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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

सोमवार, 12 अप्रैल 2010

शाबाश NSUI$ABVP के देशभक्त नौजवानों मिलकर गद्दारों की कुटाई करने पर बधाईयां।

आज देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि JNU आतंकवादियों व उनके समर्थकों का गढ़ बन चुका है।10 अप्रैल 2010 को इस महाविद्यालय के परिसर में सरकार द्वारा वामपंथी आतंकवादियों के सफाय के लिए चलाय जा रहे अभियान पर हमला वोलने के लिए वामपंथी आतंकवादी योजना बना रहे थे। जैसे ही इस बात का पता देशभक्त नौजवानों को लगा इन नौजवानों ने इन आतंकवादियों के विरूद्ध शीधी कार्यवाही अमल में लाकर इन्हें वहां से खदेड़ दिया । बस एक कमी रह गई कि न नौजवानों ने माओवादी आतंकवादियों को जिन्दा छोड़ दिया । हम तो पहले से ही कह रहे हैं कि जब तक जनता साथ नहीं देती सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती । हम इन देशभक्त नौजवानों को ये वताना चाहते हैं कि इन गद्दारों की ऐसी बैठकें देशभर में अनेक जगह हो रही हैं । इन्हें अपने सहयोगियों को जागरूक कर उन गद्दारों पर हर जगाह हमला वोलना चाहिए। ब्लागर जगदत के गद्दारों का ख्याल HTF रखेगा। गद्दारों पर हमला करने वाले नौजवानों को एक वार फिर बधाईयां।

7 टिप्‍पणियां:

संजय भास्कर ने कहा…

ढेर सारी शुभकामनायें.

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

इन गद्दारों की धुनाई से हम भी खुश है :)
ऐसे गद्दारों के साथ भी वही क़ानूनी कार्यवाही होनी चाहिए जो नक्सलियों के साथ होती है |

RAJENDRA ने कहा…

अच्छा लगा यह जान कर के कोई है जो विचारों को शब्द तो दे रहा है कायरों से तो को आशा नहीं की जा सकती

बेनामी ने कहा…

रूस और चीन में सामंतवाद का सफाया करके लाल सेना ने आम जनता मजदूर किसानों को मुक्ति दिलाई थी अब पूंजीवाद की बारी है। चिन्ता मत करों तुम जैसे पूंजीवाद के भडुओं से निपटने के लिए यही लाल सेना आएगी, आज नहीं तो कल, देर है अबेर नहीं।

SANJEEV RANA ने कहा…

अच्छा लगा यह जान कर के
ढेर सारी शुभकामनायें.

HTF ने कहा…

अरे ऐनोनिमस जी ये क्या मुंह छुपाकर भी झूठ वोलने लगे।कौन नहीं जानता कि आप लोगों ने युगोसलाविया,रूस नपाल को हिंसाफैलाकर तबा3ह कर आर्थिकरूप से कंगाल कर दिया। युगोसलाविया,रूस के टुकड़े भी करवा दिए ।अकेले युगोसलाविया में ही लाखों मुसलमानों का कतल आप लोगों ने किया हाल ही में एक लाख मुसलमानों की लासें एक ही कबर से बरामदज हुई हैं वेसक यहां आप लोग मुसलमानों के लिए आरक्षण की मांग कर ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि चीन के साथ-साथ ISI की भी मदद आपको मिलती रहे। क्यों गरीवों को मरवा रहे हो और खुद भी मर रहे हो। कल ही आपक कामरेड आतंकवादी NDTV पर सैनिकों के कतल का दोश वनवासियों(आदिवासियों) के सिर मड़ रहा था । जल्दी से हथियार फैंक कर आत्मसमर्पण कर दो नहीं तो ब्यर्थ में मारे जाओगे।

अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा…

वैसे रूस, नेपाल और युगोस्लाविआ आर्थिक रूप से समृद्ध कब थे…बताईयेगा? और नेपाल जिस दौर में हिन्दू राष्ट्र था उसकी आर्थिक दशा क्या थी यह भी बताईयेगा…गुजरात में जो कब्रें मिलीं, कंधमाल में जो हुआ और स्टेन्स को जलाया गया जिस तरह वह भी। और यह भी कि लिट्टे के लोग किस धर्म के थे…हां एनानिमस बनकर बोलने वालों से शिकायत मुझे भी है…