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मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

हिन्दूओं की दुर्गति का सबसे बड़ा कारण है हिन्दूओं को जय पराजय का बोध न होना

हिन्दूओं की दुर्गति का सबसे बड़ा कारण है हिन्दूओं को जय पराजय का बोध न होना...अभी हमने हिन्दूओं को इतना बड़ा समाचार दिया लेकिन एक भी हिन्दू की नजर इस समाचार पर नहीं पड़ी..ये समाचार है गोआ में ततकाली काँग्रेस सरकार द्वारा चर्च के इसारे पर हिन्दूओं पर बम बिस्फोट का आरोप लगाकर 6 हिन्दूओं को जेल में डालना जिन्हें माननीय अदालत ने निर्दोष करार दिया...इन हिन्दूओं को काँग्रेसियों ने झूठे आरोप लगाकर चार व...र्ष तक यातनायें दी लेकिन आज जब ये नौजवान निर्दोश साबित हुए तो हिन्दूओं के पास इनके द्वारा झेले गए दुख-दर्द को साँझा करने व इनकी आजादी की खुशी में सामिल होने का वक्त नहीं यही हैं विदेशी सोच के गुलाम हिन्दू जिनके पास विदेशी नव वर्ष की शुभकामनायें देने के लिए तो वक्त है लेकिन हिन्दूओं को बदनाम करने के लिए हिन्दू आतंकवाद-भगवा आतंकवाद जैसी गाली निकालने वाली काँग्रेस के षडयन्त्र का बिरोध करने के लिए वक्त नहीं.......ये रहा इन हिन्दूओं के निर्दोष साबित होने का समाचार

Dharma is finally victorious in the battle between Dharma and Adharma ! - Virendra Marathe, Managing Trustee, Sanatan Sanstha

Congress Government has given a free hand to haters of Sanatan Sanstha to defame Sanatan by needlessly entangling our 6 seekers in the 'Madgaon bomb blast' case.
Congress Government had made efforts to finish 'Sanatan Sanstha', a spiritual organisation through various means, with the help of Goa Police. Six seekers of Sanatan Sanstha had to undergo needless persecution for 4 years due to investigation by the Police in a wrong direction, and unfortunately, 4 years in their prime life have been wasted due to their stay in prison.
The Police has not found any participation of Sanatan Sanstha in this case. Even the Hon. Court has not made any comments about the participation of Sanatan Sanstha. This point was never even raised during the court proceeding. Therefore, we feel that innocence of Sanatan Sanstha proved after going through all legal processes is a slap on the cheek of haters of Sanatan Sanstha. Fact behind the saying of Dharma 'Satyamev Jayati' meaning 'Finally the truth remains victorious' as stipulated in scripture 'Mundkopnishad' has at last been proved. Dharma is finally victorious in the war between Dharma and Adharma ! Will the so-called intelligentsia and media bent on defaming Sanatan Sanstha take atonement now that the innocence of Sanatan Sanstha is proved ?......हमें 2009 में तब भी पता था जब इटालियन अंग्रेज के गुलाम काँग्रेसियों ने हिन्दूओं को हिन्दू आतंकवादी -भगवा आतंकवादी कहा था लेकिन हसी झूठ के सहारे ये भारत विरोधी 2009 जीत लिए चिल्लाते रह गए... भरोसा न हो तो इसे पढ़ लो

गोआ में मडगांव के बहाने हिन्दुविरोधी-भारतविरोधी मिडीया ईसाई मिसनरी एंटोनियो की गुलाम सरकार का देशभक्त हिन्दूओं पर एक और हमला


मेरे प्यारे हिन्दूओ आपको जरूर याद होगा कि किस तरह ईसाई मिसनरी एंटोनियो माइनो मारियो के इसारे पर लैफ्टीनैंट कर्नल पुरोहित जैसे देशभक्त सैनिक व साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर जैसे क्रंतिकारियों को झूठे मामलों में फंसाकर उन पर मकोका लगा दिया गया जिसे माननीय मकोका न्यायलय ने वाद में मनघड़ंत(झूठा) पाकर खारिज कर दिया गया ।




