आज भारत में जिस तरह कांग्रेस गद्दारी और चोरी की प्रतीक बन गई है ठीक उसी तरह स्वामी राम देव जी देशभक्ति और इमानदारी के सत्मभ बन चुके हैं।
अब जब कांग्रेस को महसूस होने लगा है कि उसके द्वारा स्वामी राम देव जी को जान से मारने
व बदनाम करने का हर षडयन्त्र न केवल असफल हो चुका है वल्कि कांग्रेस की भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी मानसिकता को भी जगजाहिर कर चुका है तो कांग्रेस एक ऐसे षडयन्त्र को अन्जाम देने की फिराक में है जिसके बल पर आज तक कांग्रेस भारत की राजनीति पर छाई रही है।
अगर आप कांग्रेस के इतिहास पर नजर डालें तो आप पायेंगे कि काँग्रेस ने आज तक हिन्दू-मुसलमान में दंगा करवाकर ही अपनी राजनीतिक हैसियत बचाकर रखने में सफलता हासिल की है।
2002 में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा रेलगाड़ी में आग लगाकर
हिन्दूओं को जिन्दा जलाकर
शुरू करवाया गया दंगा ही 2004 में NDA को सता से बाहरकर काँग्रेस को सता में लाने का प्रमुख कारण बना। ध्यान रहे ट्रेन में आग लगाने वाली भीड़ का नेतृत्व कांग्रेस के पार्षद ही कर रहे थे ।
इसी दंगे को आधार बनाकर आज तक कांग्रेस मुसलिम बहुल क्षेत्रों में कई चुनाब जीत चुकी है।
आज जब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS)
कांग्रेस की इस दंगा करवाने की मानसिकता को समझ कर अपने संगठन में से प्रतिक्रियावादी तत्वों को दूर कर खुद को राष्ट्रीय एकता का बास्तविक शूत्रधार साबित कर चुका है तो कांग्रेस ने प्रखर राष्ट्रवाद के नए-नवेले संगठन भारत स्वाभिमान को अपने निशाने पर लेकर अपनी विभाजनकारी मानसिकता को आगे बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है।
कांग्रेस अछ्छी तरह जानती है कि स्वामीराम देव जी के साथ हर देशभक्त मजबूती से खड़ा है चाहे वो हिन्दू-सिख-मुसलिम- ईसाई कोई भी हो।
कांग्रेस ये भी जानती है कि स्वामीरामदेव जी बटला हाऊस मुठभेड़ का विरोध कर देशभक्त वीर-जवानों का अपमान
कतई नहीं कर सकते।
काँग्रेस गुप्तचर संस्थाओं के माध्यम से ये भी जानती है कि आज मुसलमानों का बहुमत या तो आतंकवादी है या फिर इस्लामिक आतंकवाद का समर्थक है।
इसीलिए बटला हाउस मुठभेड़ को फर्जी बताकर कांग्रेस एक तो देशभक्त वीर-जवानों को अपमानित कर आतंकवादियों के एकमुस्त बोट हासिल करने की फिराक में है, दूसरा देशभक्त मुसलमानों को जोकि पहले ही हासिए पर हैं को स्वामी रामदेव जी से दूर करने की फिराक में है।
कांग्रेस अच्छी तरह जानती है कि स्वामी रामदेव जी जी का काँग्रेस की गद्दारी और लूट पर हमला RSS के हमले से कहीं ज्यादा स्टीक और तीखा है।
जिस तरह आज तक काँग्रेस ने अपने मित्र इस्लमिक आतंकवादियों से हिन्दूओं पर हमला करवाकर शुरूकरवाए गए दंगों के लिए RSS को दोषी ठहराकर चुनाबी सफलतायें हासिल की हैं उसी तरह स्वामी रामदेव जी पर अपने मित्र इस्लामिक आतंकवादियों से हमला करवाकर देशभक्तों को प्रतिक्रिया के लिए मजबूर कर , परिणामस्वारूप शुरू हुए दंगों के लिए भारतस्वाभिमान को दोषी ठहराकर चुनाबी सफलतायें हासिल करना चाहती है…
अब जब कांग्रेस को महसूस होने लगा है कि उसके द्वारा स्वामी राम देव जी को जान से मारने
अगर आप कांग्रेस के इतिहास पर नजर डालें तो आप पायेंगे कि काँग्रेस ने आज तक हिन्दू-मुसलमान में दंगा करवाकर ही अपनी राजनीतिक हैसियत बचाकर रखने में सफलता हासिल की है।
2002 में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा रेलगाड़ी में आग लगाकर
इसी दंगे को आधार बनाकर आज तक कांग्रेस मुसलिम बहुल क्षेत्रों में कई चुनाब जीत चुकी है।
आज जब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS)
कांग्रेस अछ्छी तरह जानती है कि स्वामीराम देव जी के साथ हर देशभक्त मजबूती से खड़ा है चाहे वो हिन्दू-सिख-मुसलिम- ईसाई कोई भी हो।
कांग्रेस ये भी जानती है कि स्वामीरामदेव जी बटला हाऊस मुठभेड़ का विरोध कर देशभक्त वीर-जवानों का अपमान
काँग्रेस गुप्तचर संस्थाओं के माध्यम से ये भी जानती है कि आज मुसलमानों का बहुमत या तो आतंकवादी है या फिर इस्लामिक आतंकवाद का समर्थक है।
इसीलिए बटला हाउस मुठभेड़ को फर्जी बताकर कांग्रेस एक तो देशभक्त वीर-जवानों को अपमानित कर आतंकवादियों के एकमुस्त बोट हासिल करने की फिराक में है, दूसरा देशभक्त मुसलमानों को जोकि पहले ही हासिए पर हैं को स्वामी रामदेव जी से दूर करने की फिराक में है।
कांग्रेस अच्छी तरह जानती है कि स्वामी रामदेव जी जी का काँग्रेस की गद्दारी और लूट पर हमला RSS के हमले से कहीं ज्यादा स्टीक और तीखा है।
जिस तरह आज तक काँग्रेस ने अपने मित्र इस्लमिक आतंकवादियों से हिन्दूओं पर हमला करवाकर शुरूकरवाए गए दंगों के लिए RSS को दोषी ठहराकर चुनाबी सफलतायें हासिल की हैं उसी तरह स्वामी रामदेव जी पर अपने मित्र इस्लामिक आतंकवादियों से हमला करवाकर देशभक्तों को प्रतिक्रिया के लिए मजबूर कर , परिणामस्वारूप शुरू हुए दंगों के लिए भारतस्वाभिमान को दोषी ठहराकर चुनाबी सफलतायें हासिल करना चाहती है…