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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

मंगलवार, 28 मार्च 2017

हिन्दू नववर्ष की हार्दिक बधाईयां और शुभकामनायें

 

हम भारतीय नव वर्ष का प्रारम्भ हिन्दू, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से मानते  हैं क्योंकि ?
• इस तिथि से ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण प्रारम्भ किया।
• मर्यादापुर्षोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र जी का इस दिन राज्याभिषेक हुआ।
• इस दिन नवरात्रों का महान पर्व आरम्भ होता है।
• देव भगवान झूले लाल जी का जन्म दिवस ।
• महाराजा विक्रमादित्य द्वारा विक्रमी संवत का शुभारम्भ ।
• राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के संस्थापक डा. केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्म दिवस।
• महर्षि दयानन्द जी द्वारा आर्य समाज का स्थापना दिवस।
• संसार के अधिकतर देशों के बजट की भी इन्हीं दिनों(पखवाड़े में) शुरूआत होती
इसके अतिरिक्त ये वो वक्त है जब हमारे शरीर में नए खून का ज्वार उठता है व हमारे आसपास की प्रकृति भी नए कपड़े डालकर नव वर्ष शुरू होने का संकेत दुनिया के जागरूक लोगों तक पहुंचाती है…

दूसरी तरफ बहुत से बौद्धिक गुलाम लोग ग्रेगेर्रियन कलैंडर के अनुसार 1 जनवरी को,  एक वयक्ति इसामशीह  के मरनोउपरांत खुशियां मनाकर उसे नववर्ष का नाम देकर दुनिया को भ्रमित करने की पुरजोर कोशिश करते हुए मानवता का मखौल उड़ाते हैं अब ये आपके अपनी इच्छा है कि
आप अपनी आने वाली पिढ़ीयों को कैसा बनाना चाहते हैं
ऐसा

(अंग्रेजी नव वर्ष पहली जनवरी मनाने वाला)
या फिर ऐसा

(भारतीय नव वर्ष वर्षप्रतिपदा मनाने वाला)
ऐ वतन तेरी कसम ,कुर्बान हो जांएगे हम ।
                                          तेरी खातिर मौत से भी , जा टकरांएगे हम ।
संस्कार एक दिन में न बनता है न बिगड़ता है यह एक सतत प्रक्रिया है आप अपने आपको कौन सी प्रक्रिया के हवाले करते हैं वही आपका संस्कार निर्माण करेगा।
जागो भारतीयो जागो पहचाने अपने अन्दर वह रहे भारतीय खून को और इस खून से जुड़ी महान सच्चाईयों को… जिनमें से नव वर्ष, 

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

से प्रारम्भ होता है…. भी एक सच्चाई है
आप सबको हिन्दू नबवर्ष के शुभ अवसर पर एक वार फिर हार्दिक शुभकामनायें

मंगलवार, 14 फ़रवरी 2017

जागो हिन्दू जागो

https://samrastamunch.wordpress.com/2009/12/26/%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82/

शुक्रवार, 13 मई 2016

मदरसे से धमकी बताओ क्या करें ?


मित्रो आज जब में बद्दी से चंडीगढ जा रहा था तो New Chandigarh में T point पर बने flyover से 400 मीटर पहले शब्जी खरीदने के लिए रूका । जब सब्जी लेकर बापस जाने  लगा तभी तीन बच्चे अरवी टोपी पहन कर मेरे पास से गुजरने लगे । मेंने उनसे बात की वो रूक गए। जैसा कि सरकार की नीति है कि सभी बच्चों को विद्दयालय भेजना चाहिए। मैंने बच्चों से प्रश्न किया। बातचीत इस प्रकार से हुई।

अध्यापक  बच्चो क्या आप सकूल जाते हो ?

बच्चे:       नहीं हम मदरसे में जाते हैं ।

अध्यापक  मदरसे में पढकर क्या करोगो ?

बच्चे   अपने लिए और दुनिया के लिए काम करेंगे और आगे के लिए भी

अध्यापक       लेकिन क्या काम करोगे?

 बच्चे .........

अध्यापक       सकूल जाओगे तो पढ़ाई करके रोजगार मिलेगा जो मदरसे में पढकर नहीं मिल सकता । क्या आप अरब देशों के बारे में जानते हैं?