आपको यह भी याद होगा कि किस तरह एंटोनियो माइनो मारियो के इसारे पर तत्कालीन कानून मंत्री हंसराजभारद्वाज को एंटोनियो माइनो मारियो के हमबतन-हमराज व पार्टनर क्वात्रोची के लंदन बैंक में जब्त बोफोर्स-दलालीकांड की रकम को छुड़बाने के लिए लंदन भेजा गया और रातों-रात सारी रकम निकलवा ली गई। जब मानीय नयायलय ने उस रकम को जब्त रखने के आदेश दिए तब तक सारा काम निपट चुका था।



आपको यह भी जरूर ध्यान में होगा कि अभी हाल ही में एंटोनियो की गुलाम मनमोहन सरकार ने किस तरह बोफोर्स दलाली कांड में एंटोनियो माइनो मारियो के सह अभियुक्त क्वात्रोची को सब मुकदमों से मुक्त करने की अंतिम सफल कोशिश की । माननीय न्यायलया में कोइ अड़चन न आये इसके लिए एक अभियुक्त के सहयोगी को सरकारी बकील नियुक्त करबा दिया । क्या इससे बढ़ी बेशर्म और गद्दार सरकार आपने कभी देखी है ।



आपको जरूर यह भी याद होगा कि माननीय सर्वोच न्यायालय ने जिहादी आतंकवादी मुहम्मद अफजल को 19 नमम्वर 2006 को फांसी तय की थी जिसे गद्दारों की समर्थक ये हिन्दुविरोधी सरकार आज तक लटकाय हुए है। यह वही सरकार है जिसने हैदराबाद बम्मविस्फोटों के दोसियों को जेल से रिहा कर एक-एक आटोरिक्सा दिया ।



· आज यही हिन्दुविरोधी-भारतविरोधी मुसलिम आतंकवादियों व ईसाई दलालों की समर्थक सरकार सरारती तत्वों द्वारा किए गए बम्मविस्फोटों मे मारे गए निर्दोष शांतिप्रिय देशभक्त धार्मिक संस्था के सदस्यों के परिबारजनों को संतावना देने के बजाए उन मारे गए देशभक्तों के विरद्ध ही आरोप पर आरोप लगाय जा रही है।(for more information visit Hindu Jaguriti Samiti) आपको याद होगा कि यह वही गद्दारों की सरकार है जिसने मुसलिमजिहादी आतंकवादी इसरत जहां के मरने पर मुआबजा दिया था और देशभक्तों के मरने पर देशद्रोह का केश दर्ज कर दिया उस मुसलिम जिहादी आतंकवादी को निर्दोस सिद्ध करने के लिए ये गद्दार आज भी प्रयत्न कर रहे हैं ।



· मुम्बइ में इस गद्दारों की सरकार ने जिन मुसलिम जिहादीयों को बचाने के लिए हिन्दूक्रंतिकारियों पर झूठे आरेप लगाये और इन आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए जिस अधिकारी का दुरूपयोग किया कुदरत का न्याय देखो वो अधिकारी उन्हीं मुसलिम जिहादी आतंकवादियों के हाथों मारा गया ।तब भी इस गद्दार मिडीया व राजनितिक दलों के घर-कुदालों ने उस हमले में हिन्दुओं को फंसाने का भरपूर प्रयास किया।



· कहते हैं जिसका कोई नहीं उसका भगवान होता है आज देशभक्त हिन्दु लगभग लावारिस व अनाथ सा जीबन जीने को मजबूर हैं । इन हालात में हम भगबान से यही प्रर्थना कर सकते हैं कि जिस तरह उसने आज तक धर्म-रक्षकों का साथ दिया है आगे भी अपना आशीर्बाद धर्मरक्षक देशभक्तों पर बनाए रखे ताकि हम इन गद्दारों के षडयन्त्रों को असफल कर अपनी प्यारी भारतमाता को इन गद्दारों से मुक्त करवा सकें। पर गीता में कहा गया है कर्म प्रधान है आओ मेरे प्यारे जागरूक हिन्दुओ खुद सक्रिए हो जाओ व बौद्धिक गुलाम हिन्दुओं को जगाकर इस हिन्दूक्रति का निर्णायक शूत्रपात करो ..... जागो हिन्दू जागो
 

