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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

सोमवार, 25 फ़रवरी 2013

राजा वीरभद्र सिंह जी आपने ये क्या कर दिया?

हिमाचल एक छोटा सा राज्य है जिसका राष्ट्रीय राजनीति पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन फिर भी हिमाचल में चर्च द्वारा अपनी मर्जी की सरकार बनवाने के लिए कई तरह के षडयन्त्र  रचे जाते हैं ।

पहले तो चर्च ने उतर पूर्व के छोटे राज्यों की तरह हिमाचल को भी हिन्दूविहीन करने के लिए धनवल से धर्मांतरण अभियान चलया जिसका हिमाचल के लोंगों ने हिन्दू संगठनों के साथ मिलकर  डटकर विरोध किया ।

इस विरोध को असली ताकत तब मिली जब बीरभद्र सिंह जी ने हिमाचल में धर्मस्वतन्त्रता  विधेयक पारित करवाकर ये सुनिश्चित किया कि चर्च हिमाचलियों पर जोर जबरदस्ती न कर सके ।

हद तो तब हो गई जब चर्च ने चोरी और सीना जोरी की कहाबत को सच साबित करते हुए  इस कानून को कोर्ट में चैलेंज किया लेकिन अन्त में विजय सत्य की ही हुई और माननीय न्यायलय ने इस कानून को सही ठहराया।

हम सब जानते हैं कि चर्च अपने षडयन्त्रों को आगे बढ़ाने के लिए इटालियन अंग्रेज एटवीज एंटोनिया अलवीना माइनो का हर तरह से उपयोग करता है और हिमाचल के मामले में भी राजा बीरभद्र सिंह जी पर हर सम्भव दबाब डाला गया देशहित-हिन्दूहित में बनाए गए इस कानून को रद्द कवाने के लिए।

लेकिन राज साहब ने चर्च और उसके ऐजेंटों की एक न सुनते हुए इस कानून को अमलीजामा पहनाकर ही दम लिया ।राजा साहब के इसी फैसले से खुश होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पत्रिका पंचजन्य में राजा साहब को हिमाचल का लौहपुरष का खिताब देकर सम्मानित किया गया।

लेकिन हिन्दूहित-देशहित में राजा साहब द्वारा बनया गया ये कानून व देशभक्तों द्वारा राजा साहब को  दिया गया ये सम्मान चर्च के उन ऐजेंटों को रास न आया जिनको हिन्दूहित-भारत हित नहीं वल्कि जिनका मकसद हिन्दूविरोध-भारतविरोध  है।

परिणामस्वारूप  राजा साहब को योजनाबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह एक ईसाई को नेता विपक्ष की कुर्सी पर बिठा दिया गया लेकिन जब हिमाचल की भोली-भाली लेकिन समझदार जनता से इस ईसाई को कोई जनसमर्थन न मिला तो आखिरकार चर्च को राजा बीरभद्र सिंह जी के आगे घुटने टेकने पड़े ।

इससे पहले राजा साहब को चर्च के आगे घुटने टेकने को मजबूर करने के लिए युबा काँग्रेस के  प्रधान के पद पर भारी बहुमत से चुने गए इनके बेटे बिक्रम सिंह  का चुनाब रद्द करते हुए उनकी दोबारा जीत के डर से उनके दोबारा चुनाब लडने पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया गया।

राजा साहब के ऐसे बहुत से फैसले हैं जिनके कारण हमारे जैसे बहुत से लोग जो चर्च की गुलाम कांग्रेस के हिन्दूविरोधी-भारतविरोधी षडयन्त्रों के प्रखर विरोधी होने के बाबजूद राजा साहब के कट्टर समर्थक हैं ।

लेकिन राजा साहब द्वारा चर्च के दबाब के आगे झुकते हुए स्वामी रामदेव जी के ट्रस्ट पतंजली योगपीठ को आबंटित भूमि को रद्द करना एक ऐसा अलोकप्रिए कदम है जो राजा साहब जी की प्रखर देसभक्त की छबि से कतई मेल नहीं खाता।

राजा साहब को  समझना चाहिए कि बिदेशों के इसारों पर काम करने वाली काँग्रेस ने जो काम पिछले साठ वर्षों में नहीं किया वही काम स्वामी रामदेव जी ने पिछ 15 वर्ष में कर दिखाया ये काम हैं भारतीय जीवन पद्धति के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ भारतीय औषध दर्शन आयुर्वेद का विकस व आयुर्वेद के श्रेत्र में विशाल शोध कार्य।

अब अगर भारत हित के इस पुन्य कार्य के लिए हिमाचल में जमीन नहीं दी जा सकती तो फिर भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी कार्यों में संलिपत चर्च को आज तक जितनी भी जमीन आबंटित की गई है उस सबको बापस लेकर हिमाचल की जनता को हवाले कर देना चाहिए।

अगर राजा साहब प्रशांत-भूषण को दी गई जमीन को बापस लेते तो हम कह सकते थे कि एक ऐसे गद्दार जो पाकिस्तान की भाषा बोलता हो  को जमीन देना पूरी तरह नजायज था।

अब राजा साहब और प्रेम कुमार धूमल को हिमाचल की जनता को ये भी बताना चाहिए कि प्रियंका बाढरा को हिमाचल की जमीन किस समाजिक कार्य के लिए दी गई।priyanka.htm1

आज भी हमारी राय पूरी तरह सपष्ट है कि राजा साहब का ये फैसला चर्च के दबाब में लिया गया वो फैसला है जो राजा साहब द्वारा वर्षों की मेहनत के वाद वनाई गई देशभक्त जननेता की छवि को धूमिल करेगा व राजा साहब के विरोधी उनकी इस छवि के कमजोर होते ही उनको उनके पद से दरकिनार कर चर्च के दुलारे एक ऐसे वयक्ति को इस पद पर बिठा देंगें जिसकी पत्नी न केवल इटालियन है वल्कि ईसाई भी है और राजा साहब बिरोध भी नहीं कर पायेंगे क्योंकि अगर चुनाब से ठीक पहले चर्च ने घुटने टेके हैं तो राजा साबह की देशभक्त जननेता की छवि के सामने क्योंकि ये वो छवि है जो सारे भारत में काँग्रेस विरोधी महौल होने व चुनाब के दौरान चर्च नियंत्रित कांग्रेस सरकार द्वारा तमाम अलोकप्रिए फैसले करने के बाबजूद हिमाचल की जनता ने सेकुलर प्रेमकुमार धूमल को पटकनी देकर हिन्दूत्वनिष्ठ बीरभद्र सिंह को हिमाचल की सता पर बिठाया लेकिन ये शायद जनता ने स्वपन में भी नहीं सोचा होगा कि राजा साहब मजबूर होकर चर्च के  आगे गुटने टेक देंगे ।

हमें अभी भी उम्मीद है कि राजा साहब अपने समर्थकों की उम्मीदों व भावनाओं का ख्याल रखते  हुए अपने इस फैसले को यथाशीघ्र दुरूस्त करेंगे ।

वरना राजा साहब के समर्थक यही कहते-कहते उनका साथ छोड़ जायेंगे कि-------

राजा वीरभद्र सिंह जी आपने ये क्या कर दिया?

