पहसे उसके गले व शरीर के वाकी हिस्सों में कट लगाए गए फिर उसके सिर पर इटों-पत्तथरों से प्रहार किए गए फिर उसके शरीर को भी मारा गया ठीक उसी तरह जिस तरह ये गऊ माता को हलाल करते वक्त पहले उसके गले में कट लगाते हैं फिर उसके शरीर पर तब तक प्रहार करते हैं जब तक गऊ माता के शरीर से उसकी खाल अलग न हो जाए फिर भी हमारे ही अपने हमें कहते हैं कि हम इन इसलामिक राक्षसों की असलियत लिखकर उनका विरोध कर रहे हैं सच कहें तो हमारा मानना साफ है कि बिना इसलाम को संसार से खत्म किए मानबता की रक्षा करना मुसकिल ही नहीं वल्कि असम्भव है लेकिन भारत की सरजमी से इसलाम का नमोनिसान तब तक नहीं मिटाया जा सकता जब तक हमारे सब प्यारे हिन्दू भाई-बहन-मित्र-यार व सेकुलर विरोधी इसलाम की इस राक्षसी प्रवृति को अच्छी तरह नहीं पहचान लेते अफसोस 1000 वर्ष से इन राक्षसों के जुल्मों जियादती की लाखों दास्तानों को देखने सुनने के बाद भी--- भारत के 5-5 टुकड़े होने के बाद भी---कशमीरघाटी में 60000 हिन्दूओं के कत्ल के बाद भी---व 500000 हिन्दूओं के वेघर होने के बाद भी …आसाम में लगातार इन जानवरों के हमलों के बाद भी----पूरे भारत में इन राक्षसों द्वारा हाल ही के वर्षों में 50000 आतंकवादी हमलों के बाद भी हमारे प्यारे हिन्दू भाई-बहन-मित्र-यार व सेकुलर विरोधी इसलाम की असलियत वोलने समझने-समझाने में संकोच करते हैं अब आप ही बताओ मानबता की रक्षा हो तो कैसे ….भारतीयों की सुरक्षा हो तो कैसे भारत बचे तो कैसे?
धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों द्वारा रचे जा रहे हिन्दूविरोधी-देशविरोधी षडयन्त्रों को उजागर करने की कोशिश। हमारा मानना है कि भारत में कानून सांप्रदाय,जाति,भाषा,क्षेत्र,लिंग अधारित न बनाकर भारतीयों के लिए बनाए जाने चाहिए । अब वक्त आ गया है कि हिन्दूमिटाओ-हिन्दूभगाओ अभियान चलाने वाले भारतविरोधी धर्मनिर्पेक्ष आतंकवादियों को उनके समर्थकों सहित खत्म करने के लिए सब देशभक्तों द्वारा एकजुट होकर निर्णायक अभियान चलाया जाए।
रविवार, 28 अप्रैल 2013
क्या सरबजीत सिंह जी को हलाल नहीं किया गया?
पहसे उसके गले व शरीर के वाकी हिस्सों में कट लगाए गए फिर उसके सिर पर इटों-पत्तथरों से प्रहार किए गए फिर उसके शरीर को भी मारा गया ठीक उसी तरह जिस तरह ये गऊ माता को हलाल करते वक्त पहले उसके गले में कट लगाते हैं फिर उसके शरीर पर तब तक प्रहार करते हैं जब तक गऊ माता के शरीर से उसकी खाल अलग न हो जाए फिर भी हमारे ही अपने हमें कहते हैं कि हम इन इसलामिक राक्षसों की असलियत लिखकर उनका विरोध कर रहे हैं सच कहें तो हमारा मानना साफ है कि बिना इसलाम को संसार से खत्म किए मानबता की रक्षा करना मुसकिल ही नहीं वल्कि असम्भव है लेकिन भारत की सरजमी से इसलाम का नमोनिसान तब तक नहीं मिटाया जा सकता जब तक हमारे सब प्यारे हिन्दू भाई-बहन-मित्र-यार व सेकुलर विरोधी इसलाम की इस राक्षसी प्रवृति को अच्छी तरह नहीं पहचान लेते अफसोस 1000 वर्ष से इन राक्षसों के जुल्मों जियादती की लाखों दास्तानों को देखने सुनने के बाद भी--- भारत के 5-5 टुकड़े होने के बाद भी---कशमीरघाटी में 60000 हिन्दूओं के कत्ल के बाद भी---व 500000 हिन्दूओं के वेघर होने के बाद भी …आसाम में लगातार इन जानवरों के हमलों के बाद भी----पूरे भारत में इन राक्षसों द्वारा हाल ही के वर्षों में 50000 आतंकवादी हमलों के बाद भी हमारे प्यारे हिन्दू भाई-बहन-मित्र-यार व सेकुलर विरोधी इसलाम की असलियत वोलने समझने-समझाने में संकोच करते हैं अब आप ही बताओ मानबता की रक्षा हो तो कैसे ….भारतीयों की सुरक्षा हो तो कैसे भारत बचे तो कैसे?
गुरुवार, 25 अप्रैल 2013
ओउम हनुमते नम: ओउम हनुमते नम: ओउम हनुमते नम: ओउम हनुमते नम: ओउम हनुमते नम:
बुधवार, 24 अप्रैल 2013
भाजपा को अगर सच में सेकुलर बनना है तो उसे भी वही करना होगा जो Congress,SP,CPM,JDU TMC,NCP , NC, PDP कर रहे हैं वरना मोदी के अलाबा कोई और विकल्प नहीं...सन्दर्भ गोरखपुर धमाका
मंगलवार, 23 अप्रैल 2013
वरना इस अराजकता के फलस्वारूप हथिरबन्द गृहयुद्ध के हालात तो लगातार बनते ही जा रहे हैं
शुक्रवार, 19 अप्रैल 2013
भारतीय जीवन पद्धति की सबसे बड़ी जरूरत आज भारत को है संदर्भ 5 वर्ष की बच्ची से बलाताकार के बाद उसके पेट में मोमवती और सीसी का डाला जाना
बुधवार, 17 अप्रैल 2013
जय माता की जय माता की जय माता की जय माता की जय माता की
मंगलवार, 16 अप्रैल 2013
मित्रो जब दंगा ही धन्दा बन जाए तो भला कोई क्या जबाब दे…
मेरे प्यारे देशवासियो आज भारत में बड़े ही अदमभुद हालात पैदा होते जा रहे हैं एक तरफ जहां संघ परिवार.. जैसे संगठन हैं जो हर हाल में हिन्दू-मुसलिम-सिख-ईसाई के भेद को मिटाकर समस्त भारतीयों को भारतीयता के सूत्र में बान्धना चाहते हैं वहीं दूसरी ओर खुद को सेकुलर कहने वाला गिरोह हैं जो हर वक्त हर हर जखम को उस हद तक कुरेदना चाहते हैं जहां से हिन्दू-मुसलिम-सिख-ईसाई का एक दूसरे के साथ बैठना तक असम्भव बना दिया जाए।
दोस्तो सच बतायें तो कई बार सेकुलर गिरोह के दुशप्रचार का सिकार होकर हमारे मन में भी इस तरह की नफरत पैदा होती है कि मन करता है कि भारत की पवित्र भूमि से उन सबका नमोनिशान मिटा दिया जाए जिनके लिए ये सेकुलर गिरोह हर वक्त भारतीयों और भारतीय संस्कृति को कोशता रहता है लेकिन तभी हमें संघ द्वारा दी गई वो शिक्षा याद आती है जिसमें हर वक्त ये ऐहसास करवाया जाता था कि ये सब हमारा ही खून हैं भारतीयों का ही खून हैं इनकी कुछ मजबूरियांरही हैं जो इन लोगों ने अपनी पूजा पद्धती बदल ली।
भारतीय परिवार का मुखिया होने के नाते ये हम हिन्दूओं का फर्ज बनता है हम अपने इन भाईयों को अपनेपन व इनके पूर्वजों से अपने खून के रिस्तों का ऐहसास करवायें व बातयें कि इनके पूर्बजों पर बिद्शी अक्रांताओं ने किस तरह जुल्म ढाए ताकि एक न एक दिन ये भारतीयता को पूरी तरह आत्मसात कर लें..
