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मोदीराज लाओ

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भारत बचाओ

मंगलवार, 24 अगस्त 2010

NGOs के माध्यम से चर्च के भारत-विरोधी षड्यन्त्र-3

यह नियति का ही खेल था कि 1980 में दोबारा इन्दिरा गांधी को सता मिली।चर्च के बिछाए जाल में राजीव गांधी के फंस जाने के बाद इन्दिरा गांधी की हत्या करवाकर राजीव गॉँधी को प्रधानमन्त्री बनाकर चर्च ने परोक्ष रूप से शासन चलाने का प्रयास किया। चर्च ने दुनिया में भारत की छवि खराब करने व लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए राजीब गांधी से घोषणा करवा दी कि “केन्द्र एक रूपया भेजता है पर उसका 15 पैसा ही काम में लगता है ” । ये वक्तव्य बहुत प्रसिद्ध हुआ । इसी वक्तव्य के माध्यम से चर्च ने गृह मन्त्रालय के माध्यम से विदेशी धन सीधे अपने एजंटो तक पहंचाने का कानूनी हक प्रप्त कर लिया। इसी धन के माध्यम से चर्च ने देशभर में कांग्रेस के परम्परागत कार्यकर्ता के समानान्तर अपने एजेन्टों का जाल पूरे देश में फैला दिया। इन एजेंटों के गिरोह को नाम दिया गया NGO.



NGO S के माध्यम से भारत वोले तो हिन्दूओं के विरूद्ध षडयन्त्रों का असली खेल शुरू हुआ । जो कांग्रेस 1984 में प्रचण्ड बहुमत के साथ आयी थी तथा कशमीर से कन्याकुमारी तक जिसका एकछत्र शासन था मात्र 5 वर्ष बाद एक क्षेत्रीय पार्टी बनकर रह गयी।


इसके बाद चर्च ने परोक्ष शासन के बजाए भारत पर सीधा शासन करने का निर्णय किया और राजीव गांधी की हत्या करवा दी गई। चर्च को उम्मीद थी कि राजीव गांधी के कत्ल के बाद एंटोनिया उर्फ सोनिया को 1984 जैसा बहुमत मिलेगा तथा चर्च देश के सब कानून अपने हिसाब से बदल लेगा। लेकिन ऐसा हो न सका। फिर चर्च के रास्ते में जो भी आता गया चर्च उसका कत्ल करवाता गय़ा । सीतारम केसरी को बाहर का रस्ता दिखाया जाना ,जितेन्द्र प्रसाद ,राजेश पायलट तथा माधवराव सिंधिया जैसे कदाबर जननेताओं का मरवाया जाना इसी षडयन्त्र का हिस्सा था। इन सबको मरवाने के पीछे CIA व KGB जैसी संस्थाओं का सीधा हाथ था। इस तरह अन्ततोगत्व चर्च ने अपने एजैंटो व एंटोनिया उर्फ सोनिया गांधी के माध्यम से देश पर अपना सीधा नियन्त्रण कर लिया।


III


चर्च ने अपने षडयन्त्रों को अन्जाम तक पहुंचाने के लिए भारत में नक्सलवाद, नैहरू-गांधी वंशवाद , खालिस्थान तथा अन्य अनेकों देश विरोधी गतिविधियों को नियोजित तरीके से आगे बढाया । देश में अधिकतर NGOS व मीडिया NETWORKS पोप की सेना के सिपाही हैं । इन्हें इनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मुंह मांगा धन दिया जाता है। NGOS को कोई वेतन नहीं दिया जाता न ही NGOS अपनी मर्जी से कुछ कर सकते हैं । चर्च सारा काम इस तरह नियोजित करता है कि NGOS चर्च द्वरा आबंटित प्रोजैक्टों को क्रियांनवित करने की प्रक्रिया में ही अपना मन मापिक धन निकाल लेते हैं व चर्च द्वारा निर्धारित हिन्दूविरोधी-देशविरोधी षडयन्त्रों को भी अन्जाम देते हैं। इस धन का मुख्य स्त्रोत हैCASA (CHURCH AUXILIARY FOR SOCIAL ACTION) जो कि विभिन्न देशों से आनेवाले काले धन पर प्रशासनिक नियंत्रण करता है। कुल मिलाकर इन NGOS के लिए REVENUE BANK की भूमिका आदा करता है। हिन्दूविरोधी-देशविरोधी कार्यों को अन्जाम देने के लिए NGOS के माध्यम से विविध समूह तय किए गए हैं।


1. जनजाति


2. अनुसूचित जाति


3. असंगठित मजदूर


4. गांव व शहर के निर्धन


5. महिलायें


6. नसैड़ी पुरूष


7. जातिवादी गैर जनजाति व अनुसूचित जाति नेता



कार्य योजना के चरण


i. उग्र संघर्ष में शामिल होकर कार्यरत दलों में अपने षडयन्त्र को अन्जाम देने के लिए उन्हें संगठित करना।


ii. सामजिक न्याय व परिवर्तन के नाम पर षडयन्त्र को आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है के विविध पहलुओं का अध्ययन करना ।


iii. धार्मिक एवं सामाजिक कमियों को चर्च के षडयन्त्र को अन्जाम देने के लिए कैसे उपयोग करना। इस पर अपने अनुभवों व प्रलेखन पर चिन्तन करना।


iv. जनसाधारण के कष्टों व संघर्षों को किस तरह देश के विरूद्ध उपयोग करने के बारे में सांप्रदायिक आधार पर चिन्तन।