शनिवार, 23 फ़रवरी 2013

Rahul Gandhi,s terror Conection

 

 

लोग कहते हैं, युनान मिश्र रोमा सब मिट गए, कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी।

पर यह भी सत्य है कि उस कौम का इतिहास नहीं होता ,जिसको मिटने का एहसास नहीं होता,

मिलजुलकर एकजुट होकर कदम उठाओ ऐ हिन्दूओ,बरना तुम्महारी दास्तां तक न होगी दासतानों में।

 

Please spare some time to understand Rahul Gandhi,s Islamic Terror Connection

http://www.facebook.com/media/set/?set=a.552129591479062.122177.100000460782224&type=1&l=4a415e5705

That is Why congeress declare all innocent Hindus as terrorists And all Islamic terrorists as innocent muslims

बुधवार, 20 फ़रवरी 2013

जो संगठित नहीं होते वो इसी तरह मरते हैं अभी भी वक्त है देशभक्त संगठनों के साथ आकर अपनी व अपने वच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें इन मानबाता के हत्यारों से

तिथि - 19 फ़रवरी 2013. अशांति का क्षेत्र - गाँव - हेरोभंगा , पी एस कैनिंग. जिला दक्षिण 24 परगना.
मुसलमानों के बाहर से हजारों की दसियों वहाँ एकत्र हुए. बड़े पैमाने / गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती कराया. 2 पुलिस वाहनों जला दिया.
गड़बड़ी बसंती, जयनगर , कुलतली जैसे अन्य क्षेत्रों में फैल गया. इसके अलावा संदेशखाली उत्तर के क्षेत्र में 24 परगना जिले के लिए.
ट्रेन सियालदह पर बंद कर दिया कैनिंग लाइन.
ये सभी एक "मौलवी कल रात की हत्या की प्रतिक्रिया में हुआ. कोई नहीं जानता कि इस मौलवी की हत्या किसने की क्यों की ? हलाकि की मौलवी के बैग से ११ लाख रूपये बरामद हुए हैं , वो कहाँ से ये ? कर दी है, जो उसकी हत्या की है. एक अन्य मौलवी नाम अब्दुल वहाब अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा किया गया है इस हमले में घायल हो गए.
हेरोभंगा के क्षेत्र में, जहाँ तक मुझे पता है, वहाँ किसी भी हिंदू संगठनों का कोई अस्तित्व नहीं है. सुबह मौलवी के मृत शरीर के बाद, सभी मस्जिदों से पास, मुसलमानों के लिए बदला लेने के लिए इकट्ठा बुलाया गया. फिर मुसलमानों की एक बहुत बड़ी भीड़ निकटतम गांव 'Naliakhali' पर हमला किया. यह पूरी तरह से किया गया है नीचे जला दिया और लूट लिया - 200 घरों के बारे में कुल. पैसे, आभूषण, चावल, धान, साइकिल, मोटर बाइक, बर्तन लूट लिया और मोटर वैन से दूर ले जाया सहित सभी लेख. गांव के मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया है. महिलाओं को पीटा रहे हैं.http://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/NAARAD/entry/%E0%A4%AE-%E0%A4%A1-%E0%A4%AF-%E0%A4%AB-%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%8F%E0%A4%97-%E0%A4%B9-%E0%A4%A8-%E0%A4%A6-%E0%A4%93-%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AF-%E0%A4%B0
आगजनी और Naliakhali गांव की लूटपाट के बाद, भारी भीड़ अन्य गांवों के लिए रवाना हुए. गोपालपुर गांव में 3o हिंदू घरों को लूट लिया गया है और जला दिया. यहाँ केवल प्रशांत अधिकारी घर में सब कुछ लूट लिया, उसकी चावल और 1 बोलेरो कार के 4 शेयर नीचे जला दिया गया है. इस गांव में, वहाँ 4 मुस्लिम घरों रहे हैं. उन्हें कोई नुक्सान नहीं हुआ है .
हेरोभ्न्गा गांव में, 40 हिन्दू घरों और गोलदार गांव 40 हिंदू घरों में जला दिया गया है. इन सभी पुलिस की उपस्थिति में हुआ. यह सूचना दी है कि प्रशांत अधिकारी के घर की लूटपाट और आगजनी के समय पर, कैनिंग एसडीपीओ वहाँ उपस्थित था और सब कुछ चुपचाप देखा के रूप में अगर वह यह के पूर्ण समर्थन में है.
कुल / इन 4 गांवों की संपत्ति की क्षति के करोड़ों रुपए में होगा.
मुसलमानों द्वारा लक्ष्मी (38 वर्ष) सहित 5 हिंदू महिलाओं से गंभीर छेड़छाड़ की गयी . एक स्थान पर,
सचिन सरदार, बिमल प्रमाणिक और गोपाल सरदार की किराने की दुकान के सैलून की दवा की दुकान पर हमला कर दिया गया है और क्षतिग्रस्त.
शरीफ के नि��ट गांव कोरापारा में अनुसूचित जाति के हिंदुओं पर हमला किया गया है और पिटाई. पुलिस और प्रशासन उनकी पूरी स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं. और विभिन्न क्षेत्रों से कोलकाता और मलिकपुर के दर्जनों मुसलमानों की ट्रक के दर्जनों सभी दिन कैनिंग की दिशा में नेतृत्व किया. बड़े पैमाने पर क्षति और हिंदुओं के अपमान के बाद, अंत में प्रशासन कोई ठोस कदम उठाया मुसलमानों की हिंसा रोकने.
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इतना सब हो तह है और देश का मिडिया सो रहा है, अब जरा सोचिये यहीं यदि बस कोई एक हिन्दू किसी मुस्लिम को थप्पड़ भी मार देता तो मिडिया उसे हत्यारा बता के खबरों के बाजार में बेच देता. या मीडिया इसे तब तक नहीं बताएगा जब हिन्दू प्रतिक्रिया देना शुरू नहीं करते. हाँ सुदर्शन समाचार ने के साथ एक दो समाचार पत्रों ने इनके इस्लामी अभिव्यक्ति की खूबियाँ जरुर बताई, और बाकी इन्तजार कर रहे है कब हिन्दू को हत्यारा बताया जा सके .
http://www.youtube.com/watch?v=uNzSzFnaQqY&feature=share

मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013

Asaduddin Owaisi - Addressing Milad Jalsa at Darusalam - 24-01-2013

तीन दिन जेल में विताने के बाद इस गद्दार का ये हाल है तो उस वक्त क्या होगा जब इस गद्दार अशाऊद्दीन ओबैसी को इसके गद्दार सहयोगी अकबरूद्दीन ओबैसी को फांसी पर लटकाया जाएगा

बुधवार, 30 जनवरी 2013

नथुराम गोडसे द्वारा गाँधी वध आतंकवादी कदम या फिर क्राँतिकारी कदम?

सिर्फ एक पक्ष को देखकर इस पर फैसला किया जाए तो ये मामला विलकुल साधारण दिखता है लेकिन अगर इस बिषय को बिस्तार से समझने की कोशिश की जाए तो यही मामला भारत की बर्बादी और भारत की रक्षा का आधारशूत्र है।

इस बहस का मूल तत्व है भारत के अस्तित्व को मानना या न मानना। जो भी भारत के अस्तित्व को मानता है उसे हिन्दूत्व के अस्तित्व को भी मानना पढ़ेगा और जो हिन्दूत्व के अस्तित्व को मानता है उसे ये भी मानना पड़ेगा कि हिन्दूओं पर हमला भारत पर हमला है और जो भी हिन्दूओं पर हमला करता है वो भारत का शत्रु है और जो भी भारत के शत्रु को मारता है वो भारतीयों के लिए क्राँतिकारी है व भारत के शत्रुओं के लिए आतंकवादी है।

इसी सन्दर्भ में अगर गाँधी की भूमिका का अवलोकन किया जाए तो आप पायेंगे कि गाँधी मुसलमानों को साथ लेने के चक्कर में इस हद तक हिन्दूविरोधी हो चुके थे कि उन्हें गद्दारी और देशभक्ति का अन्तर समझना मुस्किल हो चुका था इसी के परिणामस्वारूप गाँधी ने अंग्रजों द्वारा अपनाई जा रही फूट डालो और राज करो की नीति का कभी विरोध नहीं किया यहाँ तक कि भारतमाता की अस्मिता की खातिर अपना सर्वस्व न्यौछावर करने पर उतारू भक्त सिंह, चन्द्र शेखर आजाद जैसे क्राँतिकारियों का साथ देना तो दूर गांधी भारत माता के इन सच्चे देशभक्तों को उग्रवादी कहने से भी न चूके …बाद में गद्दारी की यही मानसिकता काँग्रेस की बिचारधारा बन गई ….काँग्रेस की इसी भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी मानसिकरता के परिणामस्वारूप आज भारत वहीं पहुंच चुका है जहां पहुंच कर वो 1947 को विभाजन के जख्म शहने को मजबूर हुआ था…

अगर क्राँतिकारी और आतंकवादी के इस अन्तर को और भी स्पष्टता से समझना है तो वर्तमान में घट रही घटनाओं को समझना पड़ेगा।

आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि भारत आज दो खेमो में बंट चुका है एक खेमा फूट डालो और राज करो की नीति अपनाकर खुद को सेकुलर कहता है और हर तरह के भारतविरोधी आतंकवाद का समर्थन करता है व किसी भी तरह की भारत समर्थक क्राँति की आवाज का डटकर विरोध करता है ये आवाज चाहे कोई भी क्यों न उठाए..