अगर आप मोदी जी के विरोधी हैं या फिर आपको मोदी जी के वारे में शंकायें हैं तो आप हमें मोदी जी का सिर्फ एक ऐसा ब्यान बता दें जो कि सांप्रदाय विशेष के बिरूद्ध हो। मित्रो आप ऐसा एक भी बयान नहीं ढूंढ सकते क्योंकि संघ की शाखा से निकला वयक्ति कभी अलगाव की भाषा नहीं वोल सकता न ही वोट की चाहत में अलगावाद को बढ़ाबा दे सकता है गुजरात में मोदी जी ने जो भी योजनायें बनाई हैं उनका लाभ सब सांप्रदायों व अमीर-गरीब को एक समान मिला है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया क्योंकि कोई भला अपने ही खून के साथ कैसे भेदबाव कर सकता है?
अब रही बात 2002 के दंगो की तो जरा ध्यान से मन शांत करके सोचो कि अगर 2000 मुसलमानों की भीड़ जिसमें सेकुलर गिरोह से जुड़े पार्षद भी सामिल थे अगर 59 तीर्थ यात्रियों मतलब राम भक्तों मतलब कारसेवकों को जिन्दा न जलाती तो क्या दंग होता नहीं होता आप सबका यही जबाब होगा …
अब आप कहेंगे कि रामभक्तों की रक्षा ततकालीन सेकुलर रेलमन्त्री नितीस कुमार नहीं वल्कि वल्कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी लेकिन अगर ट्रेन में कोई दंगा फसाद हो रहा है तो उसकी सूचना तो पहले रेल मन्त्रालय को ही जाएगी न और फिर रल मन्त्रालय राज्य सरकार को सूचित करेगा तब जाके राज्य सरकार उस मामले को सम्भालेगी। अगर सेकुलर नितीश कुमार ने समय पर सूचना दी होती तो न तो रामभक्त जिन्दा जलाए जाते और न ही दंगा फसाद होता।
अगर आप इमानदारी से दंगों का इतिहास खंगालेंगे तो पायेंगे कि मोदी जी ने सबसे तीब्र गति से दंगा रोकने का भरसक प्रयास किया वरना 92% हिन्दू एक भी मुसलमान को जिन्दा न छोड़ते ये तो मोदी जी के सख्त निर्देशों का असर था कि हिन्दूओं को जिन्दा जलाए जाने व कशमीर घाटी में 60000 हिन्दूओं के कत्ल की प्रतिक्रियास्वारूप पैले दंगों में सिर्फ 1024 लोग मारे गए जिनमें से 250 से अधिक हिन्दू थे जो पुलिस की गोली का सिकार हुए मतलब कुलमिलाकर सिर्फ 500 मुसलमान मारे गए…
आप सब जानते हैं कि 1984 में इन्दिरा गाँधी जी की हत्या की प्रतिक्रियास्वारूप 3000 सिख सेकुलर गिरोह के हमलों का सिकार हुए थे लेकिन हमने कभी इस जख्म को नहीं कुरेदा वेशक हमारा मानना है कि सिखों के इतिहास का एक-एक दिन भारत के लिए की गई कुर्वानियों के लिए भरा पड़ा है सिखों पर हमला बास्तव में भारतीयता के मूल पर हमला था लेकिन सच्चाई यही है कि भारत में भारत विरोधी ताकतें इस हद तक सक्रिए हैं कि वो कुछ भी करवा सकती है हमारे विचार में तो हम सब भारतीयों को इन बिदेशी ताकतों के बहकावे में आने के बजाए पुराने जख्मों को कुरेदने के बजाए उन सबसे सबक लेकर मिलजुलकर आगे बढ़ना चाहिए…
फिर भी पिछले 12 वर्षों से हर चैनल व हर सेकुलर पार्टी की जुवान पर एक ही बात है और वो है गुजरात दंगा।मित्रो क्या आपने कभी ध्यान से सोचा कि क्यों ये हर वक्त गुजरात दंगों के जखमो को कुरेदते रहते हैं आखिर इनको मिलता क्या है इन जख्मों को कुरेदने से …अगर आपको नहीं पता तो हम आपको बता देते हैं बास्तब में ये एजंडा इनका नहीं वल्कि भारत के उन शत्रुओं को है जो भारत को आगे बढ़ता हुआ नहीं देखना चाहते । ये भारत के शत्रु इन सेकुलर पार्टियों चैनलों व काटजूँ + सच्चर जैसों की जेबें गरम करते हैं और बदले में ये सेकुलर गिरोह भारत के जख्मो को कुरेदता रहता है ताकि ये जख्म कैंसर का रूप ले ले और भारत इस कैंसर का सिकार हो जाए और हम और हमारे जैसे बहुत से लोग कई बार इस सेकुलर गिरोह के उकसावे में आकर वही वोलने लग पड़ते हैं जो ये गिरोह व इसको पैसे देने वाले भारत के सत्रु चाहते हैं हमने फैसला किया है कि आज से हम इस सेकुलर गिरोह के उकसावे का सिकार न होते हुए हम वही कहेंगे जो हम सब भारतीयों के हित में है…
अन्त में हम भारतीय मुसलमानों से यही कहेंगे कि उन्हें हिन्दूओं से सहनशीलता का सबक लेते हुए सेकुलर गिरोह के उकसावे में आने के बजाए हिन्दूओं के साथ सीधा सम्पर्क रखना चाहिए …मुसलमानों को समझना होगा कि क्यों हिन्दू कभी भी 1985 से 2006 तक कशमीर घाटी में मुसलमानों द्वार मारे गए 60 हजार हिन्दूओं व घरबार से उजाड़े गए 5 लाख हिन्दूओं की बात नहीं करता …हिन्दू जानता है कि अगर उसने अपने जखमों को उसी तरह कुरेदना सुरू कर दिया जिस तरह भारत के शत्रु भारत के वाकी जख्मों को कुरेद रहे हैं तब तो उन्ही लोगों का फाजयाद होगा जिनके लिए दंगा ही धन्दा बन गया गया है चैनल चलाने का पार्टी चलाने का चुनाब में मंहगाई-वेरोजगारी-भर्ष्टाचार और गद्दारी को छुपाने का अब भी आप लोंगो को बात समझ न आए तो हम तो इतना ही कहेंगे कि मित्रो जब दंगा ही धन्दा बन जाए तो भला कोई क्या जबाब दे…
रविवार, 17 मार्च 2013
टट्टू भाग गया तो अस्तबल पर ताला लगा दिया
सोमवार, 25 फ़रवरी 2013
राजा वीरभद्र सिंह जी आपने ये क्या कर दिया?
