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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

मंगलवार, 26 नवंबर 2013

जैसे ही लिफ्ट का दरबाजा खुला मैनें अपना अंडरवीयर उपर उठाया और वाहर भागी...वह दरिंदा अभी भी मेरे पीछा कर रहा था...मित्रो दरिंदगी यही खत्म नहीं हुई

मित्रो तरूण तेजपाल से इस महिला पत्रकार ने जो कुछ किया वो दिल्ली में पिछले वर्ष हुए जघन्य अपराध से कम नहीं क्योंकि इस जानवर ने इस लड़्की से उसी तरह जोर जबरदस्ती की जिस तरह चलती बस में उन दरिंदों ने की थी बस फर्क इतना है कि इस दरिंदे के पास लोहे की छड़ नहीं थी वरना अगर आप परा वयौरा पढ़ोगे तो ये दरिंदा भी वही सब करने जैसे दरिंदगी पर उतारू था...http://himachalpradesh.punjabkesari.in/punjab/fullstory/140758530_332086
some quotes from the EMAIL sent by the Victim(of TEHALKAGATE) TO Soma Chaudhury.
In the Lift Tarun Tejpal and the Victim:
तरूण तेजपाल ने अपनी वेटी की उमर की लड़की से ऐसी हरकत की है जिसका हिन्दी अनुवाद करना भी शर्मशार कर देने वाला है फिर ...भी अगर आपको इसकी कर्तूत हिन्दी में पढ़नी है तो हम अनुवाद करने के लिए त्यार हैं आपकी क्या प्रतिक्रिया है जरूर लिखें "At this point, he began to kiss me—from the first moment of his doing so, I asked him to stop, citing several reasons, including my friendship to Tiya, my closeness to his family, the fact that he had known me since I was a child, the fact that I worked for Tehelka and for Shoma Chaudhuri—who is my managing editor and mentor. It was like talking to a deaf person. Mr Tejpal lifted my dress up, went down on his knees and pulled my underwear down. He attempted to perform oral sex on me as I continued to struggle and hysterically asked him to stop. At that moment he began to try and penetrate me with his fingers, I became scared and pushed him hard and asked him to stop the lift. He would not listen. The lift stopped on the ground floor as Mr Tejpal’s hands were on me and could not press the button for yet another floor to keep it in circuit. "
When SHE narrated the incident to her daughter the latter's response:

The Victim who happens to be the closest frienet of Tiya, Tejpal's daughter, told her "she would hate me for what I was telling her–but that Mr Tejpal had tried to molest me on these two separate occasions. I said, “He tried to shove his tongue down my throat and then took my panties off”, when Tiya replied saying, “I saw him do this to a woman when I was thirteen, so it doesn’t surprise me anymore,” but she was clearly disgusted."
Unconditional apology by TTejpal was a well conceived move to hush up the issue ; Those who are party of such planning also need to be brought to book?

Is it no less than Nirbhaya issue ?Rather more dangerous than that! 'Progressives' are in dock? Molestation and Rapes "internal Affairs" a new discovery by the hypocrite

शुक्रवार, 22 नवंबर 2013

GOA POLICE must take TEHLKA CHIEF on REMAND & should EXPOSE NEXUS between ISI,TEHLKA &UPA GOVT


