धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों द्वारा रचे जा रहे हिन्दूविरोधी-देशविरोधी षडयन्त्रों को उजागर करने की कोशिश। हमारा मानना है कि भारत में कानून सांप्रदाय,जाति,भाषा,क्षेत्र,लिंग अधारित न बनाकर भारतीयों के लिए बनाए जाने चाहिए । अब वक्त आ गया है कि हिन्दूमिटाओ-हिन्दूभगाओ अभियान चलाने वाले भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों को उनके समर्थकों सहित खत्म करने के लिए सब देशभक्तों द्वारा एकजुट होकर निर्णायक अभियान चलाया जाए।
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शुक्रवार, 3 दिसंबर 2010
सोनिया गांधी पी जे थोमस पर इतनी मेहरवान कर्यों?
एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी बौद्धिक गुलामों द्वारा बनाई गई एक ऐसी पहेली है जिसे हम अच्छी तरह सुलझा चुके हैं कोई कसर वाकी न रह जाए इसलिए कोई भी प्रमाण मिलने पर हम आपके सामने रखते हैं। अभी मामला है CVC की नियुक्ति से सबन्धित पहेली पर । पी जे थोमस के साथ प्रतिसपर्धा में ग्रामीण विकास सचिब राचन्द्रन व एक अन्य हिन्दू अधिकारी थे इन दोनों अधिकारियों की खासियत यह थी कि इन दोनों पर ही किसी भी घाटाले में सामिल होने का कोई आरोप नहीं था लेकिन दोनों की सबसे बड़ी कमजोरी थी इन दोनों का हिन्दू होना।चर्च ने एंटोनिया को भारत में ईसाई हितों वो भी विदेशी इसाईयों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए ही भारत में पलांट किया है लेकिन नटवर सिंह जी ने तेल के बदले अनाज घोटाले में जुवान क्या खोली एंटोनिया का भारत के हिन्दूओं पर से विस्वास ही उठ गया है।
आपको याद होगा कि किस तरह तेल के बदले अनाज घाटाले के सामने आने पर नटबर सिंह जी ने ये बताकर सबको हिलाकर रखा दिया था कि इस घोटाले की शूत्रधार तो एंटोनिया है क्यों एंटोनिया ने ही इराक के राष्ट्रपति सदाम हुसैन को पत्र भेजा था जो कि इस घोटाले की शुरूआत थी। इस दिन से एंटोनिया ने मानो कसम उठा ली हो हिन्दूओं को चुन-चुन कर मालदार पदों से हटाकर उन पदों पर अपने सांप्रदाय से सबन्धित इसाईयों को विठाने की।
पी जे थोमस की सबसे बढ़ी खासियत थी उसका ईसाई होना । अन्यथा मनमोहन सिंह जैसा वयक्ति और चाहे कुछ भी करता लेकिन भ्रष्टाचारियों पर नजर रखने वाला भ्रष्टाचारी न चुनता।
आप सभी जानते हैं कि पी जे थोमस की सबसे बढ़ी पहचान है उसके द्वारा अन्जाम दिया गया केरल में पामोलिव तेल आयात घोटाला जिसमें अभी तक पी जे थोमस को आरोपमुक्त नहीं किया गया है । इसके अतिरिक्त 2G spectrum घोटाले में भी पी जे थोमस का नाम आ रहा है। इसी को लेकर माननीय सर्वोचन्यायावल ने भी कड़ी टिप्पणियां की हैं।
