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मोदीराज लाओ

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बुधवार, 11 दिसंबर 2013

दिल्ली में भाजपा को मिडीया के कुतर्कों को नजर अंदाज करते हुए आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि....


मित्रो हम और आप सब जानते हैं कि दिल्ली में सबके सब मिडीया चैनलों के कार्यालय हैं और मिडीया चैनल कभी नहीं चाहेंगे कि दिल्ली में भाजपा जैसी हिन्दुत्वनिष्ठ पार्टी की सरकार बने क्योंकि ऐसी सरकार बनने से मिडीया चैनलों को हर वक्त अपने कुकर्मों के पकड़े जाने का डर सताता रहेगा ...इसलिए मिडीया लगातार आदर्शवाद एक ऐसी घुटी भाजपा को पिलाने की कोशिश कर रहा है जिसे आज तक जिसने भी पिया है या फिर पीने की कोशिश की है वो वेमौत मारा गया है।

दिल्ली की समझदार जनता ने भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी बनाकर भाजपा को दिल्ली में अच्छा काम कर सारे देश का दिल जीतने का एक सुनहरा मौका दिया है जिसे भाजपा द्वारा फजूल के आदर्शवाद में बर्बाद करना हमारे विचार से मूर्खता होगी। हम सब जानते हैं कि दिल्ली में दूसरे नम्वर पर आप पार्टी 28 सीटों के साथ और तीसरे पर काँग्रेस आठ सीटों के साथ है। कुलमिलाकर दिल्ली में काँग्रेस सरकार ने अपने प्रभाव को प्रयोग कर आप की 27 सीटों को 28 में बदलकर सेकुलर सरकार बनाने की सम्भावनाओं को जिन्दा रखा ...लेकिन दिल्ली की जनता का रूझान देशभक्त सरकार बनाने के लिए है सेकुलर सरकार के लिए नहीं..

हमारी जानकारी के अनुसार काँग्रेस के कम से कम 5 बिधायक व दो निर्दलीय विधायक भाजपा के साथ आने के लिए ततपर हैं क्योंकि वो अच्छी तरह जानते हैं कि दिल्ली को विकाश और सुरक्षा के मार्ग पर भाजपा ही आगे बढ़ा सकती है सेकुलर काँग्रेस और आप नहीं क्योंकि आज दिल्ली में जो अरजकता की स्थिति है वो सेकुलर गद्दारों द्वारा संचालित सरकारों की ही देन है और अगर दिल्ली में फिर से देशभक्तों की जगह सेकुलर गद्दारों की सरकार बनती है तो दिल्ली को वर्बादी से कोई नहीं बचा सकता ...इन सेकुलर गद्दारों ने बंगलादेशी घुसपैठियों और वर्मा से आए घुसपैठियों को दिल्ली में बसाकर दिल्ली की Demography को बहुत बुरी तरह खराब कर दिया है अगर इन घुसपैठियों को सेकुलर आप पार्टी का तीसरा विकल्प न होता तो इसवार भी काँग्रेस को ही अधिकतर सीटें मिलती क्योंकि घुसपैठियों के देश या राज्य से कोई सरोकार नहीं उन्हें तो सिर्फ अपनी घुसपैठ को बैधता देने वाले दल को ही चुनना होता है अगर आप पार्टी धर्मनिरपेक्षता की आड़ में इन घुसपैठियों के साथ न हीती और देशभक्ति के मार्ग पर चलती तो हम भी आप का समर्थन करते लेकिन आज की कड़वी सच्चाई यही है कि आप पार्टी की दशा और दिशा वही है जो वाकी सेकुलर पार्टियों की है इसलिए भाजपा को दिल्ली के देशभक्त वोटरों की भावनाओं का ध्यान ऱखते हुए व दिल्ली के विकाश और शान्ति की खातिर यथाशीघ्र सरकार बनाने का दाबा पेशकर सरकार बनाकर दिल्ली को सेकुलर गद्दारों के चुंगल से मुक्त करवाकर अपने कर्तव्य का निर्वाह करना चाहिए...

गुरुवार, 24 नवंबर 2011

नेता का थप्पड़ सही और जनता का गलत ऐसा कैसे हो सकता है ?

सच कहें तो आज जब  एक आक्रोशित युबक हरविेंदर harbinderने मंहगाई से तंग आ चुकी आम जनता की भावनाओं मे बहकर  इस्लामिक आतंकवादी दाऊदइबराहीम के पोषक व रक्षक सरदपबार को थपड़ जड़ा तो हमें लगा कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था क्योंकि अब थपड़ मारने का वक्त नहीं रह गया।
अब तो वो वक्त आ चुका है जब देशभक्तों को थपड़ और लोकतांत्रिक विरोध के सब तरीके छोड़कर कुछ ऐसा कना चाहिए कि एक युबक के जेल जाने के साथ ही एक दर्जन गद्दारों का अन्त सुनिश्चित बनाया जा सके।
क्योंकि  भारतविरोधी नेताओं को थपड़ पड़ते ही सबके सब राजनीतिज्ञ मिडीया व दानाबधिकारवादी एकजुट होकर युबाओं द्वारा चलाए जा रहे अन्दोलनों  को कुचलने के नए-नए रास्ते तलासने लग पड़ते हैं। लेकिन जैसे ही आम जनता पर ये नेता नीतिगत या सारीरिक थपड़ जड़ते हैं तो ये सबके सब सेकुलर गद्दार खामोश हो जाते हैं।
आप अच्छी तरह से जानते हैं कि किस तरह गांधीबादी गुण्डों ने चतर्वेदी को सिर्फ चप्पल दिखाने वाले साहसी युबक की बरबर पिटाई की। आपने ये भी देखा कि उत्तर प्रदेश में Half Indian को काले झंडे दिखा रहे नौजवानों को किस वेहरमी से इन गांधीवादी गुण्डों ने सबके सामने पीटा और अपने प्रभाव का दुरूपयोग कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक भी लगवा ली।
अगर आज भारत में कानून का शासन चल रहा होता तो वेशक आक्रोशित युबक जेलों मे जाते लेकिन साथी ही ये भातविरोधी गांधीवादी आतंकवादी भी अपने किए कुकर्मों की सजा भुक्तते ।
जब तक भारत में कानून के अनुशार सासन नहीं चलता है तब तक युबकों के पास अपना आक्रोश दिखाने का कोई लोकतान्त्रिक मार्ग कैसे हो सकता है?
कुल मिलाकर जो कोई भी इस नौजवान द्वारा जड़े गए इस जोरदार थपड़ का विरोध कर रहे हैं वो कृप्या एक बार जरूर ये सोच लें कि अगर आक्रोसित नौजवान द्वार जड़ा गया ये थपड़ ठीक नहीं तो देश को लूट रही सताधारी पार्टी के गांधीवादी गुण्डों द्वारा नौजवानों को मारे जा रहे थपड़ कैसे ठीक हो सकते हैं?