रविवार, 7 अगस्त 2011

जब कांग्रेसी नेता भारतीय संस्कृति के प्राण भगवान राम को ही नहीं मानते तो फिर कट्टर ईसाई के स्वास्थय लाभ के लिए मन्दिरों में पूजा-पाठ-यज्ञ के मायने क्या?

वेशक हिन्दू संस्कृति वोले तो भारतीय संस्कृति का दर्शन इतना विशाल है कि हिन्दूओं वोले तो भारतीयों ने दुनियाभर से भारत में आनेवाले गैर हिन्दूओं को अपने यहां उसी तरह जगह दी जिस तरह मां वच्चों को अपने आंचल में जगह देती है।


ये बात और है कि जैसे-जैसे इन गैर हिन्दूओं की जनसंख्या बढ़ी बैसे-बैसे इनकी दुष्टता सामने आने लगी ।अपनी नीच सोच के चलते ही इन गैर हिन्दूओं ने भारत को कई टुकड़ों में विभाजित करवा दिया।आज बचे-खुचे भारत में भी इन गैर हिन्दूओं ने हर तरफ कोहराम मचा रखा है।

जब से CIA ऐजेंट इटालियन एडवीज एंटोनियाअलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी ने 6-6 भारतीयों का कत्ल करवाकर कांग्रेस पार्टीपर कब्जा कर अपनी गुलाम सरकार भारत में बनवाई है तब से ये
कट्टर ईसाई देशभक्त हिन्दूओं को ठिकाने लगाने का कोई मौका नहीं चूक रही है।


अब ये भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी इसाई Prevention of Communal and Targeted Violence Bill- 2011  के नाम से एक ऐसा कानून बनाबाने की फिराक में है जिससे गैर हिन्दूओं को हिन्दूओं पर हमला करने के बाद कानूनी रूप से सजा मिलना लगभग असम्भव हो जाएगा।

फिर भी ये बौद्धिक गुलाम कॉंग्रेसी मन्दिरों मे जाकर इस भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी के स्वास्थयलाभ के लिए पूजा-अरचना व यज्ञ कर रहे हैं ताकि ये फिर से भारत आकर भारत के मूल निवासी हिन्दूओं को और नुकसान पहूंचा सके।

जब कांग्रेसियों ने भारतीय संसकृति के मूल को ही नकार दिया तो फिर ये सब करने का क्या औचित्य है?

अगर ये सब इस इटालियन अंग्रेज को खुश करने के लिए किया जा रहा है तो कांग्रेसियों को समझना चाहिए कि इस अंग्रेज को भारतीय संसकृति से इतनी नफरत है कि हो सकता है ये कांग्रेसी जो भारतीय संसकृति के अनुसार इस अंग्रेज के स्वास्थय लाभ की कामना कर रहे हैं इसके निशाने पर आ जायें।










गुरुवार, 4 अगस्त 2011

Half Indian(Rahul Gandhi) व गद्दार कांग्रेसियों का भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी दुशप्रचार Christian USA को प्रभावित करने में सफल रहा…


वोट पाने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना कोई बुरी बात नहीं । लेकिन कांग्रेस द्वारा RSS के बहाने हिन्दूओं व भारत के विरूद्ध किया जा रहा दुशप्रचार देशद्रोह व गद्दारी की हर सीमा को पार कर चुका है।