ऐसा नहीं कि इस ओर सरकार का ध्यान नहीं गया क्योंकि विपक्ष ने इसी आधार पर पी जे थोमस का विरोध किया था।लेकिन एंटोनिया की गुलाम मनमोहन सरकार क्या करती क्योंकि इस सरकार की आका चोरों व गद्दारों की सरदार एंटोनिया ही एक भ्रष्ट ईसाई को ही इस पद पर देखना चाहती थी।
आपको याद होगा कि किस तरह एंटोनिया ने हिन्दू प्रणव मुखरजी को हटाकर ईसाई एन्टनी को रक्षा मन्त्री बनाया ।तब से लेकर आज तक UPA सरकार लगातार सेना के साथ युद्ध रत है ।
आप सब जानते हैं किस तरह ये UPA सरकार जम्मू कशमीर में आतंकवादियों का साथ देकर सैनिकों का मनोबल तोड़ने की कोशिस कर रही है।
हिन्दू को हटाकर एक ईसाई को रक्षा मन्त्री बनाने के पीछे एंटोनिया का एकमात्र मकसद है रक्षा सौदों में मिलने वाले अरबों-खरबों डालर के कमीशन को डकार जाना ।
एंटोनिया को लगता है कि क्योंकि एंटनी अपने सांम्प्रदाए का है इसलिए एंटोनिया के घोटालों के वारे में वो किसी को नहीं बतायेंगे लेकिन एंटोनिया को याद रखना चाहिए कि एंटनी के अन्दर भी भगवान राम का ही खून बह रहा है कभी न कभी तो अपने रंग में आएगा ही।
आज अगर आप कांग्रेस व UPA सरकार के प्रमुख पदों पर नजर दौड़ायें तो आपको हर जगह गैर हिन्दूओं का बरचसव साफ नजर आएगा वो भी देश में 80% से अधिक हिन्दू जनसंखया होने के बाबजूद।
एंटोनिया आज पूरे जोर से हिन्दू हटाओ अभियान को आगे बड़ा रही है जो आगे चलकर एंटोनिया के खानदान के अन्त का प्रमुख कारण बनेगा।
रविवार, 14 नवंबर 2010
अलकायदा के मददगारों को आप आतंकवादी नहीं तो और क्या कहेंगे?
आप देख रहे हैं कि किस तरह एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो की गुलाम UPA सरकार एक के वाद एक ऐसे कदम उठाती जा रही है जिनसे इस बात में कोई सन्देह नहीं रह जाता कि ये सरकार हिन्दूरोधी-देशविरोधी आतंकवादियों की सरकार है।
आप देख रहे हैं कि वर्षों से ये कांग्रेसी दाऊद इबरहाहीम जैसे मुसलिम आतंकवादियों की मदद कर न्हें कानून से बचा रही है ।
इतनी ही नहीं यही धर्मनिर्पेक्ष गिरोह कशमीरघाटी को भारत से अलग करने के लिए लगातार षडयन्त्र करने वाले वाले जिलानी,गिलानी व यासीन मलिक जैसे मुसलिम आतंकवादियों की भी मदद करता चला आ रहा है।
अब तो इस धर्मनिरपेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने सारी हदें लांघते हुए अलकायदा जैसे आतंकवादी गिरोह की भी मदद करना शुरू कर दी ।
उम्मीद है कि इस समाचार को पढ़ने के बाद आप भी यही कहेंगे कि य़े सेकुलर गिरोह की UPA सरकार आतंकवादियों की सरकार है । इस सरकार के कर्ताधर्ता राजनितिज्ञ नहीं वल्कि कातिल आतंकवादी कहलाने लायक हैं। इन आतंकवादियों का समूलनाश भारत को बचाने के लिए जरूरी है।
रविवार, 26 सितंबर 2010
भारतविरोधी UPA सरकार की गद्दार मुसलमानों को भारतीय सेना पर हमले करने की खुली छूट!
