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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

रविवार, 28 अप्रैल 2013

क्या सरबजीत सिंह जी को हलाल नहीं किया गया?


मेरे प्यारे हिन्दू भाई-बहन-मित्र-यार व सेकुलर विरोधी सबकेसब बहुत भोले हैं 1000 वर्ष से इसामलिक जानवरों के हाथों अत्याचार और दुराचार झेलने के बाद आज भी इन इसलामिक राक्षसों से इनसानियत की उम्मीद रखते हैं इसीलिए इन जानवरों के पक्ष में वोलने के लिए सेकुलर हिन्दू हमेशा त्यार रहते हैं और अब तो भाजपा व हिन्दू संगठनों के भी अधिकतर नेता व बहुत से कार्यकर्ता हमें ये समझाते फिरते हैं कि ये मुसलमान जानबर नहीं इनसान हैं हम उनसे ये जानना चाहते हैं कि जब कसाब हमारे यहां था तो कितनेवार उस पर हमला हुआ जबाब एकवार भी नहीं कितने ही इसलामिक गुण्डे हमारी जेलों में कितनों पर आज तक हमले हुए किसी पर भी नहीं लेकिन हमारे ऐसे शहीदों के हम हजारों नाम गिना सकते हैं जिनको इन इसलामिक गुण्डो ने हलाल किया मतलब अंगभंग कर या तड़फा-तड़फा कर मारा जिस तरह ये इसलामिक गुण्डे हमारी गऊ माता को हमारी ही सरजमी पर हमारे ही सामने हमारे ही टुकड़ों पर पलकर व हमारी ही दया कहो या कार्यता या फिर मूर्खता की बजह से जिन्दा रहकर ।हाल ही में मिली हमारे सैनिकों की सरकटी लाश तो आपको अच्छी तरह याद होगी ही फिर भी किसी भी लेखक या पत्रकार या फिर आम इनसान ने ये आबाज नहीं उठाई कि सरबजीत सिंह को इसलामिक गुष्डो ने वहां की सरकार के सहयोग से हलाल किया पहसे उसके गले व शरीर के वाकी हिस्सों में कट लगाए गए फिर उसके सिर पर इटों-पत्तथरों से प्रहार किए गए फिर उसके शरीर को भी मारा गया ठीक उसी तरह जिस तरह ये गऊ माता को हलाल करते वक्त पहले उसके गले में कट लगाते हैं फिर उसके शरीर पर तब तक प्रहार करते हैं जब तक गऊ माता के शरीर से उसकी खाल अलग न हो जाए फिर भी हमारे ही अपने हमें कहते हैं कि हम इन इसलामिक राक्षसों की असलियत लिखकर उनका विरोध कर रहे हैं सच कहें तो हमारा मानना साफ है कि बिना इसलाम को संसार से खत्म किए मानबता की रक्षा करना मुसकिल ही नहीं वल्कि असम्भव है लेकिन भारत की सरजमी से इसलाम का नमोनिसान तब तक नहीं मिटाया जा सकता जब तक हमारे सब प्यारे हिन्दू भाई-बहन-मित्र-यार व सेकुलर विरोधी इसलाम की इस राक्षसी प्रवृति को अच्छी तरह नहीं पहचान लेते अफसोस 1000 वर्ष से इन राक्षसों के जुल्मों जियादती की लाखों दास्तानों को देखने सुनने के बाद भी--- भारत के 5-5 टुकड़े होने के बाद भी---कशमीरघाटी में 60000 हिन्दूओं के कत्ल के बाद भी---व 500000 हिन्दूओं के वेघर होने के बाद भी …आसाम में लगातार इन जानवरों के हमलों के बाद भी----पूरे भारत में इन राक्षसों द्वारा हाल ही के वर्षों में 50000 आतंकवादी हमलों के बाद भी हमारे प्यारे हिन्दू भाई-बहन-मित्र-यार व सेकुलर विरोधी इसलाम की असलियत वोलने समझने-समझाने में संकोच करते हैं अब आप ही बताओ मानबता की रक्षा हो तो कैसे ….भारतीयों की सुरक्षा हो तो कैसे भारत बचे तो कैसे?

2 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार के "रेवडियाँ ले लो रेवडियाँ" (चर्चा मंच-1230) पर भी होगी!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

सुनील दत्त ने कहा…

धन्यवाद जी