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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

शुक्रवार, 6 दिसंबर 2013

क्या होगा 8 दिसम्बर को...सब कह रहे हैं भाजपा जीतेगी लेकिन हमें लगता है कि...


आज भारत में जो भी जागरूक है है और देशभक्त है वो अच्छी तरह जानता है कि अगर 2014 में नरेन्द्र भाई मोदी की जीत होती है तो काँग्रेस खत्म हो जायगी गुजरात की तरह लेकिन अगर कहीं गलती से भी काँग्रेस की जीत हो गई तो भारत नहीं बचेगा न भारत माता की जय करने वाले बचेंगे...आज आप देख सकते हैं कि किस तरह काँग्रेस की सरकारें देशभर में देशभक्तों के उपर जूठे मुक्द्दमे बनाकर उन्हें सता रही हैं ...सबसे पहले तो आप नरेन्द्र भाई मोदी जी का ही हाल देख लो ..जिस वयक्ति को आज भारत के लगभर हर नौजवान का समर्थन हासिल है उसी नरेन्द्र भाई मोदी जी को पिछले 10 वर्ष से मौत का सौदागर कहकर अपमानित करने की लगातार कोशिश की जा रही है और वो भी तब जब उनके राज्य में पिछले 11 वर्ष से एक भी दंगा नहीं हुआ है व राज्य ने उनके नेतृत्व में हर नई उंचाई को छूकर संसार में गुजरात नही नहीं वल्कि पूरे भारत का गौरब बढाया है दूसरी तरफ काँग्रेस सरकारों ने खेलों , खदानों से लेकर रक्षा सौदों तक लूट मचाकर भारत का नाम बदनाम किया है...लेकिन लूट के इस पैसे से काँग्रेस के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि वो सन्तों तक का चरित्रहनन करने से गुरेज नहीं कर रही...आप सब जानते होंगे कि 2004 में सरकार बनते ही जिस सन्त जयन्द्र सरस्वती जी को कत्ल के आरोप में दीपावली के दिन गिरफ्तार किया गया था उसी सन्त को 9 वर्ष के बाद माननीय न्यायलय ने निर्दोष पाया लेकिन किसी भी मिडीया चैनल ने सेकुलर गद्दारों की इस करतूत पर इन गद्दारों को शर्मिंदा करे की जहमत नहीं उठाई...आप सब जानते हैं कि किस तरह काँग्रेस सरकार ने  प्रखर देशभक्त स्वामी रामदेव को पहले तो मरवाने की कोशिश की फिर बदनाम करने की और जब कुछ न हो सका तो अब उनके द्वारा भारत को लूट से बचाने के लिए चलाए जा रहे प्रकल्पों पर एक के बाद बाद एक मुकद्दमे दर्ज कर उनके उत्पादों की विक्री रूकवाकर विदेशी लुटेरों को फायदा पहुंचाने की कोशिश इटालिन लुटेरी एजवीज एंटोनिया अलवा माइनो द्वारा की जा रही है...हम दाबे से कह सकते हैं कि इम इटालियन अंद्रेज के विरोधी आशा राम पर अगर बालातकार का आरोप न लगाया गया होता तो ये आरोप स्वामी रामदेब जी पर लगाया जाना था ये तो भगवान का शुक्र है कि भगवान ने इन राक्षसों को कुबुद्धी देकर स्वामीराम देब जी की रक्षा कर भारत के हित को आगे बचाने का क्रम जारी रखने के लिए चुना।

मित्रो जिस जनरल ने रक्षा मन्त्रालया में सोनिया गाँदी और उसके खासमखास रक्षा मन्त्री द्वारा जलाई जा रही लूट का विरोध किया उस जनरल को एक वर्ष पहले ही रिटायर करवा दिया गया और अब उस जनरल को मुकद्दमों मे फंसाने की लगातार कोशिश की जा रही है...

इसी तरह घोटालों पर सबसे बड़ा हथौड़ा मारने वाले जसटिस गौंगली को मानबाधिकार की जिम्मेदारी देकर ये दिखाने की कोशिश की गई कि काँग्रेस उसके साथ है लेकिन वाद में उसके उपर बालातकार का आरोप लगवाकर उसकी जिन्दगीभर की कमाई पर पानी फेरते हुए उसे सौदे रद्द करवाने की सजा दी जा रही है ऐसा हमें लगता है सच्चाई क्या है ये भगवान ही जाने...

आप और हम सब देख रहे हैं कि चारों राज्यों में भाजपा की ही सरकारें वनेंगी लेकिन हमें लगता है कि भाजपा को इन चारों रार्ज्यों में जोरदार झटका लग सकता है...पहले दिल्ली में ही देखो की 5 बजे के बाद लगभग 30% वोटिंग करवाई गई वो भी 18 विधानसभा सीटों पर ...जो संदेह पैदा करता है कि ये सब चुनाब आयोग और केन्द्र सरकार की मिलीभगत का परिणाम हो सकती है...इसी तरह छतीसगढ़ में अजीत जोगी ने केन्द्र सरकार के साथ मिलकर जिस तरह काँग्रेस के भारतसमर्थक नेताओं को मरवाया चर्च के साथ मिलकर उसी तरह वो चर्च के साथ मिलकर धांधली भी करवा सकता है उपर से लगातार दो चुनाब की उदासीनता...लगभग यही स्थिति मध्यप्रेदश में भी है बैसे भी शिवराज सिंह चौहान में इतनी चालाकी नहीं कि वो काँग्रेस के षडयन्त्रों का जबाब उसी तरह दे सकें जिस तरह मोदी जी देते हैं..राजस्थान में महारानी जिद और तरह-तरह के शौक भी परेसानी का कारण बन सकते हैं सरकारी षडयन्त्रों के साथ-साथ...इसीलिए देशभक्त मित्रों को 8 दिसम्बर को इन चारों राज्यों में जोरदार झटके के लिए त्यार रहना चाहिए...जीत हुई तो बहुत बढ़िया नहीं हुई तो 2014 में तो होनी ही है अगर सबमिलकर मेहनत करेंगे तो  

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज शनिवार (07-12-2013) को "याद आती है माँ" : चर्चा मंच : चर्चा अंक : 1454 में "मयंक का कोना" पर भी होगी!
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'