मित्रो आप सब जानते हैं कि तहलका पत्रिका का मुखिया न केवल वालातकारी है वल्कि वो गद्दार भी  है जिसने अटलविहारी बाजपयी जी द्वारा चलाई जा रही सरकार को झूठे स्टिंग दिखाकर जनता की निगाह में इतना गिरा दिया कि लोगों ने भाजपा द्वारा देशहित में किए गए कामों को जानने के बाबजूद इस गद्दार के स्टिंग से भ्रमित होकर देश को इटालियन अंग्रेज एडवीज एंयोनिया अलवीना माइनो का गुलाम बनाकर रख दिया...इस गद्दार के स्टिंग के कारण इस अंग्रेज ने भारत को इतना लूटा(2g, 3g, DEVAS Antrix ,COAL घोटाले
बोफोर्स घोटाला - 64 करोड़ रुपये
यूरिया घोटाला - 133 करोड़ रुपये
चारा घोटाला - 950 करोड़ रुपये
शेयर बाजार घोटाला - 4000 करोड़ रुपये
सत्यम घोटाला - 7000 करोड़ रुपये...
स्टैंप पेपर घोटाला - 43 हजार करोड़ रुपये
कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला - 70 हजार करोड़ रुपये
2जी स्पेक्ट्रम घोटाला - 1 लाख 67 हजार करोड़ रुपये
अनाज घोटाला - 2 लाख करोड़ रुपए (अनुमानित)
कोयला खदान आवंटन घोटाला - 192 लाख करोड़ रुपये
) है  जितना व्रिटेन के अंग्रेजों ने भी नहीं लूटा होगा वो भी इतने कम समय में...इस अंग्रेज ने भारत के आतंकवादियों के बिरूद्ध लड़ रही भारतीय सुरक्षा ऐजेसियों को पहले तो आतंकवादियों से लोहा ले रहे देशभक्त आम नागरिकों ,सन्तों व सैनिकों के पीछे लगा दिया और बाद में नरेन्द्र भाई मोदी जैसे वयक्ति को बदनाम करने व भारत को तबाह करने के लिए इन सुरक्षा ऐजेंसियों को आपस में ही लड़वा दिया...इस अंग्रेज ने तरूण तेजपाल जैसे कई बालातकारियों को राषट्रपति के माधयम से जेलों से छुड़वाकर भारत की बहू वेटियों की इज्जत आबरू को खतरे में डाल दिया...इसी अंग्रेज ने आतंकवादियों को दी जानी वाली सजा को रूकवाकर व आतंकवादियों के विरूद्द मामले कमजोर कर उन आतंकवादियों को जेलों से छुड़वाकर भारत की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया...इस वालातकारी ने गुजरात में झूठा स्टिग दिखार देसभक्त संगठनों को बदनाम करने की कोशिश की...कुल मिलाकर हम जानते हैं  कि तहलका पत्रिका भारत के दुशमनों द्वारा चलाई जा रही है भारत को तबाह करने के लिए...वालातकार की पीड़ित लड़की ने खुद कहा है कि तहलका में सिर्फ उसी का बालातकार नहीं हुआ वल्कि तहलका में काम करने वाली हर महिला का बालातकार हुआ है...हम अच्छी तरह जानते हैं कि भारत में काम कर रही ISI एंटोनिया की सहायता से इस लड़की को भारत से पाकिस्तान ले जाकर या फिर लड़की पर दबाब बनाकर इस बालातकारी को बचाने की पूरी कोशिश करेगी लेकिन गोआ पुलिस को ये चाहिए कि इससे पहले कि लड़की को एंटोनिया की गुलाम सरकार द्वारा ISI के हबाले किया जाए उससे पहले गोआ पुलिस तरूण तेजपाल को रिमांड पर लेकर उससे ये जाने कि वो किसके कहने पर भारत के विरूद्ध एक के बाद एक षडयन्त्र कर रहा था और तहलका व ISI के वीच कब से रिस्ते हैं और ISI व इस अंग्रेज की गुलाम सरकार के बीच क्या सांठगांठ है लेकिन ये सब करते हुए गोआ पुलिस को चाहिए कि लड़की के उपर निगाह रखे व उसकी सुरक्षा का पूरा प्रबन्ध करे ताकि देश से गद्दारी कर रहे सेकुलर गद्दारों को उनके किए गुनाहों की सजा दिलवाने के साथ-साथ उनके भारतविरोधी कुकर्मों के वारे में भारतीय जनता को जागरूक किया जा सके... खासकर उन लोगों को जो वालातकारियों , व्याभिचारियों और कालेधन के कुबेरों द्वारा चालाए जा रहे मिडीया घरानों द्वारा प्रसारित झूठे समाचारों से प्रभाबित होकर देश के दुशमनों को बोट कर देते  हैं

गुरुवार, 24 अक्टूबर 2013

राहुल गाँधी की दंगाई भारतविरोधी जहरीली सोच की असलियत एकवार फिर जग जाहिर हो गई आज इन्दौर में...