दूसरा खेमा भारतविरोधी आतंकवाद का डटकर विरोध करता है व हिन्दू एकता पर जोर देते हुए सांस्कृतिक राष्ट्रबाद पर जोर देता है …देशभक्त क्राँतिकारियों को आज की जरूरत मानता है…शहीदों की कुर्बानियों को याद कर उनका कर्ज चुकाने के लिए खुद भी कुर्बानी होने के लिए तत्पर दिखता है…ऐसे ही 4 दर्जन क्रांतिकारीयों को सेकुलर खेमे ने जेलों में बन्दकर सभी हिन्दूओं को हिन्दू आतंकवादी कहकर भारत को कमजोर करना शुरू कर दिया है …

प्रश्न ये उठता है कि क्यों ये सेकुलर गिरोह देशभक्त क्राँतिकारियों को आतंकवादी कहकर बदनाम करता है व उसी वक्त क्यों ये सेकुलर गिरोह भारत सहित दुनियाभर में कतलोगारद मचाने वाले इसलामिक आतंकवादियों को कभी जी …तो कभी साहब… तो कभी भाई कहकर सम्मानित करता है  यही नहीं इस सेकुलर गिरोह का प्रधानमन्त्री भारतीय सुरक्षाबलों को मानवता के हत्यारे इन इसलामिक आतंकवादियों को गिर्फतार न करने का सुझाव देता है…

जरा अपने दिमाग पर जोर देकर सोचो कि वो कौन सी मानसिकता है जिसके परिणाम स्वारूप सेकुलर गिरोह को देशभक्त क्राँतिकारी तो आतंकवादी नजर आते हैं और मानवता के हत्यारे भारतविरोधी इसालिक आतंकवादी इस सेकुलर गिरोह को माननीय…सम्माननीय….बेचारे जिहादी नजर आते हैं…

कौन किसके लिए क्राँतिकारी है और कौन किसके लिए आतंकवादी है ये इस बात पर निर्भर करता है कि मन से वो किसके साथ है और किसके विरोध में

जैसे कि अगर इसलामिक आतंकवादियों व उनके समर्थकों के नजरिए से देखा जाए तो ओसामा विन लादेन क्योंकि उनके लिए लड़ते हुए गैर मुसलमानों का कत्लयाम कर  बरबर इसलामिक राज्य का विस्तार कर रहा है इसलिए वो बरबरता के सब समर्थकों के लिए जिहादी है मतलब सम्मानीय है जबकि क्योंकि वो गैर मुसलमानों का कत्लयाम कर रहा है इसलिए वो देशभक्त भारतीयों व ईसाईयों के लिए आतंकवादी है..

क्योंकि सेकुलर गिरोह का वास्तविक मकसद मानबता के मूल हिन्दुत्व को बदनाम कर भारत को खत्म करना है इसीलिए सेकुलर गिरोह से जुड़े भारतविरोधियों को भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार व बचाव में लगे देशभक्त क्रांतिकारी आतंकवादी नजर आते हैं और भारतीयता को समाप्त करने के लिए लगातार भारत को लहुलूहान कर रहे भारतविरोधी इसलामिक आतंकवादी कभी सगे भाई… तो कभीबेचारे… तो  कभी जी …तो कभी साहब नजर आते हैं

जो भी भारतीय अपनी भारत माता के प्रति बफादार है अगर उसे गाँधी के सब भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी कुकर्मों की जानकारी है तो उसके लिए नथुराम गोडसे जी एक क्राँतिकारी है व जो भी गद्दार इस पावन भारतमाता को लहुलूहान होता हुआ देखकर खुश होता है जो भारत की …हिन्दूओं की बरबादी चाहता है उसके लिए भारत माता व हिन्दूओं की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाला नथुराम गोडसे किसी आतंकवादी से कम नहीं …

मंगलवार, 22 जनवरी 2013

हिन्दू आतंकवाद के विरूद्ध चौंकाने वाले प्रमाण(Stunning Evidences Against Hindu Terrorism)



PM or Terroristआज हम प्रमाण सहित वो बताने वाले हैं जिसे समझने के  बाद कोई भी देशभक्त कांग्रेस द्वारा श्रीमद भगवद गीता + रामायण को काल्पनिक, मानवता के हत्यारे  ओसामा को  जी, भारत के दुशमन हाफिज को साहब , स्वामी राम देव को ठग या फिर हिन्दू व RSS को आतंकवादी कहने पर कतई चौंकेगा नहीं …

आओ सबसे पहले आप  इस से मिलो ये है अमेरिका में

इसलामिक आतंकवादियों के आर्थिक स्त्रोत साऊदी अरब की सहायता से Inter-Services Intelligence of Pakistan(ISI )द्वारा संचालित संस्था Kasmir Amrican Council(KAC) का प्रमुख gnf4g kac 8GNFगुलाम नबी फई जो आजकल अमेरिका में जेल में बन्द है क्योंकि इसने अमेरिका के Senators को  इसलामिक आतंकवादियों के लिए काम करने के लिए ठीक उसी तरह खरीदने की कोशिश की जिस तरह इसने KAC के माध्यम से भारतीय सांसदों, फिल्मकारों, पत्रकारों,  तथाकथित मानवाधिकारवादियों व समाजिक कार्यकर्ताओं को खरीदा था।

गृहमन्त्री सुशील कुमार शिन्दे द्वार हिन्दूओं को आतंकवादी साबित करने के पक्ष में ये कहा जा रहा है कि कांग्रेस सरकार द्वारा गिरफ्तार हिन्दूओं में से एक  ने ये स्वीकार किया है कि सच्चर कमेटी रिपोर्ट पूरी होने से  करने से पहले ही

Hindus Wanted to Kill Justice Rajinder sachar

राजेन्द्र सच्चर को मारना सही है या गलत कहने से पहले ये जान लें कि राजेन्द्र सच्चर किसके लिए काम कर रहा था भारत के लिए या फिर भारत के शत्रुओं के लिए?

आओ जरा इस तस्वीर पर नजर दौड़ायें

अरे ये क्याg jrs कांग्रेस सरकार द्वारा भारत में काँग्रेस के 50 वर्ष के शासनकाल में मुसलमानों की दुर्गति की रिपोर्ट लिखने के लिए चुना गया Justice Rajinder sachar, इसलामिक आतंकवादियों के आर्थिक स्त्रोत साऊदी अरब की सहायता से Inter-Services Intelligence of Pakistan(ISI )द्वारा संचालित Kasmir Amrican Council(KAC) के मंच पर ?

अगर आप सोच रहे हैं कि इसे इसलामिक आतंकवादी बन्धक बनाकर ले गए हैं तो आप गलत हैं क्योंकि g jrs 1.png2

इस गद्दार की इन तस्वीरों को देखकर साबित हो जाता है कि ये खुशी-g jrs.png1खुशी भारत के शत्रुओं के लिए काम कर रहा है जिसका इनमा भारत के शत्रु इसे इस तरह से दे रहे हैं।American Federation of Muslims of Indian Origin original_mg-muslims-sachar-reportअगर आपको इसकी गद्दारी पर जरा भी शंका है तो सच्चर कमेटी रिपोर्ट उठाकर एकबार पढ़ लें आप खुदबाखुद समझ जायेंगे कि किस तरह इस गद्दार ने ISI के इसारे पर सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के माध्यम से भारतीयता पर हमला किया है।

अब आप बताओ कि अगर हिन्दू भारतविरोधियों के लिए काम करने बाले ऐसे गद्दार को मारने की योजना बना रहे थे तो क्या गलत कर रहे थे?

क्योंकि हमारे पूजनीय गुरू गोविन्द सिंह जी जैसे  देशभक्त क्रांतिकारियों ने हमें यही तो सिखाया है कि जो भारत के शत्रुओं के लिए काम करे उसे जिन्दा रहने का कोई हक नहीं …

खैर छोड़ो मरना-मारना हमारे हाथ में नहीं लेकिन आप ये सोचो कि जिस काँग्रेस सरकार ने इस ISI ऐजेंट को इतनी महत्तवपूर्ण कमेटी का अध्यक्ष बनाया वो किसके लिए काम कर रही है भारत के लिए या फिर भारत के शत्रुओं के लिए?

कांग्रेस सरकार में भी बो कौन है जो भारत के शत्रु आतंकवादियों से पैसे खाकर हिन्दूओं को आतंकवादी कहकर बदनाम करने के लिए कभी करकरे तो कभी चिदंमबरम तो कभी दिगबिजय सिंह और अब सिंदे का इस्तेमाल कर रहा है?

कहीं ये तो नहीं?rs1

बेचारा खुद कठपुतली है इसकी क्या औकात जो किसी और का इस्तेमाल कर सके। ये नहीं तो फिर मौत का सौदागर है कौन?

अभी आप अपना धैर्य बनाए रखें क्योंकि ये मामला जल्दी में निपटाने का नहीं बल्कि गहन चिन्तन करने का है कि काँग्रेस सरकार ने सिर्फ यही काम ISI के ईसारे पर किया या फिर कुछ और काम भी ?

जरा ध्यान से देखें ये है अमेरिका में भारत के शत्रु कातिलों के गिरोह ISI की ब्राँच KAC का सरगना गुलाम नबी फई fअपने clip_image024प्रधानमन्त्री के साथ जिसे कांग्रेस के प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने  शांतिदूत करार दिया क्यों?

क्या भारतीयों का कतलयाम करवाने वाले को कोई देशभक्त शांतिदूत कह सकता है? नहीं न

अब जरा इन्हें देखें ये हैं राध कुमार औgnf5र दिलीप पांडगो़डकर जिन्हें काँग्रेस सरकार ने कशमीर समस्य़ा का समाधान करने के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया।

लेकिन ये क्या ये राधा कुमार तो भारत की शत्रु ISI द्वारा संचालित KAC के सरगना गुलाम नबी फई radha kumar with Ghulam Nabi Faiकी clip_image026बगल में बैठकर भारत को बरबाद करने के षडयन्त्र रच रही है ध्यान रहे दिलीप पांडगोटकर भी इसी हत्यारे का साथी है।

अब आप खुद सोचो कि जिस कांग्रेस सरकार ने भारत की असमिता से सबन्धित दो कमेटिया बनाईं और दोनों में ISI  ऐजेंटो को रखा वो काँग्रेस क्या कभी किसी देशभक्त के साथ खड़ी हो सकती है? नहीं न

ISI द्वारा संचालित KAC के सरगना गुलाम नबी फई के इरादों को समझने के लिए इसे भी देखेंg fai

अब आप सोच रहे होंगे कि आजकल  मिडीया का जमाना है तो फिर ये सब बातें तथाकथित मानवाधिकारबादियों ,समाजिक कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवियों ने क्यों नहीं उठाईं ?

दोस्तो जिन गद्दारों  ने अपनी कलम का सौदा भारत के शत्रुओं के साथ भारत को बदनाम कर बरबाद करने के लिए कर लिया  हो उन दलालों से भला आप राष्ट्रहित के मुद्दे उठाने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?

भरोसा नहीं होता तो ये देखो  ये बो गद्दार  है

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जिसे हमारे जैसे लोग बचपन से पत्रकारिता का आदर्श मानते  आए हैं  वही शख्श इतना बड़ा गद्दार निकलेगा हमने कभी स्वपन में भी नहीं सोचा था।

देखो तो जरा किस तरह ये गद्दार इसलामिक आतंकवादियों के सरगना गुलामनबी फई g knके साथ बैठकर भारत को बदनाम करने हिन्दूओं को आतंकवादी साबित करने की कसमें उठा रहा है…

दोस्तो आप सब जानते हैं कि 1986 से लेकर 2006 तक अकेले कशमीर घाटी में ही इसलामिक आतंकवादियों ने साठ हजार हिन्दूओं का कत्ल  कर पांच लाख हिन्दूओं को बेघर किया लेकिन इस गद्दार की कलम आज तक इन हिन्दूओं के दुख दर्द को समझने समझाने के लिए नहीं चली इसकी कलम चलती है तो सिर्फ गुजरात में मुसलमानों द्वारा हिन्दूओं को जिन्दा जलाए जाने के बाद भड़के सांप्रदायिक दंगों में मारे गए मुठी भर हमलावर मुसलमानों के लिए क्यों? क्या  आपने कभी सोचा कि इस गद्दार की कलम सिर्फ मुसलमानों व इसलामिक आतंकवादियों के लिए  ही साहनुभूति क्यों पैदा करती है क्यों इसे देशभर में इसलामिक आतंकवादियों द्वारा बहाया जा रहा लाखों  हिन्दूओं का खून पानी की तरह नजर आता है कारण सिर्फ एक ही है क्योंकि ये गद्दार अपनी कलम को इसलामिक g kn1आतंकवादियों के हाथों बेच चुका है  ?

ये वही कातिल है जिसने भारत के लोकतन्त्र के मन्दिर पर हमले के मुख्य आरोपी आतंकवादी  SAR GilaniSAR  Gillani को बचाने के लिए मोमबती जलाओ व हस्ताक्षर करवाओ अभियान चलाकर ततकालीन सरकार पर दबाब बनाकर इस आतंकवादी को छुवाड़ाने में सफलता हासिल की और इसका दूसरा साथी अफजल gilaniआज भी इसलामिक आतंकवादियों के हाथों बिके हुए  Politicians की बजह से माननीय न्यायालय द्वारा इस भारत के इस शत्रु को 19 नम्मबर 2006 को  फांसी पर लटकाने के आदेश के बाबजूद आज तक जिन्दा रहकर भारतीय न्यायव्यवस्था व शहीदों का अपमान कर रहा है।

दोस्तो यही कारण है कि गुजरात के बहाने हिन्दूओं को बदनाम करने के लिए ये कातिल g k n 3आज तक दर्जनों लेख लिख चुका है जबकि कशमीर घाटी के इसलामिक आतंकवादियों की बरबरता को लिखते वक्त इसकी कलम की स्याही सूख जाती है।

दोस्तो इसलामिक आतंकवादियों के हाथों बिका हुआ ये गद्दार पत्रकार  g kn 3.png4गद्दार जज से मिलकर भारत को कितना बड़ा नुकसान पहुंचा चुका है उसकी कल्पना करना भी आज हम लोगों के अनुमान से परे है।

ऐसा नहीं कि भारतविरोधी इस सेकुलर गिरोह में सिर्फ जज और पत्रकार ही शामिल हैं वास्तव में इस गिरोह में समाज को प्रभावित कर सकने में समर्थ हर स्तर का व्यक्ति सामिल है ।अब इसे ही देखो g5जो खुद को  समाजिक कार्यकर्ता कहकर अक्कसर भारतविरोधियों के हाथों बिके हुए समाचार चैनलों के सटुडियो में  बैठकर भारतविरोधी आतंकवादियों की हर कार्यवाही का समर्थन करते हुए भारतीय सेना ,पुलिस व देसभक्त संगठनों को गाली निकालता फिरता था हम दुविधा में पड़ जाते थे कि समाजिक कार्यकर्ता को देशभक्तों को गाली गलौच करने की क्या जरूरत लेकिन इन तसवीरों को देखने के बाद हमें पता चल गया कि ये गद्दार भी g2इसलामिक आतंकवादियों के पैसे पर पलने बाला वो आसतीन का सांप है जो भारत माता की गोद में जन्म लेकर भारत माता की बर्बादी के हर खेल में सामिल है  g6भारतविरोधी कोई भी आतंकवादी भारत पर हमला करे ये हमेशा उन आतंकवादियों का चौकीदार बनकर भारत को बदनाम करने के लिए तत्पर रहता था।g4 वैसे हम तो शुरू में इसे इसे बामपंथी आतंकवादियों का मददगार मानते थे लेकिन बाद में पता चला ये तो इसालमिक आतंकवादियों का भी ऐजेंट है।

काँग्रस सरकार की भारतविरोधी मानसिकता की नीचता तो देखो ये गद्दार भारत में व भारत से बाहर भारत को लहूलुहान करने के लिए g kac3दिन रात काम कर रहे हैं लेकिन ये भारतविरोधी काँग्रेस सरकार इन आसतीन के  साँपों को कुचलने के बजाए उन सैनिकों—सन्तों-साध्वियों—पुलिस के जवानों व अधिकारियों और अन्य देशभक्तों को कुचलने में लगी हुई है जो भारतविरोधी आतंकवादियों के बिरूद्ध आवाज उठा रहे हैं व उन्हें मार गिरा रहे हैं।