बच्चे          हां।

अध्यापक वहां तो सबलोग मदरसे में ही जाते हैं और सब एक दूसरे की मारकाट मचाए हुए हैं क्या यह सही है?

बच्चे    सही है न ।

अध्यापक  क्यों ?

बच्चे   जो नमाज नहीं पढता उसे मार देना चाहिए।

अध्यापक       यह तो गलत बात है।

बच्चे          नहीं यह सही है ।

अध्यापक       आपको किसने बताया

बच्चे          यह किताब में लिखा है

अध्यापक       कुरान में नहीं लिखा है

बच्चे लेकिन  ... में लिखा है ।

अध्यापक       किताब किसने लिखी ?

बच्चे   किताब नबियों ने लिखी।

अध्यापक  लेकिन अल्लहा ने तो नहीं लिखी। जरा सचो मैँ भगवान राम को मानता हूँ

बच्चे   ऱाम नहीं है

अध्यापक       लेकिन यैं मानता हूँ कि राम है और मैँ हनुमान चालीसा पढ़ता हूँ

बच्चे          फिर तो अल्लाह को ही राम कहते होंगे

अध्यापक       अब अगर मैं यह कहूँ कि जो हनुमान चालीसा नहीं पढ़ते उन सबको मार देना चाहिए तो क्या यह सही है

बच्चे          नहीं यह सही नहीं है

अध्यापक लेकिन अगर नबाज न पढ़ने बालों को मारना सही है फिर तो हनुमान चालीसा न पढ़ने बालों को मारना कैसे गलत हो सकता है? बैसे भी जो इन्सान को  मारने की शिक्षा दे वो ईन्सान नहीं राक्षस है जानवर है क्योंय़

बच्चे           हमें क्या पता ?

अध्यापक             लेकिन जरा सोचो अगर देश में 80 करोड़ हिन्दू बच्चों को यह शिक्षा दें कि नबाज न पढ़ने बालों को मारने की शिक्षा देने बालों को मारो तो देश में क्या होगा ?

बच्चे          फिर तो दोनों ही गलत हैं

अध्यापक अगर आपको मदरसे में दूसरों को मारना सिखाया जा रहा है तो यह शिक्षा गलत है और आप अपने मां बाप को बताओ कि हमें एसा पढा रहे हैं आपकी मां जरूर मना करेगी । अगर आप सकूल जायेंगे तो आपको खाना किताबें कपड़े फ्री मिलेंगे और पढलिखकर अप बहुत पैसे कमाओगे अपने माता पिता को भी शुख दोगे और खुद भी शुख पाओगे । और अगर दूसरों को मारोगे तो आपको भी कोई मारेगा जैसे अमेरिका अरब देशों व पाकिस्तान में आतंकवादियों को मार रहा है ।

बच्चे हां       पाकिस्तान में ऐसे ही लोग क दूसरे को मारते हैं इसीलिए हम पाकिस्तान से यहां आए हैं।

अध्यापक       कब आए आप पाकिस्तान से?

बच्चें          हम नहीं हमारे अबू आए थे।

अध्यापक       कितने दिन पहले ?

बच्चे          बहुत दिन हो गए।

अध्यापक       कहां आपके अबु उनके पास जाओ।

बच्चे          मेबात में रहते हैं।

अध्यापक अगर आप अपने माता पिता के पास जाओगे तो आपकी पढ़ाई लिखाई का खर्चा हम उठायेंगे बायदा रहा ये लो मेरे फोन नम्वर । जाना जरूर बरना दूसरों को मारने की शिक्षा देने बाले आपको बर्बाद कर देंगे

तब तक अध्यापक के परिचित लोगों की गाड़ी आ गई तो वो थोड़ा आगे रूकी अध्यापक उनको सारी बात बताने और बच्चों से मिलाने उनके पास गया लेकिन उन्नहोंने कोई रूची नहीं ली यह जरूर कहा यहां अकेले मत रूको। जब तक अध्यापक बापस आया बच्चे रोड़ के सामने से जा रहे थे अध्याक ने बच्चो को टाटा किया और बच्चों ने भी बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिख रही थी यह सारी घटना लगभग 3 बजकर 50 मिन्ट पर हुई।