UPA के नेतृत्व में हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह लगातार भारतविरोधा आतंकवादियों का साथ दे रहा है । आप सब जानते हैं कि खुद सरकार कह चुकी है कि सैनिकों पर पत्थरों से हमाला करने वाले मुसलमान पाकिसतान समर्थक आतंकवादी हैं जो जिहादी आतंकवादी गिरोह लशकरे तैयवा के इसारे पर सैनिकों पर हमला वोल रहे हैं।
http://samrastamunch.blogspot.com/2010/07/blog-post_09.html
अब इस हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने घोषणा की है कि मसजिदों व मदरसों में योजना बनाकर सैनिकों पर हमला करने वाले प्रत्येक पत्थरवाज के परिवार को 5 लाख रूपए दिए जायेंगे ताकि इन पत्थरबाजों के परिवारों का भारतीय सेना पर हमला करने का हौसला बना रहे ।साथ ही जिन मुसलमानों ने अभी तक भारतीय सैनिकों पर पत्थरवाजी नहीं की थी उन्हें भी प्रेरणा लेकर ये 5 पांच लाख प्राप्त करने के लिए अपने बच्चों को पाठशाला भेजने के बजाए सैनिकों पर हमले करने में लगा देना चाहिए।( ध्यान रहे कि ये वही सरकार है जिने 2004 में सता में आते ही अर्धसैनिक बलों के जवानों के देश की रक्षा की खातिर शहीद हो जाने पर मिलने वाली सहायता यह कहकर कम कर दी कि सरकार के पास पैसा नहीं मतलब देशभक्तों के लिए पैसा कम है पर गद्दारों के लिए कोई कमी नहीं)
इन पत्थरबाज गद्दार मुसलमानों पर मेहरवान होते हुए हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने कहा कि जो पत्थरबाज देशभक्त सैनिकों का कत्ल करने की कोशिश में पकड़कर जेलों में डाले जा चुके हैं उन्हें भी रिहा कर दिया जाएगा ताकि पत्तवारबाजों की संख्या कम न हो सके।
हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने इससे भी आगे जाते हुए मुसलमानों द्वारा सैनिकों पर किए गए हमलों व श्रीनगर में फहराए गए पाकिस्तानी झंडे जैसी हरकतों से खुश होकर इन गद्दारों को 10000000( 100 करोंड़) का इनाम देने की घोषणा की।
ये मुसलिम आतंकवादी कशमीर में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें ताकि इन्हें भारत से अलग होकर पाकिस्तान के साथ मिलने में आसानी रहे इसके लिए हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने भारतीय सैनिकों को आतंकवादियों द्वारा बताए गए स्थानों से हटाने की भी घोषणा की।
सरकार ने बायदा किया कि सैनिकों द्वारा आत्मरक्षा व देश की रक्षा के लिए प्रयोग किए ज रहे AFSPA को भी शीघ्र हटा दिया जाएगा।
ध्यान रहे कि 11 जून से शुरू हुए इन गद्दार मुसलमानों के हमलों में सैंकड़ों सैनिक घायल हो चुके हैं व दर्जनों सैनिक शहीद हो चुके हैं।
हमें यह भी ध्यान रकना चाहिए कि 11 जून को मुसलमानों के हमले शुरू होने का कारण यह था कि हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने जिहादी आतंकवाद समर्थक उमर अबदुल्ला के कहने पर कशमीर से हजारों सैनिकों को उन स्थानों से हटा लिया था जहां पर आतंकवादियों को खदेड़कर भारत का नियन्त्रण स्थापित करने के लिए सैंकड़ों सैनिकों ने अपनी कुर्वानी दी थी। पर इस हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने आतंकवादियों को फायदा पहंचाने के लिए शांति स्थापित करने के नाम पर वहां से हजारों सैनिकों को हटाकर उन क्षेत्रों को फिर से आतंकवादी मुसलमानों के हबाले कर दिया।
समझो मेरे प्यारे देशभक्त हिन्दूओं वरना वो दिन दूर नहीं जब इस हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार की मदद से सारा भारत एकवार फिर इन मुसलिम आतंकवादीयों के कब्जे में चला जाएगा।
हमें आज यह प्रण करना चाहिए कि अगर कसमीर पर भारत का नियन्त्रण कंम करने की कोशिसें इसी तरह आगे बढ़ेंगी तो हर हाल में हम एक-एक मुसलिम आतंकवादी को चुन-चुन कर तब तक मारेंगे जब तक सारा भारत ,भारतविरोधी आतंकवादियों से मुक्त न हीं हो जाता।
