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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

शनिवार, 24 मार्च 2012

दलित हिन्दूओं पर धर्मनिर्पेक्षतावादियों का हमला अगर इसी तरह जारी रहा तो देशभक्त हिन्दूसमाज चुप नहीं बैठेगा…

हम पिछले पन्द्रह दिनों से देख रहे हैं कि उतर प्रदेश में धर्मनिर्पेक्ष गिरोह की  सरकार बनते ही देशभक्त हिन्दूओं खासकर दलित हिन्दूओं पर लगातार हमले किए जा रहे हैं---कहीं उनके घर जलाए जा रहे हैं तो कहीं उन्हें गोली से उड़ाया जा है… कहीं बाबा भीमराव अम्बेडकर साहब जी की मूर्तियां तोड़कर…कहीं गंगा सफाई का अभियान रोककर हिन्दूओं की आस्था पर चोट की जा रही कहीं… महिला प्रतिनिधियों के पति का कत्ल किया जा रहा तो कहीं इन हिन्दूओं को दबाने के लिए इनपर दबाब बनाया जा रहा है …ये सब अमानबीय कुकर्म किए जा रहे हैं सेकुलर गिरोह की प्रमुख सहयोगी समाजवादी पार्टी द्वारा चुनाब जीतने व उसकी सरकार बनने के बाद ।

देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि इस पार्टी का मुखिय मौलाना मुलायम सिंह यादब  इस्लामिक आतंकवादियों के साथ मिलकर हिन्दूओं का खून बहाकर आन्नदित होता है शायद इस वार भी हो रहा होगा…तभी तो ये हिन्दूविरोधी खून खराबा रूकने का नाम ही नहीं ले रहा।

आप अच्छा मानो या बुरा वेशक पहले सेकुलर गिरोह से जुड़ी समाजबादी पार्टी की सरकार मुसलमानों के बोटों के सहारे बना करती थी लेकिन इसवार इस सरकार को बनबाने में मुसलमानों से कहीं ज्यदा योगदान हिन्दूओं का है वरना हमने तो हिन्दूओं से पहले ही कहा था कि हिन्दूओं की कातिल समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से बचने के लिए रणनितिक समझदारी दिखाते हुए बहुजन समाजवादी पार्टी व भारतीय जनता पार्टी को विजयी वनायें लेकिन हिन्दूओं ने एकवार फिर मूर्खता करते हुए हिन्दूविरोधी-भारतविरोधी सेकुलर गिरोह से जुड़ी समाजवादी पार्टी को विजयी वनाकर अपने पैर पर कुलहाड़ी मारने का काम किया जिसका खमियाजा आज हम सब हिन्दू भुगतने लगे हैं।

सच कहें तो मौलाना मुलायम सिंह यादब की जगह युवा अखिलेश यादब द्वारा मुख्यमन्त्री का पद सम्भालने के बाद मन मेंएक उम्मीद जगी थी कि शायद अपने वेटे के भविष्य की रक्षा की खातिर  मौलाना मुसायन सिंह यादम व भारत माता को डायन कहकर गाली निकालने वाले आजम खान जैसे उनके यार अब हिन्दूओं का खून नहीं बहाँयेगे लेकिन लगता है कि इनको अपने वेटे के भविष्य से ज्यदा प्रिए हिन्दूओं का खून बहाना है।

लेकिन सेकुलर गिरोह से जुड़े हिन्दूविरोधियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अब ये हिन्दू 90 के दशक का वो हिन्दू नहीं है जो मार खाकर भी चुप रहता था अब ये हिन्दू बदल चुका है और अगर कहीं ये हिन्दू अपनी पे आ गया तो न तो सेकुलर गद्दार बचेंगे और न ही इनके यार इस्लामिक आतंकवादी।

कुलमिलाकर सेकुलर गिरोह के हित में यही है कि वो बाबा भीमराव अम्वेडकर जी की मूर्तियां तोड़कर व दलितों के घर जलाकर देसभक्त हिन्दू समाज को भयभीत करने का दुहसाहस न करे वरना इसके जो भी दुष्परिणाम निकलेंगे उसके लिए पूरी तरह से ये सेकुलर गिरोह ही जिम्मेदार होगा…

सोचने की बात तो ये हैं कि किसी भी भारतविरोधी गद्दार को किसी देशभक्त या सेना  द्वारा एक थप्पड़ भर मार देने पर जोर-जोर से चिल्लाने वाले सबके सब सेकुलरवादी, तथाकथित मानवाधिकारवादी आदि-आदि … धर्मनिर्पेक्ष गिरोह द्वारा हिन्दूओं पर किए जा रहे इस अत्याचार पर पूरी तरह खामोश ही नहीं वल्कि इस कुकर्म में हर तरह से भागीदार वनकर रह गए हैं।

आपको याद होगा कि पिछले दिनों बंगलादेशी घुसपैठिए की पिटाई करने वाले सुरक्षावलों पर ये सबकेसब गद्दार किस तरह से पिल पड़े थे लेकिन अब इनको कोई अत्यचार नजर नहीं आ रहा है।

जागो हिन्दू जागो पहचानों इन भारतविरोधी-हिन्दूविरोधी सेकुलर गद्दारों को और एकजुट होकर मिटा डालो हिन्दूओं के कातिल इन हत्यारों को

1 टिप्पणी:

दीर्घतमा ने कहा…

दुर्भाग्य है भारत का कुकुरमुत्ते बढ़ रहे है और हम केवल दख रहे है.