 
आप सब जानते हैं कि राहुल गाँधी ने अपने कल के भाषण में कहा था कि मुजफरनगर के मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान जाना चाह रहे हैं(मुसलमानों ने राहुल गाँधी से ये कहा) और वह खुद (राहुल गाँधी) उन्हें समझा रहा है कि उन्हें पाकिस्तान नहीं जाना चाहिए लेकिन आज इन्दौर में राहुल गाँधी ने कहा कि एक-दो दिन पहले खुफिया विभाग का एक अधिकारी उनके कमरे में आया और उसने राहुल गाँधी को बताया कि मुजफरनगर में पाकिस्तान की खुफिया ऐजेंसी उन 10-15 मुसलमानों से सम्पर्क बना रही है जिनके परिजन हिन्दूओं द्वारा दंगो में मारे गए(जबकि सच्चाई ये है कि इन दंगो की शुरूआत हिन्दूओं ने नहीं की और इन दंगों में हिन्दूओं को जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा) लेकिन खुफिया विभाग को वो अधिकारी उन्हें पाकिस्तान जाने से रोक रहा है...

राहुल गाँधी ने कल जब ये कहा कि मुजफर नगर के मुसलमान पाकिस्तान जाना चाह रहे हैं तो उसने भारत की छबि दुनिया में खराब करने की कोशिश...अब जब वो ये कह रहा है कि खुफिया अधिकारी ने उसे ये बताया कि मुसलमान पाकिस्तान जा रहे हैं तो वो भारतीय खुफिया ऐजेंसियों का नाम खराब कर रहा है क्योंकि खुफिया ऐजेंसिया संबैधानिक तरीके से प्रधानमन्त्री व गृहमन्त्री को रिपोर्ट करती हैं न कि किसी पार्टी के पदाधिकारी को...अगर कल उसने झूठ कहा था और आज वो सच वोल रहा है तो इसका मतलब ये हुआ कि भारत की सुरक्षा ऐजैंसिया भारत की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए प्रधानमन्त्री व गृहमन्त्री को रिपोर्ट करने के बजाए काँग्रेस पार्टी के नेताओं को रिपोर्ट कर रही हैं और यही वो सच्चाई है जिसके कारण ये सुरक्षा ऐजेंसिया भारत के प्रखर देशभक्त नागरिकों के बिरूद्ध एक के बाद एक षडयन्त्र रच कर उन्हें बदनाम करने की हर सम्भव कोशिश कर रही है फिर वो चाहे स्वामी रामदेव जी हों या फिर नरेन्द्र भाई मोदी जी या फिर जनरल विक्रम सिंह जी या फिर  इनके जैसे और प्रखर देशभक्त ।

सुरक्षा ऐजेसियों के इन भारतविरोधी नेताओं के हाथों में खेलने का ही ये दुषपरिणाम है कि ये नेता लाखों हजारों करोड़ के घोटालों के माधयम से भारत की देशभक्त मेहनतकश जनाता का माल डकार कर भी आज जेलों से बाहर हैं व भारत के इमानदार, देशभक्त नेताओं, नागरिकों व सन्तों को जेल में डालने के हर तरह के षडयन्त्र रच रहे हैं...

