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मोदीराज लाओ

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भारत बचाओ

सोमवार, 13 दिसंबर 2010

जूलियन अंसाजे की गिरफ्तारी सच्चाई का गला घोंटने की कोशिश...




Wiki leaks के संस्थापक व आस्ट्रेलिया के खोजी पत्रकार जूलियन असांजे ने सच्चाई सामने लाने के लिए जो दमखम दिखाया उसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है।


आज की दुनिया personality living मतलब नकाब ओड़कर जीने में विस्वास रखती है। मतलब यहां हर कोई अपनी असलियत छुपाता फिरता है जिसको जो चेहरा दिखाना होता है उसके लिए वही चेहरा ओड़कर वयक्ति/देश उसके सामने जाता है।


जूलियन असांजे ने अमेरिका जैसे फरौड देशों की असलियत खोलकर सारी दुनिया को आईना दिखा दिया।दुनिया का कोई भी देश या वयक्ति सच्चाई को जीने या सामने आने में विस्वास नहीं रखता। सब जगह झूठ और फरेब का वोलवाला ।


यह झूठ ही है जिसने भ्रष्टाचार को जन्म देकर आज मानबता के अस्तित्व को ही खतरे में डाल दिया है। वाकी वस्तुओं को तो छोड़ो आज खाने-पीने की भी कोई बस्तु मिलाबट से अछूती नहीं रही है।


इन हालात में अगर जूलियन असांजे जैसा दमदार व्यक्ति सच्चाई की अलख जगाने के लिए विकीलीकस जैसी बैबसाईट की स्थपना कर दुनिया को सच्चाई के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है तो उसका हर तरफ से सवागत ही होना चाहिए था ।


लेकिन वो देश जिस देश का पहला कर्तब्य चर्च मतलब ईसाईयत की रक्षा करना है इस सच्चाई के दूत की बहादुरी को बरदाश न कर सका।इस देश ने वाकी देशों पर दबाब बनाकर जूलियन असांजे को गिरफ्तार करवा दिया ।


हमारे विचार में ये सच्चाई का गला घोटने की कोशिश है। जिसका सही सोच रखने वाले हर व्यक्ति के द्वारा विरोध होना चाहिए। हम समझते हैं कि जूलियन असांजे को यथाशीघ्र आजाद कर सच्चाई को आगे बढ़ने का मौका जरूर दिया जाना चाहिए।


आओ सच्चाई के समर्थन में मिलकर आबाज उठायें।


















1 टिप्पणी:

राहुल पंडित ने कहा…

या आज की दुनिया है.सच्चाई का साथ देने वाले बहुत कम लोग हैं.आप भी उनमे से एक है और हम भी...