 जिस तरह देशभक्ति व स्वादेशी की भावना से संचालित RSS ने 0% INDIAN मतलब Italian एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी का भारत का प्रधानमन्त्री वनना लगभग नामुमकिन बना दिया उससे जले-भुने चर्च ने एडवीज व उसकी कुलाद  Half Indian(Rahul Gandhi) के साथ मिलकर एक ऐसी योजना बनाई जिसमें मुसलमानों (आज वेशक मुसलमान खुश हो रहे हैं लेकिन आगे चलकर बहुत पछतायेंगे)को हथियार वनाकर RSS को आतंकवादी संगठन घोषित कर भारत में उठने वाली देशभक्ति की हर आबाज को हमेशा के लिए कुचल देना प्रमुख है।

चर्च का RSS पर इस तरह आगबबूला होना कोई आसामान्य घटना नहीं क्योंकि चर्च ने अपनी एजेन्ट एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी  को भारत के सबसे बड़े राजनितिक दल का प्रमुख बनाने के लिए 6-6 लोगों का कत्ल करवाया था। ये वो लोग थे जिनके जिन्दा रहते चर्च की ऐजेंट का भारत का सताधारी पार्टी का सर्वेसर्वा बनना लगभग नामुमकिन था।(अधिक जानकारी के लिए यहां पढ़ें)


अब आप सोचो कि जिस चर्च ने इतने षडयन्त्र कर अपनी ऐजेंट को यहां तक पहुंचाया था उसी को RSS ने जिस तरह से रोक दिया क्या चर्च इसकी कीमत चुकाए विना RSS को यूं ही छोड़ देगा तो यह कभी सम्भव नहीं।

अमेरिका, जिसके राष्ट्रपति का पहला काम चर्च की रक्षा करना मतलब चर्च की योजनाओं को आगे बढ़ाना है, के इसारे पर चिदंवरम दिन-रात एक कर RSS को आतंकवादी सिद्ध करने के लिए एक के बाद एक निर्दोष हिन्दूओं को जेल में डालकर(वेशक अभी तक उनमें से एक पर भी आरोप सिद्द नहीं हुआ उल्टा अदालतों ने पाया कि ये लोग निर्दोष हैं) भगवा आतंकवाद-भगवा आतंकवाद चिलाकर  भारत को आतंकवादी देश करार दे रहे हैं तो ये एक लम्बी योजना का हिस्सा है।

इस योजना पर UPA बढ़े आराम से आगे बढ़ रहा था उसे लगता था कि RSS को बदनाम कर देने के साथ ही देश में कोई भी अब देशभक्ति की दिशा में आगे बढ़ने का साहस नहीं करेगा लेकिन स्वामी राम देव जी के नेतृत्व में भारतस्वाभिमान ने  UPA के इस भ्रम के तोड़ा ही नहीं वल्कि चकनाचूर भी कर दिया। स्वामी जी के इस काम में अन्ना जी ने भी हाथ बंटाया ।इसीलिए तो कांग्रेस इन्हें RSS के बता रहे हैं। बात फंसती देखकर चोरों और गद्दारों की सरदार इटालियन व उसकी Half Indian कुलाद ने अमेरिका से सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाई

इसी योजना को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका ने ये घोषणा की है
 अब तो जागो मेरे देसभक्त भाईयो वरना कहीं ऐसा न हो कि हालात वहां तक पहंच जांयें जहां आपके जागने पर भी बात न बन पाए.....

मंगलवार, 21 जून 2011

कांग्रेस का हाथ भारतविरोधी चोरों गद्दारों आतंकवादियों के साथ...


2004 से भारत में इटालियन एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी की गुलाम एक ऐसी हिन्दूविरोधी-देशविरोधी सरकार सतासीन है जिसका एकमात्र शत्रु भारत और भारतीय संस्कृति है।

आज देश मे जो भी देशभक्ति को आगे वढ़ाने या फिर भ्रष्टाचार मिटाने की बात करता है वो एकदम इस चोरों और गद्दारों की सरकार के निशाने पर आ जाता है फिर वह चाहे स्वामी राम देव जी हों या फिर अन्ना हजारे जी या फिर RSS ।

आज देश में जो भी गद्दारी, चोरबजारी या फिर आतंकवाद को बढ़ाबा देकर भारत की तबाही को सुनिस्चित करने के लिए आगे बढ़ता है कांग्रेस नेतृत्व सरकार सहित उसके समर्थन व बचाब में किसी भी हद तक जाने के लिए त्यार हो जाता है
मामला चाहे लोकतन्त्र पर हमला करने वाले गद्दार मोहम्द अफजल का हो या फिर दिल्ली में शहीद मोहन चन्द शर्मा पर हमला करने वाले आजमगढ़ के आतंकवादियों का हो या फिर देशद्रोही कश्मीरी आतंकवादी गिलानी व उसकी समर्थक अरूंधिति राय का ही क्यों न हो....