दोस्तो आप सोच रहे होंगे कि इसालिम आतंकवादियों के हाथों बिके हुए ये मुठीभर लोग भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकते तो आप भ्रम का सिकार हैं क्योंकि इन्हीं बिके  हुए Politicians Khursheedविशेषकर कांग्रेसियों व सेकुलर गद्दारों —पत्रकारों---तथाकथित मानवाधिकारवादियों---prasant.4jpgसमाजसेवको-----फिल्मकारोंk8 ने हिन्दूओं के बहाने भारत को इस हद तक बदनाम कर दिया है कि भारत के इतिहास में पहली बार किसी दूसरे देश ने भारत को आतंकवादी राष्ठ्र घोषित करने की मांग की हैg kac6 चलते-चलते आप इस ऐजेंट g Harinder Babejaको भी पहचानते चलें ये है भारतविरोधियों की खास पत्रिका तहलका की हरेन्द्र बबेजा तथा ये हैं भारतविरोधियों के मददगार प्रफैसरProfessor Kamal Mitra Chenoy

अब आप जानना चाहेंगे कि इन गद्दारों ने इसलामिक आतंकवादियों से पैसा व सुविधायें लेने के बदले में क्या किया

सबसे पहले तो इस  सेकुलर गिरोह ने मिलकर हिन्दूमिटाओ-हिन्दूभगाओ अभियान चलाया जिसमें देशभर में आतंकवादी हमलों में लाखों हिन्दूओं को कत्ल कर लाखों को उजाडा़ गया। इस अभियान में किस तरह इस गिरोह ने एकजुट होकर भारत को लहुलुहान किया इस बात को खुद  कातिलों के गिरोह के सरगना गुलामनबी फई ने अमेरिकी अदालत में कबूल किया।

जब भी कभी देश में इन भारतविरोधी आतंकवादियों  के विरूद्ध महौल बना तब इन बिके हुए गद्दारों ने बिके हुए चैनलों पर बैठकर भारतीय सैनिकों---पुलिस व अन्य देशभक्त संगठनों के बिरद्ध आगर उगलकर इन आतंकवादियों की मदद की।

दोस्तो इस सेकुलर गिरोह से जुड़े गद्दारों ने जो किया सो किया लेकिन जब बाढ़ ही खेत को खाने लग जाए तो भला कोई क्या करे…मतलब इस सेकुलर गिरोह के दुशप्रचार का शिकार होकर जिस कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाकर देश की आम जनता ने  भारत की रक्षा की जिम्मेदारी एक विदेशी इटालियन अंग्रेज को सौंप दी जब उसी अंग्रेज ने चर्च के इसारे व इसलामिक आतंकवादियों के सहारे भारत को कुचने की ठान ली तो आज वो हुआ जो आज तक कभी नहीं हुआ था ……………….मतलब सीमापार से इसलामिक आतंकवादियों ने भारत की 16 लाख की सेना के होते हुए भी पहले असम में भारतीयों पर हमला बोला और अब जम्मु-कशमीर में घुसकर भारतीय सैनिक का सिर काटकर सीमा पार ले गए और हम देखते रह गए ।

मुसीबत की इस घड़ी में काँग्रेस ने भारत के शत्रुओं से लड़ने के बजाए भारत को ही आतंकवादी करार दे दिया…गुलामी की हद तो तब हो गई जब कांग्रेस सरकार और पाकिस्तान मिलकर भारत को आतंकवादी राष्ट्र कहकर बदनाम करने  लगे…

इससे पहले भी इसी काँग्रेस सरकार ने शर्मअलशेख में लिखकर दिया कि बलूचीस्तान में  आतंकवाद भारत पैला रहा है----

यही नहीं इसी काँग्रेस सरकार ने भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए भारतीय सेना के अधिकारी लैप्टीनैंट कर्नल पुरोहित को आतंकवादी कहकर जेल में बन्द कर दिया क्योंकि उसने सरकार को आतंकवादियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए चिठी लिखी …

इसी इटालियन अंग्रेज की गुलाम सरकार ने  भारतीयों के हत्यारे दो इटालिन सैनिकों को जेल से क्रिसमिस की छुट्टी देकर इटली भेज दिया और इसलामिक आतंकवादियों को मारने के झूठे आरोप लगाकर जेल में बन्द की गई साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर जुल्म ढाकर उसे कैंसर का शिकार बना दिया और कोर्ट द्वारा उसे इलाज के लिए जमानत देने की बात कहने पर भी इस गद्दारों  की सरकार ने विरोध किया….जरा सोचो इटालिन कातिलों को क्रिसमिस की छुटी देने बाली इस भारतबिरोधी सरकार ने क्या भारतीय सैनिक लैप्टीनैंट कर्नल पुरोहित को दीपावली की छुट्टी दी….

नहीं न जरा सोचो कि जिस कांग्रेस सरकार ने ISI के साथ मिलकर ISI ऐजेंट राजेन्द्र सच्चर को सचर कमेटी का अध्यक्ष बनाकर ISI के देशविरोधी-हिन्दूविरोधी षडयन्त्रों को वैधानिक दर्जा दिलवाने के लिए रिपोर्ट तैयार करबाई…

ISI के साथ मिलकर दलीप पांडगौंकर+राधा कुमार जैसे ISI ऐजेंटों को कशमीर पर ISI के षडयन्त्रों को बैधानिक दर्जा दिलवाने के लिए कमेटी का सदस्य बनाया…

भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का बताकर हिन्दूओं और मुसलमानों के बीच बैमनस्य बढ़ाया व हिन्दूओं में असुरक्षा की भावना को और बढ़ाया …

मुसलिम बहुल जिलों के विकास की बात कर मुसलमानों को अपनी जनसंख्य बढ़ाने के लिए उकसाया…

सुरक्षाबलों को आतंकवादी घटना के बाद इस्लामिक आतंकवादियों के विरूद्ध कार्यवाही न करने को कहकर हिन्दूओं को फंसाने के लिए उकासाय…

पाठशाला में प्रवेश लेने पर मिलने वाली छात्रवृति को सिर्फ गैर हिन्दूओं तक सीमित किया… यहां तक कि SC,ST,OBC के बच्चों को भी वन्चित करवया….

हिथरो हवाई अड्डे पर बम धमाका करने वाले इस्लामिक आतंकवादी के पकड़े जाने पर शोर-शराबा मचाकर इसलामिक आतंकवादियों का हौसला बढ़ाया….

रामलीला मैदान में निर्दोष देशभक्तों पर हमला करवाकर उसे जायज ठहराया…

CBI का दुरूपयोग कर इसरत जहां व सोराबुद्दीन जैसे दुर्दांत आतंकवादियों को मार गिराने वाले जवानों को जेलों में ढलवाया…सांप्रदायिक हिंसा बिल के माध्यम से मुसलमानों व मुसलिम आतंकवादियों के हर अपराध के लिए हिन्दूओं को दोषी ठहराने का षडयन्त्र रचाया…

सेना को सांप्रदायिक आधार पर बांटने का षडयन्त्र रचाकर भारत की नींब को हिलाया…

क्या अब भी आप इटालियन अंग्रेज की गुलाम ऐसी भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी काँग्रेस से ये उम्मीद कर सकते हैं कि वो देशभक्त हिन्दूओं को हिन्दू क्राँतिकारी कहकर भारतविरोधी आतंकवादियों का नमोनिसान मिटाने के लिए उनका साहस बढाए…http://bhagatsinghkrantisena.blogspot.in/2012/05/medha-patkar-exposed.html(Nothing ever came out of it. Yet, since then, there has emerged even more disturbing evidence of NBA's nefarious collusion with foreign elements This is in the form of an exchange of confidential emails between Ms. Patkar and by Mr. Patrick McCully, Ex. Director, International Rivers Network (IRN) based at Berkeley (United States). Now who is this Patrick McCully? He is a man who cavorts with enemies of India, particularly with Angana Chatterjee, on the board of IRN, a known India baiter, who was very close to

Ghulab Nabi Fai

, recently arrested by the FBI for being an ISI spy. Angana Chatterjee is married to Richard Shapiro, Director and Associate Professor of the Graduate Anthropology Program at CIIS. Now both Shapiro and Chatterjee were regular at the ISI sponsored junkets. She was charged of being propped up by the ISI to launch an anti-India campaign. Further, her partner Richard Shapiro was denied entry to India in 2010 for what was reported to be his anti-India propaganda.)