http://samrastamunch.blogspot.com/2010/07/blog-post_12.html
http://samrastamunch.blogspot.com/2010/07/blog-post_09.html
अब इस हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने घोषणा की है कि मसजिदों व मदरसों में योजना बनाकर सैनिकों पर हमला करने वाले प्रत्येक पत्थरवाज के परिवार को 5 लाख रूपए दिए जायेंगे ताकि इन पत्थरबाजों के परिवारों का भारतीय सेना पर हमला करने का हौसला बना रहे ।साथ ही जिन मुसलमानों ने अभी तक भारतीय सैनिकों पर पत्थरवाजी नहीं की थी उन्हें भी प्रेरणा लेकर ये 5 पांच लाख प्राप्त करने के लिए अपने बच्चों को पाठशाला भेजने के बजाए सैनिकों पर हमले करने में लगा देना चाहिए।( ध्यान रहे कि ये वही सरकार है जिने 2004 में सता में आते ही अर्धसैनिक बलों के जवानों के देश की रक्षा की खातिर शहीद हो जाने पर मिलने वाली सहायता यह कहकर कम कर दी कि सरकार के पास पैसा नहीं मतलब देशभक्तों के लिए पैसा कम है पर गद्दारों के लिए कोई कमी नहीं)
इन पत्थरबाज गद्दार मुसलमानों पर मेहरवान होते हुए हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने कहा कि जो पत्थरबाज देशभक्त सैनिकों का कत्ल करने की कोशिश में पकड़कर जेलों में डाले जा चुके हैं उन्हें भी रिहा कर दिया जाएगा ताकि पत्तवारबाजों की संख्या कम न हो सके।
हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने इससे भी आगे जाते हुए मुसलमानों द्वारा सैनिकों पर किए गए हमलों व श्रीनगर में फहराए गए पाकिस्तानी झंडे जैसी हरकतों से खुश होकर इन गद्दारों को 10000000( 100 करोंड़) का इनाम देने की घोषणा की।
ये मुसलिम आतंकवादी कशमीर में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें ताकि इन्हें भारत से अलग होकर पाकिस्तान के साथ मिलने में आसानी रहे इसके लिए हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने भारतीय सैनिकों को आतंकवादियों द्वारा बताए गए स्थानों से हटाने की भी घोषणा की।
सरकार ने बायदा किया कि सैनिकों द्वारा आत्मरक्षा व देश की रक्षा के लिए प्रयोग किए ज रहे AFSPA को भी शीघ्र हटा दिया जाएगा।
ध्यान रहे कि 11 जून से शुरू हुए इन गद्दार मुसलमानों के हमलों में सैंकड़ों सैनिक घायल हो चुके हैं व दर्जनों सैनिक शहीद हो चुके हैं।
हमें यह भी ध्यान रकना चाहिए कि 11 जून को मुसलमानों के हमले शुरू होने का कारण यह था कि हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने जिहादी आतंकवाद समर्थक उमर अबदुल्ला के कहने पर कशमीर से हजारों सैनिकों को उन स्थानों से हटा लिया था जहां पर आतंकवादियों को खदेड़कर भारत का नियन्त्रण स्थापित करने के लिए सैंकड़ों सैनिकों ने अपनी कुर्वानी दी थी। पर इस हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार ने आतंकवादियों को फायदा पहंचाने के लिए शांति स्थापित करने के नाम पर वहां से हजारों सैनिकों को हटाकर उन क्षेत्रों को फिर से आतंकवादी मुसलमानों के हबाले कर दिया।
समझो मेरे प्यारे देशभक्त हिन्दूओं वरना वो दिन दूर नहीं जब इस हिन्दूविरोधी-देशविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की UPA सरकार की मदद से सारा भारत एकवार फिर इन मुसलिम आतंकवादीयों के कब्जे में चला जाएगा।
हमें आज यह प्रण करना चाहिए कि अगर कसमीर पर भारत का नियन्त्रण कंम करने की कोशिसें इसी तरह आगे बढ़ेंगी तो हर हाल में हम एक-एक मुसलिम आतंकवादी को चुन-चुन कर तब तक मारेंगे जब तक सारा भारत ,भारतविरोधी आतंकवादियों से मुक्त न हीं हो जाता।
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शुक्रवार, 17 सितंबर 2010
21 सितम्बर को गद्दार मुसलमानों द्वारा सेना के कैंप्पों पर हमला करने की खुली चुनौती!