हिमाचल एक छोटा सा राज्य है जिसका राष्ट्रीय राजनीति पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन फिर भी हिमाचल में चर्च द्वारा अपनी मर्जी की सरकार बनवाने के लिए कई तरह के षडयन्त्र रचे जाते हैं ।
पहले तो चर्च ने उतर पूर्व के छोटे राज्यों की तरह हिमाचल को भी हिन्दूविहीन करने के लिए धनवल से धर्मांतरण अभियान चलया जिसका हिमाचल के लोंगों ने हिन्दू संगठनों के साथ मिलकर डटकर विरोध किया ।
इस विरोध को असली ताकत तब मिली जब बीरभद्र सिंह जी ने हिमाचल में धर्मस्वतन्त्रता विधेयक पारित करवाकर ये सुनिश्चित किया कि चर्च हिमाचलियों पर जोर जबरदस्ती न कर सके ।
हद तो तब हो गई जब चर्च ने चोरी और सीना जोरी की कहाबत को सच साबित करते हुए इस कानून को कोर्ट में चैलेंज किया लेकिन अन्त में विजय सत्य की ही हुई और माननीय न्यायलय ने इस कानून को सही ठहराया।
हम सब जानते हैं कि चर्च अपने षडयन्त्रों को आगे बढ़ाने के लिए इटालियन अंग्रेज एटवीज एंटोनिया अलवीना माइनो का हर तरह से उपयोग करता है और हिमाचल के मामले में भी राजा बीरभद्र सिंह जी पर हर सम्भव दबाब डाला गया देशहित-हिन्दूहित में बनाए गए इस कानून को रद्द कवाने के लिए।
लेकिन राज साहब ने चर्च और उसके ऐजेंटों की एक न सुनते हुए इस कानून को अमलीजामा पहनाकर ही दम लिया ।राजा साहब के इसी फैसले से खुश होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पत्रिका पंचजन्य में राजा साहब को हिमाचल का लौहपुरष का खिताब देकर सम्मानित किया गया।
लेकिन हिन्दूहित-देशहित में राजा साहब द्वारा बनया गया ये कानून व देशभक्तों द्वारा राजा साहब को दिया गया ये सम्मान चर्च के उन ऐजेंटों को रास न आया जिनको हिन्दूहित-भारत हित नहीं वल्कि जिनका मकसद हिन्दूविरोध-भारतविरोध है।
परिणामस्वारूप राजा साहब को योजनाबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह एक ईसाई को नेता विपक्ष की कुर्सी पर बिठा दिया गया लेकिन जब हिमाचल की भोली-भाली लेकिन समझदार जनता से इस ईसाई को कोई जनसमर्थन न मिला तो आखिरकार चर्च को राजा बीरभद्र सिंह जी के आगे घुटने टेकने पड़े ।
इससे पहले राजा साहब को चर्च के आगे घुटने टेकने को मजबूर करने के लिए युबा काँग्रेस के प्रधान के पद पर भारी बहुमत से चुने गए इनके बेटे बिक्रम सिंह का चुनाब रद्द करते हुए उनकी दोबारा जीत के डर से उनके दोबारा चुनाब लडने पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया गया।
राजा साहब के ऐसे बहुत से फैसले हैं जिनके कारण हमारे जैसे बहुत से लोग जो चर्च की गुलाम कांग्रेस के हिन्दूविरोधी-भारतविरोधी षडयन्त्रों के प्रखर विरोधी होने के बाबजूद राजा साहब के कट्टर समर्थक हैं ।
लेकिन राजा साहब द्वारा चर्च के दबाब के आगे झुकते हुए स्वामी रामदेव जी के ट्रस्ट पतंजली योगपीठ को आबंटित भूमि को रद्द करना एक ऐसा अलोकप्रिए कदम है जो राजा साहब जी की प्रखर देसभक्त की छबि से कतई मेल नहीं खाता।
राजा साहब को समझना चाहिए कि बिदेशों के इसारों पर काम करने वाली काँग्रेस ने जो काम पिछले साठ वर्षों में नहीं किया वही काम स्वामी रामदेव जी ने पिछ 15 वर्ष में कर दिखाया ये काम हैं भारतीय जीवन पद्धति के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ भारतीय औषध दर्शन आयुर्वेद का विकस व आयुर्वेद के श्रेत्र में विशाल शोध कार्य।
अब अगर भारत हित के इस पुन्य कार्य के लिए हिमाचल में जमीन नहीं दी जा सकती तो फिर भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी कार्यों में संलिपत चर्च को आज तक जितनी भी जमीन आबंटित की गई है उस सबको बापस लेकर हिमाचल की जनता को हवाले कर देना चाहिए।
अगर राजा साहब प्रशांत-भूषण को दी गई जमीन को बापस लेते तो हम कह सकते थे कि एक ऐसे गद्दार जो पाकिस्तान की भाषा बोलता हो को जमीन देना पूरी तरह नजायज था।
अब राजा साहब और प्रेम कुमार धूमल को हिमाचल की जनता को ये भी बताना चाहिए कि प्रियंका बाढरा को हिमाचल की जमीन किस समाजिक कार्य के लिए दी गई।
आज भी हमारी राय पूरी तरह सपष्ट है कि राजा साहब का ये फैसला चर्च के दबाब में लिया गया वो फैसला है जो राजा साहब द्वारा वर्षों की मेहनत के वाद वनाई गई देशभक्त जननेता की छवि को धूमिल करेगा व राजा साहब के विरोधी उनकी इस छवि के कमजोर होते ही उनको उनके पद से दरकिनार कर चर्च के दुलारे एक ऐसे वयक्ति को इस पद पर बिठा देंगें जिसकी पत्नी न केवल इटालियन है वल्कि ईसाई भी है और राजा साहब बिरोध भी नहीं कर पायेंगे क्योंकि अगर चुनाब से ठीक पहले चर्च ने घुटने टेके हैं तो राजा साबह की देशभक्त जननेता की छवि के सामने क्योंकि ये वो छवि है जो सारे भारत में काँग्रेस विरोधी महौल होने व चुनाब के दौरान चर्च नियंत्रित कांग्रेस सरकार द्वारा तमाम अलोकप्रिए फैसले करने के बाबजूद हिमाचल की जनता ने सेकुलर प्रेमकुमार धूमल को पटकनी देकर हिन्दूत्वनिष्ठ बीरभद्र सिंह को हिमाचल की सता पर बिठाया लेकिन ये शायद जनता ने स्वपन में भी नहीं सोचा होगा कि राजा साहब मजबूर होकर चर्च के आगे गुटने टेक देंगे ।
हमें अभी भी उम्मीद है कि राजा साहब अपने समर्थकों की उम्मीदों व भावनाओं का ख्याल रखते हुए अपने इस फैसले को यथाशीघ्र दुरूस्त करेंगे ।
वरना राजा साहब के समर्थक यही कहते-कहते उनका साथ छोड़ जायेंगे कि-------
राजा वीरभद्र सिंह जी आपने ये क्या कर दिया?