हर जगह एक ही बात साबित होती है इटालियन एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी की गुलाम कांग्रेस का हाथ भारतविरोधी चोरों गद्दारों आतंकवादियों के साथ

गुरुवार, 16 दिसंबर 2010

Wiki Leaks ने 26/11 मुम्बई हमले के बाद कांग्रेस के हिन्दूविरोधी षडयन्त्र का पर्दाफास किया





हम सब जानते हैं कि 26/11 मुम्बई हमला अब तक भारत पर हुए आतंकवादी हमलों में से सबसे बड़ा हमला था। लेकिन हम में से बहुत कम लोग जानते होंगे कि इस हमले को कांग्रेस ने हिन्दूओं के विरूद्ध हथियार के रूप में प्रयोग करने की साजिस रची।


हमले के कुछ ही क्षण बाद कांग्रेस ने अपने धर्मनिर्पेक्ष गिरोह से जुड़े मिडीया के माध्यम से ये खबर फैलाना शुरू कर दी कि आतंकवादियों ने हाथों में कंगन पहने हुए हैं मतलब मुम्बई पर हमला करने वाले आतंकवादी मुसलमान नहीं हिन्दू हैं।


फिर कांग्रेस के सांप्रदायिक विभाग के मन्त्री अबदुल रहमान अंतुले ने ये कहकर सबको चौंका दिया कि मुसलिम आतंकवादी हेमंत करकरे को मारने नहीं आए थे मतलब अंतुले जानता था कि मुसलिम आतंकवादी किसको मारने आए थे?


गद्दारों की सरदार एंटोनिया का खसमखास गद्दार दिगविजय सिंह आज भी दाबा कर रहा है कि हेमंत करकरे को हिन्दूओं से खतरा था।मतलब जो हिन्दूविरोधी षडयन्त्र तब रचा गया था उसे सिरे चढ़ाने का अब तक प्रयत्न जारी है।


सोचने वला विषय यह है कि जब हर कोई ये जनता है कि हमला मुसलिम आतंकवादियों ने किया था तो फिर कांग्रेस क्यों हिन्दूओं का नाम इसमें घसीट कर पाकिस्तान व आतंकवादियों को फायदा पहूंचाने की कोशिस कर रही है।


कांग्रेस का मानना है कि भारत में पाकिस्तान व आतंकवाद समर्थक मुसलमानों की बहुत बड़ी संख्या है । कांग्रेस को लगता है कि वो हिन्दूओं पर हमला कर इन सब आतंकवादी मुसलमानों का बोट प्राप्त कर सकती है। रही बात हिन्दूओं की तो हिन्दू तो राजनितिक रूप से मूर्ख है ही उसकी चिन्ता करने की क्या जरूरत । ऐसा कांग्रेस का मानना है।


अगर आप सोच रहे हैं कि हम कोई आरोप लगा रहे हैं तो आप गलत हैं क्योंकि इस सच्चाई का परदाफास जुलियन असांजे की कढ़ी मेहनत के परिणामस्वारूप Wiki Leaks में हुआ है।


भारत में अमेरिका के राजदूत डेविड मलफोर्ड ने अपनी सराकर को बताया कि वो कांग्रेस द्वारा खेले गए इस हिन्दूविरोधी कार्ड को देखकर भौचंके रह गए। मलफोर्ड ने आगे लिखा है कि कांग्रेस बोट के लिए देश के लोगों को जाति-भाषा-क्षेत्र-सांप्रदाय के अधार पर लड़वाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है।


हमने तो कांग्रेस सहित धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की इन हरकतों को पहचानकर उसी वक्त आबाज उठानी शुरू कर दी थी।


शुक्रवार, 3 दिसंबर 2010

सोनिया गांधी पी जे थोमस पर इतनी मेहरवान कर्यों?




एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी बौद्धिक गुलामों द्वारा बनाई गई एक ऐसी पहेली है जिसे हम अच्छी तरह सुलझा चुके हैं कोई कसर वाकी न रह जाए इसलिए कोई भी प्रमाण मिलने पर हम आपके सामने रखते हैं। अभी मामला है CVC की नियुक्ति से सबन्धित पहेली पर । पी जे थोमस के साथ प्रतिसपर्धा में ग्रामीण विकास सचिब राचन्द्रन व एक अन्य हिन्दू अधिकारी थे इन दोनों अधिकारियों की खासियत यह थी कि इन दोनों पर ही किसी भी घाटाले में सामिल होने का कोई आरोप नहीं था लेकिन दोनों की सबसे बड़ी कमजोरी थी इन दोनों का हिन्दू होना।चर्च ने एंटोनिया को भारत में ईसाई हितों वो भी विदेशी इसाईयों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए ही भारत में पलांट किया है लेकिन नटवर सिंह जी ने तेल के बदले अनाज घोटाले में जुवान क्या खोली एंटोनिया का भारत के हिन्दूओं पर से विस्वास ही उठ गया है।


आपको याद होगा कि किस तरह तेल के बदले अनाज घाटाले के सामने आने पर नटबर सिंह जी ने ये बताकर सबको हिलाकर रखा दिया था कि इस घोटाले की शूत्रधार तो एंटोनिया है क्यों एंटोनिया ने ही इराक के राष्ट्रपति सदाम हुसैन को पत्र भेजा था जो कि इस घोटाले की शुरूआत थी। इस दिन से एंटोनिया ने मानो कसम उठा ली हो हिन्दूओं को चुन-चुन कर मालदार पदों से हटाकर उन पदों पर अपने सांप्रदाय से सबन्धित इसाईयों को विठाने की।


पी जे थोमस की सबसे बढ़ी खासियत थी उसका ईसाई होना । अन्यथा मनमोहन सिंह जैसा वयक्ति और चाहे कुछ भी करता लेकिन भ्रष्टाचारियों पर नजर रखने वाला भ्रष्टाचारी न चुनता।


आप सभी जानते हैं कि पी जे थोमस की सबसे बढ़ी पहचान है उसके द्वारा अन्जाम दिया गया केरल में पामोलिव तेल आयात घोटाला जिसमें अभी तक पी जे थोमस को आरोपमुक्त नहीं किया गया है । इसके अतिरिक्त 2G spectrum घोटाले में भी पी जे थोमस का नाम आ रहा है। इसी को लेकर माननीय सर्वोचन्यायावल ने भी कड़ी टिप्पणियां की हैं।


ऐसा नहीं कि इस ओर सरकार का ध्यान नहीं गया क्योंकि विपक्ष ने इसी आधार पर पी जे थोमस का विरोध किया था।लेकिन एंटोनिया की गुलाम मनमोहन सरकार क्या करती क्योंकि इस सरकार की आका चोरों व गद्दारों की सरदार एंटोनिया ही एक भ्रष्ट ईसाई को ही इस पद पर देखना चाहती थी।


आपको याद होगा कि किस तरह एंटोनिया ने हिन्दू प्रणव मुखरजी को हटाकर ईसाई एन्टनी को रक्षा मन्त्री बनाया ।तब से लेकर आज तक UPA सरकार लगातार सेना के साथ युद्ध रत है ।


आप सब जानते हैं किस तरह ये UPA सरकार जम्मू कशमीर में आतंकवादियों का साथ देकर सैनिकों का मनोबल तोड़ने की कोशिस कर रही है।