धर्मनिर्पेक्ष गिरोह द्वारा संचालित भारत-विरोधी UPA सरकार की मुसलिम आतंकवाद समर्थक नितीयों के परिणामस्वारूप आज मुसलमान आतंकवादियों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब वो सेना को खुली चुनौती देने लगे हैं।
ऐसा नहीं कि मुसलिम आतंकवादियों के पास सेना को चुनौती देने की ताकत आ गई है लेकिन कहाबत है कि जब संइया भय सरदार तो डर काहे का। आतंकवादी अच्छी तरह जानते हैं कि UPA की केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों के कर्ता धर्ता खुद गद्दार हैं तो भला वो फिर क्यों गद्दारों के विरूद्ध कोई कड़ी कार्यवाही सेना को करने देंगे।
http://samrastamunch.blogspot.com/2010/07/blog-post_09.html
आप सब इस बात से परिचित हैं कि किस तरह 25 जून को दो मुसलिम आतंकवादियों का खात्मा कर रहे बहादुर सैनिकों पर मुसलिम आतंकवादियों ने जानलेवा हमला कर सेना के वाहन को आग के हवाले कर दिया।
गद्दार उमर अबदुल्ला ने मुसलिम आतंकवादियों को इस तरह के हमलों से वाज आने की चेतावनी देने के बजाए आतंकवादियों का पक्ष लेना शुरू कर दिया। इनकी गद्दारी की हद तो तब पार हो गई जब भारतविरोधी केन्द्र सरकार व राज्य सरकार ने मिलकर सेना की एक पूरी बटालियन पर मुकद्दामा दर्ज कर आतंकवादियों का हौंसला बढ़ाने की एक अप्रत्यासित कार्यवाही को अंजाम दिया। मानो अपनी गद्दारी को साबित करने के लिए इतना काफी न हो इसीलिए अपने कमीनेपन का परिचय देते हुए उमर अबदुल्ला ने आतंकवादियों के हमलों में भारी जानमाल का नुकसान उठाने के बाबजूद अपना धैर्य न खोने वाली सेना पर वेलगाम होने का निराधार आरोप जड़ दिया http://samrastamunch.blogspot.com/2010/07/blog-post.html
वो भी सिर्फ इसलिए ताकि मुसलिम आकतंकवादीयों को पूरा भरोसा हो जाए कि UPA की भारतविरोधी केन्द्र सरकार व राज्य सरकार हर हाल में अलगाववादी मुसलमानों के साथ है।
आज कशमीरघाटी ही भारत में एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां मुसलमानों की आबादी हिन्दूओं से ज्यादा है । परिणाम सबके सामने हैं हिन्दूओं को कत्ल कर उन्हें घरों से उजाड़ दिया वो भी मुसलिम आतंकवादियों के सहयोगी सेकुलर गिरोह की सहायाता से। आज जरूरत है हिन्दूओं को कशमीरघाटी की घटानओं से सबक लेकर देशभर में मुसलिम आतंकवादियों के हमलों से खुद को सुरक्षित रखने के उपाय खोजने की।
हमारे विचार में हिन्दूओं को सबसे पहले अभिनव भारत जैसे हिन्दूएकता व रक्षा को समर्पित संगठनों के साथ मजबूती से खड़ा होकर उनके हाथ मजबूत कर खुद भी आत्मरक्षा की ट्रेनिंग लेकर अपनी व अपने वतन की रक्षा की खातिर किसी भी हमले का समाना करने के लिए तैयार रहने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर आतंकवादी मुसलमानों की पहचानकर उनका खात्मा सुनिश्चित करना।
आज जो आतंकवादी मुसलमान खुलेआम सेना पर हमलों की चुनौति दे रहे हैं ऐसा नहीं कि इससे पहले ये मुसलिम आतंकवादी सैनिकों पर हमले नहीं कर रहे थे ।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज भी भारत में हर रोज औसतन 11 सौनिकों का कत्ल भारतविरोधी आतंकवादियों द्वारा किया जाता है। इसमें से 9 सैनिक मुसलिम आतंकवादियों के हमलों में शहीद होते हैं। मुसलिम आतंकवादजियों के होथों कत्ल हो चुके हिन्दूओं की संख्या लाखों में पहुंच चुकी है। अब जरूरत है राक्षस को उसी की भाषा में करारा जबाब देने की।
जागो हिन्दूओं और तैयार हो जाओ सैनिकों पर हमला करने वालों पर हमला करने के लिए। सैनिकों पर हमला करनेवालों का कत्ल देशभक्ति है। क्योंकि देश के नागरिक का ये फर्ज है कि जरूरत पड़ने पर अपनी रक्षा को समर्पित पर हमला होने के सथिति में हमलावर का नमोनिशान मिटाकर देश धर्म का पालन कर अपनी आने वाली पिढ़ियों के लिए मिशाल कायम करना।
हम देश के सैनिकों से सिर्फ यही कहेंगे कि दुशमन द्वारा अपने कैंप्पों पर आंख उठाने से पहले ही दुशमन का कत्ल कर उसे गद्दारी का अनजाम दिखा दिया जाए।हम बेसवरी से 21 सितम्बर का इन्तजार करेंगे जिस दिन आतंकवदी मुसलमानों की हार व हमारे देसभक्त सैनिकों की जीत सुनिशचित है।
अन्त में हम सैनिकों से यही कहेंगे के आज देश का हर देशभक्त नागरिक आपसे सिर्फ यही उम्मीद करता है कि दुशमनों की पैरवी करने वाले हर गद्दार को आप चौराहे पर खड़ा कर गोली से उड़ा दें फिर ये पैरवी करने वाला चाहे नेता हो या मानवाधिकारवादी या फिर कोई नौकरशाह।
ऐसा नहीं कि मुसलिम आतंकवादियों के पास सेना को चुनौती देने की ताकत आ गई है लेकिन कहाबत है कि जब संइया भय सरदार तो डर काहे का। आतंकवादी अच्छी तरह जानते हैं कि UPA की केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों के कर्ता धर्ता खुद गद्दार हैं तो भला वो फिर क्यों गद्दारों के विरूद्ध कोई कड़ी कार्यवाही सेना को करने देंगे।
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आप सब इस बात से परिचित हैं कि किस तरह 25 जून को दो मुसलिम आतंकवादियों का खात्मा कर रहे बहादुर सैनिकों पर मुसलिम आतंकवादियों ने जानलेवा हमला कर सेना के वाहन को आग के हवाले कर दिया।
गद्दार उमर अबदुल्ला ने मुसलिम आतंकवादियों को इस तरह के हमलों से वाज आने की चेतावनी देने के बजाए आतंकवादियों का पक्ष लेना शुरू कर दिया। इनकी गद्दारी की हद तो तब पार हो गई जब भारतविरोधी केन्द्र सरकार व राज्य सरकार ने मिलकर सेना की एक पूरी बटालियन पर मुकद्दामा दर्ज कर आतंकवादियों का हौंसला बढ़ाने की एक अप्रत्यासित कार्यवाही को अंजाम दिया। मानो अपनी गद्दारी को साबित करने के लिए इतना काफी न हो इसीलिए अपने कमीनेपन का परिचय देते हुए उमर अबदुल्ला ने आतंकवादियों के हमलों में भारी जानमाल का नुकसान उठाने के बाबजूद अपना धैर्य न खोने वाली सेना पर वेलगाम होने का निराधार आरोप जड़ दिया http://samrastamunch.blogspot.com/2010/07/blog-post.html
वो भी सिर्फ इसलिए ताकि मुसलिम आकतंकवादीयों को पूरा भरोसा हो जाए कि UPA की भारतविरोधी केन्द्र सरकार व राज्य सरकार हर हाल में अलगाववादी मुसलमानों के साथ है।
आज कशमीरघाटी ही भारत में एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां मुसलमानों की आबादी हिन्दूओं से ज्यादा है । परिणाम सबके सामने हैं हिन्दूओं को कत्ल कर उन्हें घरों से उजाड़ दिया वो भी मुसलिम आतंकवादियों के सहयोगी सेकुलर गिरोह की सहायाता से। आज जरूरत है हिन्दूओं को कशमीरघाटी की घटानओं से सबक लेकर देशभर में मुसलिम आतंकवादियों के हमलों से खुद को सुरक्षित रखने के उपाय खोजने की।
हमारे विचार में हिन्दूओं को सबसे पहले अभिनव भारत जैसे हिन्दूएकता व रक्षा को समर्पित संगठनों के साथ मजबूती से खड़ा होकर उनके हाथ मजबूत कर खुद भी आत्मरक्षा की ट्रेनिंग लेकर अपनी व अपने वतन की रक्षा की खातिर किसी भी हमले का समाना करने के लिए तैयार रहने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर आतंकवादी मुसलमानों की पहचानकर उनका खात्मा सुनिश्चित करना।