कुल मिलाकर हिन्दूओं को बार-बार आतंकवादी कहकर इसलामिक आतंकवादियों को बचाने के षडयन्त्र के पीछे और कोई नहीं सिर्फ और सिर्फ एडबीज एंटोनिया असलवीना माइनो ही है soniyaजो चर्च द्वारा भारत को तबाह  करने के लिए रचे जा रहे हर षडयन्त्र को बौद्धिक गुलामों व बिके हुए सेकुलर गद्दारों के सहयोग से इसलामिक आतंकवादियों imagesCAOE1P3Qको हथियार बनाकर बड़ी चतुराई से अंजाम दे ही है…

ऐसे में जब भी कोई गुलाम काँग्रेसी  हिन्दूओं को आतंकवादी कहे तो आपको समझ जाना चाहिए कि देश के लिए बाजी लगाने को ततपर हिन्दू क्राँतिकारियों को आतंकवादी कहने वाला भारतविरोधी आतंकवादियों के हाथों बिका हुआ गद्दार है जिसे भारत माता  की पाबन धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं आओ मिलकर भारत माता को ऐसे गद्दारों से मुक्त करने का प्रण कर आगे बढ़ें…

शुक्रवार, 18 जनवरी 2013

Reality of Sharad Pawar Exposed By Rajiv Dixit

ओढ़े हुये हैं और दिमाग मे पूरी अंग्रेज़ियत भारी हुई है !!


और अंत राजीव भाई के कहते है कि ये जो कुतर्क है ये शरद पवार का नाम मैंने इसलिए ले लिया क्यूकि वह के प्रतीक व्यक्ति है वरना ये कुतर्क हिंदुस्तान के बहुत सारे पढे लिखे व्यक्तियों के कुतर्क बन चुके हैं !खासकर ऐसे पढे लिखे लोग जिनको कुछ अंग्रेज़ियत की शिक्षा मिली है जो कान्वेंट आदि मे पढे है इंजीनियर डाक्टर आदि बन चुके है उनके भी ये कुतर्क बन चुके हैं ! शरद पवार तो प्रतीक मात्र है वहाँ कोई और भी हो सकता है जो इसी तरह की बात करे !

सोमवार, 7 जनवरी 2013

Akbaruddin Owaisi's hate speech at Nirmal, Adilabad Dist - Full Length V...

समय निकालकर एकबार सुन लो देख लो खुदबाखुद समझ जाओगे मुसलमानों की असलियत क्या है?

शुक्रवार, 4 जनवरी 2013

Mohanji Bhagwat- what he actually said.3gp

खुद सुनो और सोच-समझ कर फैसला करो कि माननीय भागबत जी ने क्या गलत कहा जो सेकुलर गद्दार इस तर से हाय-तौबा मचा रहे हैं

गुरुवार, 3 जनवरी 2013

SIKH Persecution : BRUTAL Islamic INVASION of India ERASED from our HIST...

इसलामिक आतंकवादियों के समर्थक सेकुलर गद्दारों के साथ कड़ा होने से पहले सिखों को अपने पूरबजों पर मुसलमानों द्वारा ढाय गए अत्याचरों को नहीं भूलना चाहिए बरना आने बाली पिढ़ीयों के साथ भी ये राक्ष यही सब करेंगे

बुधवार, 2 जनवरी 2013

भारत में व्यवस्था परिवर्तन के साधारण उपाय…

  1. भारत  में अब कानून जाति-पंथ-सांप्रदाय-भाषा या क्षेत्र के बजाए भारतीयों के लिए बनाकर सब पर एक समान लागू कर देने चाहिए।
  2. व्यक्ति जितना जघन्य अपराध करे या अपराध करने की कोशिश करे उसे उसी के अनुरूप कड़ी से कड़ी सजा न्यूनतम समय में मलनी निश्चित कर देनी चाहिए।
  3. जाति-सांप्रदाय आधारित किसी भी चर्चा-रचना-समाचार या फिर संरचना के लिए उतरदायी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को तुरंत प्रभाव से प्रतिबन्धित कर देना चाहिए।
  4. सब नताओं--व्यपारियों या फिर किसी अन्य तथाकथित गनमानय व्यक्ति की सुरक्षा में लगे सब सुरक्षाकर्मियों को हटाकर देश में एक ऐसा सुरक्षातन्त्र लागू कर देना चाहिए जो आम जनता की सुरक्षा के लिए भी उतना ही उतरदायी हो जितना इन तथाकथित गनमान्य लोगों की सुरक्षा के लिए।
  5. सब जनप्तिनिधियों  को सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग करना वाध्यकारी बना देना चाहिए ब उनके द्वारा प्राप्त विशेषाधिकारों को तुरन्त प्रभाव से खत्म कर देना चाहिए।आप देखेंगे कि सब सार्वजनिक उपक्रम रातोंरात अति उत्तम सेवायें देना शुरू कर देंगे।
  6. सब तरह के पंथ आधारित विद्यालयों पर तुरन्त प्रभाब से प्रतिबन्ध लगाकर सारे देश में एक समान शिक्षा पद्धति लागूकर सब जनप्रतिनिधियों व सरकारी कर्मचारियों को अपने बच्चों को सरकारी संसथानों में पढ़ाना वाध्यकारी कर देना चाहिए।
  7. हर तरह की सरकारी रियायतों को खत्म कर एक समान जनसंख्य निती लागू कर इस जनसंख्य निती के पालन के परिणामस्वारूप पैदा होने वाले सब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का सारा खर्चा सरकार को खुद बहन करना चाहिए।
  8. सब धार्मिक संस्थानों पर लगे ध्वनि उपकरणों को तुरन्त प्रभाव से हटाकर धर्म को व्यक्तिगत पालन तक सीमित कर देना चाहिए।
  9. देश में ऐसा खुफिया तन्त्र विकसित करना चाहिए जो बच्चों-मां-बहन-बहू-बेटियों की रक्षा के साथ-साथ देश के सब नागरिकों की रक्षा के अतिरिक्त देश में चल रही अन्य गतिविधियों जैसे कि भारतविरोधी आतंकवाद पर भी सूचनायें इकट्टठी करे और बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के उनकी सीधी जानकारी थलसेनाध्यक्ष को दे जो सेना के माध्यम से इस तरह की गतिविधियों को चलाने वालों को मौके पर ही गोली मार दे ताकि देश में पैदा हो चुकी भारतविरोधी गद्दारों की भीड़ से देश को मुक्ति मिल सके।

 

रविवार, 30 दिसंबर 2012

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सम्मवत् 2070 वीरवार तदानुसार 11 अप्रैल 2013 आपके लिए मंगलमय हो…

 


हम भारतीय नव वर्ष का प्रारम्भ हिन्दू, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से मानते  हैं क्योंकि ?
• इस तिथि से ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण प्रारम्भ किया।
• मर्यादापुर्षोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र जी का इस दिन राज्याभिषेक हुआ।
• इस दिन नवरात्रों का महान पर्व आरम्भ होता है।
• देव भगवान झूले लाल जी का जन्म दिवस ।
• महाराजा विक्रमादित्य द्वारा विक्रमी संवत का शुभारम्भ ।
• राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के संस्थापक डा. केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्म दिवस।
• महर्षि दयानन्द जी द्वारा आर्य समाज का स्थापना दिवस।
• संसार के अधिकतर देशों के बजट की भी इन्हीं दिनों(पखवाड़े में) शुरूआत होती
इसके अतिरिक्त ये वो वक्त है जब हमारे शरीर में नए खून का ज्वार उठता है व हमारे आसपास की प्रकृति भी नए कपड़े डालकर नव वर्ष शुरू होने का संकेत दुनिया के जागरूक लोगों तक पहुंचाती है…