अब ये भारत के नौजवानों को तय करना है कि उन्हें भारत को जाति-पंथ-भाषा-क्षेत्र के नाम पर लड़वानकर विकाश दर को लगभर 3 प्रतिशत पर पहुंचाकर नौजवानों को वेरोजगार करने वाली व मंगाई बढ़ाकर गरीबों को भूखा मरने पर मजबूर करने वाली विभाजनकारी काँग्रेस के झूठे और दंगाई नेता राहुल गांधी का साथ देना है या फिर प्रखर देशभक्त समस्त भारतीयों को एक शूत्र में बांधकर भारत को विकाश की नई उंचाईयों तक ले जाकर नौजवानों को रोजगार और मानसमान की गारंटी देने वाले नरेन्द्र भाई मोदी जी के हाथ मजबूत कर देश को आगे ले जाना है

बुधवार, 23 अक्टूबर 2013

राहुल गाँधी की CONFUSED दंगाई भारतविरोधी जहरीली सोच आखिरकार भारत को और कितना लहुलुहान करबाएगी?....भाग -1


 
हमारे प्यारे हिन्दू भाईयों और मुसलिमों के लिए बर्तमान समय की सबसे बड़ी और बुरी खबर ये है कि काँग्रेस ने अपने युवराज के नेतृत्व में भारत को दंगों की आग में धकेल कर पूरी तरह से नेस्तनानबूद करने का पक्का इरादा कर लिया है इसी का परिणाम है कि आज केबल उतर प्रदेश में ही काँग्रेस ने अपनी सहयोगी समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर सिर्फ पिछले एकवर्ष में ही कुल मिलाकर 50 से अधिक छोटे-बड़े दंगे करवा दिए हैं अगर थोड़ा और बिस्तार से देखें तो महाराष्ट्र में भी कोई ऐसा त्योहार नहीं है जिस पर सेकुलर गद्दारों द्वारा पोषित आतंकवादियों ने हमला न किया हो....

अगर हम परिबार की बात करें तो परिबार में मात-पिता और देश में सरकार का एक ही दायित्व होता है ...माता-पिता का दायित्व है बच्चों के साथ समानता का व्यबहार करना और गलती करने वाले बच्चे को उसी गलती का एहसास करवाना ...गलती न सुधारने पर उसे दंडित करना...सरकार का दायित्व है नागरिकों के साथ समानता का ब्यवहार करना और गलती करने वाले नागरिकों को अन्त में दंडित करना....लेकिन ये भारत का दुर्भाग्य है कि पिछले 10 वर्ष से एक ऐसी भारतविरोधी  सरकार देश में है जो अपने ही नागरिकों को आपस में लडवाने के लिए दिन-रात एक किए हुए है व हर वक्त कानून तोड़ने वाले---हत्या करने वाले नागरिकों के साथ खड़ी हुई प्रतीत होती है....

हमें कई बार लगा कि शायद सरकार पर राहुल गाँधी की पूरी पकड़ नहीं लेकिन आज जब राहुल गांधी ने ये कहा कि मुजफरनगर में दंगों के सिकार लोग पाकिस्तान जाना चाहते हैं को राहुल गाँधी ने ये साबित कर दिया कि दिमाग में भारत के प्रति इतना जहर भरा पड़ा है कि उसे शब्दों में दर्ज करवाना मुसकिल ही नहीं असम्भव है...