आज जो आतंकवादी मुसलमान खुलेआम सेना पर हमलों की चुनौति दे रहे हैं ऐसा नहीं कि इससे पहले ये मुसलिम आतंकवादी सैनिकों पर हमले नहीं कर रहे थे ।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज भी भारत में हर रोज औसतन 11 सौनिकों का कत्ल भारतविरोधी आतंकवादियों द्वारा किया जाता है। इसमें से 9 सैनिक मुसलिम आतंकवादियों के हमलों में शहीद होते हैं। मुसलिम आतंकवादजियों के होथों कत्ल हो चुके हिन्दूओं की संख्या लाखों में पहुंच चुकी है। अब जरूरत है राक्षस को उसी की भाषा में करारा जबाब देने की।
जागो हिन्दूओं और तैयार हो जाओ सैनिकों पर हमला करने वालों पर हमला करने के लिए। सैनिकों पर हमला करनेवालों का कत्ल देशभक्ति है। क्योंकि देश के नागरिक का ये फर्ज है कि जरूरत पड़ने पर अपनी रक्षा को समर्पित पर हमला होने के सथिति में हमलावर का नमोनिशान मिटाकर देश धर्म का पालन कर अपनी आने वाली पिढ़ियों के लिए मिशाल कायम करना।
हम देश के सैनिकों से सिर्फ यही कहेंगे कि दुशमन द्वारा अपने कैंप्पों पर आंख उठाने से पहले ही दुशमन का कत्ल कर उसे गद्दारी का अनजाम दिखा दिया जाए।हम बेसवरी से 21 सितम्बर का इन्तजार करेंगे जिस दिन आतंकवदी मुसलमानों की हार व हमारे देसभक्त सैनिकों की जीत सुनिशचित है।
अन्त में हम सैनिकों से यही कहेंगे के आज देश का हर देशभक्त नागरिक आपसे सिर्फ यही उम्मीद करता है कि दुशमनों की पैरवी करने वाले हर गद्दार को आप चौराहे पर खड़ा कर गोली से उड़ा दें फिर ये पैरवी करने वाला चाहे नेता हो या मानवाधिकारवादी या फिर कोई नौकरशाह।
रविवार, 12 सितंबर 2010
सलमान खान(Salman Khan) ने क्या गलत कहा?
सलमानखान( सल्लु-मियां) ने मुंमबई हमलों पर जुबान क्या खोली सारे मिडीया व भारत के मुसलिम आतंकवादियों की काली करतूतों को छुपाने वाले नेताओं ने आसमान सिर पर उठा लिया। आओ समझें जरा कि सलमानखान ने क्या कहा?
1. मुंमबई पर मुसलिम आतंकवादियों के हमले में अमीर लोग मारे गए इसलिए इतनी हाय तौवा मचाई जा रही है---बरना मुसलिम आतंकवादियों ने और भी बहुत से हमले किए हैं लेकिन क्योंकि उन हमलों में गरीब हिन्दू मारे गए इसलिए किसी ने भी आतंकवादियों के हमलों के सामने खड़े होने की जरूररत नहीं समझी।
हमारे विचार में सलामान खान की यह बात 100% सही है क्योंकि हम सब जानते हैं कि कशमीरघाटी में मारे जाने वाले 60000 हिन्दू व उजाड़े जाने वाले 500000 हिन्दू उतने अमीर व रसूकदार नहीं थे जितने कि पांच सितारा होटलों में रहने वाले हैं( हमारे विचार में अमीर लोगों पर हमला भी उतना ही जघन्य अपराध है जितना गरीब लोगों पर लेकिन गरीब हिन्दूओं की मौत पर चुपी सताने व रूलाने वाली है)। वरना क्या कारण है कि सैंकड़ों लोगों के कत्ल पर हाय तौवा मचाने वाले लाखों हिन्दूओं के कत्ल पर आज भी खामोशी धारण किए हुए हैं?
मिडीया तर्क दे रहा है कि हमला छत्रपतिशिवाजी रेलवे सटेसन पर भी हुआ है और वहां मारे जाने वाले गरीब थे ।इसमें कोई शक नहीं कि वहां मारे जाने वाले गरीब थे पर हाय तौवा उनके लिए नहीं मचाई जा रही वरना इससे पहले भी मुमबई की लोकल ट्रेनों पर मुसलिम आतंकवादियों के हमलों में हजारों लोग मारे जा चुके हैं तब क्यों ये नेता व मिडीया इस हद तक नहीं भड़का ?
