर्ट में हलफनामा देकर मर्यादा पुर्षोत्तम भगवान श्रीराम के अस्तिव को नकारने का पाप किया।


2)निर्दोष साध्वी व सैनिक को जेल में बन्द कर हिन्दू आतंकवाद की काल्पनिक अबधारणा को जन्म देने की कोशिश की। इस पर आगे बढ़कर इस गुलाम की सरकार ने आज दर्जनों हिन्दू नौजवानों को झूठे आरोप लगाकर जेलों में वन्द करने का अभियान चलाया हुआ है।


3)इस गुलाम ने भारतीय सेना में सांप्रदायिक आधार पर गिनती करवाने की शर्मनाक कोशिस कर सेना को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने का षडयन्त्र किया।


4) माननीय न्यायालय द्वारा सुनवाई गई मुसलिम आतंकवादी अफजल की फांसी को लगातार चार वर्ष तक रोककर गद्दारी का एक न्या आयाम स्थापित किया।


5)आतंकवाद विरोधी कानून पोटा हटाकर चार वर्षों तक न्या कानून न बनाकर मुसलिम आतंकवादियों को खुली छूट देकर अपनी देशविरोधी-हिन्दूविरोधी सोच का एक बहुत बड़ा प्रमाण दिया।


6)आतंकवादियों को मार-गिराने वाले सुरक्षावलों के जवानों को जेलों में डालकर इस गुलाम की सरकार ने अपनी गुलाम मानसिकता को उजागर किया।हद तो तब हो गई जब सेना की एक पूरी बटालियन पर ही केश दर्ज कर दिया गया।


ऐसे दर्जनों काम हैं जो एडवीज एंटोनिया अलवीना माईनो उर्फ सोनिया गांधी के गुलाम प्रधानमन्त्री ने अपनी इस आका के इसारे पर अन्जाम दिए।


हां देश के साथ सबसे बढ़ी गद्दारी व एंटोनिया के प्रति बफादरी का प्रमाण इस गुलाम ने तब दिया जब इसने इस इटालियन अंग्रेज एडवीज एंटोनिया अलवीना माईनो उर्फ सोनिया गांधी के इटालियन मित्र क्वात्रोची के लन्दन में जब्त धन को छुड़वाकर उसके उपर भारत में चल रहे सब मुकद्दमे समाप्त करवा दिए।


देश से इन सब गद्दारियों व एंटोनिया के प्रति इन सब बफादारियों का सिला मनमोहन सिंह को एंटोनिया द्वारा मनमोहन सरकार को महाभ्रष्ट व कमजोर बताकर दिया गया।


एंटनिया ने कहा कि वेशक आर्थिक प्रगति हुई है लेकिन सराकर भर्ष्टाचार के दल-दल में पूरी तरह डूब चुकी है। इस अंग्रेज ने आगे कहा कि हमें एक ताकतवर सरकार की जरूरत है। मतलब मनमोहन सिंह गुलाम के दिन पूरे हो चुके हैं।


अभी ताजा मामला है DMK को लिखित ग्रांटी देकर भर्ष्टाचार की खुली छूट देने का ।क्योंकि DMk के साथ सबन्ध एक राजनीतिक फैसला है व आज तक 100% राजनैतिक फैसले एंटोनिया ने ही किए हैं । तो जनता समझ रही है कि गारंटी मनमोहन ने एंटोनिया के आदेश पर ही दी है । मतलब इस 1,76,000 करोड़ के घोटाले में एंटोनिया का ही हाथ है।


जनता को इस सच्चाई से दूर रखने के लिए ही इस अंग्रेज ने मनमोहन सिंह पर हमलावोल कर खुद को पाक-साफ करार देने की असफल कोशिस की है। आपको याद होगा कि CWG घोटाने में भी हजारों करोड़ रूपए जारी करने के लिए भी PMO का ही नाम समाने आया था।


मनमोहन वेशक गुलाम है,कमजोर है लालची है पर चोर तो नहीं है। बैसे भी जो प्रधानमन्त्री एक चपड़ासी तक खुद नहीं रख सकता वो भला तने बड़े फैसले कैसे कर सकता है?


मतलब CWG घोटाला भी PMO के माध्यम से ऐंटोनिया ने ही अन्जाम दिया। मुम्बई के आदर्श सोसायटी घोटाले में इसी अंग्रेज के बेटे के चहेते मुख्यमन्त्री का नाम सामने आया वही मुख्यमन्त्री जिसे इस अंग्रेज ने अपनी रैली के लिए 200 करोड़ रूपए देने को मजबूर किया। अनाज के बदले तेल कार्यक्रम में भी घोटाले के लिए चिट्टठी इसी अंग्रेज ने नटवर सिंह के पास दी थी।


अब चोरों और गद्दारों की सरदार एडवीज एंटोनिया अलवीना माईनो उर्फ सोनिया गांधी मनमोहन पर हमला कर ये जता रही है कि इन सब घोटालों में इसका अपना कोई हाथ नहीं। बैसे इस अंग्रेज को याद रखना चाहिए कि वेशक हिन्दू थोड़े समय के लिए भावुक होकर मूर्ख बन जायें लेकिन आगे चलकर वो अच्छी तरह समझ जाते हैं कि उनका असली शत्रु कौन है और जब वो शत्रु को पहचान लेते हैं तो उसका नमोनिशान मिटाकर ही दम लेते हैं। हमारे विचार में ऐटोनिया को मनमोहन पर हमला करने के बजाए खुद इटली जाकर छुपने की तैयारी कर लेनी चाहिए ।