 

4:33 अध्यापक के फोन नम्वर पर एक पोन नम्मवर 9988967225 से फोन फोन आता है अध्यापक फोन उठाता है उधर से धमकी आती ...बहन के .....(गाली) ...दोवारा ईधर से आ तुझे देखते हैं तेरा यह साहस कैसे हुआ कहने का कि यहां गलत शिक्षा मिलती है तुझे छोड़ेंगे नहीं.....और पता नहीं क्या क्या
अध्यापक बेटा गाली नहीं निकालते । हमारा काम है बच्चों को लड़ाई झगड़े से बचाना क्योंकि बच्चे अगर एक दूसरे को मार देंगे तो तो किसका फायदा होगा
?(अध्यापक के सकूल में बच्चों का झगड़ा हुआ था अध्यापक ने सोचा बच्चों के दोस्तों का फोन है)

धमकी देने बाला ..किसी का नहीं ।

अध्यापक एक बच्चा दूसरे बच्चे से कह रहा था कि मैं ...जाति का हूँ दूसरे को नहीं छोडूँगा । मैंने उसको समझाया कि हिन्दू न ब्राहमण होता हा न क्षत्रिए न वैश्य न शूद्र ..हिन्दू सिर्फ हिन्दू होता है ।जब इसलामिक आतंकवादियों ने भारत के तीन टुकड़े कर दिए तो ....जाति के लोग कहां थे इसलिए हिन्दू हम सब एक हैं न कोई छोटा न कोई बढ़ा ....

धमकी देने बाला... ईसीलिए हर मुसलमान एक जैसा नहीं होता ।

अध्यापक  तो आप मुसलमान वोल रहे हैं बाई दा वे आप बोल कहां से रहे हैं ?

फोन काट दिया

अध्यापक ने फोन मिलाया

अध्यापक             तो आप मदरसे से बोल रहे हैं

धमकी देने बाला        हाँ मदरसे से बोल रहा हूँ

अध्यापक   अगर आप बच्चों को गैर मुसलमानों को मारने की शिक्षा दे रहे हैं तो गलत कर रहे हैं और ऐसी शिक्षा ही गलत है।
धमकी देने बाला     आपको कैसे पता हम गैर मुसलमानों को मारने की शिक्षा दे रहे हैं
अध्यापक          बच्चों ने बताया
 
धमकी देने बाला....बच्चे मन कर दें तो
अध्यापक    बच्चे हमेशा सच बोलते हैं और सच ही बोलेंगे हमारे या आपको बोलने से वो झूठ नहीं बोलेंगे

धमकी देने बाला         आपको हमारी शिक्षा का नहीं पता हमें आपकी शिक्षा का नहीं पता

अध्यापक             रही बात आने की बात तो मैं आऊंगा ही और मित्रों को साथ लेकर आऊँगा और अगर मैं इतना ही कमजोर और डरपोक होता तो पोन नम्वर देकर नहीं आता...

धमकी देने बाला ..आना देख लेंगे फोन कट

अब मित्रो आप खुद ही देख लो कि किस तरह से मदरसों में पाकिस्तान से गरीब लोगों को यहां बसाकर उनकी लाचारी का फायदा उठाकर उनके बच्चों को गैर मुसलमानों को मारने की शिक्षा दी जा रही है इसलाम की शिक्षा के नाम पर।

 बच्चों को समझाने बाले हमारे जैसे लोगों को धमकी दी जा रही है वो भी हिन्दू सिख बहुल क्षेत्रों में । जरा सोचो ......

