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मोदीराज लाओ

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भारत बचाओ
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बुधवार, 3 अगस्त 2011

लिखें तो क्या और क्यों व किसके लिए?

सच कहें तो अब लिखने का विलकुल मन नहीं करता ।

हम लिखते थे गद्दार भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष 

आतंकवादियों की असलियत अपने  सुप्त बौद्दिक गुलाम

देशवासियों खासकर हिन्दूओं के सामने रखकर

उन्हें जागृत करने के लिए। लेकिन आज हालात ये हैं

कि  electronic व print media  आए दिन कभी दवी तो

कभी खुली जुवान में देशवासियों को

धर्मनिरपेक्षतावादियों की काली करतूतों चाहे वो

भ्रष्टाचार के रूप में हों या फिर भारतविरोधी

आतंकवादियों का समर्थन कर देश की सभ्यता और

संसकृति को नष्ट करने के षडयन्त्र के रूप में हों, का खूब

प्रचार कर रहा है।

उधर जो सच में देश के लिए मर मिटने का जजबा रखते

हैं  वो आज जेलों का रूख कर चुके हैं। चाहे वो साध्वी

प्रज्ञा सिंह ठाकुर जी हों या फिर लैफ्टीनैंट कर्नल पुरोहित

जी या फिर दाय नन्द पांडे जी या फिर शवरी माता

कुम्भ के माध्यम से एक साथ 300 गांव को वापिस

भारतीय संसकृति और सभ्यता के प्रति लाने वाले

परम्पूजनीय सवामी आसीमानन्द जी हों और  तो और

अब तो युगपुरूष स्वामी रामदेब जी व आचार्य बालकृष्ण

जी भी, गद्दार धर्मनिर्पेक्षतावादियों की लूट के विरूद्ध मुंह

खोलकर खासकर इन सब गद्दारों की मां इटालियन

एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया

गांधी  के 840000 करोंड़ रूपए के काले धन के विरूद्ध

जुवानखोलकर अब जेल की ओर रूख करते हुए लगते हैं।


CAG में काम कर रहे देशभक्त क्रांतिकारियों ने इस


धर्मनिरपेक्ष गिरोह की लूट के हर किस्से को देश के


सामने रखा है  कम से कम दो अधिकारियों ने तो चोरों


और गद्दारों की सरदार इटालियन एडवीज एंटोनिया

अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी द्वारा लुटे व लुटाए

जा रहे देश के धन पर प्रश्न उठाकर  अपने पद तक गंवा

दिए।

माननीय सर्वोच न्यायालय ने  धर्मनिरपेक्ष गिरोह की


सरकार  द्वारा किए जा रहे देशविरोधी कार्यों के वि्रूद्ध हर


हाल में आबाज उठाई और इतनी बुलंद आबाज उठाई कि


कोई बैहरा भी सुन ले।


RSS ने भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष गिरोह  द्वारा देश से की


जा रही गद्दारी के विरूद्ध आबाज उठाई तो RSS

आतंकवादी

स्वामी रामदेव जी व आचार्य वालकृष्ण जी ने धर्मनिर्पेक्ष


गिरोह की चोर बजारी के विरूद्ध आबाज उठाई तो 


स्वामीराम देव जी आतंकवादी

CAG ने कांग्रेस द्वारा मचाई गई लूट जनता के सामने


रखी तो CAG गैरकानूनी और झूठा


माननीय न्यायालय ने कांग्रेस द्वारा किए जा रहे गैर


कानूनी  कुकर्मों पर चाबुक चलाया तो माननीय


न्यायालय का काम गैर कानूनी


अन्ना जी ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध आबाज उठाई तो वह भी


आतंकवादी


अब आप सोचो कि जिस चोरों और गद्दारों की सरकार पर

इस सब का कोई असर नहीं भला उस पर हमारे लिखने

का क्या असर होगा?



बुधवार, 8 दिसंबर 2010

ये भारतविरोधी धर्मनिरपेक्ष आतंकवाद कब और कैसे रूकेगा?




