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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

शुक्रवार, 11 जून 2010

(छोट सा स्टिंग आपरेसन) देखो जी गार्ड अजय कुमार किस तरह अपनी जान की परवाह न करते हुए नशे में धुत होकर अपनी डयूटी निभा रहा है।

आज शाम 7:30 हम फारैस्ट रैस्ट हाऊस के पास से गुजर रहे थे ।तभी हमें खयाल आय कि क्यों न गार्ड साहब से बात करते चलें। जैसे हम उपर की तरफ चड़ने लगे तो आबाजें सुनाई देनी लगी। पर हम भी थोड़े वेवकूफ किस्म के इनसान हैं इसलिए रूके नहीं गार्डखाने पहूंच ही गए।

वहां जाकर जैसे ही हमने राम सलाम की गार्ड साहब पिल पड़े हमारे उपर ,शायद अजनवी समझकर कहने लगे क्या तुम पत्रकार हो ।अब उसको क्या पता कि हम पत्रकार भी हैं और कार्यकर्ता भी।


बस फिर क्या था हमें भी थोड़ा सा बुरा लगा लेकिन वहां बैठे कुठ मित्रों ने हमें समझाया कि नशे में पागल है छोड़ो रहने दो ।हम वहां से आ गए लेकिन ध्यान आया कि जो आदमी हमारे साथ इस तरह पेश आ रहा है अगर कोई महिला या गरीब आदमी उसके पास आ जाए तो वो उसका क्या हश्र करेगा।


अपने आप को रोकने की कोशिश की लेकिन देश के विगड़ते हालात व फेल होते लोकतन्त्र ने हमें मजबूर कर दिया कुछ करने को ।


ठाने में फोन किया वो तैयार हो गए आने को पर उनकी गाड़ी खराब थी ।इसलिए हमने कह दिया कि खर्चा हम दे देंगे।तभी कुछ मित्रों ने समझाया कि वेचारे के बच्चे भूखे मरेंगे इसलिए पुलिस वालों को न बुलाओ। हमने भी कह दिया पुलिस वालों से कि अगर आपको ले जाना है तो ले जाओ नहीं ले जाना है तो न ले जाओ।


क्योंकि हमें ख्याल आया कि ये हाल सिर्फ इस गार्ड का नहीं हमारे पास ऐसे बहुत से सरकारी कार्यालयों की रिपोर्ट है जहां दिन में ही शराब पीकर सब नियमों को दरकिनार किया जाता है जनता तरसती रह जाती है अपने चोटे छोटे काम करवाने को।


हमें तभी ख्याल आया कि जब 15000 लोगों के कातिल को भगाने वाले अर्जुन सिंह व राजीब गांधी(एंटोनियो) ने मजे किए तो फिर इसने तो सिर्फ शराब ही पी है।गलत क्या है ठीक क्या इसका फैसला तो आप करें लेकिन हमने ये जरूर निश्चित कर लिया कि इस गार्ड की इस हरकत को कैमरे में कैद कर लिया जाए ताकि खुछ नकेल कसी जा सके । अब आप भी देख लो उसके हालात कैमरे की जुबानी।




10 टिप्‍पणियां:

दिलीप ने कहा…

dutt ji is bechare ka kya dosh...din bhar saab ki ji hujoori..kitni gaaliyan...kitne to diye honge naukri ke liye...izzat se imaandaari se kama bhi na pata hoga....inke saab jo five staar me damakti roshni me pee ke nach rahe honge unka kya...

Jandunia ने कहा…

अच्छा स्टिंग ऑपरेशन है, लेकिन हमारा मानना है भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों पर ज्यादा स्टिंग ऑपरेशन होना चाहिए। समस्या की जड़ कहीं और है।

incitizen ने कहा…

जनदुनिया से सहमत

सुनील दत्त ने कहा…

लो जी पुलिस वाले भी आ ही गए मोटर साईकल पर ।उन्होंने भी हमें यही समझाया कि क्या फायदा इसको ठाने ले जाने का ,सब का यही हाल है किस-किस को सुधारें ।हम भी मान गए उनकी बात असानी से कि क्यों जोर दिया जाए उसको ठाने ले जाने पर ।
कल क्या होता है हम आपको जरूर बतायेंगे।

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

इस भले(?) आदमी का तो जो कसूर है सो है...इस देश की पुलिस की स्थिति देखकर भी हैरानी होती है...बताईये ये करेंगें अपराध से मुकाबला जिनकी अपराध स्थल पर पहुँचने के नाम पर ही गाडी खराब हो जाती है:)

Tarkeshwar Giri ने कहा…

bechara Kanha Arjun Singh aur kanha ye. Ye mast hai apni masti main. Pol to kabhi aap uske saheb ki kholiye........

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

भ्रष्टाचार और अराजकता ऊपर से नीचे को आते है ! अगर सीनिअर इमानदार और स्ट्रिक्ट है तो नीचे वाला भी दो बार सोचता है ! अब जब इन्हें मालूम है कि देश की गद्दी पर बैठा ही भष्ट है तो ये महाशय तो..... मासाल्हा ( एक बात और वे लोग जो इस भ्रष्ट को इमानदार कहते है वे सबसे ज्यादा भ्रष्ट है ! इस भ्रष्ट इंसान को अगर ज़रा भी शर्म होती तो देश में जो कुछ हो रहा है, अब तक इस्तीफा दे देता !

vedvyathit ने कहा…

shrab ka dino din bdhti bimari desh v smaj dono ko nsht kr rhi hai
srkar jan boojh kr ise bdhava de rhi hai aaj chunav me shrab ki ahm bhumika ho gai hai aaj chunav muddon pr nhi shrab ki botl se lda ja rha hai
mai kuchh logo ke pass se gujr rha tha un ek vykti ke jo shbd mujhe sunai diye ve kitne hgatk hain aap bhi jane

jao de desi
us ki vote kaisi
jo de rm
us ki vot km
jo de viski
sari vite us ki

shrab ke karn aaj desh ka yh chritr rh gya gai
khan hain mudde nitiyan v rashtriyta
bs prjatntr ki dhiri hai to vh hai shrab
aap ne dukhti rg ko chheda hai
dr. ved vyathit

Arvind Mishra ने कहा…

आपने अभी कुछ दिन पहले मा.सुप्रीम कोर्ट की लताड़ नहीं सुनी?
कोई आए एस आफीसर के विरुद्ध भी कभी तो बोले !

संजय भास्कर ने कहा…

समस्या की जड़ कहीं और है।