देश का हर जागरूक नागरिक जानता है कि दंगों की शुरूआत अलगाववादियों द्वारा हिन्दूओं की मां-बहन-बहु-बोटियों के बिरूद्ध चलाए जा रहे लब जिहाद के रास्ते की रूकाबट बने लड़की के भाई और उसके दोस्त के कत्ल से हुई। जिस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए कातिलों को जेल में डाल दिया लेकिन अलगाववादियों के मन्त्री आजम खान ने दबाब डालकर उन कातिलों को छुड़वा दिया ....अलगाववादी इतने ही पर नहीं रूके बल्कि जुमे की नमाज के बाद काँग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी के नेताओं ने अलगाववादियों को हिन्दूओं का नमोनिशान मिटाने के लिए उकसाया जिसके परिणामस्वारूप पैदा हुए दहशत से भयभीत हिन्दूओं ने संगठित होकर वेटी बचाओ सभा का आयोजन किया जिस पर इन सेकुलर गद्दारों ने अलगाववादियों के साथ मिलकर हमला वोल दिया और जानबचाकर भारग रहे हिन्दूओं पर मस्जिद से AK 47 से गोलियां दाग कर हिन्दूओं का खून बहाया उनकी गाड़ियों भी फूंक डाली...क्योंकि इस सभा में आने वाले अधिकतर किसान थे जो अपने ट्रैकटर साथ लेकर आए थे उनके ट्रैकटर भी जला दिए गए...और हिन्दूओं पर इतना बड़ा हमला करवाने वाले मौलवी को वहां की भारतविरोधी सरकार ने विशेष विमान भेजकर सम्मानित किया... और वेशर्मी देखो इस सपोले की कि ये कह रहा है कि मुजफरनगर  के दंगाई अलगाववादी इसलिए पाकिस्तान जाना चाह रहे हैं कि उन पर हिन्दूओं ने हमला किया ...सब जानते हैं कि आज उतर प्रदेश और केन्द्र दोनों में दंगाईयों की ही सरकार है फिर भला दंगाई क्यों पाकिस्तान जाने लगे...लेकिन राहुल गाँधी की जहरीली जुवान में इतनी भी शर्म या लोकलाज वाकी नहीं जो ये कह सके कि केन्द्र और राज्य सरकार के सांझें हमले में जान-माल का नुकशान उठाने वाले हिन्दूओं के साथ जो अन्याय हुआ है उसके लिए 1984 के दंगों की ही तरह पूरी काँग्रेस पार्टी शर्मिंदा है....एकतरफ जहां रहुल गांधी ने पाकिस्तान का जिकर कर न केबल मुसलमानों को हिन्दूओं के बिरूद्ध भडकाया वल्कि दुनिया को ये सन्देश भी देने की कोशिश की कि इसलामिक आतंकवादियों का देश पाकिस्तान मुसलमानों के लिए भारत से ज्यादा सुरक्षित है....दूसरी तरफ सिखों द्वारा इन्दरागँधी की हत्या का जिकर कर राहुल गाँधी ने हिन्दूओं को सिखों के विरूद्ध भड़काने की कोशिश की ...मतलब राहुल की जहर उगलती जुवान में एक ही मकसद नजर आता है कि किस तरह भारत को दंगों की आग में धकेल कर धर्मनिर्पेक्षता का बुर्का ओड़ कर आने वाले चुनाबों को जीता जाए....फ फ

रविवार, 7 जुलाई 2013

हैरान नहीं परेशान हूँ मैं AAA Mino के अध्यक्ष बनने के बाद काँग्रेस में आए परिबर्तन को देखकर!



मित्रो हमारे जैसे बहुत से नौजवान और प्रौढ़ ऐसे हैं जिनके खानदान में या तो हर कोई काँग्रेसी रहा है या फिर कोई न कोई तो काँग्रेसी जरूर ही रहा है...कोई सहमत हो या न हो पर ये एक सच्चाई है कि संघ परिवार से जुड़े संगठनों को छोड़कर सबकी सब पार्टियां या तो काँग्रेस से निकली हैं या फिर काँग्रेस से टूटे नेताओं द्वारा बनाई गई हैं । हद तो ये है कि संघ की स्थापना करने वाले परम पूजनीय डा हेडगवार जी भी संघ की स्थापना करने से पहले काँग्रेस के ही पदाधिकारी थे...

लेकिन इटालिन अंग्रेज Advij Antoniya Albina Mino के काँग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद काँग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व ने जो हिन्दूबिरोधी-भारतविरोधी रूख अपनाया है उसे देखकर सच कहें तो हमारे होश उड़ गए हैं कि क्या एक व्यक्ति के बिदेशी होने से सारे के सारे भारतीय जो हिन्दूत्व समर्थक है रातों-रात अपने सब बिचार बदलकर एक ऐसे बिचार का साथ दे रहे हैं जिसका मूल Target ही हिन्दूओं को कमजोर कर भारत को समाप्त करना है...