रही बात धमकी की तो हम घबराने या डरने बाले नहीं लेकिन अगर अगर ईस मदरसे से हमारे उपर कोई हमला होता है हमें नुकसान पहंचाया जाता है या मार दिया जाता है तो आपको क्या करना है इसका फैसला हम आप पर छोड़ते हैं बैसे अभी हम मरने बाले नहीं क्योंकि श्रीमदभगवत गीता में लिखा है कि मौत को न एक पल आगे किया जा सकता है न ही पीछे।

अगर आप में से किसी के सम्पर्क पंजाब सरकार में हैं तो अगर पंजाब पुलिस वहां रेड डालकर उस किताब को जब्त कर ले जिसमें नमाज न पढ़ने बालों को मारने की शिक्षा दी जा रही है तो वाकी काम कानून कर देगा अन्यथा भारत में ही गैरमुसलमानों को कत्ल करने की शिक्षा देकर भारत को इसी तरह से लहुलुहान कर तोड़ा जाता रहेगा...और हम अपने मरने की बारी का इन्तजार करते रहेंगे

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

  

शुक्रवार, 11 मार्च 2016

ऊँ नमो शिवाय: ऊँ नमो शिवाय: ऊँ नमो शिवाय: ऊँ नमो शिवाय: ऊँ नमो शिवाय:

ऊँ नमो शिवाय: ऊँ नमो शिवाय: ऊँ नमो शिवाय: ऊँ नमो शिवाय: ऊँ नमो शिवाय:
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गुरुवार, 18 सितंबर 2014

न मोदी जी बदले हैं न बदलगें ....


 
मोदी जी की अलोचना करना और मोदी जी को बदनाम करना मोदीबिरोधियों का पैसा प्राप्त करने और प्रचार पाने का सबसे बड़ा साधन है इसलिए हम मोदीबिरोधियों द्वारा मोदी जी की अलोन का कभी जबाब नहीं देते ।

लेकिन आजकल कुछ ऐसा हो रहा है जिसका जबाब देना बहुत जरूरीही नहीं बल्कि मजबूरी बन गया है है क्योंकि अब बहुत से ऐसे लोग भी मोदी जी की अलोचना कर रहे हैं जो चुनाबों तक मोदी जी के सच्चे पक्के समर्थक थे और उनके समर्थन का सबसे बड़ा कारण था उनका ये भरोसा कि मोदी जी के प्रधानमन्त्री बनने पर न केबल हिन्दूओं पर सेकुलर पार्टियों के सहयोग से मुसलमानों और ईसाईयों द्वारा किए जा रहे अत्याचार बन्द होंगे बल्कि वल्कि इसलामिक आतंकवादियों को छुड़वाने के सेकुलर गद्दारों की सरकारों द्वारा जेलों में बन्द किए गए हिन्दूंओं की रिहाई भी होगी।

हिन्दूओं जख्मों पर नमक डालने काम न्यायालय का वो निर्णय करता है जिसमें भारतीयों के कातिल इटालियन सैनिक को इस आधार पर स्वादेश भेज दिया गया कि बो बीमार हैं लेकिन कैंसर से पीड़ित साध्यवी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को घर भेजने के लिए भारत की सेकुलर अदालतें त्यार नहीं....

मित्रो बिषयान्तर न करते हुए हम मोदी जी की अलोचना पर ही केन्द्रित करेंगे....

मित्रो क्या आप जानते हैं कि अमिका का राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के लिए बाईबल की कसम उठाता है जो कि दुनिया को ये सन्देश देने के लिए काफी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति का पहला काम चर्च(ईसाईयत) की रक्षा व प्रसार करना है।

ठीक इसी तरह मोदी जी द्वारा जापान के प्रधानमन्त्री को श्रीमदभगबत गीता प्रदान करना दुनिया को ये सन्देश देने के लिए काफी है कि मोदी जी का पहला काम भारतीय संस्कृति बोलो तो हिन्दूसंस्कृति की रक्षा करना है।

अब रही बात निर्दोष हिन्दूओं को जेलों से बाहर करने की तो कोई भी वयक्ति इस बात को समझ सकता है कि इन हिन्दूओं ने कोई गुनाह नहीं किया है इन्हें सेकुलर सरकार ने इटालियन अंग्रेज के ईसारे पर इसलामिक आतंकवादियों को छुड़बाने के लिए लों में डाला है तो फिर इन निर्दोषों को जेलों से छुड़वाने के लिए मोदी जी को हस्तक्षेप करने की क्या जरूरत है क्योंकि जब न इन्होंने कोई अपराध किया है न कोई इनके बिरूद्ध कोई प्रमाण है तो इनका छूटना तो निस्चित ही है जिस तरह स्वामी असीमानन्द जी के निर्दोश होने की बजह से उन्हें जमानत मिली इसी तरह बाकी लोगों को भी मिलेगी और बहुत से निर्दोष हिन्दूओं को जमानत मिल भी चुकी है।

हाँ मोदी जी को ये जरूर आदेश देना चाहिए कि इनके मामलों की सुनबाई यथाशीध्र पूरी की जाए और बो होगी भी....