शनिवार, 23 फ़रवरी 2013
Rahul Gandhi,s terror Conection
लोग कहते हैं, युनान मिश्र रोमा सब मिट गए, कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी।
पर यह भी सत्य है कि उस कौम का इतिहास नहीं होता ,जिसको मिटने का एहसास नहीं होता,
मिलजुलकर एकजुट होकर कदम उठाओ ऐ हिन्दूओ,बरना तुम्महारी दास्तां तक न होगी दासतानों में।
Please spare some time to understand Rahul Gandhi,s Islamic Terror Connection
http://www.facebook.com/media/set/?set=a.552129591479062.122177.100000460782224&type=1&l=4a415e5705
That is Why congeress declare all innocent Hindus as terrorists And all Islamic terrorists as innocent muslims
बुधवार, 20 फ़रवरी 2013
जो संगठित नहीं होते वो इसी तरह मरते हैं अभी भी वक्त है देशभक्त संगठनों के साथ आकर अपनी व अपने वच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें इन मानबाता के हत्यारों से
तिथि - 19 फ़रवरी 2013. अशांति का क्षेत्र - गाँव - हेरोभंगा , पी एस कैनिंग. जिला दक्षिण 24 परगना.
मुसलमानों के बाहर से हजारों की दसियों वहाँ एकत्र हुए. बड़े पैमाने / गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती कराया. 2 पुलिस वाहनों जला दिया.
गड़बड़ी बसंती, जयनगर , कुलतली जैसे अन्य क्षेत्रों में फैल गया. इसके अलावा संदेशखाली उत्तर के क्षेत्र में 24 परगना जिले के लिए.
ट्रेन सियालदह पर बंद कर दिया कैनिंग लाइन.
ये सभी एक "मौलवी कल रात की हत्या की प्रतिक्रिया में हुआ. कोई नहीं जानता कि इस मौलवी की हत्या किसने की क्यों की ? हलाकि की मौलवी के बैग से ११ लाख रूपये बरामद हुए हैं , वो कहाँ से ये ? कर दी है, जो उसकी हत्या की है. एक अन्य मौलवी नाम अब्दुल वहाब अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा किया गया है इस हमले में घायल हो गए.
हेरोभंगा के क्षेत्र में, जहाँ तक मुझे पता है, वहाँ किसी भी हिंदू संगठनों का कोई अस्तित्व नहीं है. सुबह मौलवी के मृत शरीर के बाद, सभी मस्जिदों से पास, मुसलमानों के लिए बदला लेने के लिए इकट्ठा बुलाया गया. फिर मुसलमानों की एक बहुत बड़ी भीड़ निकटतम गांव 'Naliakhali' पर हमला किया. यह पूरी तरह से किया गया है नीचे जला दिया और लूट लिया - 200 घरों के बारे में कुल. पैसे, आभूषण, चावल, धान, साइकिल, मोटर बाइक, बर्तन लूट लिया और मोटर वैन से दूर ले जाया सहित सभी लेख. गांव के मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया है. महिलाओं को पीटा रहे हैं.http://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/NAARAD/entry/%E0%A4%AE-%E0%A4%A1-%E0%A4%AF-%E0%A4%AB-%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%8F%E0%A4%97-%E0%A4%B9-%E0%A4%A8-%E0%A4%A6-%E0%A4%93-%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AF-%E0%A4%B0
आगजनी और Naliakhali गांव की लूटपाट के बाद, भारी भीड़ अन्य गांवों के लिए रवाना हुए. गोपालपुर गांव में 3o हिंदू घरों को लूट लिया गया है और जला दिया. यहाँ केवल प्रशांत अधिकारी घर में सब कुछ लूट लिया, उसकी चावल और 1 बोलेरो कार के 4 शेयर नीचे जला दिया गया है. इस गांव में, वहाँ 4 मुस्लिम घरों रहे हैं. उन्हें कोई नुक्सान नहीं हुआ है .
हेरोभ्न्गा गांव में, 40 हिन्दू घरों और गोलदार गांव 40 हिंदू घरों में जला दिया गया है. इन सभी पुलिस की उपस्थिति में हुआ. यह सूचना दी है कि प्रशांत अधिकारी के घर की लूटपाट और आगजनी के समय पर, कैनिंग एसडीपीओ वहाँ उपस्थित था और सब कुछ चुपचाप देखा के रूप में अगर वह यह के पूर्ण समर्थन में है.
कुल / इन 4 गांवों की संपत्ति की क्षति के करोड़ों रुपए में होगा.
मुसलमानों द्वारा लक्ष्मी (38 वर्ष) सहित 5 हिंदू महिलाओं से गंभीर छेड़छाड़ की गयी . एक स्थान पर,
सचिन सरदार, बिमल प्रमाणिक और गोपाल सरदार की किराने की दुकान के सैलून की दवा की दुकान पर हमला कर दिया गया है और क्षतिग्रस्त.
शरीफ के नि��ट गांव कोरापारा में अनुसूचित जाति के हिंदुओं पर हमला किया गया है और पिटाई. पुलिस और प्रशासन उनकी पूरी स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं. और विभिन्न क्षेत्रों से कोलकाता और मलिकपुर के दर्जनों मुसलमानों की ट्रक के दर्जनों सभी दिन कैनिंग की दिशा में नेतृत्व किया. बड़े पैमाने पर क्षति और हिंदुओं के अपमान के बाद, अंत में प्रशासन कोई ठोस कदम उठाया मुसलमानों की हिंसा रोकने.
..................................................
इतना सब हो तह है और देश का मिडिया सो रहा है, अब जरा सोचिये यहीं यदि बस कोई एक हिन्दू किसी मुस्लिम को थप्पड़ भी मार देता तो मिडिया उसे हत्यारा बता के खबरों के बाजार में बेच देता. या मीडिया इसे तब तक नहीं बताएगा जब हिन्दू प्रतिक्रिया देना शुरू नहीं करते. हाँ सुदर्शन समाचार ने के साथ एक दो समाचार पत्रों ने इनके इस्लामी अभिव्यक्ति की खूबियाँ जरुर बताई, और बाकी इन्तजार कर रहे है कब हिन्दू को हत्यारा बताया जा सके .
http://www.youtube.com/watch?v=uNzSzFnaQqY&feature=share
मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013
Asaduddin Owaisi - Addressing Milad Jalsa at Darusalam - 24-01-2013
सोमवार, 18 फ़रवरी 2013
रविवार, 17 फ़रवरी 2013
गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013
बुधवार, 30 जनवरी 2013
नथुराम गोडसे द्वारा गाँधी वध आतंकवादी कदम या फिर क्राँतिकारी कदम?
