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मोदीराज लाओ

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भारत बचाओ
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रविवार, 8 जनवरी 2012

करण थापर जी का कहना है कि भारतीय सेना गद्दार राजनीतिज्ञों से घृणा करती है…

हम बहुत वार पहले भी कह चुके हैं कि वर्तमान सरकार गद्दारी और चोरी के रास्त पर आगे वढ़ते हुए हर देशभक्त को अपना दुशमन मानने लग पड़ी है।
आज भारत में जो भी देशभक्ति की आबाज बुलन्द करता है वही सरकार को अपना असली शत्रु नजर आने लगता है-- देशभक्ति की आबाज बुलन्द करने वाला चाहे स्वामी राम देव हो या फिर अन्ना हजारे या फिर वापु आशा राम या फिर श्री-श्री रविशंकर या फिर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ …सबके सब आज वर्तमान सरकार के निशाने पर सिर्फ इसलिए हैं क्योंकि इनमें से किसी ने इस चोरों और गद्दारों की सराकर को देश को लूटने से रोका है तो किसी ने इस सरकार को अमेरिका के इसारे पर धर्मांतरण को बढ़ाबा देने से राका है तो किसी ने इस सरकार को पैट्रो डालर के बदले भारतीयों के अधिकार छीन कर गैर भारतीयों को देने से रोका है --- और किसी ने इस सरकार को देश के गद्दारों द्वारा देश को लूट कर विदेशों में जमा करवाए गए काले धन को बापस लाने के लिए बाध्य करने की कोशिश की…इस काले धन में सबसे बड़ा हिस्सा इस सरकार को गुलाम वनाकर बैठी लुटेरों और गद्दारों की सरगना एडवीज अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी का है।
आज देशभक्तों के प्रति इस सरकार की घृणा इस हद तक बढ़ चुकी है कि अब इसे भारतीय सेना भी अपनी शत्रु नजर आने लगी है। अपनी इसी घृणा के चलते ,इस्लामिक आतंकवादियों की ट्रेनिंग सैंटर बन चुकी मस्जिदों की सूची देने वाले, लैपंटीनैंट कर्नल पुरोहित को इस सरकार ने जेल में डाल दिया।
इसी घृणा के चलते इस सरकार ने आते ही देश की रक्षा के लिए शहीद होने वाले जवानों के परिवारों  को मिलने वाली सहायता को कम कर दिया।
देशभक्तों से इसी गृणा के चलते इस गद्दारों की सरकार ने जम्मू-कशमीर में इस्लामिक आतंकवादियों को मारगिराने वाली पूरी बटालियन को ही उनके कमांडर सहित बर्खास्त कर दिया।
देशभक्तों से इसी घृणा के चलते इस सरकार ने सेना में फूट डलवाकर विभाजन करवाने के लिए सेना में सांप्रदायिक आधार पर गणना करवाने का आदेश दिया।
देशभक्तों से इसी घृणा के चलते इस सरकार ने  देशभक्त जवानों के कातिल अफजल की फांसी को मानीय सर्वोच न्यायालय के आदेश के बाजजूद आजतक रोककर रखा।
देशभक्तों से घृणा के परिमास्वारूप ही ये सरकार एक कर्मठ व प्रखर देशभक्त जनरल वी के सिंह जी को उनके तय समय से एक वर्ष पहले ही घर भेजने के षडयन्त्र कर रही है।
बजह साफ है क्योंकि जनरल वी के सिंह जी ने सरकार के दबाब के आगे न झुकते हुए सरकार द्वारा भारतीय सेना को कमजोर करने के लिए किए जा रहे षडयन्त्रों का डटकर विरोध किया है।
मामला चाहे भ्रष्टाचार विरोधी अन्दोलन का हो या फिर जम्मू कशमीर में भारतीय सेना के हाथ कमजोर कर आतंकवादियों को फायदा पंहूचाने का हो  ---हर जगह जनरल वी के सिंह जी ने देश का साथ दिया ।
अब ऐसा कैसे हो सकता है कि अन्तराष्ट्रीय इस्लामिक आतंकवादी ओसामाविन लादेन को ‘'जी’ व देशभक्त अन्दोलन के प्राण स्वामी रामदेव जी को ‘'ठग’ कहने वाली लुटेरों और गद्दारों की सरकार, जनरल वी के सिंह जैसे प्रखर देशभक्त को सेनाध्यक्ष जैसे ताकतवर पद पर रहने दे --क्या पता कब जनरल सरकार की गद्दारी से तंग आकर गद्दार राजनीतिज्ञों को अपने देशभक्त सैनिकों के हाथों उनके किए की सजा दिलवा दें…  VK Singh ji.jpg 1 
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शनिवार, 10 सितंबर 2011