सच कहें तो अब भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवाद पर लिखने या वोलने के बजाए सीधे हथियार उठाकर भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों व उनके समर्थकों का सिर कलम करने को दिलो-दिमाग वेचैन होने लगा है। स्वासतिका की मौत ने हम सबके सामने एक यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या भारत में अब दूध पीते बच्चों को भी जिन्दा रहने के लिए भारतविरोधी आतंकवादियों के रहमोकर्म की जरूरत आन पड़ी है?


वेशक आपको ये बात अतिस्योक्ति पूर्ण लगे पर यच्चाई यही है कि भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादी लगातार दूध पीते बच्चों तक को निशाना बना रहे हैं। स्वासतिका इन भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों की हिंसा का सिकार होने वाली पहली बच्ची नहीं इससे पहले भी ये भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादी अनेकों बच्चों को अपनी हिंसा का सिकार बना चुके हैं।


अफसोस की बात तो ये है कि जिस सरकार की जिम्मेदारी अपने नागरिकों की रक्षा करना है वो खुद इन भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों की सांझीदार बन चुकी है।


पिछले 6 वर्षों में इस धर्मनिरपेक्ष आतंकवादियों की UPA सरकार ने इन भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों को लाभ पहूंचाने के लिए न केवल पोटा जैसे सख्त कानूनों को हटाया पर इससे भी आगे बढ़कर इन भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों को इस UPA सरकार ने आर्थिक मदद करने के साथ-साथ सुरक्षावलों के विरूद्ध कार्यवाही कर इन आतंकवादियों का हौसला भी बढ़ाया। मानो आतंकवादियों की UPA सरकार का मन इन सब भारतविरोधी कदमों से न भरा हो इसलिए इस सरकार ने माननीय सर्वोच न्यायालय से सजा प्राप्त अफजल जैसे भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों की सजा पर रोक लगाकर देश में रहने वाले भारत के शत्रुओं को भारत विरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादी बनने के लिए प्रेरित किया।


आज (07/12/2010) वाराणशी में जो धमाके हुए इनका होना सुनियोजित था।आज भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों की UPA सरकार भ्रष्टाचार की दल-दल में पूरी तरह फंस चुकी है। ऐसे में आतंकवादियों की इस सरकार का भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों के सिवाय और कौन मददगार हो सकता है? आखिरकार अपने लाडले इन आतंकवादियों के लिए इस UPA सरकार ने क्या-क्या नहीं किया?


भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवाद का खात्म जरूरी ही नहीं वल्कि देशभक्तों के लिए मजबूरी बन गया है।


वेशक देश के नागरिकों की रक्षा के लिए देश में सेना व पुलिस है लेकि आज UPA सरकार ने आतंकवादियों के विरूद्ध कार्यवाही करने वाले सैनिकों व पुलिस के जवानों के विरूद्ध कार्यवाही कर ये सपष्ट कर दिया है कि भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों की UPA सरकार किसी भी हालात में देश की सेना को देश के नागरिकों की रक्षा के लिए जरूरी कदम नहीं उठाने देगी।


अब अपनी रक्षा का जिम्मेदारी देश के नागरिकों के कन्धों पर आन पड़ी है। उन्हें सरकार से कोई उमीद करने के बजाए एकजुट होकर स्वांय हथियार उठाकर इन भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों का खात्मा सुनिश्चित करना होगा।


कहने की जरूरत नहीं कि आज देश में दर्जनों क्रांतिकारी संगठन काम कर रहे हैं । हमें जरूरत है इन क्रांतिकारी संगठनों के साथ जुड़कर तन-मन-धन से इनके हाथ मजबूत कर इस लड़ाई को निर्णायक दौर में ले जाकर भारत को भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों से मुक्त करवाने के लिए चल रहे अन्दोलन को तीब्र करने की। आओ मिलकर इस लड़ाई को निर्णायक युद्ध में बदल कर भारतविरोधी आतंकवादियों के विनाश के लिए एकजुट होकर तीब्रता से काम करें।