Pages

शनिवार, 24 दिसम्बर 2011

चोरों-लुटेरों और गद्दारों की भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी सरकार का असर अब रूस में भी।

bhabat geeeta 2जैसा  कि आप सब जानते हैं कि रूस के साइबेरिया प्रांत के तोमसक शहर में चर्च ने स्थानीय न्यायालय में भारत की प्राण श्रीमद भगवत गीता पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लिया है।दुनिया भर में गैर ईसाईयों का खून बहाने वाले, चर्चों में बच्चों का यौन शोषण करने वाले, नारी को उपभोग की बस्तु मानकर उसको प्रताड़ित करने वाले व गैर ईसाईयों को ईसाई वनाने मतलब धर्मांतरण के लिए हर तरह के मानबीय मूल्य का खून करने वाले चर्च ने न्यायालय में मानबता की रक्षा की गारंटी श्रीमद भगवत गीता को उग्रवादी सहित्य बताया है ।Bhagbat Geeta.jpg 1
चर्च द्वारा की गई इस घिनौनी हरकत का हमें क्या जबाब देना चाहिए इसपर चर्चा तो हम अगले लेख में करेंगे लेकिन आज हम उन सेकुलर गद्दारों (कुछ सेकुलर गद्दारों की सच्चाई यहां पढ़ें।) की चर्चा करेंगे जिनके भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी कुकर्मों की बजह से भारत को ये दिन देखने पड़ रहे हैं।
हम सब जानते हैं कि किस तरह भारतविरोधी ताकतों ने  चर्च की ऐजेंट एडवीज एंटोनिया अलवीना माइनो उर्फ सोनिया गांधी को भारत में plant कर भारत को तबाह करने का षडयन्त्र रचा । आप इस बात से भी परिचित हैं कि किस तरह 2004 से भारत में इस  विदेशी ऐजेंट की गुलाम सरकार एक के बाद एक ऐसा काम कर रही है जिससे हिन्दूओं को कमजोर व बदनाम किया जा सके।
जहां एक तरफ ये चोरों की सरगना एंटोनिया भारत को लूट कर सारा धन विदेशों में जमा करवाकर भारत को आर्थिक रूप से कमजोर कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ इसकी गुलाम सरकार एक तो चोरों के बिरूद्ध आबाज उठाने वाले स्वामी राम देब जी व अन्ना जी जैसे देशभक्तों पर जुल्म ढा रही है वहीं दूसरी तरफ हिन्दूओं के अधिकारों को छीनकर गैर हिन्दूओं के हबाले कर हिन्दूओं के बच्चों के पेट पर लात मार रही है।
इतने से भी जब  इस भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी  सरकार का मन नहीं भर रहा है तो  संसार को शांति का पाठ पढ़ाने वाले हिन्दूओं को ही ये सरकार आतंकवादी करार देकर असली आतंकवादियों को बचाने का काम कर रही है।Bhagbat Geeta
जहां एक तरफ ये भारतविरोधी सरकार भारतविरोधी आतंकवादियों को जेलों से छोड़कर उन्हें लाखों रूपए दे रही है वहीं दूसरी तरफ ये हिन्दूविरोधी सरकार निर्दोष हिन्दूओं व सैनिकों को विना किसी प्रमाण के जेलों में रखकर न केवल उन्हें प्रताड़ित कर रही है वल्कि  हिन्दूओं को  उग्रवादी करार देकर सारे संसार में बदनाम भी कर रही है।
इस बिदेशी की गुलाम भारतविरोधी –हिदूविरोधी सरकार के दुष्प्रचार का ही परिणाम है कि आज रूस में भारत की प्राण श्रीमद भगवत गीता को उग्रवादी सहित्य करार देकर उस पर प्रंतिबन्ध की तैयारी है।

0 टिप्पणियाँ: