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मोदीराज लाओ

मोदीराज लाओ
भारत बचाओ

गुरुवार, 17 जून 2010

मुसलमानों द्वारा एक ही परिवार के 21 सदस्यों को जिंदा जलाए जाने जैसी घटनायें कारण बनती हैं हिन्दूओं के उजड़ने की जो कि सिंध से आज भी जारी है।





हमने आजकल अपने आप कुछ भी कहना छोड़ दिया है हम जो भी कह रहे हैं वो समाचार पत्रों की जुवानी कह रहे हैं।आज आपके सामने प्रस्तुत है आतंकवाद के विरूद्ध हमेशा डटकर खड़े रहने वाले समाचार पत्र में प्रकासित दो समाचार।


पहला समाचार बता रहा है कि मुसलमानों ने एक ही परिवार के 21 हिन्दूओं को जिन्दा जला दिया जो आपको समरण करवा देगा गोधरा में 27 फरवरी 2002 को जिन्दा जला दिए गए 58 हिन्दूओं की ।


पहली घटना के वाद हिन्दूओं ने लड़ने के बजाए उजड़ने को पारथमिकता दी जिसका परिणाम है कि हिन्दूओं का उजड़ना आज भी जारी है साथ निचे दिए गए समाचार पढ़ लें । आज ही 3 हिन्दू परिवार सिन्ध पाकिस्तान से उजड़कर भारत आए।
भारत आने पर इनका सवागत सेकुलर गिरोह करेगा हिन्दू होने के कारण इनको नागरिकता न देने का। व पाकिस्तान आकुपाईड कशमीर में बैठे आतंकवादियों को भारत आकर नागरिकता लेकर हिन्दूओं पर हमले तेज करने का निमन्त्रण देकर।


ऐसा घोर अन्याय सिर्फ औरंगजेब व बाबर के शाशनकाल में होता था तो ये क्यों न ये माना जाए कि मनमोहसिंह का शाशन उन अतयाचिरी बर्बर आतंकवादियों के शाशन की ही पुनररावृति है।


मतलब पाकिस्तान में जो मुसलिम तालिवान कर रहे हैं वही भारत में सेकुलर तालिवान दोहरा रहे हैं। वेचारे प्रताड़ित हिन्दू जायें तो कहां जायें ?


दूसरी तरफ गोधरा गुजरात में हिन्दूओं के जलाए जाने के वाद हिन्दूओं ने पलायन करने के बजाए एकजुट होकर हिंसक मुलमानों को उन्हीं की भाषा में जबाब दिया जो सेकुलर तालिवानों को अच्छा नहीं लगा पर परिणाम सबके सामने हैं हिंसक मुसलमानों की वोलती आज तक बन्द है वेशक सेकुलर तालिवानों ने हिंसक मुसलमानों को वार-वार उकसाया पर उनकी दोवारा हिम्मत नहीं हुई हिन्दूओं की ओर आंख उठाने की।


निसकर्ष अगर आपको हिंसक मुसलमानों से अपना बचाब करना है तो उनके द्वारा हमला करते ही या हमले से पहले ही एकजुट होकर इन अत्याचारियों की कमर तोड़ दो वरना 1946 से शुरू हुआ उजड़ना यूं ही जारी रहेगा एक-एक हिन्दू के इन बर्बर आत्याचारी राक्षसों के अत्याचारों के वाद मारे जाने तक।


आज भी हिन्दूओं के उजड़ने की घटनायें आज भी वहां-वहां जारी हैं जहां-जहां सेकुलर तालिवान व मुसलिम आतंकवादीयों का घिनौना गठजोड़ ताकतबर है आओ मिलकर इनपर हमला वोलकर इसगठजोड़ को तहसनहस करें।


जिसने भी कहा है सही कहा है लातों के भूत बातों से नहीं मानते ।



14 टिप्‍पणियां:

सुनील दत्त ने कहा…

अगर आप की संवेदना लगातार उजड़ रहे व हिंसा की मार झेल रहे हिन्दूओं के साथ है तो पसंद का चटका लगाना न भूलें


क्योंकि पोस्ट के हाट में आते ही मुसलिम आतंकवादी व उनके मददगार और लोगों तक इस सच्चाई को न पहुंचने देने के लिए नापसंद के चटके लगाकर गिराने की कोशिश करेंगे।

Tarkeshwar Giri ने कहा…

Bahi Saheb Ko Namashkar,

Bahut hi accha prayas hai apka.

दीर्घतमा ने कहा…

Namaskar.
talibano se jade khatarnak hinduwo ke liye sekular hai hame apne desh se sekuliristo ko samapt karna padega.
acchhi jankari ke liye dhanyabad

kunwarji's ने कहा…

"निसकर्ष अगर आपको हिंसक मुसलमानों से अपना बचाब करना है तो उनके द्वारा हमला करते ही या हमले से पहले ही एकजुट होकर इन अत्याचारियों की कमर तोड़ दो वरना 1946 से शुरू हुआ उजड़ना यूं ही जारी रहेगा एक-एक हिन्दू के इन बर्बर आत्याचारी राक्षसों के अत्याचारों के वाद मारे जाने तक।"

इस वाक्य में जो दर्द और आक्रोश है वो स्पष्ट महसूस हो रहा है....मगर जो हम है कि केवल अपने ही गुम है!हमारे भाई-बंधुओ के साथ क्या हो रहा है,उस से हम कुछ असर ही नहीं हो रहा है.....जब हम खुद ही इसके शिकार होंगे तब ही जागे तो क्या जागे?

कुंवर जी,

सुलभ § Sulabh ने कहा…

सतपाल मसंद की जीवनी पढ़ हम धन्य हुए.
पाकिस्तान को एक देश कहना इंसानियत को गाली देने के बराबर है.

vedvyathit ने कहा…

bhai sulbh pakistan hi nhi us ke smrthk bhi to isi me aate hai jo yhankhate hain aur gun pakistan ke gate hain
asl jd to in ki kitab hai jis me nfrt ke sivay aur kuchh hai hi nhi jis buniyad hi nfrt pr hai to vhan air koi ummid rkhna bemani hai
bhai sunil bde kam me lge hain sb in ke shyogi bne
ved vyathit

Dr. Ayaz ahmad ने कहा…

@सुनील दत्त जी कभी आप पाकिस्तान के नाम पर कभी दुबई और कभी अन्य देशो के नाम पर नफ़रत फैलाते है आप शीर्षक ही नफ़रत फैलाने के लिए मुसलमान और हिंदु शब्द डाल देते है क्या आपको इन घटनाओ के अलावा और कोई खबर मीडिया मे नही मिलती।और क्या आपको हिंदु शब्द का अर्थ पता है ? प्यार बढ़ाने वाले लेख लिखे ।आप नफ़रत फैलाकर क्या हासिल करना चाहते है । मरना सभी को है उस ईश्वर के यहाँ जाकर क्या मुँह दिखाओगे। हम नफ़रत फैलाने वाले सभी लोगो की निंदा करते है

kunwarji's ने कहा…

@Dr. Ayaz ahmad-
हा हा हा....

मजा आ गया जी आज तो.....कल तक अनवर जमाल जी की हर पोस्ट में सुर मिलाने वाले ये कैसी बाते कर रहे है....?

आज उन्हें नफरत फैलती भी दिख रही है तब तो वो मानसिक गंद ही शान्ति का सन्देश था आपके लिए भी!वैसे जो सुनील जी ने लिखा है क्या वो जूठ है,या चालबाजी है,मतलब बात को उलट-पलट कर लिख है....कुछ स्पष्ट तो करे डॉ.साहब....

कुंवर जी,

सुनील दत्त ने कहा…

@Dr. Ayaz ahmad-
अयाज एहमद जी अच्छा होता आप इधर-उधर की बातें करने क बजाए मुसलमानों द्वारा कत्ल किए जा रहे व उजाड़े जा रहे हिन्दूओं के प्रति संवेदना बयक्त करते पर खैर शायद आपको लगता है कि ये कातिल आप जैसों को बख्स देंगे जो कि नामुमकिन है क्योंकि आपको आज भी मक्का मदीना में हिन्दू मुसलमान कहा जाता है कारण सपष्ट है वो भी जानते हैं कि आप हिन्दूओं से धर्मांत्रित मुसलमान हैं जो हिन्दूओं के नहीं हुए तो असली मुसलमानों के क्या खाक होंगे ।
आपकी जानकारी के लिए बता दें पाकिस्तान में आजकल जिन मुसलमानों को कभी अहमदिया मस्जिद पर हमला कर मारा जा रहा है कभी मुहाजिर कहकर सताया जा रहा है वो आप के ही जैसे हैं हमें तो जब मरना है तब मर ही जायेंगे और भगवान से जाकर कह भी देंगे कि जिस धर्म में हमने व हमारे पूर्वजों ने जन्म लिया था उनकी रक्षा के लिए हमने हर सम्भव प्रयास किए और अन्त में उन्हीं की रक्षा के लिए अपनी कुर्वानी भी दे दी पर आप क्य कहोगे ये सोचो....

सुनील दत्त ने कहा…

कुंवर जी सही याद करवाया आपने।

Amit Kharkhari ने कहा…

hindu jahan dekho pidit hain.jahan alapsankhyak hain jaise j&k,seven sister states aur keral jaise rajyon main wahan majority ke dwara aur jahan majority main hain wahan tushtikaran main lage congress aur left dwara.jab tak sangathit nahin honge aur virodh nahin karenge aise hi bhugatte rahenge.so hidus be united.

hem pandey ने कहा…

स्वभाव से हिन्दू सहनशील है, लेकिन ऐसी घटनाओं से उसकी सहनशीलता जवाब देती जा रही है.

इस्लाम की दुनिया ने कहा…

मोमिन : एक क्रांति का नाम है. मोमिन ने इस्लाम के कुत्तों को उनकी औकात बता दी है.

http://harf-e-galat.blogspot.com/

http://harf-e-galat-ll.blogspot.com/

 इस्लाम अय्याशी और हिंसा का मजहब है. इसको मानने वाले मुहम्मद उमर कैरान्वी, जमाल, असलम कासमी, सलीम खान, अयाज अहमद, सफत आलम, एजाज इदरीसी, जीशान, इम्पैक्ट, खुर्सीद जैसे देशद्रोही, कृतध्न, जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं, ब्लोगों पर हिन्दुओं के विरुद्ध इतना विष वामन करते हैं तो इनकी मस्जिदों में क्या नही होता होगा? कोई भी अनुमान लगा सकता है. विदेश से पैसा लेकर इस्लाम का प्रचार और हिन्दू धर्म का अपमान कर रहे हैं.

aarya ने कहा…

सादर वन्दे !
आपके इन प्रयासों को नमन |
जय भारत , वन्देमातरम
रत्नेश त्रिपाठी