2. सलमानखान ने दूसरी बात यह कही कि हमला पाकिस्तानियों ने नहीं वल्कि भारत के मुसलमानों ने किया है।
कौन नहीं जानता कि कशमीर घाटी से लेकर आसाम तक हिन्दूओं पर होने वाले हमलों में भारत के मुसलमान सामिल हैं न कि सिर्फ पाकिस्तान व वंगलादेश के।
कितने वार केरल व देश के अन्य हिस्सों के मुसलमान कशमीरघाटी में आतंकवादी कार्यवाहियों में सामिल होने व देश के अन्य हिस्सों में बम बिस्फोट करने के कारण सुरक्षाबलों की पकड़ में आ चुके हैं जिन में से कई मुकदमों में आरोप सिद्ध हो चुके हैं।
हमारा मानना है कि वेशक मुंमबई पर हमले के लिए पाकिस्तान से सहयोग मिला हो लेकिन ये हमला विना स्थानीय मुसलमानों के सहयोग से सम्भव नहीं था। भारत के मुलमानों के ही सहयोग से पाकिस्तानी मुसलमान भारत पर हमला करने में कामयाब रहे।
वेशक मुसलिम आतंकवाद समर्थक सरकार ने हमले में सामिल भारतीय मुसलमानों को बचाने की लाख कोशिश की फिर भी सबाऊद्दीन व उसके सहयोगी पर माननीय अदालत ने केस चलाने की बात कही है।
जो कि यह साबित करती है कि मुंम्बई हमले में पाकिस्तानी मुसलमानों के साथ-साथ भारत के मुसलमान भी सामिल थे।
3. तीसरी बात सलमानखान ने यह कही कि पाकिस्तान सरकार इन हमलों के लिए दोषी नहीं है ।
हम कहते हैं कि भारत विरोधी कांग्रेस सरकार पाकिस्तान की सरकार से ज्यादा दोषी है । क्योंकि मुसलिम आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए कांग्रेस सरकार ने पोटा हटाने से लेकर अफजल की फांसी रोकने तक के कई कदम उठाय हैं।
क्या मुसलिम आतंकवादी अफजल की फांसी पाकिस्तान सरकार ने रोकी है
4) सलमानखान ने चौथी बात यह कही कि भारत की सुरक्षा बयबस्था असफल हुई इसीलिए मुसलिम आतंकवादी हमला करने में सफल हुए।
इसमें तो कोई शक नहीं कि हमारी सुरक्षा बयबस्था असफल रही । प्रश्न सिर्फ यह है कि 6 महीने तक भारत व पाकिस्तान के मुसलिम आतंकवादी मुमबई पर हमले की योजना बनाते रहे तो महारष्ट्र व केन्द्र की सरकार को क्यों पता नहीं चला?
ये सराकरें क्या कर रही थी?
देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि पिछले एक वर्ष से केन्द्र व महाराष्ट्र की सरकारें मुसलिम आतंकवादियों को बचाने की खातिर हिन्दूओं को आतंकवादी सिद्ध करने के लिए जोर लगाई हुई थीं । जिसके लिए पुलिस अधिकारियों व खुफिया एजेंसियो का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा था। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर व कर्नल पुरोहित जी की गिफ्तारी हिन्दूओं को आतंकवादी सिद्ध करने के षडयन्त्र का ही हिस्सा तो थी।अब आप खुद सोचो कि जब देश की सरकार अपने ही सैनिकों व सन्तों के विरूद्ध षडयन्त्र कतरने में बयस्त हो तो ऐसे में शत्रु भला हमला क्यों नहीं करेगा ?
5) पांचवी बात यह है कि मुंबई हमले पर हाय-तौवा मचाने का असली कारण यही है कि अब रहीसजादों को मुसलिम आतंकवाद की आग अपने गिरेवान तक पहुंचती हुई महसूस हो रही है।
इसके अतिरिक्त हाय-तौवा मचाने का सबसे बढ़ा कारण यह भी है कि इन हमलों में गरीब हिन्दूओं के साथ-साथ मुसलिम और इसाई भी मारे गए।जबकि इससे पहले होने वाले मुसलिम आतंकवादियों के हमलों में मारे जाने वाले वेचारे गरीब हिन्दू थे।
अन्त में हम तो यही कहेंगे कि सलमानखान का ब्यान एक कड़वी सच्चाई हम सबके साने रखता है जिसे हम सबको समझने व समझकर सही दिशा में काम करने की जरूरत है।
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