अगर फिर भी सेकुलर अदालतें इन निर्दोष हिन्दूओं को जेलों से छोड़ने से मना करती हैं जो कि नहीं करेंगे तब न्यापालिका को सेकुलर गद्दारों से मुक्त करवाने के लिए प्यत्न करने चाहिए हिन्दूजागरम अभियान चलाकर....

आप लोगों को ऐसा लगेगा कि हमारी अदालतें निष्पक्ष हैं लेकिन ये बास्तबिकता से परे है बरना ये अदालतें ऐसे फैसले नहीं देती जिनके अनुसार कानून सिर्फ हिन्दूओं पर लागू हो गैर हिन्दूओं पर नहीं....

सब देशभक्तों को ये खुशी होनी चाहिए कि मोदी जी भारत के ऐसे पहले प्रधानमन्त्री हैं जिन्होंने दिन में 14-15 घंटे काम करते हुए भ्रष्टाचार पर पूर्ण बिराम लगाने के लिए हर तरह के कदम ठाए हैं ।

मित्रो हम सब को ये नहीं झूलना चाहिए कि किस तरह से मोदी जी ने सेकुलर पार्टियों से बदला चुकाया है सेकुलर राज्यपालों को हटाकर क्योंकि इन सेकुलर पार्टियों ने राज्यपालों को सिर्फ इसलिए हटाया था कि बो हिन्दुत्वनिष्ठ हैं।

हमें पूरा भरोसा है कि निर्दोष हिन्दूओं पर रामलीला मैदान में 4 जून को हमला करवाने बालों व निर्दोष हिन्दूओं को हिन्दू आतंकवादी कहकर जेलों में डलवाने बालों का हिसाब भी मोदी जी चुन-चुन कर पूरा करेंगे...

रही बात कशमीरघाटी में पानी में डूबे आतंकवादियों को मरने से बचाने की और आतंकवादियों और उनके समर्थकों को राहत देने की तो हम सबको ये द्यान रखना चाहिए कि इन तंकवादियों ने जितना खून हिन्दूओं का बहाया है उससे कहीं ज्यादा इन आतंकवादियों ने मुसलमानं का भी खून बहाया है इन तंकवादियों बहुत जल्द बहां की जनता ही दौड़ा-दौड़ा कर मारेगी ये आप लोग बहुत जल्द देंखेंगे कशमीर घाटी व देश क अन्य हिस्सों में होता हुआ बैसे भी शेर अपने शिकार को दौड़ा दौड़ा कर मारता है।

मित्रो एक बात याद रखना आज हमें पूरा भरोसा है कि मोदी जी दुनियाभर में हिन्दूओं के रक्षक के रूप में अपनी झूमिका अदा करेंगे लेकिन इसका मतलब कदापि ये नहीं कि हम ये चाहते हैं कि मी जी वाकी लोगों के साथ भेदभाव करें हम तो सिर्फ इतना चाहते हैं कि मोदी जी देसभर में एकसमान नागरिक संहिता लागू कर सब भारतीयों के लिए एक जैसे अबसर उपलब्ध करवायें….

कुल मिलाकर हमारा मानना है कि न मोदी जी बदले हैं न बदलगें ....मोदी जी देशभक्त थे हैं और रहेंगे

अगर आप भी ऐसा ही महसूस करते हैं तो याद करो सेकुलर गद्दारों द्वारा 50 वर्ष तक हिन्दूओं पर किए गए अत्याचारों और हिन्दूओं के साथ किए गए भेदभाव को और डट जाओ राज्यों के चुनाबों में मोदी जी को जितवाने के लिए ....दिलवाओ मोदी जी को राज्यसभा में बहुमत फिर देखो मोदी जी क्या कमाल करते हैं