दूसरी तरफ बहुत से बौद्धिक गुलाम लोग ग्रेगेर्रियन कलैंडर के अनुसार 1 जनवरी को,  एक वयक्ति इसामशीह  के मरनोउपरांत खुशियां मनाकर उसे नववर्ष का नाम देकर दुनिया को भ्रमित करने की पुरजोर कोशिश करते हुए मानवता का मखौल उड़ाते हैं अब ये आपके अपनी इच्छा है कि
आप अपनी आने वाली पिढ़ीयों को कैसा बनाना चाहते हैं
ऐसा

(अंग्रेजी नव वर्ष पहली जनवरी मनाने वाला)
या फिर ऐसा

(भारतीय नव वर्ष वर्षप्रतिपदा मनाने वाला)

ऐ वतन तेरी कसम ,कुर्बान हो जांएगे हम ।
                                          तेरी खातिर मौत से भी , जा टकरांएगे हम ।

संस्कार एक दिन में न बनता है न बिगड़ता है यह एक सतत प्रक्रिया है आप अपने आपको कौन सी प्रक्रिया के हवाले करते हैं वही आपका संस्कार निर्माण करेगा।
जागो भारतीयो जागो पहचाने अपने अन्दर वह रहे भारतीय खून को और इस खून से जुड़ी महान सच्चाईयों को… जिनमें से नव वर्ष, 

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

से प्रारम्भ होता है…. भी एक सच्चाई है
आप सबको हिन्दू नबवर्ष के शुभ अवसर पर एक वार फिर हार्दिक शुभकामनायें

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2012

इस्लाम नहीं कबूलने पर जर्मनी में भारतीय स्टूडेंट की जीभ काट ली

 

islam

एजेंसियां | Dec 28, 2012, 10.21AM IST

बर्लिन।। जर्मनी के बॉन में एक रूह कंपाने वाली घटना सामने आई है। गुरुवार को जर्मन पुलिस ने बताया कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने एक भारतीय स्टूडेंट पर जबरन धर्म बदलने के लिए दबाव डाला। स्टूडेंट ने धर्म बदलने से साफ इनकार कर दिया तो कट्टरपंथियों ने कहा कि तुम्हारी जीभ काट ली जाएगी। फिर भी लड़के ने इनकार दिया तो पहले बेरहमी से पिटाई की और फिर जीभ एक हिस्सा काट दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद इस्लामिक कट्टरपंथी कार से फरार हो गए।
बॉन पुलिस के प्रवक्ता हारी कोल्बे ने डॉयचे वेले को बताया, 'क्रिसमस से पहले वाली शाम हमें करीब 10 बजे हॉस्पिटल से खबर मिली कि एक युवक को भर्ती किया गया है। उसे गंभीर चोट आई है। 24 साल के इस युवक की जीभ का एक हिस्सा काट लिया गया है और लगातार खून बह रहा है।'
भारतीय युवक ने बॉन पुलिस को बताया है कि वह शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाके पॉपल्सडॉर्फ की तरफ जा रहा था। तभी दो लोगों ने रास्ता रोका और अपना धर्म बदलने के लिए कहा। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं करोगे तो तुम्हें भुगतना होगा। दोनों कट्टरपंथियों ने कहा कि धर्म नहीं बदलने की सजा में जीभ काट ली जाएगी। इसके बावजूद युवक आगे बढ़ गया तो दोनों ने उसका पीछा कर हमला बोल दिया। हमले के बाद दोनों एक कार में भाग गए।

[ जारी है ]

कार के बारे में भी पुलिस के पास अब तक कोई जानकारी नहीं है। वहां से गुजर रही एक महिला ने युवक के मुंह से खून बहते देखा और उसकी मदद के लिए ऐम्बुलेंस बुलाई। कोल्बे ने कहा, 'हमें जैसे ही मामले के बारे में पता चला तहकीकात शुरू कर दी। चश्मदीदों से बात की है, युवक के कपड़ों को सुरक्षित रखा है और उसके खून की जांच भी की गई है।'
यह मामला 24 तारीख का है लेकिन पुलिस ने इसकी जानकारी बुधवार को दी। तीन दिन निकल जाने के बाद भी अब तक पुलिस हमलावरों के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं कर पाई है। पुलिस ने कहा, हमें हमलावरों के बारे में केवल उतना ही पता है जितना युवक ने बताया। उनमें से एक ने काले रंग के कपड़े पहने थे, वह करीब 35 साल का था और उसने ठोड़ी पर छोटी सी दाढ़ी रखी थी। पुलिस युवक की पहचान गुप्त रखना चाहती है। पुलिस ने कहा, 'हम आपको बस इतना ही बता सकते हैं कि वह छात्र है और भारत का रहने वाला है। '

http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/17791486.cms

बुधवार, 26 दिसंबर 2012

हैरान हूँ सिपाही के लिए काँग्रेसियों के आँसू देखकर!

h1दोस्तो आतंकवादियों के लिए आँसू बहाने वाली कांग्रेस अगर देश के रक्षकों के आँसू बहाए तो बिदेशी अंग्रेज की गुलाम कांग्रेस का असली हिन्दूविरोधी-भारतविरोधी चरित्र बहचानने वालों को हैरानी होना स्वभाबिक ही है।

जैसे ही हमने  देखा कि आतंकवादियों की फांसी की सजा की फायल को बर्षों तक रोककर रखने वाली दिल्ली की मुख्यमन्त्री व बटला हाऊस में इसलामिक आतंकवादियों के हमले में शहीद हुए मोहन चन्द शर्मा जी को अपमानित करवाने वाली केन्द्र सरकार का प्रतिनिधि एक सिपाही सुभाष तोमर जी के अन्तिम सरकार में सामिल होकर ये सन्देश देने की कोशिस कर रहा है कि हमेशा आतंकवादियों का साथ देने वाले वाली सेकुलर गद्दारों की सरकार पुलिस के साथ है तो हमारे अचरज का कोई ठिकाना न रहा।

हम हैरान रह गए कि जो कांग्रेस इसलामिक आतंकवादियों को मार गिराने वाले पुलिस के अधिकारियों व सिपाहियों को जेलों में बन्द कर यातनायें दे रही है वही काँग्रेस एक सिपाही के साथ कैसे खड़ी हो सकती है?

अगर हम निष्पक्ष रूप से इस सारी घटना को देखें तो अगर सरकार भारतीय जनता और पुलिस को लड़ाने का षडयन्त्र रचने के बजाए बालातकार के दोषियों को फांसी की सजा का प्राबधान करने के लिए कानून बनबाने के लिए बिपक्ष व आम जनता की मांग को मान लेती तो न तो आम जनता पर पुलिस को सरकार के कहने पर हमला करना पड़ता और न ही कोई संघर्ष होता। जब संघर्ष ही नहीं होता तो भारतीय जनता व पुलिस में से किसी को भी जानमाल की क्षति नहीं उठानी पड़ती।

कुल मिलाकर आतंकवादियो ---अपराधियों---भर्ष्टाचारियों---व बालातकारियों की मददगार कांग्रेस सरकार ने बालातकारियों को बचाने के लिए पहले तो पुलिस को भारतीय जनता पर हमला करने के लिए मजबूर किया ठीक उसी तरह जिस तरह इसने 4 जून की रात्रि को किया था और फिर दुर्धटनाबस शहीद हुए सिपाही की मौत को इस तरह से तूल दिया ताकि भारतीय जनता और भारतीय पुलिस एक-दूसरे के बिरूद्ध संघर्षरत हैं ऐसा भारतविरोधी महौल बनाया जा सके ।ये तो शुक्र है भगवान का कि मिडीया कबरेज में सबकुछ कैद हो चुका सबके सामने आ गया सरकार की पकड़ में आने से पहले ही बरना 4जून रात्रि को ढाए गए जुल्मों की रिकार्डिग की तरह इसको भी तबाह कर देती और निर्दोष लोगों पर मुकद्दमा चलाकर आम भारतीयों द्वारा देशहित में चलाए जा रहे अन्दोलनों को और बदनाम करती।

अगर पुलिस में कोई ब्यक्ति लगातार सरकार की भाषा बोल रहा है तो वो है तेजेन्द्र लूथरा जी ।तेजेन्द्र लूथरा जी को याद रखना चाहिए कि ये वही काँग्रेस सरकार है जिसने दबाब इसलामिक आतंकवादियों को जेलों से छुड़वाने के लिए हिन्दूओं को जेलों में बन्द करवाने के बाद हेमन्तकरकरे जी को इसलामिक आतंकवादियों के माध्यम से ही ठिकाने लगबा दिया।

अन्त में हम भारत के जागरूक नागरिकों से यही बिनती करेंगे कि कोई भी राय बनाने से पहले काँग्रेस के भारतविरोधी चरित्र को अच्छी तरह समझ लें व देश की आम जनता को भी ये भारतविरोधी---सेनाविरोधी—पुलिसविरोधी षडयन्त्र इस तरह समझ आ जाए कि आम लोग खुदबाखुद कह उठें कि ये घड़ियाली आँसू हैं और हम इन आंसूओं की परबाह न करते हुए इस भारतविरोधी सेकुलर गद्दारों की सरकार को उखाड़खर उसकी जगह बिकासोन्मुख—न्यायप्रिए—देशभक्त मोदी जी की सरकार बनाकर ही दम लेंगे

सोमवार, 24 दिसंबर 2012

तेजेन्द्र बग्गा की गिर्फतारी गद्दारों को खुश करने की एक और कोशिश!