सिर्फ एक पक्ष को देखकर इस पर फैसला किया जाए तो ये मामला विलकुल साधारण दिखता है लेकिन अगर इस बिषय को बिस्तार से समझने की कोशिश की जाए तो यही मामला भारत की बर्बादी और भारत की रक्षा का आधारशूत्र है।
इस बहस का मूल तत्व है भारत के अस्तित्व को मानना या न मानना। जो भी भारत के अस्तित्व को मानता है उसे हिन्दूत्व के अस्तित्व को भी मानना पढ़ेगा और जो हिन्दूत्व के अस्तित्व को मानता है उसे ये भी मानना पड़ेगा कि हिन्दूओं पर हमला भारत पर हमला है और जो भी हिन्दूओं पर हमला करता है वो भारत का शत्रु है और जो भी भारत के शत्रु को मारता है वो भारतीयों के लिए क्राँतिकारी है व भारत के शत्रुओं के लिए आतंकवादी है।
इसी सन्दर्भ में अगर गाँधी की भूमिका का अवलोकन किया जाए तो आप पायेंगे कि गाँधी मुसलमानों को साथ लेने के चक्कर में इस हद तक हिन्दूविरोधी हो चुके थे कि उन्हें गद्दारी और देशभक्ति का अन्तर समझना मुस्किल हो चुका था इसी के परिणामस्वारूप गाँधी ने अंग्रजों द्वारा अपनाई जा रही फूट डालो और राज करो की नीति का कभी विरोध नहीं किया यहाँ तक कि भारतमाता की अस्मिता की खातिर अपना सर्वस्व न्यौछावर करने पर उतारू भक्त सिंह, चन्द्र शेखर आजाद जैसे क्राँतिकारियों का साथ देना तो दूर गांधी भारत माता के इन सच्चे देशभक्तों को उग्रवादी कहने से भी न चूके …बाद में गद्दारी की यही मानसिकता काँग्रेस की बिचारधारा बन गई ….काँग्रेस की इसी भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी मानसिकरता के परिणामस्वारूप आज भारत वहीं पहुंच चुका है जहां पहुंच कर वो 1947 को विभाजन के जख्म शहने को मजबूर हुआ था…
अगर क्राँतिकारी और आतंकवादी के इस अन्तर को और भी स्पष्टता से समझना है तो वर्तमान में घट रही घटनाओं को समझना पड़ेगा।
आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि भारत आज दो खेमो में बंट चुका है एक खेमा फूट डालो और राज करो की नीति अपनाकर खुद को सेकुलर कहता है और हर तरह के भारतविरोधी आतंकवाद का समर्थन करता है व किसी भी तरह की भारत समर्थक क्राँति की आवाज का डटकर विरोध करता है ये आवाज चाहे कोई भी क्यों न उठाए..
दूसरा खेमा भारतविरोधी आतंकवाद का डटकर विरोध करता है व हिन्दू एकता पर जोर देते हुए सांस्कृतिक राष्ट्रबाद पर जोर देता है …देशभक्त क्राँतिकारियों को आज की जरूरत मानता है…शहीदों की कुर्बानियों को याद कर उनका कर्ज चुकाने के लिए खुद भी कुर्बानी होने के लिए तत्पर दिखता है…ऐसे ही 4 दर्जन क्रांतिकारीयों को सेकुलर खेमे ने जेलों में बन्दकर सभी हिन्दूओं को हिन्दू आतंकवादी कहकर भारत को कमजोर करना शुरू कर दिया है …
प्रश्न ये उठता है कि क्यों ये सेकुलर गिरोह देशभक्त क्राँतिकारियों को आतंकवादी कहकर बदनाम करता है व उसी वक्त क्यों ये सेकुलर गिरोह भारत सहित दुनियाभर में कतलोगारद मचाने वाले इसलामिक आतंकवादियों को कभी जी …तो कभी साहब… तो कभी भाई कहकर सम्मानित करता है यही नहीं इस सेकुलर गिरोह का प्रधानमन्त्री भारतीय सुरक्षाबलों को मानवता के हत्यारे इन इसलामिक आतंकवादियों को गिर्फतार न करने का सुझाव देता है…
जरा अपने दिमाग पर जोर देकर सोचो कि वो कौन सी मानसिकता है जिसके परिणाम स्वारूप सेकुलर गिरोह को देशभक्त क्राँतिकारी तो आतंकवादी नजर आते हैं और मानवता के हत्यारे भारतविरोधी इसालिक आतंकवादी इस सेकुलर गिरोह को माननीय…सम्माननीय….बेचारे जिहादी नजर आते हैं…
कौन किसके लिए क्राँतिकारी है और कौन किसके लिए आतंकवादी है ये इस बात पर निर्भर करता है कि मन से वो किसके साथ है और किसके विरोध में
जैसे कि अगर इसलामिक आतंकवादियों व उनके समर्थकों के नजरिए से देखा जाए तो ओसामा विन लादेन क्योंकि उनके लिए लड़ते हुए गैर मुसलमानों का कत्लयाम कर बरबर इसलामिक राज्य का विस्तार कर रहा है इसलिए वो बरबरता के सब समर्थकों के लिए जिहादी है मतलब सम्मानीय है जबकि क्योंकि वो गैर मुसलमानों का कत्लयाम कर रहा है इसलिए वो देशभक्त भारतीयों व ईसाईयों के लिए आतंकवादी है..
क्योंकि सेकुलर गिरोह का वास्तविक मकसद मानबता के मूल हिन्दुत्व को बदनाम कर भारत को खत्म करना है इसीलिए सेकुलर गिरोह से जुड़े भारतविरोधियों को भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार व बचाव में लगे देशभक्त क्रांतिकारी आतंकवादी नजर आते हैं और भारतीयता को समाप्त करने के लिए लगातार भारत को लहुलूहान कर रहे भारतविरोधी इसलामिक आतंकवादी कभी सगे भाई… तो कभीबेचारे… तो कभी जी …तो कभी साहब नजर आते हैं
जो भी भारतीय अपनी भारत माता के प्रति बफादार है अगर उसे गाँधी के सब भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी कुकर्मों की जानकारी है तो उसके लिए नथुराम गोडसे जी एक क्राँतिकारी है व जो भी गद्दार इस पावन भारतमाता को लहुलूहान होता हुआ देखकर खुश होता है जो भारत की …हिन्दूओं की बरबादी चाहता है उसके लिए भारत माता व हिन्दूओं की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाला नथुराम गोडसे किसी आतंकवादी से कम नहीं …
मंगलवार, 22 जनवरी 2013
हिन्दू आतंकवाद के विरूद्ध चौंकाने वाले प्रमाण(Stunning Evidences Against Hindu Terrorism)
आओ सबसे पहले आप इस से मिलो ये है अमेरिका में
इसलामिक आतंकवादियों के आर्थिक स्त्रोत साऊदी अरब की सहायता से Inter-Services Intelligence of Pakistan(ISI )द्वारा संचालित संस्था Kasmir Amrican Council(KAC) का प्रमुख 

गुलाम नबी फई जो आजकल अमेरिका में जेल में बन्द है क्योंकि इसने अमेरिका के Senators को इसलामिक आतंकवादियों के लिए काम करने के लिए ठीक उसी तरह खरीदने की कोशिश की जिस तरह इसने KAC के माध्यम से भारतीय सांसदों, फिल्मकारों, पत्रकारों, तथाकथित मानवाधिकारवादियों व समाजिक कार्यकर्ताओं को खरीदा था।
गृहमन्त्री सुशील कुमार शिन्दे द्वार हिन्दूओं को आतंकवादी साबित करने के पक्ष में ये कहा जा रहा है कि कांग्रेस सरकार द्वारा गिरफ्तार हिन्दूओं में से एक ने ये स्वीकार किया है कि सच्चर कमेटी रिपोर्ट पूरी होने से करने से पहले ही
Hindus Wanted to Kill Justice Rajinder sachar
राजेन्द्र सच्चर को मारना सही है या गलत कहने से पहले ये जान लें कि राजेन्द्र सच्चर किसके लिए काम कर रहा था भारत के लिए या फिर भारत के शत्रुओं के लिए?
आओ जरा इस तस्वीर पर नजर दौड़ायें
अरे ये क्या कांग्रेस सरकार द्वारा भारत में काँग्रेस के 50 वर्ष के शासनकाल में मुसलमानों की दुर्गति की रिपोर्ट लिखने के लिए चुना गया Justice Rajinder sachar, इसलामिक आतंकवादियों के आर्थिक स्त्रोत साऊदी अरब की सहायता से Inter-Services Intelligence of Pakistan(ISI )द्वारा संचालित Kasmir Amrican Council(KAC) के मंच पर ?
अगर आप सोच रहे हैं कि इसे इसलामिक आतंकवादी बन्धक बनाकर ले गए हैं तो आप गलत हैं क्योंकि
इस गद्दार की इन तस्वीरों को देखकर साबित हो जाता है कि ये खुशी-खुशी भारत के शत्रुओं के लिए काम कर रहा है जिसका इनमा भारत के शत्रु इसे इस तरह से दे रहे हैं।
अगर आपको इसकी गद्दारी पर जरा भी शंका है तो सच्चर कमेटी रिपोर्ट उठाकर एकबार पढ़ लें आप खुदबाखुद समझ जायेंगे कि किस तरह इस गद्दार ने ISI के इसारे पर सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के माध्यम से भारतीयता पर हमला किया है।
अब आप बताओ कि अगर हिन्दू भारतविरोधियों के लिए काम करने बाले ऐसे गद्दार को मारने की योजना बना रहे थे तो क्या गलत कर रहे थे?
क्योंकि हमारे पूजनीय गुरू गोविन्द सिंह जी जैसे देशभक्त क्रांतिकारियों ने हमें यही तो सिखाया है कि जो भारत के शत्रुओं के लिए काम करे उसे जिन्दा रहने का कोई हक नहीं …
खैर छोड़ो मरना-मारना हमारे हाथ में नहीं लेकिन आप ये सोचो कि जिस काँग्रेस सरकार ने इस ISI ऐजेंट को इतनी महत्तवपूर्ण कमेटी का अध्यक्ष बनाया वो किसके लिए काम कर रही है भारत के लिए या फिर भारत के शत्रुओं के लिए?
कांग्रेस सरकार में भी बो कौन है जो भारत के शत्रु आतंकवादियों से पैसे खाकर हिन्दूओं को आतंकवादी कहकर बदनाम करने के लिए कभी करकरे तो कभी चिदंमबरम तो कभी दिगबिजय सिंह और अब सिंदे का इस्तेमाल कर रहा है?
बेचारा खुद कठपुतली है इसकी क्या औकात जो किसी और का इस्तेमाल कर सके। ये नहीं तो फिर मौत का सौदागर है कौन?
अभी आप अपना धैर्य बनाए रखें क्योंकि ये मामला जल्दी में निपटाने का नहीं बल्कि गहन चिन्तन करने का है कि काँग्रेस सरकार ने सिर्फ यही काम ISI के ईसारे पर किया या फिर कुछ और काम भी ?
जरा ध्यान से देखें ये है अमेरिका में भारत के शत्रु कातिलों के गिरोह ISI की ब्राँच KAC का सरगना गुलाम नबी फई अपने
प्रधानमन्त्री के साथ जिसे कांग्रेस के प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने शांतिदूत करार दिया क्यों?
क्या भारतीयों का कतलयाम करवाने वाले को कोई देशभक्त शांतिदूत कह सकता है? नहीं न
अब जरा इन्हें देखें ये हैं राध कुमार और दिलीप पांडगो़डकर जिन्हें काँग्रेस सरकार ने कशमीर समस्य़ा का समाधान करने के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया।
लेकिन ये क्या ये राधा कुमार तो भारत की शत्रु ISI द्वारा संचालित KAC के सरगना गुलाम नबी फई की
बगल में बैठकर भारत को बरबाद करने के षडयन्त्र रच रही है ध्यान रहे दिलीप पांडगोटकर भी इसी हत्यारे का साथी है।
अब आप खुद सोचो कि जिस कांग्रेस सरकार ने भारत की असमिता से सबन्धित दो कमेटिया बनाईं और दोनों में ISI ऐजेंटो को रखा वो काँग्रेस क्या कभी किसी देशभक्त के साथ खड़ी हो सकती है? नहीं न
ISI द्वारा संचालित KAC के सरगना गुलाम नबी फई के इरादों को समझने के लिए इसे भी देखें
अब आप सोच रहे होंगे कि आजकल मिडीया का जमाना है तो फिर ये सब बातें तथाकथित मानवाधिकारबादियों ,समाजिक कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवियों ने क्यों नहीं उठाईं ?
दोस्तो जिन गद्दारों ने अपनी कलम का सौदा भारत के शत्रुओं के साथ भारत को बदनाम कर बरबाद करने के लिए कर लिया हो उन दलालों से भला आप राष्ट्रहित के मुद्दे उठाने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?
भरोसा नहीं होता तो ये देखो ये बो गद्दार है
जिसे हमारे जैसे लोग बचपन से पत्रकारिता का आदर्श मानते आए हैं वही शख्श इतना बड़ा गद्दार निकलेगा हमने कभी स्वपन में भी नहीं सोचा था।
देखो तो जरा किस तरह ये गद्दार इसलामिक आतंकवादियों के सरगना गुलामनबी फई के साथ बैठकर भारत को बदनाम करने हिन्दूओं को आतंकवादी साबित करने की कसमें उठा रहा है…
दोस्तो आप सब जानते हैं कि 1986 से लेकर 2006 तक अकेले कशमीर घाटी में ही इसलामिक आतंकवादियों ने साठ हजार हिन्दूओं का कत्ल कर पांच लाख हिन्दूओं को बेघर किया लेकिन इस गद्दार की कलम आज तक इन हिन्दूओं के दुख दर्द को समझने समझाने के लिए नहीं चली इसकी कलम चलती है तो सिर्फ गुजरात में मुसलमानों द्वारा हिन्दूओं को जिन्दा जलाए जाने के बाद भड़के सांप्रदायिक दंगों में मारे गए मुठी भर हमलावर मुसलमानों के लिए क्यों? क्या आपने कभी सोचा कि इस गद्दार की कलम सिर्फ मुसलमानों व इसलामिक आतंकवादियों के लिए ही साहनुभूति क्यों पैदा करती है क्यों इसे देशभर में इसलामिक आतंकवादियों द्वारा बहाया जा रहा लाखों हिन्दूओं का खून पानी की तरह नजर आता है कारण सिर्फ एक ही है क्योंकि ये गद्दार अपनी कलम को इसलामिक आतंकवादियों के हाथों बेच चुका है ?