बहुत से लोग ये कह सकते हैं कि इस अंग्रेज की लड़ाई सिर्फ संघ परिवार से जुड़े उन हिन्दूओं से है जिन्होंने इसे भारत का प्रधानमन्त्री बनने से रोका लेकिन ये बास्तविकता से कोसों दूर है...
क्योंकि अगर इस अंग्रेज या फिर यूँ कहें कि इस अंग्रेज के नेतृत्व वाली काँग्रेस की लड़ाई अगर संघ परिवार से है तो फिर भारतीय सेना और पुलिस पर हमला करने का क्या औचित्य है?
आप सब देख रहे हैं कि किस तरह काँग्रेस सरकार लगातार भारतीय सुऱक्षाबलों पर ये दबाब बनाए हुए है कि इसलामिक और बामपंथी आंतकवादियों के बिरूद्ध  कोई कड़ी कार्यवाही न की जाए और जो सैनिक या फिर पुलिस का जवान इन आतंकवादियों को ठिकाने लगा रहा है उसे इस अंग्रेज की गुलाम सरकार जेल में डालकर न केवल बदनाम कर याताना दे रही है वल्कि वाकी सुरक्षा बलों पर भी ये दबाब बना रही है कि इन आतंकवादियों के बिरूद्ध कार्यवाही करने का क्या अन्जाम हो सकता है? परिणाम सबके सामने है कि एक वर्ष पहले बौद्ध गया पर हमले की सूचना मिलने व महीनों पहले आतंकवादियों की नाम सहित जानकारी मिलने के बाबजूद किसी भी सुरक्षा ऐजेंसी से जुड़े किसी भी वयक्ति ने सरकार के डर से इन आतंकवादियों के बिरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की और परिणामस्वारूप शांति के दूत परम पूजनीय भगवान बुद्ध की पाबन यादों पर ये आतंकवादी हमला करने में सफल रहे....
आप सबको जानाकरी है कि 2004 में इस अंग्रेज की गुलाम सरकार बनते ही सरकार ने सहीद होने पर अर्धसैनिक बलो के परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर ये कहकर रोक लगा दी कि सरकार के पास पैसे की कमी है...
उसके बाद इस सरकार ने भारतीय सेना को साँप्रदायिक आधार पर बाँट कर भारत में गृहयुद्ध करवाने के लिए सेना में हिन्दू-मुसलमान की गिनती करने के आदेश जारी कर दिए...जिसे ततकाली थलसेना अध्यक्ष जनरल जे जे सिंह जी ने सिरे से नकार कर भारत को इस सरकार द्वारा पैदा की जाने वाली भारत के इतिहास की सबसे बड़ी आपदा से बचा लिया।
फिर इस अंग्रेज के गुलाम प्रधानमन्त्री ने घोषणा कर दी कि भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है...प्रश्न ये उठता है कि हिन्दूओं का पहला अधिकार किस देश के संसाधनों पर होगा?
सरकार की अगली घोषणा देश में मुसलिम बहुल जिलों का विकाश किया जाएगा...हिन्दूओं ने क्या अपराध किया है?
गुलाम प्रधानमन्त्री ने सुरक्षा बलों की बैठक में कहा कि आतंकवादी हमला होने के बाद मुसलमानों पर शक न किया जाए न उन्हें पकड़ा जाए...मतलब अगर इसलामिक आतंकवादी हमला करें तो हिन्दूओं को जेल में डाला जाए...हद तो तब गई जब इस सरकार ने जेलों में बन्द इसलामिक आतंकवादियों को छोड़कर उनकी जगह सैनिकों, पुलिस वालों और हिन्दूओं को जेलों में बन्द करना शुरू कर दिया...
इसके साथ ही सरकार ने सुरक्षा बलों को बगंलादेश से घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों पर भी गोली चलाने से मना कर दिया।
     निहत्थे जवानों के हालात                       
     

इस इटालियन अंग्रेज की गुलाम सरकार ने हिन्दूविरोध-भारतविरोध की सब सीमांयें  उस वक्त लांघ दी जब इस सरकार ने उस कशमीरघाटी में( जिसमें 60000 हिन्दूओं को कत्ल कर 500000 हिन्दूओं को उनके घरबार से उजाड़ दिया...मां-बहन-बहु-बेटियों की इज्जत आबरू को लूटा गया सो अलग ) भारतीय सेना को उस कशमीर पुलिस के निचे ला खड़ा किया जिस कशमीर पुलिस में खुद सरकारों ने आतंकवादियों की भर्ती की हुई है...सेना की कितनी ही बटालियनें ऐसी हैं जिन्हें सिर्फ इसलिए कमांडर सहित लाइन हाजिर कर दिया गया क्योंकि उन सैनिकों ने अपनी जान की बाजी लगाकर आतंकवादियों को मारा...