Bagga-Against-Arundhati-Roy-on-Stageहिन्दूविरोधी-भारतविरोधी काँग्रेस द्वारा तेजेन्द्र बग्गा की गिरफ्तारी एक ऐसी कोशिश है जिसके माध्यम से काँग्रेस एक तरफ बालातकारियों को फांसी पर लटकाए जाने  के लिए चल रहे संघर्ष को साँप्रदायिक रंग देकर कमजोर करना चाहती है और दूसरी तरफ भारत के शत्रु इसलामिक आतंकवादियों को ये सन्देश देना चाहती है कि उन्हें गद्दरों की समाजबादी पार्टी के साथ जाने के कतई जरूरत नहीं क्योंकि देश के हालात जैसे भी हों कांग्रेस पार्टी का हाथ हमेशा भारत के शत्रुओं के साथ है।

हम सब जानते हैं कि तेजेन्द्र बग्गा जी को देश उस वक्त जानने लगा था जब  तेजेन्द्र जी ने इसलामिक आतंकवादियों की भाषा बोलने वाले प्रशान्त भूषण की कुटाई कर अन्ना जी की लंगोटी के पीछे छुप कर भारत पर हमला करने वाले सेकुलर गद्दारों को कड़ा सन्देश दिया था इस तरह की भारतबिरोधी हरकतों से बाज आने के लिए।

आज जब सारा देश सेकुलर गद्दारों द्वारा फालाई जा रही गन्दगी के परिमामस्वारूप शैतानों द्वारा महिलाओं पर किए जा रहे अत्याचारों से त्रस्त है उस वक्त काँग्रेस सरकार इन सैतानों के लिए फांसी की सजा का प्रबधान करने के बजाए एक तरफ शान्तिप्रिय प्रदर्शनकारियों पर जुलम ढा रही है दूसरी तरफ तेजेन्द्र बग्गा जैसे देशभक्तों को गिरफ्तार कर इन शैतानों का हौसला बढ़ा रही है।

हम सब देख रहे हैं कि सेकुलर गद्दारों द्वारा चलाए जा रहे SEX की Branding करने वाले समाचार चैनल व कंजरों द्वारा संचालित फिल्म व सिरीयल Indusry से जुड़े लोग लगातार अफवाहें फैलाकर इस अन्दोलन को बदनाम कर कमजोर करने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं।

बास्तब में अच्छाई के पहरेदारों के लिए यही परीक्षा की घड़ी है कि वो सेकुलर शैतानों द्वारा किए जा रहे षडयन्त्रों के बाबजूद किस तरह अपने अन्दोलन को आगे बढ़ाते हैं।

अगर हम एक क्षण के लिए मान भी लें कि काँग्रेस द्वारा खरीदे गए कुछ गुण्डे अन्दोलन का हिसा बन चुके हैं तब भी हमें ये ध्यान रखाना चाहिए कि देशभक्तों द्वारा चलाए जा रहे इस अन्दोलन से जुड़े लोगों ने भी कोई चुड़ियां नहीं पहन रखी हैं।

ऐसे में समाचार चैनलों द्वार लोगों को अपने परिजनों को घर बापस बुला लेने की अपीलें कुलमिलाकर इस अन्दोलन को असफल बनाने के षडयन्त्र के शिवा और कुछ नहीं।

आओ हम सब मिलकर इस अनदोलन को आगे बढ़ाकर काँग्रेस द्वारा रचे जा रहे षडयन्त्रों को असफल बनाते हुए अपनी मां-बहन-बेटियों व बहुओं के लिए एक सुरक्षित भविष्य की नींब रखें व इस महिलाबिरोधी शैतानी धर्मनिर्पेक्षता को उखाड़ फैंकते हुए तेजेन्द्र बग्गा जैसे देशभक्तों को अपना सहयोग दें।

शनिवार, 22 दिसंबर 2012

सरकार बलातकारियों-भ्रष्टाचारियों-आतंकवादियों व कालेधन वालों के साथ क्यों?

p6आप सब चौंक गए होंगे कि क्यों सरकार बालातकारियों का साथ दने के लिए बालातकार के बिरूद्ध आबाज उठाने वालों पर हर तरह की क्रूरता करने के बाद प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने पर क्यों तुल गई है?

मामला सिर्फ बालातकार का ही नहीं बल्कि भ्रषटाचार व काले धन का विरोध करने बालों के साथ भी सरकार ने इसी तरह की क्रूरता की और बाद में सरकार उन्हें भी बदनाम करने पर तुल गई क्यों?p2

बालातकार और भर्ष्टाचार व कालेधन के अतिरिक्त इसलामिक आतंकवाद का विरोध करने बालों पर भी सरकार ने बेहिसाब जुल्म ढाय लेकिन जब जुल्मों का सामना करते हुए भी ये लोग आतंकवाद के बिरूद्ध आबाज उठाते रहे तो सरकार ने जेलों में बन्द इसलामिक आतंकवादियो को छोड़कर उनकी जगह आतंकवाद का विरोध करने वाले देशभक्तों, साधु,सन्तों-साधवियों व सैनिकों और सुरक्षाबलों के अनेक जवानों को जेलों में ठूंस दिया क्यों ?1552E561935CF20F_645_0

ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं जिनके जबाब हर देशभक्त भारतीय जानना चाहता है। मेरे विचार में इनसबका एक ही उत्र है कि कि सरकार के आका खानदान का इन सब कुकर्मों में सीधा हाथ है इसलिए सरकार इनमें से किसी भी मुद्दे को खत्म करवाने के लिए सख्त कानून बनाने की मां करने बालों का हर तरह से बिरोध करती है।

उधारण  के लिए इसलामिक आतंकवादियों को आत्मघाती हमलों की ट्रेनिंग देने में माहिर हमास से सबन्ध रखने वाला ओबैसी imagesCAOE1P3Qराहुल विन्शी का जिगरी यार है व इसलामिक आतंकवादियों के हित में आबाज उठाने वाला उमर आबदुला भी Umar abdulaइसी राहुल विन्शी का यार है बटला हाऊस में पुलिस के जवान पर हमला करने वाले आतंकवादियों को बचाने के लिए आबाज उठाने में भी इसी राहुल विन्शी का गुरू गद्दार दिगविजय सिंह सबसे आगे था……

रही बालातकार की बात तो बालातकार में भी राहुल विन्शी हाथ अजमा चुका है p5इस पर सामुहिकबलातकार का ममाल दर्ज हुआ था जिसमें लड़ी व लड़ी के मात-पिता को गायब करवाने के बाद सरकीर न् अपनी शक्ति का दुरूपियोग कर इसे बचा लिया…

काले धन और भर्ष्टाचारsoniya 9 में तो इस राहुल विन्शी की मां एडबीज एंटोनिया अलवीना माइनो का कोई सानी नहीं अब आप ही बताओ इस इटालियन अंग्रेज की गुलाम सरकार क्यों न बालातकारियों-भर्ष्टाचारियों ,आतंकवादियों व काले धन वालों को कड़ी सजा की मांग करने वालों   के बिरूद्ध खड़ी हो?p3