ये वही कातिल है जिसने भारत के लोकतन्त्र के मन्दिर पर हमले के मुख्य आरोपी आतंकवादी SAR Gillani को बचाने के लिए मोमबती जलाओ व हस्ताक्षर करवाओ अभियान चलाकर ततकालीन सरकार पर दबाब बनाकर इस आतंकवादी को छुवाड़ाने में सफलता हासिल की और इसका दूसरा साथी अफजल
आज भी इसलामिक आतंकवादियों के हाथों बिके हुए Politicians की बजह से माननीय न्यायालय द्वारा इस भारत के इस शत्रु को 19 नम्मबर 2006 को फांसी पर लटकाने के आदेश के बाबजूद आज तक जिन्दा रहकर भारतीय न्यायव्यवस्था व शहीदों का अपमान कर रहा है।
दोस्तो यही कारण है कि गुजरात के बहाने हिन्दूओं को बदनाम करने के लिए ये कातिल आज तक दर्जनों लेख लिख चुका है जबकि कशमीर घाटी के इसलामिक आतंकवादियों की बरबरता को लिखते वक्त इसकी कलम की स्याही सूख जाती है।
दोस्तो इसलामिक आतंकवादियों के हाथों बिका हुआ ये गद्दार पत्रकार गद्दार जज से मिलकर भारत को कितना बड़ा नुकसान पहुंचा चुका है उसकी कल्पना करना भी आज हम लोगों के अनुमान से परे है।
ऐसा नहीं कि भारतविरोधी इस सेकुलर गिरोह में सिर्फ जज और पत्रकार ही शामिल हैं वास्तव में इस गिरोह में समाज को प्रभावित कर सकने में समर्थ हर स्तर का व्यक्ति सामिल है ।अब इसे ही देखो जो खुद को समाजिक कार्यकर्ता कहकर अक्कसर भारतविरोधियों के हाथों बिके हुए समाचार चैनलों के सटुडियो में बैठकर भारतविरोधी आतंकवादियों की हर कार्यवाही का समर्थन करते हुए भारतीय सेना ,पुलिस व देसभक्त संगठनों को गाली निकालता फिरता था हम दुविधा में पड़ जाते थे कि समाजिक कार्यकर्ता को देशभक्तों को गाली गलौच करने की क्या जरूरत लेकिन इन तसवीरों को देखने के बाद हमें पता चल गया कि ये गद्दार भी
इसलामिक आतंकवादियों के पैसे पर पलने बाला वो आसतीन का सांप है जो भारत माता की गोद में जन्म लेकर भारत माता की बर्बादी के हर खेल में सामिल है
भारतविरोधी कोई भी आतंकवादी भारत पर हमला करे ये हमेशा उन आतंकवादियों का चौकीदार बनकर भारत को बदनाम करने के लिए तत्पर रहता था।
वैसे हम तो शुरू में इसे इसे बामपंथी आतंकवादियों का मददगार मानते थे लेकिन बाद में पता चला ये तो इसालमिक आतंकवादियों का भी ऐजेंट है।
काँग्रस सरकार की भारतविरोधी मानसिकता की नीचता तो देखो ये गद्दार भारत में व भारत से बाहर भारत को लहूलुहान करने के लिए दिन रात काम कर रहे हैं लेकिन ये भारतविरोधी काँग्रेस सरकार इन आसतीन के साँपों को कुचलने के बजाए उन सैनिकों—सन्तों-साध्वियों—पुलिस के जवानों व अधिकारियों और अन्य देशभक्तों को कुचलने में लगी हुई है जो भारतविरोधी आतंकवादियों के बिरूद्ध आवाज उठा रहे हैं व उन्हें मार गिरा रहे हैं।
दोस्तो आप सोच रहे होंगे कि इसालिम आतंकवादियों के हाथों बिके हुए ये मुठीभर लोग भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकते तो आप भ्रम का सिकार हैं क्योंकि इन्हीं बिके हुए Politicians विशेषकर कांग्रेसियों व सेकुलर गद्दारों —पत्रकारों---तथाकथित मानवाधिकारवादियों---
समाजसेवको-----फिल्मकारों
ने हिन्दूओं के बहाने भारत को इस हद तक बदनाम कर दिया है कि भारत के इतिहास में पहली बार किसी दूसरे देश ने भारत को आतंकवादी राष्ठ्र घोषित करने की मांग की है
चलते-चलते आप इस ऐजेंट
को भी पहचानते चलें ये है भारतविरोधियों की खास पत्रिका तहलका की हरेन्द्र बबेजा तथा ये हैं भारतविरोधियों के मददगार प्रफैसर
अब आप जानना चाहेंगे कि इन गद्दारों ने इसलामिक आतंकवादियों से पैसा व सुविधायें लेने के बदले में क्या किया
सबसे पहले तो इस सेकुलर गिरोह ने मिलकर हिन्दूमिटाओ-हिन्दूभगाओ अभियान चलाया जिसमें देशभर में आतंकवादी हमलों में लाखों हिन्दूओं को कत्ल कर लाखों को उजाडा़ गया। इस अभियान में किस तरह इस गिरोह ने एकजुट होकर भारत को लहुलुहान किया इस बात को खुद कातिलों के गिरोह के सरगना गुलामनबी फई ने अमेरिकी अदालत में कबूल किया।
जब भी कभी देश में इन भारतविरोधी आतंकवादियों के विरूद्ध महौल बना तब इन बिके हुए गद्दारों ने बिके हुए चैनलों पर बैठकर भारतीय सैनिकों---पुलिस व अन्य देशभक्त संगठनों के बिरद्ध आगर उगलकर इन आतंकवादियों की मदद की।
दोस्तो इस सेकुलर गिरोह से जुड़े गद्दारों ने जो किया सो किया लेकिन जब बाढ़ ही खेत को खाने लग जाए तो भला कोई क्या करे…मतलब इस सेकुलर गिरोह के दुशप्रचार का शिकार होकर जिस कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाकर देश की आम जनता ने भारत की रक्षा की जिम्मेदारी एक विदेशी इटालियन अंग्रेज को सौंप दी जब उसी अंग्रेज ने चर्च के इसारे व इसलामिक आतंकवादियों के सहारे भारत को कुचने की ठान ली तो आज वो हुआ जो आज तक कभी नहीं हुआ था ……………….मतलब सीमापार से इसलामिक आतंकवादियों ने भारत की 16 लाख की सेना के होते हुए भी पहले असम में भारतीयों पर हमला बोला और अब जम्मु-कशमीर में घुसकर भारतीय सैनिक का सिर काटकर सीमा पार ले गए और हम देखते रह गए ।
मुसीबत की इस घड़ी में काँग्रेस ने भारत के शत्रुओं से लड़ने के बजाए भारत को ही आतंकवादी करार दे दिया…गुलामी की हद तो तब हो गई जब कांग्रेस सरकार और पाकिस्तान मिलकर भारत को आतंकवादी राष्ट्र कहकर बदनाम करने लगे…
इससे पहले भी इसी काँग्रेस सरकार ने शर्मअलशेख में लिखकर दिया कि बलूचीस्तान में आतंकवाद भारत पैला रहा है----
यही नहीं इसी काँग्रेस सरकार ने भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए भारतीय सेना के अधिकारी लैप्टीनैंट कर्नल पुरोहित को आतंकवादी कहकर जेल में बन्द कर दिया क्योंकि उसने सरकार को आतंकवादियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए चिठी लिखी …
इसी इटालियन अंग्रेज की गुलाम सरकार ने भारतीयों के हत्यारे दो इटालिन सैनिकों को जेल से क्रिसमिस की छुट्टी देकर इटली भेज दिया और इसलामिक आतंकवादियों को मारने के झूठे आरोप लगाकर जेल में बन्द की गई साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर जुल्म ढाकर उसे कैंसर का शिकार बना दिया और कोर्ट द्वारा उसे इलाज के लिए जमानत देने की बात कहने पर भी इस गद्दारों की सरकार ने विरोध किया….जरा सोचो इटालिन कातिलों को क्रिसमिस की छुटी देने बाली इस भारतबिरोधी सरकार ने क्या भारतीय सैनिक लैप्टीनैंट कर्नल पुरोहित को दीपावली की छुट्टी दी….