विकेन्द्रीकरण


दीर्घकालीन षडयन्त्रों को अन्जाम देने के लिए विविध भौगोलिक स्तरों पर हिन्दूविरोधी-देशविरोधी षडयन्त्रों का विकेन्द्रीकरण करना।


I. हिन्दूविरोधी-देशविरोधी कार्य को दृढता देना


II. हिन्दूविरोधी-देशविरोधी ईसाई और गैर ईसाई नेतृत्व का विकास


III. विविध शैक्षिक और बुद्धिजीवी अन्दोलनों को हिन्दूविरोधी-देशविरोधी दिशा देने के उद्देश्य से सम्पर्क करना।


IV. हिन्दूविरोधी-देशविरोधी षडयन्त्रों को आगे बढ़ा रहे समान उदेश्य और चिन्तन वाले व्यक्तियों व गिरोहों से सम्पर्क करना।


V. स्थानी य संघर्षों को राष्ट्रीय और अन्तर-राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ जोड़कर उन्हें हिन्दूविरोधी-देशविरोधी षडयन्त्रों को आगे बढ़ाने के लिए उपयोग करना।


आयातित कार्य योजनायें


देशविरोधी कार्यक्रमों संगठनों की पहचानकर उनके बीच सम्पर्कसूत्र स्थापित कर जानकारी एकत्र कर उसका अदान प्रदान करना। देशविरोधी षडयन्त्रों को अन्जाम देने के लिए प्रशिक्षण देकर योजना बनाना—जैसे महाराष्ट्र व पश्चिम उत्तर प्रदेश में शरद जोशी व महेन्द्र सिंह टिकैत के अन्दोलन। दोनों का पर्यवसन राजनैतिक पक्ष में हो गया और टास्कफोर्स का प्रमुख शरदजोशी बन रए जो कि देश के लिए चिन्ता की बात है।


6 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

Aap to sab aise likh rahe hain jaise ki sab aapki aankho ke samne huya hai... aur kahoon, likhane ki aajadi aur internet ne to sabhi ko jo chahe kahne ka mauka de diya hai... charo taraf barsati mendhak tarra rahe hain... jis ladki sa seedha haath visphot mien mila hai... seedhe saboot wo bhi bhajapa sasit rajyon se milye hain aap usko veerangana bata rahe hain? bahoot sunder... lago raho...

दीर्घतमा ने कहा…

आपने अच्छी खोज जारी कि है यह चर्च क़ा शंयंत्र भारत,हिन्दू बिरोधी है सोनिया उस शंयंत्र क़ा हिस्सा है कब हिन्दू जागेगा यही उसकी दवा है.

सुनील दत्त ने कहा…

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का विस्फोटों में कोई हाथ नहीं है इसका प्रमाण माननीय न्यायलय ने तब दिया जब हिन्दूविरोधी-देशविरोधी सरकार द्वारा लगाया गया मकोका यह कहकर हटा दिया कि लगाय गए आरोप निराधार हैं । जिस सरकार ने मुसलिम आतंकवादी की फांसी पिछले 5 वर्ष से रोकी हुई है उसी सरकार ने हिन्दूओं से अपनी शत्रुता नभाते हुए लगभग एकवर्ष वाद दोवारा मकोका लगा दिया। पुणे में जर्मन वेकरी में बमविस्फोट के दोषी मुसलिम आतंकवादी को 15 दिन में सारी कार्यवाही पूरी कर निर्दोष करार देने वाली सरकार पिछले 2 वर्ष से इस निर्दोष वीरांगना को विना कोई आरोप सावित किए जबूरदस्ती जेल में रखे हुए हैं जब कोई प्रमाण नहीं बचता जेल में रखने का तो मकोका लगाकर अपने हिन्दूविरोधी कार्य पर परदा डालने की कोशिश की जाती है

दीर्घतमा ने कहा…

सुनील दत्त जी
नमस्ते
भारत सरकार हिन्दुओ से दुश्मनी निभा रही है हैदराबाद मक्का मस्जिद ब्लास्ट,मालेगाव ब्लास्ट,अजमेर क़ा बिस्फोटऔर समझौता एक्स.ये सारे बिस्फोट सेकुलर सरकार ने आई.बी.व रा. द्वारा कराया है ये मुस्लिम आतंकबाद क़े पैरर्ल हिन्दू आतंकबाद दिखाना चाहते है सभी आतंक बादियो को कांग्रेस क़े लोग पाल करके रखे हुए है,सोनिया ,च्चार्च,मनमोहन और सेकुलर,बामपंथी सभी सामिल है केवल हिन्दू समाज को जगाना और उसे अतान्कबदियो को समाप्त करने की प्रेरणा देना इसके अलावा कोई बिकल्प नहीं है भारत की सेकुलर सरकार से कोई उम्मीद रखना आत्मघाती होगा.

Mithilesh dubey ने कहा…

आश्चर्य कि इतनी अच्छी पोस्ट पर विचारों को टोटका लगा हुआ है , खैर आप अपना काम करते रहिए । बढ़िया प्रयास व सार्थक लेख ।

सुलभ § Sulabh ने कहा…

भारत-विरोधी षड्यन्त्र तो नियमित चल रहा है.