हिन्दू को हटाकर एक ईसाई को रक्षा मन्त्री बनाने के पीछे एंटोनिया का एकमात्र मकसद है रक्षा सौदों में मिलने वाले अरबों-खरबों डालर के कमीशन को डकार जाना ।


एंटोनिया को लगता है कि क्योंकि एंटनी अपने सांम्प्रदाए का है इसलिए एंटोनिया के घोटालों के वारे में वो किसी को नहीं बतायेंगे लेकिन एंटोनिया को याद रखना चाहिए कि एंटनी के अन्दर भी भगवान राम का ही खून बह रहा है कभी न कभी तो अपने रंग में आएगा ही।


आज अगर आप कांग्रेस व UPA सरकार के प्रमुख पदों पर नजर दौड़ायें तो आपको हर जगह गैर हिन्दूओं का बरचसव साफ नजर आएगा वो भी देश में 80% से अधिक हिन्दू जनसंखया होने के बाबजूद।


एंटोनिया आज पूरे जोर से हिन्दू हटाओ अभियान को आगे बड़ा रही है जो आगे चलकर एंटोनिया के खानदान के अन्त का प्रमुख कारण बनेगा।










मंगलवार, 30 नवंबर 2010

मनमोहन जो भी कमात है एंटोनिया डायन खाए जात है...


हमने ये शीर्षक कोई सनसनी पैदा करने के लिए नहीं वल्कि एक असलियत को सबके सामने रखने के लिए दिया है।इस बात में कोई सन्देह नहीं कि मनमोहन सिंह एक इमानदार अर्थसास्त्री हैं तो फिर क्या बजह है कि उनके सब प्रयत्नों के बाबजूद मंहगाई और भ्रष्टाचार भसमासुर की तरह आगे बढ़ते ही जा रहे हैं। बजह एक ही है कि जितने इमादार मनमोहन सिंह जी हैं उससे कहीं अधिक भ्रष्ट बईमान व कमीनी एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी है। परिणामस्वारूप जितनी इमानदारी से मनमोहन सिंह सरकार चलाना चाहते हैं उससे कहीं अधिक बईमानी की मांग एंटोनिया की जरूरतें करती हैं। पहले तो ये एंटोनिया सिर्फ अपने मित्र क्वात्रोची के लिए ही मनमोहन से गलत काम करवाती थी अब तो इस डकैत ने अपनी बहनों व अन्य रिस्तेदारों के लिए भी मनमोहन से काम करवाना शुरू कर दिया है। वेचारा मनमोहन प्रधानमन्त्री की कुर्सी के लालच में एंटोनिया के बिछाए जाल में इस हद तक उलझ चुका है कि अब सबकुछ वेसर्मी से सहन करने को मजबूर है।


आप और हम जिस मनमोहन से परिचित हैं उस मनमोन को तो सरकार बचाने के लिए विपक्ष के सांसदों को दिए गए धन का मामला सामने आने के बाद ही इसतीफा दे देना चाहिए था लेकि ऐसा नहीं हुआ वल्कि उसके बाद मनमोहन को इस गंदगी का मानो मजा आने लगा। हद तो तब हो गई जब CWG घोटाले में PMO का नाम सामने आया ।लेकिन नहीं मनमोहन के कान पर जूं तक न रेंगी । मनमोहन की वेशर्मी कह लो या लाचारी का सबसे बढ़ा प्रमाण तब सामने आया जब 2G spectrum घोटाले में माननीय न्यायालय ने मनमोहनखान की वेशर्मी की जमकर खिंचाई की पर फिर भी इस लाचार और गुलाम प्रधानमन्त्री ने इसतीफा देकर अपनी रही सही छवि बचाने की कतई कोशिस नहीं की। अब तो माननीय न्यायालय ने भ्रष्ट थामस को CVC बनाने पर भी इस गुलाम प्रधानमन्त्री की कलास लगा डाली लेकिन फिर भी ये जनाब टस से मस नहीं हुए। मन ही मन कह रहे होंगे हम जो भी कमात हैं सब एंटोनिया डायन खाए जात है....