ऐसा लगा मानो भारत का नहीं पाकिस्तान का प्रधानमन्त्री बोल रहा हो।

कांग्रेस ने पहले देश के सबसे बड़े देशभक्त संगठन RSS को मुसलिम विरोधी करार देकर RSS द्वारा भारत के नागरिकों के वीच भावनात्मक एकता पैदा करने के लिए उन्हें उनके खून के रिस्तों को याद करवाने के लिए किए जा रहे प्रयत्नों को अबरूद्ध करने की कोशिश की। जिसमें कांग्रेस काफी हद तक मुसलमानों के मन में RSS के प्रति संदेह की भावना पैदा करने में सफल रही। क्योंकि कांग्रेस के इस प्रयत्न को भारत के दुस्मनों द्वारा नियन्त्रित मिडीया का भरपूर साथ मिला। इस मिडीय ने ISI द्वारा प्रयोजित पत्रकारों व गौतम नबलखा जैसे दानवाधिकारवादियों के माध्यम से  कांग्रेस के देशविरोधी-हिन्दूविरोधी षडयन्त्रों को आम भारतीयों के मुंह से कहलवाने का भरपूर प्रयास किया जिसका खुलासा अमेरिका में आतंकवादी गुलामनवीफई की गिरफतारी के बाद हुआ।
भारत की खुशनसीबी देखिए कि जिस वक्त कांग्रेस ने मुसलिम आतंकवादियों को हथियार बनाकर अपना पूरा जोर RSS को ठिकाने लगाने में लगाया हुआ था ठीक उसी वक्त देश को भावनात्मक एकता के शूत्र में बांधने के लिए एक ऐसी आबाज उठी जिसने RSS से एक कदम आगे बढ़कर ब्यबस्था परिवर्तन का नारा देकर आज तक चली आ रही गुलामी की सब जंजीरों को तोड़कर एक ताकतबर भारत के निर्माण की बात आगे बड़ाई। ये आबाज   RSS से  भी बुलन्द व सपष्ट सुनाई दी। पहले तो कांग्रेस ने इस आबाज को RSS के विरूद्ध प्रयोग करने के लिए षडयन्त्र रचे लेकिन जब देखा कि जिस तरह खून-खून को पुकारता है उसी तरह इस आबाज ने भी संघ को पुकारा और दोनों आबाजें भारत मां की सेवा में एक होती दिखीं तो कांग्रेस ने इस आबाज को कुचलने के लिए इसे भी मुसलिम-विरोधी करार देकर देश की सब सुरक्षा ऐजेंसियों को स्वामी जी को पंसाने व बदनाम करने के काम में लगा  दिया। ये आबाज है स्वामी राम देव जी की। ये वो आबाज है जो बहुत जल्द कांग्रेस के असली भारतविरोधी चरित्र को जनता के सामने वेनकाब कर देगी।
भारतविरोधी  कांग्रेस ने जब अपना पूरा जोर  RSS और सवामी जी को कुचलने के लिए लगाया हुआ था तभी एक और आबाज उठी जिसने भारत की आजादी की दूसरी लड़ाई का विगुल बजा दिया। इस आबाज में वेसक किसी संगठन की ताकत नहीं थी लेकिन इस आबाज में वो बात थी जो हर स्वाभिमानी देशभक्त भारतीय के सीधे दिल तक जा पहूंची। यहां भी कांग्रेस ने पहले तो अपने ऐजेंट अग्निवेश जैसे भारतविरोधियों को पलांट कर इस आबाज को भी भारत वोले तो RSS के विरूद्ध मोड़ने की कोशिश की । फिर इनका चरित्र हनन करने की और फिर अपनी ऐजेंट अरूणा राय को आगे कर इस आबाज को कमजोर करने की कोशिस की।जब कोई षडयन्त्र कामयाब  न हो सका तो इसे भी मुसलिम विरोधी करार देकर इसे अमेरिका का ऐजेंट बताकर देश की ऐजेंसियों को इस आबाज को बुलन्द करने में जुटे देसभक्तों को बदनाम करने में लगा दिया।