 
आगे चलकर इस सरकार ने गद्दारी की सारी सीमांयें पार करते हुए सैनिकों को ये आदेश जारी कर दिए कि जहां कहीं भी अलगाववादी मुसलमान विरोध करें वहाँ उन्हें पहले निहथे जाकर ही लड़ना है और परिणाम सबके सामने हैं कि पिछले तीन महीनों में इन अलगाववादी आतंकवादियों ने इतने अधिक सैनिकों का कत्ल किया है जितना आज तक कभी नहीं हुआ ...

इशरत जहां का मामला तो आप सबके सामने है ही जिसे आतंकवादियों से भरी पड़ी J&K पुलिस से लेकर IB & FBI और  LET तक सबने आतंकवादी बताया अब इस सरकार ने उस आतंकवादी सहित चार अन्य आतंकवादियों को मारकर निर्दोष नागरिकों की रक्षा करने वाले पुलिस वालों को जेलों में डालकर इस आतंकवादी हमले की सूचना देने वाली केन्द्रीय ऐजेंसी को भी कटघरे में खड़ा कर दिया...
परिणामसबके सामने है कि आज सरकार ने भारत की दो प्रमुख सुरक्षा ऐजेंसियों को आपस में लडवाकर भारत की सुरक्षा को ही खतरे में डाल दिया है...
अब आप खुद फैसला कर लो कि काँग्रेस का हमला सिर्फ संघ परिवार पर है या फिर सिर्फ भारतीय सेना पर या फिर IB या CAG पर या फिर सिर्फ गुजरात पुलिस पर या फिर सिर्फ नरेन्द्र मोदी पर या फिर सारे हिन्दूओं पर या फिर सारे भारत पर...और हमारे बिचार में ये हमला हिन्दूओं के लिए भी उतना ही खतरनाक है जितना मुसलमानों के लिए क्योंकि इटालियन अंग्रेज की मनसा तो भारतीयों के बीच झगड़ा पैदा करने कि है पहले भी अंग्रजों ने भारत को इसी फूट डालो और राज करो के षडयन्त्र के माध्यम से भारत को 300 वर्ष गुलाम रखा। क्या फिर इतिहास अपने आपको दोहरा रहा है? या फिर हमारी सोच में ही गडबढ़ है देश में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है ...हम सबको याद रखना पड़ेगा कि अगर देश के हालात बिगड़े तो इसकी कीमत हम भारतीयों को ही चुकानी पड़ेगी ...ये अंग्रेज तो अपने देश इटली जाकर आराम से आन्नद उठायेंगी हम भारतीयों के आपस में लडने का...
बहुत से हमारे काँग्रेसी मित्र इस बात से नाराज हो जाते हैं कि हम काँग्रेस के वारे में ऐसा कह रहे हैं इन मित्रों से हम यही कहेंगे कि वो एकवार आजाद होकर सोचें और समझने की कोशिश करें कि जो हिन्दू 1300 वर्षों से चर्च व इसलाम द्वारा कुचले जाने के बाबजूद आज तक हथियारवन्द लड़ाई से कोसों दूर भागते आए हैं उन्हीं निहत्थे हिन्दूओं को आतंकवादी कहना और असली आतंकवादियों को 3,00,000 की एफ डी के साथ पेंसन देने के साथ-साथ सुरक्षा बलों से बचाना क्या कोई सच्चा हिन्दू या यूँ कहें कोई सच्चा देशभक्त बरदाश कर सकता है?