नहीं न जरा सोचो कि जिस कांग्रेस सरकार ने ISI के साथ मिलकर ISI ऐजेंट राजेन्द्र सच्चर को सचर कमेटी का अध्यक्ष बनाकर ISI के देशविरोधी-हिन्दूविरोधी षडयन्त्रों को वैधानिक दर्जा दिलवाने के लिए रिपोर्ट तैयार करबाई…
ISI के साथ मिलकर दलीप पांडगौंकर+राधा कुमार जैसे ISI ऐजेंटों को कशमीर पर ISI के षडयन्त्रों को बैधानिक दर्जा दिलवाने के लिए कमेटी का सदस्य बनाया…
भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का बताकर हिन्दूओं और मुसलमानों के बीच बैमनस्य बढ़ाया व हिन्दूओं में असुरक्षा की भावना को और बढ़ाया …
मुसलिम बहुल जिलों के विकास की बात कर मुसलमानों को अपनी जनसंख्य बढ़ाने के लिए उकसाया…
सुरक्षाबलों को आतंकवादी घटना के बाद इस्लामिक आतंकवादियों के विरूद्ध कार्यवाही न करने को कहकर हिन्दूओं को फंसाने के लिए उकासाय…
पाठशाला में प्रवेश लेने पर मिलने वाली छात्रवृति को सिर्फ गैर हिन्दूओं तक सीमित किया… यहां तक कि SC,ST,OBC के बच्चों को भी वन्चित करवया….
हिथरो हवाई अड्डे पर बम धमाका करने वाले इस्लामिक आतंकवादी के पकड़े जाने पर शोर-शराबा मचाकर इसलामिक आतंकवादियों का हौसला बढ़ाया….
रामलीला मैदान में निर्दोष देशभक्तों पर हमला करवाकर उसे जायज ठहराया…
CBI का दुरूपयोग कर इसरत जहां व सोराबुद्दीन जैसे दुर्दांत आतंकवादियों को मार गिराने वाले जवानों को जेलों में ढलवाया…सांप्रदायिक हिंसा बिल के माध्यम से मुसलमानों व मुसलिम आतंकवादियों के हर अपराध के लिए हिन्दूओं को दोषी ठहराने का षडयन्त्र रचाया…
सेना को सांप्रदायिक आधार पर बांटने का षडयन्त्र रचाकर भारत की नींब को हिलाया…
क्या अब भी आप इटालियन अंग्रेज की गुलाम ऐसी भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी काँग्रेस से ये उम्मीद कर सकते हैं कि वो देशभक्त हिन्दूओं को हिन्दू क्राँतिकारी कहकर भारतविरोधी आतंकवादियों का नमोनिसान मिटाने के लिए उनका साहस बढाए…http://bhagatsinghkrantisena.blogspot.in/2012/05/medha-patkar-exposed.html(Nothing ever came out of it. Yet, since then, there has emerged even more disturbing evidence of NBA's nefarious collusion with foreign elements This is in the form of an exchange of confidential emails between Ms. Patkar and by Mr. Patrick McCully, Ex. Director, International Rivers Network (IRN) based at Berkeley (United States). Now who is this Patrick McCully? He is a man who cavorts with enemies of India, particularly with Angana Chatterjee, on the board of IRN, a known India baiter, who was very close to
Ghulab Nabi Fai
, recently arrested by the FBI for being an ISI spy. Angana Chatterjee is married to Richard Shapiro, Director and Associate Professor of the Graduate Anthropology Program at CIIS. Now both Shapiro and Chatterjee were regular at the ISI sponsored junkets. She was charged of being propped up by the ISI to launch an anti-India campaign. Further, her partner Richard Shapiro was denied entry to India in 2010 for what was reported to be his anti-India propaganda.)
कुल मिलाकर हिन्दूओं को बार-बार आतंकवादी कहकर इसलामिक आतंकवादियों को बचाने के षडयन्त्र के पीछे और कोई नहीं सिर्फ और सिर्फ एडबीज एंटोनिया असलवीना माइनो ही है जो चर्च द्वारा भारत को तबाह करने के लिए रचे जा रहे हर षडयन्त्र को बौद्धिक गुलामों व बिके हुए सेकुलर गद्दारों के सहयोग से इसलामिक आतंकवादियों
को हथियार बनाकर बड़ी चतुराई से अंजाम दे ही है…
ऐसे में जब भी कोई गुलाम काँग्रेसी हिन्दूओं को आतंकवादी कहे तो आपको समझ जाना चाहिए कि देश के लिए बाजी लगाने को ततपर हिन्दू क्राँतिकारियों को आतंकवादी कहने वाला भारतविरोधी आतंकवादियों के हाथों बिका हुआ गद्दार है जिसे भारत माता की पाबन धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं आओ मिलकर भारत माता को ऐसे गद्दारों से मुक्त करने का प्रण कर आगे बढ़ें…
शुक्रवार, 18 जनवरी 2013
Reality of Sharad Pawar Exposed By Rajiv Dixit
और अंत राजीव भाई के कहते है कि ये जो कुतर्क है ये शरद पवार का नाम मैंने इसलिए ले लिया क्यूकि वह के प्रतीक व्यक्ति है वरना ये कुतर्क हिंदुस्तान के बहुत सारे पढे लिखे व्यक्तियों के कुतर्क बन चुके हैं !खासकर ऐसे पढे लिखे लोग जिनको कुछ अंग्रेज़ियत की शिक्षा मिली है जो कान्वेंट आदि मे पढे है इंजीनियर डाक्टर आदि बन चुके है उनके भी ये कुतर्क बन चुके हैं ! शरद पवार तो प्रतीक मात्र है वहाँ कोई और भी हो सकता है जो इसी तरह की बात करे !