जब JJ Singh जी सेना प्रमुख थे तो इसी कांग्रेस ने सेना को भी मुसलिम विरोधी करार देकर सेना में मुसलमानों की गिनती की बात उठाकर भारतीय सेना को विभाजित करने की असफल कोशिस की। अगर JJ Singh जी ढटकर विरोध न करते तो जरा सोचो इन गद्दारों की योजना क्या थी?
आज तो प्रधानमन्त्री ने प्रधानमन्त्री पद की सारी गरिमा को ताक पर रखकर सभी सुरक्षाबलों को मुसलमानों के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित बताकर सबके सब देशभक्त जवानों को मुसलिमविरोधी करार दे दिया। इसकी बातों को सुनकर ऐसा लगा मानो भारत का नहीं पाकिस्तान का प्रधानमन्त्री बोल रहा हो। ये भारतविरोधी आतंकवाद समर्थक मनमोहन खान यहीं रूक जाता तो गनीमत थी इस आतंकवादी ने एक कदम आगे बढ़क यहां तक कह दिया कि बम धमाका होने की स्थिति में सिर्फ मुसलमानों को न पकड़ों। अब इस गद्दार को कौन समझाए कि जब दुनियाभर में आतंकवाद मुसलमान पैला रहें तो तो मुसलमान ही पकड़ें जा रहे हैं पिर ये कौन सा न्याय है कि भारत में आतंकवादी घटनाओं को मुसलमान अंजाम देते और उन्हें न पकड़ा जाए।
ऐसे ही भारतविरोधी आतंकवाद समर्थक गद्दार नेताओं की हिन्दूविरोधी सोच के परिमामस्वारूप मुसलिम आतंकवादी कशमीरघाटी व देश के अन्य हिस्सों में हिन्दूमिटाओ-हिन्दूभगाओ अभियान को सफलता पूर्वक अन्जाम देने में सफल हो रहे हैं और हमारे 20 लाख जवान कुछ नहीं कर पा रहे हैं। आज ऐसे ही गद्दार नेताओं के कारण 20 लाख जवानों द्वारा देशभक्त भारतीयों की रक्षा करना तो दूर उल्टा ये अपनी रक्षा करने में भी सफल नहीं हो पा रहे हैं। हां ऐसे गद्दार नेताओ के आदेशों का पालन कर अफजल-जिलानी-गिलानी-कसाब-उमर जैसे भारतविरोधी आतंकवादियों की रक्षा के लिए अपना खून पसीना बहाकर जरूर सफल हो रहे हैं।
मामला यहां भी नहीं रूका इससे आगे जाकर इस गद्दार ने अपनी विदेशी आका एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी व इस अंग्रेज के भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी गद्दारों द्वारा पाकिस्तान में वने ईशनिंदा कानून के नकसेकदम पर  तैयार किया गया एक ऐसा कानून (Prevention of Communal and Targeted Violence Bill- 2011)सुझाया जिसके अनुसार किसी मुसलमान या ईसाई आतंकवादी द्वारा किया गया हिन्दू का कत्ल या हिन्दू की मां-बहन का बालात्कार या फिर हिन्दू की आस्था पर प्रहार कोई अपराध नहीं है लेकिन किसी हिन्दू द्वारा Self Defence की गई कोई भी कार्यवाही जघन्य अपराध है।